• स्पंद-विस्तार मॉडुलन

    स्पंद-विस्तार मॉडुलन विद्युत-शक्ति के प्रवाह के नियन्त्रण की वह विधि है जिसमें किसी स्विच के चालू रहने का समय को कम या अधिक करके आउटपुट होने वाली विद्युत को ...

  • संधारित्र

    संधारित्र या कैपेसिटर, विद्युत परिपथ में प्रयुक्त होने वाला दो सिरों वाला एक प्रमुख अवयव है। यदि दो या दो से अधिक चालकों को एक विद्युत्रोधी माध्यम द्वारा अलग...

  • संकेत प्रसंस्करण

    यद्यपि संकेत गैर-विद्युत प्रकृति के भी हो सकते हैं किन्तु अधिकांश संकेत विद्युत संकेत होते हैं या उन्हें संवेदक, संसूचक या परिवर्तक की मदद से विद्युत स्वरूप ...

  • संकर एकीकृत परिपथ

    अलग-अलग एलेक्ट्रॉनिक अवयवों को किसी उपयुक्त आधापर जोडकर निर्मित लघु आकार के परिपथ को संकर एकीकृत परिपथ कहते हैं। संकर परिपथों को प्रायः ऊपर से एपॉक्सी से ढक ...

  • श्रव्य प्रवर्धक

    ऐसे एलेक्ट्रानिक प्रवर्धक को श्रव्य प्रवर्धक या आडियो एम्प्लिफायर कहते हैं जो कम शक्ति के श्रव्य संकेतों का प्रवर्धन कर सकें। श्रव्य-आवृत्‍ति शक्ति प्रवर्धक ...

  • वोल्टता नियंत्रक

    वोल्टता नियंत्रक वह एलेक्ट्रॉनिक युक्ति है जो स्वत: वोल्टता को एक निश्चित मान के पास बनाकर रखती है। यह प्रत्यावर्ती वोल्तता के नियंत्रण के लिये बनायी जा सकती...

  • विद्युत संकेत

    संचार, संकेत प्रसंस्करण और सामान्य रूप से विद्युत इंजीनियरी के सन्दर्भ में समय के साथ परिवर्तनशील या अवकाश के साथ परिवर्तनशील कोई भी राशि संकेत कहलाती है। उद...

  • माइक्रोप्रोसेसर

    माइक्रोप्रोसेसर एक ऐसा डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक युक्ति है जिसमें लाखों ट्रांजिस्टरों को एकीकृत परिपथ के रूप में प्रयोग कर तैयार किया जाता है। इससे कंप्यूटर के केन...

  • माइक्रोकंट्रोलर

    माइक्रोकन्ट्रोलर एक आइ॰ सी॰ है जिसमें पूरा कम्प्यूटर समाहित होता है; अर्थात् एक ही आई॰ सी॰ के अन्दर कम्प्यूटर के चारों भाग निर्मित होते हैं। वस्तुतः यह भी एक...

  • फ्लिप-फ्लॉप

    एलेक्ट्रॉनिकी में द्विमानित्र एक अंकीय परिपथ है जिसका निर्गम दो स्थाई अवस्थाओं में से किसी एक में बना रहता है में कुछ न किया जाय)। इसे लैच भी कहते हैं। इस पर...

  • प्रिन्टेड सर्किट बोर्ड

    एलेक्ट्रॉनिकी के सन्दर्भ में मुद्रित परिपथ बोर्ड या प्रिन्टेड सर्किट बोर्ड या पीसीबी एक विद्युत अवयव है जो एलेक्ट्रानिक अवयवों को आधार/आश्रय प्रदान करने के ल...

  • पी एन जंक्शन

    डायोड एक P टाइप सेमीकंडक्टर और N टाइप सेमीकंडक्टर का जंक्शन होता है इसलिए डायोड को हम P-N जंक्शन डायोड भी कहते हैं। जैसा की हम जानते हैं कि P टाइप सेमीकंडक्ट...

  • डोपिगं

    जैसा की हम जानते हैं कि सेमीकंडक्टर को हम चालक या अर्धचालक किसी भी रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन शुद्ध रूप में एक सेमीकंडक्टर एक कुचालक के तरह काम करता ...

  • ट्रांजिस्टर

    ट्रान्जिस्टर एक अर्धचालक युक्ति है जिसे मुख्यतः प्रवर्धक तथा इलेक्त्रॉनिक स्विच के रूप में प्रयोग किया जाता है। कुछ लोग इसे बीसवीं शताब्दी की सबसे महत्वपूर्ण...

  • ओममापी

    ओममापी एक वैद्युत उपकरण जो प्रतिरोध मापने के काम आता है। वे ओममापी जो अत्यन्त कम प्रतिरोध को मापने के हिसाब से डिजाइन किये गये होते हैं उन्हें माइक्रोओममापी ...

  • ऐविओनिकी

    ऐविओनिकी शब्द का अर्थ है उड़ान में प्रयुक्त होने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स| इसमें मुख्यतः संचार, नेविगेशन, नियंत्रण और डिजिटल प्रदर्शन से सम्बंधित हार्डवेयर एवं सा...

  • एकीकृत परिपथ

    एलेक्ट्रॉनिकी में एकीकृत परिपथ या एकीपरि) को सूक्ष्मपरिपथ, सूक्ष्मचिप, सिलिकॉन चिप, या केवल चिप के नाम से भी जाना जाता है। यह एक अर्धचालक पदार्थ के अन्दर बना...

  • उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स

    उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स या गृह इलेक्ट्रॉनिक्स दैनिक प्रयोग में आने वाली इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ होती हैं जो विशेष रूप से निजी घरों में इस्तेमाल होती हैं। इनमें ...

  • इलैक्ट्रॉनिक्स

    विज्ञान के अन्तर्गत इलेक्ट्रॉनिक्स या इलेक्ट्रॉनिकी विज्ञान और प्रौद्योगिकी का वह क्षेत्र है जो विभिन्न प्रकार के माध्यमों से होकर आवेश के प्रवाह एवं उन पर आ...

  • अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी

    अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी या डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रॉनिक्स की एक शाखा है जिसमें विद्युत संकेत अंकीय होते हैं। अंकीय संकेत बहुत तरह के हो सकते हैं किन्तु बाइ...

  • इलेक्ट्रॉनिक फिल्टर

    एलेक्ट्रॉनिक निस्यन्दक या इलेक्ट्रॉनिक फिल्टर ऐसे परिपथों को कहते हैं जो, संकेत प्रसंस्करण का काम करते हैं। ये विद्युत संकेतकों में से अवांछित आवृत्ति वाले अ...

  • अर्धचालक युक्ति

    अर्धचालक युक्तियाँ उन एलेक्ट्रानिक अवयवों को कहते हैं जो अर्धचालक पदार्थों के गुण-धर्मों का उपयोग करके बनाये जाते हैं। सिलिकॉन, जर्मेनियम और गैलिअम आर्सेनाइड...

  • अर्धचालक डायोड

    डायोड एक P टाइप सेमीकंडक्टर और N टाइप सेमीकंडक्टर का जंक्शन होता है इसलिए डायोड को हम P-N जंक्शन डायोड भी कहते हैं। जैसा की हम जानते हैं कि P टाइप सेमीकंडक्ट...

  • अनुरूप एलेक्ट्रॉनिकी

    अनुरूप एलेक्ट्रॉनिकी के अन्तर्गत वे एलेक्ट्रानिक प्रणालियाँ आतिं हैं जिनमें पाये जाने वाले संकेत क्रमश: या सतत बदलते हैं । इसके विपरीत आंकिक एलेक्ट्रॉनिकी मे...

इलेक्ट्रॉनिक्स

रोडोट्रॉन

Ergotron का एक प्रकार है इलेक्ट्रॉन त्वरक । यह आकार में छोटा है और 1 से 10 MeV अप करने के लिए मर्मज्ञ इलेक्ट्रॉन बीम देने के लिए उपयुक्त है. यह रेडियो आवृत्ति 100 से 400 मेगाहर्ट्ज के बीच बदलता है और औसत बीम बिजली 10 किलोवाट के लिए लगभग 1 मेगावाट तक किया जा सकता है. इसकी मुख्य औद्योगिक इन का उपयोग कर रहे हैं - के पार से जोड़ने, बंध्याकरण, खाद्य-वस्तुओं के प्रसंस्करण शामिल हैं सुरक्षा जांच के लिए स्कैनिंग आदि ।

समुद्रीय एलेक्ट्रानिकी

समुद्री इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रॉनिक की वह शाखा है जिसमें समुद्री वातावरण के साथ लगातार काम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के डिजाइन और विकास का अध्ययन किया है. के बाद से नमकीन पानी की एक छोटी सी बूँद किसी भी सामान्य बिजली के सर्किट को भ्रष्ट कर सकते हैं, इसलिए समुद्री वातावरण में काम करने के लिए डिजाइन प्रणाली है, या तो पानी के लिए प्रतिरोधी रहे हैं रहे हैं या चयनित. समुद्री chartplotter, कृत्रिम-पायलट, VHF रेडियो, पैसे आदि., समुद्री इलेक्ट्रिक प्रणालियों के कुछ उदाहरण हैं.

अनुरूप एलेक्ट्रॉनिकी

अनुरूप एलेक्ट्रॉनिकी के अन्तर्गत वे एलेक्ट्रानिक प्रणालियाँ आतिं हैं जिनमें पाये जाने वाले संकेत क्रमश: या सतत बदलते हैं । इसके विपरीत आंकिक एलेक्ट्रॉनिकी मे...

अर्धचालक डायोड

डायोड एक P टाइप सेमीकंडक्टर और N टाइप सेमीकंडक्टर का जंक्शन होता है इसलिए डायोड को हम P-N जंक्शन डायोड भी कहते हैं। जैसा की हम जानते हैं कि P टाइप सेमीकंडक्ट...

अर्धचालक युक्ति

अर्धचालक युक्तियाँ उन एलेक्ट्रानिक अवयवों को कहते हैं जो अर्धचालक पदार्थों के गुण-धर्मों का उपयोग करके बनाये जाते हैं। सिलिकॉन, जर्मेनियम और गैलिअम आर्सेनाइड...

अवक्षय क्षेत्र

डायोड एक P टाइप सेमीकंडक्टर और N टाइप सेमीकंडक्टर का जंक्शन होता है इसलिए डायोड को हम P-N जंक्शन डायोड भी कहते हैं। जैसा की हम जानते हैं कि P टाइप सेमीकंडक्ट...

इलेक्ट्रॉनिक इंजिनीयरी का इतिहास

इलेक्ट्रॉनिकी का आधुनिक रूप रेडियो एवं दूरदर्शन के विकास के रूप में सामने आया। साथ ही द्वितीय विश्व युद्ध में प्रयुक्त रक्षा उपकरणों एवं रक्षा-तन्त्रों से भी...

इलेक्ट्रॉनिक फिल्टर

एलेक्ट्रॉनिक निस्यन्दक या इलेक्ट्रॉनिक फिल्टर ऐसे परिपथों को कहते हैं जो, संकेत प्रसंस्करण का काम करते हैं। ये विद्युत संकेतकों में से अवांछित आवृत्ति वाले अ...

अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी

अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी या डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रॉनिक्स की एक शाखा है जिसमें विद्युत संकेत अंकीय होते हैं। अंकीय संकेत बहुत तरह के हो सकते हैं किन्तु बाइ...

इलैक्ट्रॉनिक्स

विज्ञान के अन्तर्गत इलेक्ट्रॉनिक्स या इलेक्ट्रॉनिकी विज्ञान और प्रौद्योगिकी का वह क्षेत्र है जो विभिन्न प्रकार के माध्यमों से होकर आवेश के प्रवाह एवं उन पर आ...

उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स

उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स या गृह इलेक्ट्रॉनिक्स दैनिक प्रयोग में आने वाली इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ होती हैं जो विशेष रूप से निजी घरों में इस्तेमाल होती हैं। इनमें ...

एकीकृत परिपथ

एलेक्ट्रॉनिकी में एकीकृत परिपथ या एकीपरि) को सूक्ष्मपरिपथ, सूक्ष्मचिप, सिलिकॉन चिप, या केवल चिप के नाम से भी जाना जाता है। यह एक अर्धचालक पदार्थ के अन्दर बना...

एन-प्रकार अर्धचालक

जब हम प्योर सेमीकंडक्टर में पेंटावलेंट इम्पुरिटी मिलते है तो सेमीकंडक्टर के बाहरी ऑर्बिट के चार एलेक्ट्रोंस इम्पुरिटी के चार एलेक्ट्रोंस के साथ बोंड बना लेता...

ऐविओनिकी

ऐविओनिकी शब्द का अर्थ है उड़ान में प्रयुक्त होने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स| इसमें मुख्यतः संचार, नेविगेशन, नियंत्रण और डिजिटल प्रदर्शन से सम्बंधित हार्डवेयर एवं सा...

ओममापी

ओममापी एक वैद्युत उपकरण जो प्रतिरोध मापने के काम आता है। वे ओममापी जो अत्यन्त कम प्रतिरोध को मापने के हिसाब से डिजाइन किये गये होते हैं उन्हें माइक्रोओममापी ...

ट्रांजिस्टर

ट्रान्जिस्टर एक अर्धचालक युक्ति है जिसे मुख्यतः प्रवर्धक तथा इलेक्त्रॉनिक स्विच के रूप में प्रयोग किया जाता है। कुछ लोग इसे बीसवीं शताब्दी की सबसे महत्वपूर्ण...

डोपिगं

जैसा की हम जानते हैं कि सेमीकंडक्टर को हम चालक या अर्धचालक किसी भी रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन शुद्ध रूप में एक सेमीकंडक्टर एक कुचालक के तरह काम करता ...

पी एन जंक्शन

डायोड एक P टाइप सेमीकंडक्टर और N टाइप सेमीकंडक्टर का जंक्शन होता है इसलिए डायोड को हम P-N जंक्शन डायोड भी कहते हैं। जैसा की हम जानते हैं कि P टाइप सेमीकंडक्ट...

पी-प्रकार अर्धचालक

जब हम प्योर सेमीकंडक्टर में ट्राईवलेंट इम्पुरिटी मिलते है तो सेमीकंडक्टर के बाहरी ऑर्बिट के चार एलेक्ट्रोंस इम्पुरिटी के तीन इलेक्ट्रोंस के साथ बोंड बना लेता...

प्रिन्टेड सर्किट बोर्ड

एलेक्ट्रॉनिकी के सन्दर्भ में मुद्रित परिपथ बोर्ड या प्रिन्टेड सर्किट बोर्ड या पीसीबी एक विद्युत अवयव है जो एलेक्ट्रानिक अवयवों को आधार/आश्रय प्रदान करने के ल...

फ्लिप-फ्लॉप

एलेक्ट्रॉनिकी में द्विमानित्र एक अंकीय परिपथ है जिसका निर्गम दो स्थाई अवस्थाओं में से किसी एक में बना रहता है में कुछ न किया जाय)। इसे लैच भी कहते हैं। इस पर...

माइक्रोकंट्रोलर

माइक्रोकन्ट्रोलर एक आइ॰ सी॰ है जिसमें पूरा कम्प्यूटर समाहित होता है; अर्थात् एक ही आई॰ सी॰ के अन्दर कम्प्यूटर के चारों भाग निर्मित होते हैं। वस्तुतः यह भी एक...

माइक्रोप्रोसेसर

माइक्रोप्रोसेसर एक ऐसा डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक युक्ति है जिसमें लाखों ट्रांजिस्टरों को एकीकृत परिपथ के रूप में प्रयोग कर तैयार किया जाता है। इससे कंप्यूटर के केन...

विद्युत संकेत

संचार, संकेत प्रसंस्करण और सामान्य रूप से विद्युत इंजीनियरी के सन्दर्भ में समय के साथ परिवर्तनशील या अवकाश के साथ परिवर्तनशील कोई भी राशि संकेत कहलाती है। उद...

वोल्टता नियंत्रक

वोल्टता नियंत्रक वह एलेक्ट्रॉनिक युक्ति है जो स्वत: वोल्टता को एक निश्चित मान के पास बनाकर रखती है। यह प्रत्यावर्ती वोल्तता के नियंत्रण के लिये बनायी जा सकती...

श्रव्य प्रवर्धक

ऐसे एलेक्ट्रानिक प्रवर्धक को श्रव्य प्रवर्धक या आडियो एम्प्लिफायर कहते हैं जो कम शक्ति के श्रव्य संकेतों का प्रवर्धन कर सकें। श्रव्य-आवृत्‍ति शक्ति प्रवर्धक ...

संकर एकीकृत परिपथ

अलग-अलग एलेक्ट्रॉनिक अवयवों को किसी उपयुक्त आधापर जोडकर निर्मित लघु आकार के परिपथ को संकर एकीकृत परिपथ कहते हैं। संकर परिपथों को प्रायः ऊपर से एपॉक्सी से ढक ...

संकेत प्रसंस्करण

यद्यपि संकेत गैर-विद्युत प्रकृति के भी हो सकते हैं किन्तु अधिकांश संकेत विद्युत संकेत होते हैं या उन्हें संवेदक, संसूचक या परिवर्तक की मदद से विद्युत स्वरूप ...

संधारित्र

संधारित्र या कैपेसिटर, विद्युत परिपथ में प्रयुक्त होने वाला दो सिरों वाला एक प्रमुख अवयव है। यदि दो या दो से अधिक चालकों को एक विद्युत्रोधी माध्यम द्वारा अलग...

संस्थिति (विद्युत परिपथ)

किसी विद्युत परिपथ के अवयव जिस रूप में परस्पर परस्पर जुड़े होते हैं उसे संस्थिति कहते हैं। इसमें अवयवों के अलग-अलग मान होने से टोपोलोजी नहीं बदलती बल्कि इसका...

स्पंद-विस्तार मॉडुलन

स्पंद-विस्तार मॉडुलन विद्युत-शक्ति के प्रवाह के नियन्त्रण की वह विधि है जिसमें किसी स्विच के चालू रहने का समय को कम या अधिक करके आउटपुट होने वाली विद्युत को ...