आस्तिकता

हिन्दू धर्म में ईश्वर, इहलोक, व्यक्त, राज्ञा, के अस्तित्व में, विशेषत: ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास का नाम आस्तिकता है। पाश्चात्य दर्शन में ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास का ही नाम थीज्म है।

1. ईश्वर की विविध प्रकार की कल्पनाएँ
संसार के विश्वासों के इतिहास में ईश्वर की कल्पना अनेक रूपों में की गई है और उसके अस्तित्व को सिद्ध करने के लिए अनेक युक्तियां दी गई हैं। उनमें मुख्य ये हैं:
1 ईश्वर का स्वरूप - मानवानुरूप व्यक्तित्वयुक्त ईश्वर परसनल गाड। इस संसार का उत्पादक स्रष्टा, संचालक और नियामक, मनुष्य के समान शरीरधारी, मनोवृत्तियों से युक्त परमशक्तिशाली परमात्मा है। वह किसी एक स्थान धाम पर रहता है और वहीं से सब संसार की देखभाल करता है, लोगों को पाप पुण्य का फल देता है एवं भक्ति और प्रार्थना करने पर लोगों के दु:ख और विपत्ति में सहायता करता है। अपने धाम से वह इस संसार में सच्चा धार्मिक मार्ग सिखाने के लिए अपने बेटे पैगंबरों, ऋषिमुनियों को समय-समय पर भेजता है और कभी स्वयं ही किसी न किसी रूप में अवतार लेता है। दुष्टों का दमन और सज्जनों का उद्धार करता है। इस मत को पाश्चात्य दर्शन में थीज्म कहते हैं।
2 सृष्टिकर्ता मात्र ईश्वरवाद - डीज्म कुछ दार्शनिक यह मानते हैं कि ईश्वर तो सृष्टिकर्ता मात्र है और उसने सृष्टि रच दी है कि वह स्वयं अपने नियमों से चल रही है। उसको अब इससे कोइ मतलब नहीं। जैसे घड़ी बनानेवाले को अपनी बनाई हुई घड़ी से, बनने के पश्चात्, कोई संबंध नहीं रहता। वह चलती रहती है। इस मत की कुछ झलक वैष्णवों की इस कल्पना में मिलती है कि भगवान विष्णु क्षीरसागर में सोते रहते हैं और शैवों की इस कल्पना में कि भगवान शंकर कैलास पर्वत पर समाधि लगाए बैठे रहते हैं और संसार का कार्य चलता रहता है।
3 सर्व खलु इदं ब्रह्म - यह समस्त संसार ब्रह्म ही है पैथीज्म, इस सिद्धांत के अनुसार संसाऔर भगवान कोई अलग-अलग वस्तु नहीं हैं। भगवान और संसार एक ही हैं। जगत् भगवान का शरीर मात्र है जिसके कण-कण में वह व्याप्त है। ब्रह्मउजगत् और जगत्उब्रह्म। इसको अद्वैतवाद भी कहते हैं। पाश्चात्य देशों में इस प्रकार के मत का नाम पैथीज्म है।
4 ब्रह्म जगत् से परे भी है। इस मतवाले, जिनको पाश्चात्य देशों में "पैन ऐनथीस्ट" कहते हैं, यह मानते हैं कि जगत् में भगवान की परिसमाप्ति नहीं होती। जगत् तो उसके एक अंश मात्र में है। जगत् शांत है, सीमित है और इसमें भगवान के सभी गुणों का प्रकाश नहीं है। भगवान अनादि, अनंत और अचित्य हैं। जगत् में उनकी सत्ता और स्वरूप का बहुत थोड़े अंश में प्राकट्य है। इस मत के अनुसार समस्त जगत् ब्रह्म है, पर समस्त ब्रह्म जगत् नहीं है।
5 अजातवाद, अजातिवाद अथवा जगद्रहित शुद्ध ब्रह्मवाद -अकास्मिज्म इस मत के अनुसर ईश्वर के अतिरिक्त और कोई सत्ता ही नहीं है। सर्वत्र ब्रहा ही ब्रह्म है। जगत् नाम की वस्तु न कभी उत्पन्न हुई, न है और न होगी। जिसको हम जगत् के रूप में देखते हैं वह कल्पना मात्र, मिथ्या भ्रम मात्र है जिसका ज्ञान द्वारा लोप हो जाता है। वास्तविक सत्ता केवल विकाररहित शुद्ध सच्चिदानंद ब्रह्म की ही है जिसमें सृष्टि न कभी हुई, न होगी।

2. ईश्वर एक है या अनेक?
आस्तिकता के अंतर्गत एक यह प्रश्न भी उठता है कि ईश्वर एक है अथवा अनेक। कुछ लोग अनेक देवी देवताओं को मानते हैं। उनको बहुदेववादी पोलीथीस्ट कहते हैं। वे एक देव को नहीं जानते। कुछ लोग जगत् के नियामक दो देवों को मानते हैं - एक भगवान और दूसरा शैतान। एक अच्छाइयों का स्रष्टा और दूसरा बुराइयों का। कुछ लोग यह मानते हैं कि बुराई भले भगवान की छाया मात्र है। भगवान एक ही है, शैतान उसकी मायाशक्ति का नाम है जिसके द्वारा संसार में सब दोषों का प्रसारहै, पर जो स्वयं भगवान के नियंत्रण में रहती है। कुछ लोग मायारहित शुद्ध ब्रह्म की सत्ता में विश्वास करते है। उनके अनुसार संसार शुद्ध ब्रह्म का प्रकाश है, उसमें स्वयं कोई दोष नहीं है। हमारे अज्ञान के कारण ही हमको दोष दिखाई पड़ते हैं। पूर्ण ज्ञान हो जाने पर सबको मंगलमय ही दिखाई पड़ेगा। इस मत को शुद्ध ब्रह्मवाद कहते हैं। इसी को अद्वैतवाद अथवा ऐक्यवाद मोनिज्म कहते हैं।

3. आस्तिकता के पक्ष में युक्तियाँ
पाश्चात्य और भारतीय दर्शन में आस्तिकता को सिद्ध करने में जो अनेक युक्तियां दी जाती हैं उनमें से कुछ ये हैं:
1 मनुष्यमात्र के मन में ईश्वर का विचाऔर उसमें विश्वास जन्मजात है। उसका निराकरण कठिन है, अतएव ईश्वर वास्तव में होना चाहिए। इसको आंटोलॉजिकल, अर्थात् प्रत्यय से सत्ता की सिद्धि करनेवाली युक्ति कहते हैं।
2 संसारगत कार्य-कारण-नियम को जगत् पर लागू करके यह कहा जाता है कि जैसे यहां प्रत्येक कार्य के उपादान और निमित्त कारण होते हैं, उसी प्रकार समस्त जगत् का उपादान और निमित्त कारण भी होना चाहिए और वह ईश्वर है कास्मोलॉजिकल, अर्थात् सृष्टिकारण युक्ति।
3 संसार की सभी क्रियाओं का कोई न कोई प्रयोजन या उद्देश्य होता है और इसकी सब क्रियाएं नियमपूर्वक और संगठित रीति से चल रही हैं। अतएव इसका नियामक, योजक और प्रबंधक कोई मंगलकारी भगवान होगा टिलियोलोजिकल, अर्थात् उद्देश्यात्मक युक्ति।
4 जिस प्रकार मानव समाज में सब लोगों को नियंत्रण में रखने के लिए और अपराधों का दंड एवं उपकारों और सेवाओं का पुरस्कार देने के लिए राजा अथवा राजव्यवस्था होती है उसी प्रकार समस्त सृष्टि को नियम पर चलाने और पाप पुण्य का फल देनेवाला कोई सर्वज्ञ, सर्वशक्तिमान और न्यायकारी परमात्मा अवश्य है। इसको मॉरल या नैतिक युक्ति कहते हैं।
5 योगी और भक्त लोग अपने ध्यान और भजन में निमग्न होकर भगवान का किसी न किसी रूप में दर्शन करके कृतार्थ और तृप्त होते दिखाई पड़ते है यह युक्ति रहस्यवादी, अर्थात् मिस्टिक युक्ति कहलाती है।
6 संसार के सभी धर्मग्रंथों में ईश्वर के अस्तित्व का उपदेश मिलता है, अतएव सर्व-जन-साधारण का और धार्मिक लोगों का ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास है। इस युक्ति को शब्दप्रमाण कहते हैं।
नास्तिकों ने इन सब युक्तियों को काटने का प्रयत्न किया है।

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आस्तिकता: आस्तिकता परिभाषा, जो ईश्वर को मानता हो उसे कहते हैं, आस्तिक का अर्थ, नास्तिक का अर्थ, आस्तिक किसे कहते हैं

आस्तिक किसे कहते हैं.

Republished pedia of everything Owl. असल में आस्तिकता और नास्तिकता में बहुत ही मामूली सा अंतर है । जिसे पकड़ने के लिए गहन स्वाध्याय की आवश्यकता है । आप समझते है कि आप आस्तिक है । लेकिन खुद से पूछिये! क्या मैं आस्तिक हूँ?, क्या मैं ईश्वर के अस्तिव को मानता. हम कथित आस्तिकों की अंध श्रद्धा और ऐसे ही. Believer आस्तिक aastiktheist आस्तिक aastiktheistic आस्तिक aastiktheism आस्तिकता aastiktaatheism. आस्तिकता aastiktaatheism आस्तिकपणा aastikpnnaatheism आस्तिकवाद aastikvaadtheism आस्तिक्य aastiky. अपनी महान्‌ संभावनाओं पर अटूट विश्वास ही सच्ची. कथा सुनने वालों में होना चाहिए आस्तिकता का भाव. भागवत कथा में पं. राजेश्वर नागर को सुनने उमड़े लोग. लाबरिया। नईदुनिया न्यूज. द्वापर युग में भगवान कृष्ण ने जो लीला की, वह युग युगांतर तक भारतीय संस्कृति और अपने सनातन धर्म.

धार्मिकता बनाम आस्तिकता प्रतिलिपि Pratilipi.

नास्तिकता से आस्तिकता तक – जानिए चीन में जन्मी कैथरीन की सच्ची कहानी iams 2018 आर्य समाज. Like? Share. Added by admin on 03 11 2018. Category: 2018, Arya Samaj Global, Arya Samaj on TV Channel, Events, Featured, International Arya Mahasammelan India 2018, Speech. आस्तिक All translation of आस्तिक K. आस्तिकता का हिन्दी मे अर्थ Meaning of aastikata in Hindi. वेद ईश्वर और परलोक आदि में विश्वास. आस्तिकता का वाक्य मे प्रयोग Usage of aastikata. दुखी मन आस्तिकता का सहारा लेकर संबल प्राप्त करता है. आस्तिकता और नास्तिक संत विनोबा भावे All World. ईश्वर है केवल इतना मान लेना मात्र ही आस्तिकता नहीं है। ईश्वर की सत्ता में विश्वास कर लेना भी आस्तिकता नहीं है क्योंकि आस्तिकता विश्वास नहीं अपितु एक अनुभूति है। ईश्वर है यह बौद्धिक विश्वास है। ईश्वर को अपने हृदय में अनुभव करना,. आस्तिकता या नास्तिकता की बजाय BuddhAmbedkar. ಆಸ್ತಿಕತಾ. आस्तिकता ಆಸ್ತಿಕತಾ. देवाचेरविश्वासदवचेलो ​ದೆವಚೆರವಿಶ್ವಾಸದವಚೆಲೊ. देव भिरांतआस्लोलो ದೆವಭಿರಾಂತ ಆಸ್ಲೊಲೊ. आस्तिक ಆಸ್ತಿಕ. आस्तिकता ಆಸ್ತಿಕತಾ. भक्ति ​ಭಕ್ತಿ. आस्तिकता ಆಸ್ತಿಕತಾ. आस्तिकता. Theism. ಆಸ್ತಿಕತೆ. Buy Nastikta Se Mukti Ulta Vishwas Seedha Kaise Karen Hindi. आस्तिक Астика и настика. समस्त सिद्धियों की जननी आस्तिकता in Hindi. पहला है आस्तिकता, आस्तिकता का अर्थ है ईश्वर का विश्वास, भजन पूजन तो कई आदमी कर लेते हैं, पर ईश्वर विश्वास का अर्थ यह है कि सर्वत्र जो भगवान् समाया हुआ है, उसके संबंध में यह दृष्टि रखें कि उसका न्याय का पक्ष, कर्म का फल देने.

Lohri पूर्ण आस्तिकता और पूर्ण नास्तिकता का दावा.

आस्तिकता भारतीय दर्शन में ईश्वर, ईश्वराज्ञा, परलोक, आत्मा आदि अदृष्ट पदार्थों के अस्तित्व में, विशेषत: ईश्वर के. रणजीत आस्तिकता के कुछ दुष्परिणाम विमर्श. जब विनोबा ईश्वर का नाम लेकर गरीबों की सहायता के लिये अपील करते हैं तो ऐसे व्यक्ति भी निकल आते हैं, जो अपने को अनीश्वरवादी कहते हैं और समझते हैं कि धर्म ग्रंथों में जिन बातों को ईश्वरीय वाक्य बतलाया गया है, वे हम पर लागू नही होती।. आस्तिकता, आस्तिकता in Hindi Indian Spiritual. Best आस्तिकता Quotes, Status, Shayari, Poetry & Thoughts on Indias fastest growing writing app YourQuote. आस्तिकता quotes. Trending Latest. Vikas Paliwal 30 DEC 2018 AT. FOLLOW. Thankfully, I was not part of hes love, or else her hatred would have been my share, which I could not bear. मानसिकता डराती है, न कि आस्तिकता या नास्तिकता. आस्तिकता जीवन का सौन्दर्य है और यथार्थवाद जीवन का सत्य. Written by: हृदय नारायण दीक्षित April 1, 2018 2:33 pm. अस्तित्व पूर्ण है। इसका प्रकट भाग पूर्ण है और अप्रकट भी। प्रकृति इसकी पूर्ण अभिव्यक्ति है। इसलिए पूर्णता का आस्वाद भी आनंददायी होना.

आस्तिकता की दार्शनिक एवं वैज्ञानिक पृष्ठभूमि.

Mar 07, 2019. नास्तिक आस्तिकता. Sunita Rai. शेयर. ईसा आँख बंद किए ओम अंजनाय नमः की रट लगाए जा रही थी। विवाह से पहले अम्मा से सुना था। दोनो बच्चों को अपनी भुजाओं मे कसकर पकड़ रखा था। कभी कभी उसे खुद पर गुस्सा भी आ रहा था कि उसने अम्मा के. आस्तिकता HinKhoj Dictionary. रणजीत,आस्तिकता के कुछ दुष्परिणाम,विमर्श,आस्तिकता के दुष्परिणाम डॉ रणजीत. अनटाइटल्ड. सामान्य बोध रखने वाले व्यक्ति से लेकर दार्शनिकों, समाजचिंतकों, वैज्ञानिकों, धर्माचारियों द्वारा आस्तिकता का अर्थ ईश्वर जैसी किसी परासत्ता में आस्था से लिया गया है जिसमें यह विश्वास किया जाता है कि ईश्वर ही हमारे.

आस्तिकता क्या है? उत्तर.

आस्तिकता meaning in English वेद, ईश्वर और परलोक आदि में विश्वास:दुखी मन आस्तिकता का सहारा लेकर संबल प्राप्त करता है Synonyms: in English? आस्तिकता English meaning, translation, pronunciation, synonyms and example sentences are provided by. आस्तिकता Meaning in English & Translation english hindi. आस्तिकता और चमत्कार सहदेव समर्पित संपादक शांतिधर्मी मासिक पत्रिका,जींद, हरियाणा एक विदेशी विचारक ने कहा था कि दुनिया मेें और कहीं हो न हो भारत में. Alchemy Of People. आस्तिकता और मापदंड Amar Ujala Kavya. आस्तिकता. Jagdish Kumar Dec 2, 2017. मां दुर्गा ने खुद बताए हैं जीवन को सफल बनाने के ये 10 नियम:? जय माता दी शुभरात्रि. People in the Bhagwat Katha to listen to Pandit Rajeshwar Nagar. आस्था: आस्तिकता और नास्तिकता प्रकृति के ही दो पहलू हैं। अहं अहं दर्पण पर लगी उस चमकदार परत के समान है जिसके कारण.

आस्तिकता जीवन का सौन्दर्य है और यथार्थवाद जीवन.

गुग के अनुसार आस्तिकता रूपान्तरित होती है, यह आधुनिक विचार है । भारत में. आस्तिकता प्राब्द दो अर्थो में प्रयुक्त होता रहा है भगवान में विश्वास और वेदों. की प्रमाण रूप में स्वीकृति । प्रथम अर्थ में भक्ति साहित्य के साध्य की परिकल्पना. आस्तिकता नास्तिकता बनाम विज्ञान खाली पीली. जैसी दुष्टात्मा को पता नहीं कि मेरे घर आस्तिक पैदा होगा, मेरे प्राणों से आस्तिकता जन्मेगी। इसका विरोधाभास देखें। इधर नास्तिकता के घर आस्तिकता प्रकट हुई और हिरण्यकश्यप घबड़ा गया। जीवन की मान्यताएं, जीवन की धारणाएं दांव पर लग गईं।. आस्तिकता हिंदी शब्दकोश. अंतः क्षेत्र का जागरण पुरुषार्थ पेड़ ऊपर से भी खुराक लेता है और नीचे से भी खींचता है ।। जड़ें जमीन में दूर दूर तक फैलती हैं और वहाँ से खाद पानी समेटकर वृक्ष के अंग अवयवों तक पहुँचाती हैं, पर बात पूरी इतने से ही नहीं हो जाती ।। ऊपर से सूरज की.

पहले मन का कचरा जलाओ फिर प्रेम रंग बरसाओ Love the.

आस्तिकता ईश्वर, परलोक, पुनर्जन्म में विश्वास होना की परिभाषा. नास्तिकता का मार्ग या आस्तिकता का?. भारतीय दर्शन में ईश्वर, ईश्वराज्ञा, परलोक, आत्मा आदि अदृष्ट पदार्थों के अस्तित्व में, विशेषत: ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास का नाम आस्तिकता है। पाश्चात्य दर्शन में ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास का ही नाम थीज्म है।. आस्तिकता Meaning in Hindi आस्तिकता का हिंदी में. हालाँकि यह बहस बहुत ही प्राचीन रही है, लेकिन हर काल में यह नए रूप में. सामने आती है। इस बहस का कोई अंत नहीं। यह हमारे संदेह को जितना. पुख्ता करती है उतना ही हमारे विश्वास को भी। आस्तिकता और नास्तिकता. को कुछ लोग अब एक ही सिक्के के दो पहलू. आस्तिकता aastikata मुद्रित पुस्तकें. समस्त सिद्धियों की जननी आस्तिकता ईश्वर त्यागने वाले को देता है और निरंतर झोली पसारने वाले भिखमंगे की ओर से मुँह फेर लेता है। हम भिखमंगे नहीं, प्रेमी बनें। परम पूज्य गुरुदेवचाह नहीं, उत्सर्गप्रेमी को सदा देना ही देना.

आस्तिकता हिंदी शब्दमित्र.

मेरे एक कलीग थे टानेको, जो कि दो साल यहाँ भारत में रहने के बाद, अब अपने देश जापान लौट चुके हैं। मेरे और टानेको के बीच में, भारत और जापान की सभ्यता को Anonymous Updated on:8 Sep 2017 8:33 PM. आस्तिकता Vs नास्तिकता Part 2 आस्तिक होना शर्म की. आस्तिकता का पर्यायवाची Word to Dictionary. समाधान सामान्य रूप से हम आस्तिकता की यह परिभाषा समझते हैं की मनुष्य का अपने से किसी उच्च अदृष्ट शक्ति पर विश्वास रखना आस्तिकता कहलाता हैं अर्थात एक ऐसी शक्ति जो मनुष्य से अधिक शक्तिशाली हैं, समर्थ हैं उसमें विश्वास. Article मैं आस्तिक क्यों हूँ? The Arya Samaj. स्त्री० आस्तिक होने की अवस्था या भाव। ईश्वर, परलोक पुनर्जन्म आदि में विश्वास होना। थीइज्म. आस्तिक और नास्तिक में अंतर आस्तिकता की कहानी. वेद, ईश्वर और परलोक आदि में विश्वास आस्तिक होने की अवस्था या भाव। ईश्वर, परलोक पुनर्जन्म आदि में विश्वास होना। ​थीइज्म. और भी कम. आज का मुहूर्त. muhurat. शुभ समय में शुरु किया गया कार्य अवश्य ही निर्विघ्न रूप से संपन्न होता है। लेकिन दिन.

नास्तिकता: एक अनिवार्य प्रक्रिया ओशो OshoDhara.

आस्तिकता या नास्तिकता की बजाय स्वास्तिकता को अपनाएं. बुद्ध प्रतिमा पर ह्र्दयांकित स्वास्तिक. स्वास्तिक चिह्न का प्रयोग भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही किया जाता है इसका अर्थ सु अच्छा या शुभ अस्ति होना है. Meaning of आस्तिकता in Hindi meaning of डिक्शनरी. उपरोक्त वाक्य का यदि विश्लेषण किया जाये तो स्वाभाविक रूप से कहा जा सकता है कि मानववादी होने के लिए आस्तिकता और नास्तिकता कभी भी आप के मार्ग में बाधा नहीं बनती। ये आप की इच्छा शक्ति और जागरूकता का ही परिणाम है कि आप. नास्तकिता का अर्थ जनसंघर्ष. आस्तिकता आस्तिकता in Hindi, हिन्दू धर्म, भारतीय संस्कृति, धर्म संम्बधित ताजा खबरें की संपूर्ण जानकारी. नास्तिक आस्तिकता ट्रेवल एडवाइज मॉम्सप्रेस्सो. लेकिन यह पुस्तक नास्तिकता और आस्तिकता की आपकी परिभाषा बदल देगी। नास्तिकता या आस्तिकता का संबंध ईश्वर के अस्तित्व से नहीं बल्कि इंसान के स्वभाव से जुड़ा है। इस किताब में आप जानेंगे कि किस तरह नास्तिकता इंसान के दुःखों का कारण.

Arya Samaj आस्तिकता और चमत्कार सहदेव समर्पित.

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आस्तिकता अर्थात् चरित्रनिष्ठा Literature Hindi All.

आस्तिकता और नास्तिकता क्या है? साधारण सा लगने वाला यह प्रश्न ही मानव की वैचारिक दुनिया का बुनियादी आधार रहा है। आ. आस्तिकता अंग्रेजी, अनुवाद, हिन्दी अंग्रेजी. आस्तिकता का वास्तविक तात्पर्य होता है, अन्य मनुष्यों को एक ही भगवान का पुत्र मानकर उनके साथ भ्रातृभाव की भावना रखना। जिस व्यक्ति का ईश्र्वरीय शक्ति पर विश्र्वास है और जो मानव मात्र में एक ही आत्मा के विद्यमान होने में. अनटाइटल्ड Shodhganga. अपनी महान्‌ संभावनाओं पर अटूट विश्वास ही सच्ची आस्तिकता है। रचनाकार प्रज्ञा सुभाषित. इमेज का डाउनलोड लिंक नीचे. General Knowledge: आस्तिकता क्या है? सवाल ज़वाब. बेलगाम,फिजूल बातों का दौर था मुद्दों का न ओर छौर था बहस जारी था आस्तिकों पर नास्तिक धार्मिकों का पलड़ा भारी था​। बैठे थे कुछ लोग बेकाम कुछ अनथके, कुछ अन्यमनस्क, कुछ फरमा रहे थे आराम चर्चा मे फंसे थे रहीम और राम घंटों से चल रही थी. Best आस्तिकता Quotes, Status, Shayari, Poetry YourQuote. आस्तिकता के कल्पवृक्ष पर लगने वाला दूसरा फल है स्वर्ग। स्वर्ग का अर्थ है परिष्कृत गुणग्राही विधायक दृष्टिकोण। परिष्कृत दृष्टिकोण होने पर अभावग्रस्त दरिद्र की आवश्यकता नहीं पड़ती। क्योंकि मनुष्य जीवन अपने आप में इतना पूर्ण है कि उसे.

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भारतीय दर्शन में आस्तिक शब्द तीन अर्थों में प्रयुक्त हुआ है जो लोग वेद को परम प्रमाण मानते हैं। इस परिभाषा के अनुसार बौद्ध, जैन और लोकायत मतों के अनुयायी नास्तिक कहलाते हैं और ये तीनों दर्शन नास्तिक दर्शन कहे जाते हैं। जो आत्मा के अस्तित्व को. नास्तिक के मन में भी आस्तिकता का भाव भर Patrika. ऐसे विषम समय में तत्वदर्शीर् लोग भारी पीड़ा अनुभव कर रहे थे कि क्या इन काली घटाओं को चीरकर फिर कभी सच्ची आस्तिकता का सूर्य उदय होगा? यह प्रार्थना ईश्वर ने सुनी और वह दिन फिर सामने आया जिसमें जन साधारण को आस्तिकता का सच्चा स्वरूप​.