• सुविधिनाथ

    भगवान पुष्पदन्त की टोंक को सुप्रभ कूट भी कहा जाता है। वादियों में बसी भगवान पुष्पदन्त की टोंक भगवान पार्श्वनाथ की टोंक से लगभग 1.8 कि.मि. की दूरी पर स्थित है...

  • मुनिसुव्रतनाथ

    मुनिसुव्रतनाथ या मुनिसुव्रत जैन धर्म के २० वें तीर्थंकर माने गए हैं। उनके पिता का नाम सुमित्और माता का नाम पद्यावती था। ये भगवान राम के समकालीन माने गये हैं।...

  • पद्मप्रभ

    पद्मप्रभ जी वर्तमान अवसर्पिणी काल के छठे तीर्थंकर है। कालचक्र के दो भाग है - उत्सर्पिणी और अवसर्पिणी। एक कालचक्र के दोनों भागों में २४-२४ तीर्थंकरों का जन्म ...

  • तीर्थंकरों की सूची

    नीचे २४ तीर्थंकरों की सूची उनके कालक्रम में दी गयी है। The total length of the lifespans of all 24 Tīrthaṅkaras combined equals 2.603672 sextillion years.

तीर्थंकर

तीर्थंकरों की सूची

नीचे २४ तीर्थंकरों की सूची उनके कालक्रम में दी गयी है। The total length of the lifespans of all 24 Tīrthaṅkaras combined equals 2.603672 sextillion years.

पद्मप्रभ

पद्मप्रभ जी वर्तमान अवसर्पिणी काल के छठे तीर्थंकर है। कालचक्र के दो भाग है - उत्सर्पिणी और अवसर्पिणी। एक कालचक्र के दोनों भागों में २४-२४ तीर्थंकरों का जन्म ...

मुनिसुव्रतनाथ

मुनिसुव्रतनाथ या मुनिसुव्रत जैन धर्म के २० वें तीर्थंकर माने गए हैं। उनके पिता का नाम सुमित्और माता का नाम पद्यावती था। ये भगवान राम के समकालीन माने गये हैं।...

सुविधिनाथ

भगवान पुष्पदन्त की टोंक को सुप्रभ कूट भी कहा जाता है। वादियों में बसी भगवान पुष्पदन्त की टोंक भगवान पार्श्वनाथ की टोंक से लगभग 1.8 कि.मि. की दूरी पर स्थित है...