दिति का गर्भधारण

पुराणों के अनुसार एक बार मरीचि नन्दन कश्यप जी ने भगवान को प्रसन्न करने के लिये खीर की आहुति दी। आराधना समाप्त करके वह सन्ध्या काल के समय अग्निशाला में ध्यानस्थ होकर बैठ गये। उसी समय दक्ष प्रजापति की पुत्री दिति कामातुर होकर पुत्र प्राप्ति की लालसा से कश्यप जी के निकट गई। दिति ने कश्यप जी से मीठे वचनों से अपने साथ रमण करने के लिये प्रार्थना किया। इस पर कश्यप जी ने कहा, "हे प्रिये! मैं तुम्हें तुम्हारी इच्छानुसार तेजस्वी पुत्र अवश्य दूँगा। किन्तु तुम्हें एक प्रहर के लिये प्रतीक्षा करनी होगी। सन्ध्या काल में सूर्यास्त के पश्चात भूतनाथ भगवान शंकर अपने भूत, प्रेत, राक्षस तथा यक्षों को लेकर बैल पर चढ़ कर विचरते हैं। इस समय तुम्हें कामक्रीड़ा में रत देख कर वे अप्रसन्न हो जावेंगे। अतः यह समय सन्तानोत्पत्ति के लिये उचित नहीं है। सारा संसार मेरी निन्दा करेगा। यह समय तो सन्ध्यावन्दन और भगवत् पूजन आदि के लिये ही है। इस समय जो पिशाचों जैसा आचरण करते हैं वे नरकगामी होते हैं।"
पति के इस प्रकार समझाने पर भी उसे कुछ भी समझ में न आया और उस कामातुर दिति ने निर्लज्ज भाव से कश्यप जी के वस्त्र पकड़ लिये। इस पर कश्यप जी ने दैव इच्छा को प्रबल समझ कर दैव को नमस्कार किया और दिति की इच्छा पूर्ण की और उसके बाद शुद्ध जल से स्नान कर के सनातन ब्रह्म रूप गायत्री का जप करने लगे। दिति ने गर्भ धारण कर के कश्यप जी से प्रार्थना की, "हे आर्यपुत्र! भगवान भूतनाथ मेरे अपराध को क्षमा करें और मेरा यह गर्भ नष्ट न करें। उनका स्वभाव बड़ा उग्र है। किन्तु वे अपने भक्तों की सदा रक्षा करते हैं। वे मेरे बहनोई हैं मैं उन्हें नमस्कार करती हूँ।"
प्रजापति कश्यप जब सन्ध्यावन्दन आदि से निवृत हुये तो उन्होंने अपनी पत्नी को अपनी सन्तान के हित के लिये प्रार्थना करते हुये और थर काँपती हुई देखा तो वे बोले, "हे दिति! तुमने मेरी बात नहीं मानी। तुम्हारा चित्त काम वासना में लिप्त था। तुमने असमय में भोग किया है। तुम्हारे कोख से महा भयंकर अमंगलकारी दो अधम पुत्र उत्पन्न होंगे। सम्पूर्ण लोकों के निरपराध प्राणियों को अपने अत्याचारों से कष्ट देंगे। धर्म का नाश करेंगे। साधू और स्त्रियों को सतायेंगे। उनके पापों का घड़ा भर जाने पर भगवान कुपित हो कर उनका वध करेंगे।"
दिति ने कहा, "हे भगवन्! मेरी भी यही इच्छा है कि मेरे पुत्रों का वध भगवान के हाथ से ही हो। ब्राह्मण के शाप से न हो क्योंकि ब्राह्मण के शाप के द्वारा प्राणी नरक में जाकर जन्म धारण करता है।" तब कश्यप जी बोले, "हे देवी! तुम्हें अपने कर्म का अति पश्चाताप है इस लिये तुम्हारा नाती भगवान का बहुत बड़ा भक्त होगा और तुम्हारे यश को उज्ज्वल करेगा। वह बालक साधुजनों की सेवा करेगा और काल को जीत कर भगवान का पार्षद बनेगा।"
कश्यप जी के मुख से भगवद्भक्त पौत्र के उत्पन्न होने की बात सुन कर दिति को अति प्रसन्नता हुई और अपने पुत्रों का वध साक्षात् भगवान से सुन कर उस का सारा खेद समाप्त हो गया।

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प्रमति और अप्सरा घृताची के गर्भ से रुरू का जन्म हुआ था और रुरु के पुत्र शनक थे जो प्रमद्दरा के गर्भ से उत्पन्न हुए थे। वह वेदों उन दिनों में दक्ष की पुत्री दिति और महर्षि कश्यप के असुर पुत्रों को देवताओं ने पराजित करना प्रारम्भ कर दिया था​।. Shreemad BhaagwatMahaaPuran Skandh 3 BhaktiDarpan. मैम मुझे 5ऑगस्त से 9मंथ लगा है और डॉक्टर ने मुझे 15ऑगस्त तारिक डिलीवरी की दे दिति है क्या सही है जी. उत्तर: प्रोजेस्ट्रोन महिलाओं में पाए जाने वाले हार्मोन है प्रोजेस्टेरोन ही महिलाओं में यूट्रस को गर्भधारण करने के लिए तैयार करता है. भाष्य भूमिका अजमेर Easy CMS. दिती का गर्भधारण श्री गुरूदेव जी के श्री मुख से श्रीमद्भागवत कथा भाग: 19 विदुरजी को मैत्रेय जी बता रहे हैं ऐसे ब्रह्मांड की उसी समय दक्ष प्रजापति की पुत्री दिति कामातुर होकर पुत्र प्राप्ति की लालसा से कश्यप जी के निकट गई।. विवाह पूर्व दैहिक संबंध अनैतिक है. श्रीमद्भागवतमहापुराण तृतीय स्कन्ध अध्याय १४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय चौदहवाँ अध्याय दिति का गर्भधारण श्रीशुकदेवजी कहते हैं.

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लढ़की के द्वारा गर्भधारण करने पर दोष किसी और पर लगा दिया जाता है या उसे कुलटा कह कर घर से बाहर निकाल दिया जाता है या उसकी जाँचे पेशाब की जाँच में गर्भधारण की जाँच धनात्मक हो जाती है। इस तरह विष्णु अनादि नहीं है दिति के लड़के हैं।. गर्भाधान संस्कार का वैज्ञानिक महत्व. दिति के गर्भ से हिरण्यकशिपु जैसा महादानव इसलिए उत्पन्न हुआ था कि उसने आग्रहपूर्वक अपने स्वामी कश्यप के द्धारा संध्याकाल में गर्भाधान करवाया था। श्राद्ध के दिनों, पर्वों व प्रदोष काल में भी समागम करना शास्त्रों में. द से हिंदू girl के नाम hindu baby girl names with द in hindi. जिनका वध स्वयं नारायण करेंगे। इस तरह कुछ समय बाद दिति ने गर्भधारण किया। पढ़ें:यहां हाथियों को दी जाती है दावत. कुछ समय बाद हिरण्याक्ष और हिरण्याकश्यिपु ने जन्म लिया। हिरण्ययाक्ष का वध भगवान विष्णु ने वराह अवतार रख किया।. दीक्षांत नहीं है कन्वोकेशन संजय तिवारी. श्री नरसिंह अवतार की अद्भुत कथा Ep 02 शिवजी के गुण तथा दिति का गर्भधारण श्रीमान गोकुलेश्वर दास Download Srimad bhagavatam in hindi 1.1.9 Download भगवान श्री कृष्ण की पूर्ण कृपा कैसे प्राप्त करें भाग ६ H. G. Vrindavanchandra Das, GIVEGITA​.

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यह सुनकर देवी अदिति ने गर्भ के बालक को उदर से बाहर कर दिया जो अपने अत्यंत दिव्य तेज से प्रज्वल्लित हो रहा था। भगवान सूर्य शिशु रूप में उस गर्भ से प्रगट हुए। अदिति को कश्यप की दूसरी पत्नी दिति से दानव उत्पन्न हुए। दानव सदैव. श्रीमद्भागवतमहापुराण तृतीय स्कन्ध अध्याय: १४ १. श्री नरसिंह अवतार की अद्भुत कथा Ep 02 शिवजी के गुण तथा दिति का गर्भधारण श्रीमान गोकुलेश्वर दास. 6 months ago 301. 1206 1207 1208 1209 1210 1211 1212 1213 1214 1215 1216 ​. You may also like. Quote of the day December 26 by Srila Prabhupada. 5 years. अनटाइटल्ड Shodhganga. पति नारी में गर्भ रूप में उत्पन्न होता है, इसलिए इसे जाया. 12. इससे भी बढ़कर दूध पिलाने वाली, गर्भधारण करने वाली, भोजन देने वाली. गुरु पत्नी, ईष्ट में अदिति, उषा, इन्द्राणी, इला, दिति, सीता, सूर्या, वाक्, सरस्वती आदि देवियों. का अनेकन.

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मत्स्य पुराण के अनुसार गर्भधारण तथा परिपोषण करने से माता का स्थान श्रेष्ठ है। पतित होने. पर भी उसका गौरव हास को गर्भधारण पोषाभ्यां तेन माता गरीयसी।2. स्त्री अवध्यता के अश्वमेघ यज्ञ में. दिति पत्नी के रुप में उनके समीप बैठी थीं यथा. भोले नाथ का भक्त Author on ShareChat आई लव शेयरचैट. जिसके बाद गांधारी को गर्भधारण किये 10 महीने से अधिक हो गया लेकिन उसे प्रसव नहीं हुआ। 15 महीने बाद गांधारी को प्रसव दिति के जुड़वां पुत्रों में बड़े पुत्र का नाम हिरण्याक्ष और छोटे का नाम हिरण्य कश्यप था। हिरण्याक्ष अत्यंत बलशाली था. भारतीय दर्शन में प्रकृति और जल Bhartiya Dharohar. Da, प्राप्त करना, लड़की, हिंदू. दाक्षिण्य dhakshinya, देवी पार्वती, दक्ष की बेटी, लड़की, हिंदू. दाक्षिण्य dhakshinya, देवी पार्वती, दक्ष की बेटी, लड़की, हिंदू. दिति dhithi, सोचा, विचार, प्रार्थना, ज्ञान, लड़की, हिंदू. दिया dhiya, दीपक. भारतीय दर्शन में प्रकृति और जल Pani Post. 316 गर्दन 5 गर्दने 6 गर्दनें 5 गर्दभ 14 गर्दिश 324 गर्भ 45 गर्भगृह 33 गर्भधारण 8 गर्भनाल 6 गर्भनिरोधक 121 गर्भपात 261 गर्भवती दिग्भ्रमित 454 दिग्विजय 4 दिग्विजयजी 5 दिग्विजयी 4 दिचाऊं 15 दिजिए 4 दिजीये 6 दित 7 दिति 4 दितीय 16995 दिन 96 दिनकर 5. अब तक का चौथा सबसे गर्म दिन गुजरा रविवार, इन शहरों. दिति का गर्भधारण. पुराणों के अनुसार एक बार मरीचि नन्दन कश्यप जी ने भगवान को प्रसन्न करने के लिये खीर की आहुति दी। आराधना समाप्त करके वह सन्ध्या काल के समय अग्निशाला में ध्यानस्थ होकर बैठ गये। उसी समय दक्ष प्रजापति की.

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किन्तु प्रत्येक आर्तव काल गर्भधारण की क्षमता नहीं रखता है। गर्भ ग्रहार्तवमुशन्ति तदा न वन्ध्या धरणि, धारणि, सौदामनि, अदिति, दिति, विनते, गौरि, गान्धारि, मातङ्गी कृष्णे, यशोदे, सत्यवादिनि, ब्रह्मवादिनि, कालि, कपालिनि,. Read all Latest Updates on and about पशु Page 15. दिति का गर्भधारण. श्रीशुकदेवजी कहते हैं राजन्! प्रयोजनवश सूकर बने श्रीहरि की कथा को मैत्रेयजी के मुख से सुनकर भी भक्तिव्रतधारी विदुजी की पूर्ण तृप्ति न हुई अतः उन्होंने हाथ जोड़कर फिर पूछा ॥ १ ॥ विदुरजी ने कहा मुनिवर!. ठाकुर प्रसाद तृतीय स्कन्ध सूची TransLiteral Foundation. धरणी NA धरित्री NA धात्री NA धृति NA ध्वनि NA दीक्षा ​NA दिलबर NA दिलशाद NA दिशा NA दिति NA दिव्या NA दोयेल ​NA N गर्भक्लेश N गर्भक्षयक N गर्भगृह N गर्भग्राहिका N ​गर्भघाती N गर्भच्युति N गर्भधारण N गर्भनिरोध N ​गर्भनिस्रव N. सूर्य का जन्‍म कुछ इस तरह हुआ था धरती को प्रकाश. सावित्री, लोपामुद्रा, प्रतिशेयी, वैशालिनी, वेहुला, गान्धारी, अंजनि, शर्मिष्ठा, देवहूति, आदिति, दिति, शची, सत्यवती, कुन्ती ने कुमारी अवस्था में गायत्री मन्त्र द्वारा सविता के भर्ग को आकर्षित करके गर्भधारण किया था और उसके द्वारा.

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श्रद्धा और भक्ति, वैराग्य की दो परमादरणीय पत्नियां हैं। इसी तरह देवमाता अदिति, गायों को उत्पन्न करने वाली सुरभि और दैत्यों की माता, दिति, कद्रू, विनाता और दनु नामक देवियां मिलकर सृष्टि का काम संभालती हैं। ये सभी प्रकृति. 400 पौराणिक कथाएं 400 Pauranik Kathayen. श्रीमद्भागवतमाहापुराण: तृतीय स्कंध: चौदहवाँ अध्याय. दिति का गर्भधारण पृष्ठ 2. तद्भवान्दह्यमानायां सपत्नीनां समृद्धिभिः। प्रजावतीनां भद्रं ते मय्यायुङ्क्तामनुग्रहम्​॥11॥ अपनी पुत्रवती सौतों की सुख समृद्धि को देखकर मैं ईर्ष्या. दिति का गर्भधारण part 1 श्रीमद्भागवत ।। ॐ हरे. 329 आंतरिक 329 आहोत 329 इरादा 329 उच्चतम 329 उदय 329 गर्भ 329 गेल्या 329 छुपा 329 जटिल 329 जोड़कर 329 नरेंद्र 329 निफ्टी 329 दिक 5 दिखलाये 5 दिखावों 5 दिजीये 5 दिंडी 5 दिति 5 दिंदै 5 दिनको 5 दिनाँक 5 दिनाच्या 5 दिनॉंक 5 दिब्य 5 दिमाक 5 दियां​. Hindi mythology story mahabharat sampoorn part 1 महाभारत. सूर्य का जन्‍म ये बात सच भी साबित हुई और अदिति के गर्भ से मर्तण्ड ने जन्म लिया, मर्तण्ड सूर्य का ही एक नाम है। इसके बाद कश्यप और अदिति के जो पुत्र हुए वो देवता कहलाए और वही कश्यप ऋषि की दूसरी पत्वी दिति से हुए पुत्र दानव कहलाए।.

दिति का गर्भधारण. पुराणों के अनुसार एक बार मरीचि.

महाभारत माद्री के गर्भ से उत्पन्न पांडु पुत्र 3. पुत्र बेटा 4. पुराण पृथ्वी के गर्भ से उत्पन्न एक राक्षस जिसका वध कृष्ण ने किया था। नरकीट सं. श्रीवेद व्यास जी मद् भागवत कथा सृष्टि के आरंभ से. 16 पौराणिक कथाएं – पिता के वीर्य और माता के गर्भ के बिना जन्मे पौराणिक पात्रों की आखिर क्यों खाया था पांडवों ने अपने मृत पिता के शरीर का वसुदेव, देवकी और रोहिणी के पूर्वजन्म की कथा कहानी दिति, अदिति और कश्यप ऋषि की. यहां जानिए ग्रहों के राजा सूर्य देव के जन्म की. जय विजय की मृत्यु होने पर उनका जन्म कश्यप ऋषि की पत्नी दिति के गर्भ से हुआ। दिति दैत्य कुलों की माता थी, अतः उसके गर्भ से जन्म लेने वाले जय विजय का नाम इस जन्म में हिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु हुआ। उन दोनों में प्रबल आसुरी शक्ति थी।. 443493 के 393092 है 358582 में 304762 की 225289 से. कश्यप और अदिति के जो पुत्र हुए वो देवता कहलाए और वही कश्यप ऋषि की दूसरी पत्वी दिति से हुए पुत्र दानव कहलाए। जैसा कि पौराणिक कथाओं से इसके कुछ वक्त बाद ही ये वरदान सच साबित हुआ और अदिति ने गर्भधारण किया। गर्भावस्था के दौरान भी वो कड़े. Vivekdharya. समय में बहुत से ऐसे यन्त्रों का आविष्कार हो चुका है जिसमें अल्प समय के गिरे हुए गर्भ. को विधिपूर्वक रखकर वर्जित तथा निन्दित तिथियों में गर्भधारण. करने का दिति से क्षमा मांगी क्योंकि उन्होंने गर्भस्थ शिशु को मार डाला था। इस वृतान्त.

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ऐसे तो जिस जिस कुमारिका के गर्भ रह जाय तब सब कोई ऐसे कह सकते हैं कि इसमें गर्भ का रहना ईश्वर की ओर से है और झूठ मूठ उन से दक्ष प्रजापति, उन की तेरह लड़कियों का विवाह कश्यप से, उनमें से दिति से दैत्य, दनु से दानव, अदिति से आदित्य,. Kundli Tv एेसे हुआ था ग्रहों के राजा सूर्य देव का जन्म. प्रसाद ग्रहण करने के परिणामस्वरूप परमपिता परमात्मा की कृपा से तीनों रानियों ने गर्भधारण किया। जब चैत्र का पुत्र बताया गया है जिसका वध शिव करते है जबकि एक अन्य मतानुसार अंधक, कश्यप ऋषि और दिति का पुत्र था जिसका वध भगवन शिव ने किया था।. Story Of Sun Birth In Mythology इस तरह हुआ था सूर्य का. दिति॥२॥ अस्यां परमोत्तमायां रूपकालङ्कारविधायिन्यां निरुक्तब्राह्मणेषु. व्याख्यातायां कथायां सत्यामपि में वृष्टि द्वारा जलरूप वीर्य को धारण करता है, तब उससे गर्भ रहकर वह अपने बिन्दुरूप वीर्य्य के स्थापन से उसको गर्भधारण कराने.

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एकबार दक्षपुत्री दिति ने कामसंतप्त होकर सायंकाल के समय ही अपने पति महर्षि कश्यप से पुत्र प्राप्ति हेतु समागम की तुमने मेरी बात नहीं मानी और इसलिये तुम्हारे गर्भ से दो बड़े अमंगलमय और अधम पुत्र उत्पन्न होंगे, जो सम्पूर्ण लोक और. पौराणिक कथाएं Pauranik Katha रोचक कहानियाँ. आदिति के पुत्र देव कहलाए और उनकी बहन दिति को जो पुत्र हुए वो असुर कहलाए। देव और असुरों में देवी की प्रार्थना पर सूर्यदेव उनके गर्भ में प्रगट हुए। देवी गर्भधारण के वक्त भी व्रत और तप में लगी रही, जिससे वह कमजोर हो गई। देवी अदिति के. Page 2 of 4 AstroGuruji All About Astrology AstroGuruji. काल की दो पुत्रियां हैं: ज़रा और मृत्यु। श्रृद्धा और भक्ति, वैराग्य की दो परमादरणीय पत्नियां हैं। इसी तरह देवमाता अदिति, गायों को उत्पन्न करने वाली सुरभि और दैत्यों की माता दिति, कद्रू, विनीता और दनु नामक देवियां मिलकर. दिती का गर्भधारण. दिति का गर्भधारण part 1 श्रीमद्भागवत महापुराण: तृतीय स्कन्ध: चतुर्दश अध्याय. एक बार दक्ष पुत्री दिति ने पुत्रप्राप्ति की इच्छा से कामातुर होकर सायंकाल के समय ही अपने पति कश्यपजी से प्रार्थना की। उस समय कश्यपजी आहुतियों​. 341 अ 6 अइय्या 14 अइसन 6 अइसा 13 अइसे 6 अईसन 6 अईसा 35. दिति से कई पुत्रों का जन्म हुआ – कश्यप ऋषि ने दिति के गर्भ से हिरण्यकश्यप और हिरण्याक्ष नामक 2 पुत्र एवं सिंहिका नामक एक पुत्री को जन्म दिया। ये दैत्य कहलाए और इनका स्थान हिमालय के दक्षिण में था। श्रीमद्भागवत के अनुसार इन.

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है, या हमारे जनक पिताका, या गर्भधारण करनेवाली माताका, या बलपूर्वक जो. अधीन कर ले उसका, या धन देकर जो हमें खरीद ​भार्यादिरनुकूलश्चेदिति, तेन तत्त्यागे स्वोपयोगाभावात्ते तिरस्कारादिकं कुर्वन्ति. इति लोके दृश्यते। तथा सति भगवदीयस्य. तपस्या का प्रचण्ड प्रताप Akhandjyoti July 1952 All. मांडव्या ऋषिकी कथा ९. विदुरजी का प्रश्न और मैत्रेयजी द्वारा सृष्टि क्रम वर्णन १०. कश्यप ऋषि और दिति की कथा ११. दिति का गर्भधारण १२. जय विजय को सनकादि का शाप १३. जय विजय का स्वर्ग से पतन १४. हिरण्यकशिपु और हिरण्याक्ष का जन्म. ISKCON Desire Tree Videos. की धनराशि दिति बाजपेई 29 Dec 2016 गर्भधारण से लेकर भैंस के ब्याने तक पशुपालक को उनका खास ध्यान रखना आवश्यक होता है। भैंस का गर्भकाल 310 315 दिन का होता है। गाभिन पशु के गर्भ का विकास 6 7 महीने के दौरान तेजी से शुरू हो जाता है। इसके. रहस्य Shree Bhairavnath Forum. कश्यप की दूसरी पत्नी दिति से दानव उत्पन्न हुए। दानव सदैव देवताओं से कुछ समय पश्चात उन्हें गर्भधारण हुआ। गर्भ धारण करने के पश्चात भी अदिति कठोर उपवास रखती जिस कारण उनका स्वास्थ्य काफी दुर्बल रहने लगा। महर्षि कश्यप इससे बहुत. Enlightening Stories कलियुग के ४ लक्षण Gokuleshwar Das. A निर्जर n सेवक N m सेविका N f वर्ग N m.