जन्माष्टमी

कृष्णजन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जनमोत्सव है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद्गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमी को भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण ने अपना अवतार भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि को अत्याचारी कंस का विनाश करने के लिए मथुरा में जन्म लिया। इसलिये भगवान स्वयं इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे अत: इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाते हैं। इसीलिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा नगरी भक्ति के रंगों से सराबोर हो उठती है।"
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन मौके पर भगवान कान्हा की मोहक छवि देखने के लिए दूर दूर से श्रद्धालु आज के दिन मथुरा पहुंचते हैं। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर मथुरा कृष्णमय हो जाता है। मंदिरों को खास तौपर सजाया जाता है। ज्न्माष्टमी में स्त्री-पुरुष बारह बजे तक व्रत रखते हैं। इस दिन मंदिरों में झांकियां सजाई जाती है और भगवान कृष्ण को झूला झुलाया जाता है। और रासलीला का आयोजन होता है।"
कृष्ण जन्माष्टमी पर भक्त भव्य चांदनी चौक, दिल्ली भारत की खरीदारी सड़कों पर कृष्णा झूला," श्री लड्डू गोपाल के लिए कपड़े और अपने प्रिय भगवान कृष्ण जी की प्रतिमा खरीदते हैं। सभी मंदिरों को खूबसूरती से सजाया जाता है और भक्त आधी रात तक इंतजार करते हैं ताकि वे देख सकें कि उनके द्वारा बनागई खूबसूरत खरीद के साथ उनके बाल गोपाल कैसे दिखते हैं।

1. उपवास के बारे में
अष्टमी दो प्रकार की है- पहली जन्माष्टमी और दूसरी जयंती। इसमें केवल पहली अष्टमी है।
स्कन्द पुराण के मतानुसार जो भी व्यक्ति जानकर भी कृष्ण जन्माष्टमी व्रत को नहीं करता, वह मनुष्य जंगल में सर्प और व्याघ्र होता है। ब्रह्मपुराण का कथन है कि द्वापरयुग में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी में अट्ठाइसवें युग में देवकी के पुत्र श्रीकृष्ण उत्पन्न हुए थे। यदि दिन या रात में कलामात्र भी रोहिणी न हो तो विशेषकर चंद्रमा से मिली हुई रात्रि में इस व्रत को करें। भविष्य पुराण का वचन है- भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष में कृष्ण जन्माष्टमी व्रत को जो मनुष्य नहीं करता, वह क्रूर राक्षस होता है। केवल अष्टमी तिथि में ही उपवास करना कहा गया है। यदि वही तिथि रोहिणी नक्षत्र से युक्त हो तो जयंती नाम से संबोधित की जाएगी। वह्निपुराण का वचन है कि कृष्णपक्ष की जन्माष्टमी में यदि एक कला भी रोहिणी नक्षत्र हो तो उसको जयंती नाम से ही संबोधित किया जाएगा। अतः उसमें प्रयत्न से उपवास करना चाहिए। विष्णुरहस्यादि वचन से- कृष्णपक्ष की अष्टमी रोहिणी नक्षत्र से युक्त भाद्रपद मास में हो तो वह जयंती नामवाली ही कही जाएगी। वसिष्ठ संहिता का मत है- यदि अष्टमी तथा रोहिणी इन दोनों का योग अहोरात्र में असम्पूर्ण भी हो तो मुहूर्त मात्र में भी अहोरात्र के योग में उपवास करना चाहिए।मदन रत्न में स्कन्द पुराण का वचन है कि जो उत्तम पुरुष है। वे निश्चित रूप से जन्माष्टमी व्रत को इस लोक में करते हैं। उनके पास सदैव स्थिर लक्ष्मी होती है। इस व्रत के करने के प्रभाव से उनके समस्त कार्य सिद्ध होते हैं। विष्णु धर्म के अनुसार आधी रात के समय रोहिणी में जब कृष्णाष्टमी हो तो उसमें कृष्ण का अर्चन और पूजन करने से तीन जन्मों के पापों का नाश होता है। भृगु ने कहा है- जन्माष्टमी, रोहिणी और शिवरात्रि ये पूर्वविद्धा ही करनी चाहिए तथा तिथि एवं नक्षत्र के अन्त में पारणा करें। इसमें केवल रोहिणी उपवास भी सिद्ध है। अन्त्य की दोनों में परा ही लें।

2. मोहरात्रि
श्रीकृष्ण-जन्माष्टमी की रात्रि को मोहरात्रि कहा गया है। इस रात में योगेश्वर श्रीकृष्ण का ध्यान, नाम अथवा मंत्र जपते हुए जगने से संसार की मोह-माया से आसक्तिहटती है। जन्माष्टमी का व्रत व्रतराज है। इसके सविधि पालन से आज आप अनेक व्रतों से प्राप्त होने वाली महान पुण्यराशिप्राप्त कर लेंगे।
व्रजमण्डलमें श्रीकृष्णाष्टमीके दूसरे दिन भाद्रपद-कृष्ण-नवमी में नंद-महोत्सव अर्थात् दधिकांदौ श्रीकृष्ण के जन्म लेने के उपलक्षमें बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। भगवान के श्रीविग्रहपर हल्दी, दही, घी, तेल, गुलाबजल, मक्खन, केसर, कपूर आदि चढाकर ब्रजवासीउसका परस्पर लेपन और छिडकाव करते हैं। वाद्ययंत्रोंसे मंगलध्वनिबजाई जाती है। भक्तजन मिठाई बांटते हैं। जगद्गुरु श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव नि:संदेह सम्पूर्ण विश्व के लिए आनंद-मंगल का संदेश देता है। matka todane ka aayojan bhi kiya jata h

  • प रक र क ह - पहल जन म ष टम और द सर जय त इसम क वल पहल अष टम ह स कन दप र ण क मत न स र ज भ व यक त ज नकर भ क ष ण जन म ष टम व रत क नह करत
  • द र - द र छ ड कर आन ह प रम ख शर रत थ ज न पर प र व न द वन म ह त थ जन म ष टम क म क पर क न ह क इन स र अठख ल य क एक ध ग म प र कर य न उनक
  • प चम श क ल एक दश : प त रद एक दश प र ण म रक ष बन धन क ष ण एक दश अज एक दश क ष ण अष टम जन म ष टम प च ग श र वण म ह त थ व रत और प जन व ध
  • र ष ट रप त मह त म ग ध न क य थ ब ड ल म द र अपन यह मन ई ज न व ल जन म ष टम क ल ए भ प रस द ध ह इसक अल व यह नवर त र और द प वल क समय भ क फ
  • व श ख रक ष बन धन, प गल, ओणम रथ य त र नवर त र लक ष म प ज क ष ण जन म ष टम द र ग प ज र मनवम व स और द प वल आद मन ए ज त ह ग र ग र क ल डर
  • जह न ब द बन ग ल ह ल - फग आ छ ठ प ज र मनवम नवर त र व जय दशम क ष ण जन म ष टम द व ल श वर त र सरस वत प ज कर म ज त य त ज अक षय त त य परश र म जय त
  • श स त र य न भ ग ल य थ आज भ यह म द र जन आस थ क म ख य क न द र ब न द ह जन म ष टम पर यह श र क ष ण जन म क म ख य आय जन ह त ह ज सम बड स ख य म
  • मह द व न मक भगव न श व क मन द र ह और इस क प स एक त ल ब भ ह यह प जन म ष टम और श वर त र प छ ट स म ल ह त ह यह क म ट ट क ल ह और यह
  • धन य स बन प ज र क ह प र य: प ज र कह ज त ह ज म ख यत: क ष ण जन म ष टम क अवसर पर प रस द क र प म व तर त क ज त ह प स धन य शकर और घ
  • म हल ल म 1923 म प र पर क र प स एक स ग तज ञ क पर व र म ह आ क ष ण जन म ष टम पर आध र त क जन म ह न क क रण उनक न म क शन पड उन ह न अपन प र र भ क
  • परन त म ख य र प स ह ल मह न फरवर - म र च और जन म ष टम क उत सव क अवसर पर क य ज त ह ह ल व जन म ष टम ग र न त य क प रदर शन क ब न अध र लगत ह
  • म ल कर बन य ज त ह भ रत म जन म ष टम क छ ट ट य प ड क स व द क ब न अध र म न ज त ह हर स ल जन म ष टम पर प ड बनत ह ज नस भगव न क ष ण
  • अध क र ह क म एकत क प रत क क र प म ह यह प र च न क ल स श र क ष ण जन म ष टम क अवसर पर व श ल म ल लगत ह ज सम द श क व भ न न ह स स स ह न द ओ
  • ट क र म स न ज क प न क द क न बह त प रस द ध ह यह पर ह ल द प वल जन म ष टम एवम रक ष बन धन बड म त र म ल ग मन त ह भ रत क जनगणन अन स र यह
  • मह ल ओ द व र क य ज त ह यह क मह ल ए इस न त य क व श षत श र क ष ण जन म ष टम क अवसर पर करत ह इसक मय र क भ त क य ज त ह इस ल ए यह मय र
  • श स त र य न भ ग ल य थ आज भ यह म द र जन आस थ क म ख य क न द र ब न द ह जन म ष टम पर यह श र क ष ण जन म क म ख य आय जन ह त ह ज सम बड स ख य म
  • ह दह - ह ड भ रत क मह र ष ट र म सबस ज य द प रस द ध ह यह क ष ण जन म ष टम क एक ह स स ह प रत भ ग य क 9 स तर स न च आमत र पर म लकर एक प र म ड
  • हर स ल द र ग प ज म प रख ड द र ग म द र क पर सर म और श र क ष ण जन म ष टम म यह म ल लगत ह और हज र श रद ध ल ओ क भ ड लगत ह छठ प ज
  • प र ष त तम म स, श र र प ग स व म एव श र ज व ग स व म त र भ व उत सव, श र क ष ण जन म ष टम श र र ध ष टम ग वर धन प ज आद बड ध मध म स मन ए ज त ह
  • म र त क स थ पन क ष णन द स व यत न 45 वर ष प र व क थ प रत य क वर ष जन म ष टम पर यह भव य स तर पर भगव न क ष ण क जन मद न मन य ज त ह इस महल क
  • व श ष व य जन क त र पर इस पर सन क अल व यह एक व रत र स प भ ह ज क जन म ष टम श वर त र नवर त र य करव च थ ज स व रत म बन ई ज त ह प ड प र य:
  • जय त श व ज जय त 15 मई रव स र य क जन म द न त ज रथय त र न गप चम जन म ष टम स वत त रत द वस ख रद द स ल गण श चत र थ र ख - प र ण म ओणम पर य षण पट ट
  • भ ईय स न स गर भ स क द सर ज नवर क स थ चर न लग द खत ह द खत जन म ष टम क र त आ गई त न भ ईय न क य क य पत ह स न स गर भ स क गल म
  • मह श वर त र म हर रम आद प रम ख त य ह र ह इनक अल व गण श चत र थ और जन म ष टम क छ अध क ध म - ध म क स ग मन य ज त ह गण श - उत सव म शहर म जगह जगह
  • समर प त इस म द र क न र म ण श र र म ग स व म न करव य थ हन म न जय त जन म ष टम जल झ लन एक दश दशहर शरद प र ण म द प वल मकर स क र त मह श वर त र
  • म स वत त र र प स अभ य स करन म सक षम ह यह व श ष र प स क ष ण जन म ष टम क उत सव द व र द ख य गय ह ग यन और न त य क अल व क ष ण क बचपन
  • स थ ह तकर बन 800स ल प र न ख ड पत हन म न म द र भ इस प र गण म ह जन म ष टम ग प ष टम ड लग य रस, व न स ह च दस यह त य ह र यह पर प रम खत स मन ए
  • स मवत उम स स मवत अम वस य नन ध और वद द ठ ड र स वन म जन म ष टम र मनवम श वर त र त रम र य उतर ण उत तर यण - इस द न
  • त य ह र जन मद वस इत य द पर भजन ग ए ज त ह ह ल ख लन एव श र क ष ण जन म ष टम मन न भ ब रज स स क त क अ ग ह यह ग य क म त सम न म न ज त ह यह
  • ह द क ल डर क अन स र सट क त र ख भ न न ह सकत ह अगस त म क ष ण जन म ष टम ह द क ल डर क अन स र सट क त र ख भ न न ह सकत ह अगस त म व न यक

जन्माष्टमी: कृष्ण जन्माष्टमी 2019, श्री कृष्ण जन्माष्टमी कथा, जन्माष्टमी वीडियो, जन्माष्टमी निबंध, जन्माष्टमी कब है, जन्माष्टमी तारीख, श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2019, जन्माष्टमी का महत्व

जन्माष्टमी निबंध.

जन्माष्टमी के खास मौके पर दोस्तों को Quint Hindi. श्री कृष्णजन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जनमोत्स्व है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमी भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी इसे. कृष्ण जन्माष्टमी 2019. Janmashtami 2019 Janmashtami Date And Day 2019 Know When. इस दिन हिंदू धर्म को मानने वाले लोग व्रत, पूजन और उत्सव मनाते हैं। कहीं भगवान श्रीकृष्ण की पालकी सजाई जाती है तो कहीं कान्हा की झांकी निकलती है। इस वर्ष जन्माष्टमी और कृष्णजन्मोत्सव का व्रत 23 और 24 अगस्त को किया जाएगा।. जन्माष्टमी कब है. जन्माष्टमी की रात ये 5 उपाय करने से दूर Amar Ujala. Moto Ringtone Moto रिंगटोन मेरा फेवरेट रिंगटोन रीगंटोन. रिंगटोन. 150.4k ने देखा. 4 दिन पहले. 661. 24. 1k. Ayat saifi Author on ShareChat: Funny, Romantic, Videos, Shayari. Ayat saifi. ‍ WhatsApp प्रोफाइल DP.

श्री कृष्ण जन्माष्टमी कथा.

कौन सा मुहूर्त है कृष्ण जन्माष्टमी के अमर उजाला. Tanzania Chuch Stampede: तंजानिया Tanzania के एक चर्च में भगदड़ की खबर है. जानकारी के मुताबिक, इस भगदड़ में 20 लोगों की मौत हो गई है. जन्माष्टमी का महत्व. जन्माष्टमी लेटेस्ट न्यूज़, इनफार्मेशन. साल, तारीख, दिन, छुट्टियां, राज्य केन्द्र शासित प्रदेश. 2020​, 11 अगस्त, मंगलवार, जन्माष्टमी, AN, AP, BR, DD, JH, NL, OR, TG, TN, TR, UK & UP. 12 अगस्त, बुधवार, जन्माष्टमी, CG, CH, DL, GJ, HP, HR, JK​, ML, MN, MP, PB, RJ & SK. 2021, 30 अगस्त, सोमवार, जन्माष्टमी, सभी. जन्माष्टमी क्या है, क्यों मनाई जाती है क्या. हर साल जन्माष्टमी के अवसर पर यहां तीन दिनों का मेला लगता है​। जिसमें राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र से आये श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। मज़ार की इंतजामिया कमेटी लगभग सात सौ बर्ष पुरानी है. उत्तर प्रदेश हिंदी न्यूज़, उत्तर प्रदेश APN Live. बालोद, नईदुनिया न्यूज। जिले में इस बार दो दिन की जन्माष्टमी मनाई जा रही है। बालोद शहर के मुख्य आयोजन शनिवार को होगा। जिसमें शहर के चौक चौराहों पर युवा दही लूट का आयोजन करेंगे। इसके अलावा दो दिन की इस जन्माष्टमी के साथ.

जन्माष्टमी पर्व पर गलती से भी नहीं करें यह सब, लग.

Janmashtami 2019 Shubh Muhurat, Date And Puja Vidhi: कृष्ण जन्माष्टमी के दिन कृष्णा की विशेष रूप से पूजा अर्चना की जाती है। कान्हा पूजा से प्रसन्न होकर अपने भक्तों को मनचाहा वरदान देते हैं Read latest hindi news ताजा हिन्दी समाचार on. Meaning of जन्माष्टमी in English जन्माष्टमी का अर्थ. Janmashtami 2019: अगर आप भी है पैसों की दिक्कत से परेशान तो जन्माष्टमी के दिन करें यह उपाय मिलेगा मनचाहा फल घर लौट आएंगी खुशियां. Read latest hindi news ताजा हिन्दी समाचार on janmashtami, janmashtami date 2019, जन्माष्टमी कब है 1. कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत कब खोलना चाहिए? Vokal. Krishna janmashtami 2019 इस साल जन्माष्टमी 23 अगस्त को मनाई जाएगी जबकिु कुछ लोग बता रहे हैं कि ये त्योहार इस साल 24 अगस्त को मनाया जाएगा. हिंदुओं का यह पवित्र त्‍योहार भगवान श्रीकृष्ण के जन्‍मदिन पर मनाया जाता है. भगवान विष्‍णु. 24 अगस्त को होगी जन्माष्टमी, इन अचूक तरीकों से. Meaning of जन्माष्टमी in English जन्माष्टमी का अर्थ ​जन्माष्टमी ka Angrezi Matlab Pronunciation of जन्माष्टमी ​जन्माष्टमी play. Meaning of जन्माष्टमी in English. आज का मुहूर्त​. muhurat. शुभ समय में शुरु किया गया कार्य अवश्य ही निर्विघ्न रूप से संपन्न. Mahendras आप चाहती है सब खुश जन्माष्टमी शिक्षा. देशभर में जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूम धाम से मनाया जाता है. इस दिन कहीं कुछ तो कहीं कुछ बनाया जाता है. भक्त अपने आराध्य देव श्री कृष्ण को 56 भोग का प्रसाद चढ़ाते हैं. मान्यता है कि छप्पन भोग से भगवान खुश होते हैं और उन्हें पूजने वालों को. कृष्ण जन्माष्टमी का गहरा अर्थ A. पति की दीर्घायु के लिए रखा उब छठ का व्रत समाचार August 23, 2019. जन्माष्टमी महोत्सव के बैनर का विमोचन समाचार August 10, 2019. भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ मनाई समाचार August 9, 2019. जन्माष्टमी महोत्सव के बैनर का विमोचन समाचार August 9, 2019.

Janmashtami 2019 Date in India, Janmashtami Kab Hai: When is.

श्री कृष्ण जन्माष्टमी बहुत प्रसिद्ध उत्सव के रूप में मनाया जाता है। श्रावण सावन के बाद जब भादों भाद्रपद अगस्त सितम्बर महीने आता है तभी से सभी कृष्ण प्रेमियों के बीच एक उत्सुकता देखने और सुनने को मिलती है की जन्माष्टमी कब. जन्माष्टमी 2020 श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा. Krishna Janmashtami 2019 Date निशीथव्यापनी अष्टमी 23 अगस्त 2019,शुक्रवार में स्मार्त जन मनायें केवला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी। उदयव्यापनी रोहिणीयुता अष्टमी 24 अगस्त 2019,​शनिवार में वैष्णवजन जयंती के रूप में. जन्माष्टमी लेटेस्ट एंड ब्रेकिंग न्यूज़ Patrika. इस तरह वर्ष 2020 में कुल 18 अवकाश ऐसे हैं, जो कि गजेटेड Gazetted leave अर्थात अनिवार्य हैं, जिसमें महाशिवरात्रि 21 Feb, होली 10 मार्च और जन्माष्टमी 12 अगस्त भी शामिल हैं. त्यौहारी अवकाश Festival Holiday. देश में कई तरह के त्यौहार होने के कारण. देश भर में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम Aaj Tak. कुछ लोगों के लिए यह दही हांडी का त्योहार है तो कुछ लोगों के लिए यह कृष्ण जन्माष्टमी का और इस त्योहार के आते ही मुंबई और थाणे में लोगों का जोश देखते ही बनता है. पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित करने वाला यह त्योहार महाराष्ट्र.

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए कैलेंडर 2020 के.

कई बार देखने में आता है कि आपने सच्चे मन से जन्माष्टमी का व्रत रखा और विधि विधान से पूजन भी किया लेकिन आपको अभीष्ट फल की प्राप्ति नहीं हुई। इसके लिए कारण माना जाता है कि आपसे जरूर कोई ना कोई चूक हुई होगी।. जन्माष्टमी Patrika. Indian Vegetarian Recipes in Hindi, Vegetarian Recipes, India, Indian food, Vegan, Authentic Shree Krishna Janmashthami, जन्माष्टमी के भोग की व्यंजन विधि हिन्दी में, जन्माष्टमी के लिए पाग, पंजीरी, बरफी की विधि श्री कृष्ण जन्माष्टमी. विशिष्ट अवसरों पर बंद रहेंगे पशुवध गृह एवं मांस. जन्‍माष्‍टमी. जन्‍माष्‍टमी के त्‍यौहार में भगवान विष्‍णु की, श्री कृष्‍ण के रूप में, उनकी जयन्‍ती के अवसर पर प्रार्थना की जाती है। हिन्‍दुओं का यह त्‍यौहार श्रावण जुलाई अगस्‍त के कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी के दिन भारत में मनाया जाता है। हिन्‍दु​. श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी पर पंजीरी का. मंगलवार, 11 अगस्त 2020.

श्री कृष्ण जन्माष्टमी.

हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी या भगवान श्रीकृष्ण की जयंती भद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आठवें दिन को मनाई जाती है। भगवान श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु का एक अवतार माना जाता है। अष्ठम Page 1. जन्माष्टमी पर ये तस्वीरें भेजकर दें बधाई, त्योहार. Продолжительность: 34:54. जाने श्री कृष्ण जन्माष्टमी महा महोत्सव के बारे. रक्षाबंधन के ठीक आठ दिन बाद जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण का जनमोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष 2 3 सितंबर को यह त्योहार मनाया जा रहा है। ब्रज में गाय चराकर दुनिया को गो सेवा का संदेश देने वाले भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन.

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी Krishna Story P15 लॉग इन या.

Janmashtami 2019: जन्माष्टमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त. जन्माष्टमी में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा मध्य रात्रि में ही की जाती है। ऐसे में अगर आप 23 अगस्त को जन्माष्टमी मना रहे हैं तो पूजा का शुभ मुहूर्त रात 12.08 बजे से शुरू हो जाएगा. जन्माष्टमी जिला मथुरा, उत्तर प्रदेश सरकार India. इस साल जन्माष्टमी 23 के साथ ही 24 अगस्त को भी मनाई जा रही है. जन्माष्टमी का त्योहार श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. इसे भारत में ही नहीं, बल्कि विदेश में रहने वाले भारतीय भी बहुत धूम धाम से मनाते हैं.

जन्माष्टमी दो दिन, शैव 23 को और Dainik Bhaskar.

Продолжительность: 0:46. Janmashtami 2019 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब है. Опубликовано: 22 дек. 2019 г. देश विदेश में जन्माष्टमी की धूम DD News. Janmashtami 2019 जन्माष्टमी कब है इस बार तारीख को लेकर लोगों में काफी असमंजस में हैं। जन्‍माष्‍टमी 23 अगस्‍त या फिर 24 अगस्‍त को मनाई जाए?.

जन्माष्टमी 2019 janmashtami d Page 1 Hindustan.

कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जनमोत्स्व है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमी भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी इसे पूरी. श्री कृष्ण जन्माष्टमी Shree Krishna Chezshuchi. हम किसी को अच्छे नहीं लगते तो, इसमें कोई बड़ी बात नहीं, अब हर किसी की Choice भी Branded तो नहीं होती.॥ मुझे ShareChat पर फॉलो करें! ।. Good Morning. Good Morning ShareChat. 146.9k ने देखा. 3 दिन पहले. 2.6k. 4. 780. Ritu Sharma Author on ShareChat: Funny,.

जन्माष्टमी India Public Holidays.

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन त्यौहार इस वर्ष 23 और 24 अगस्त को मनाया जा रहा है l प्रश्न उत्पन्न होता है की इन दो तारीखों का महत्व क्या है. मथुरा न्यूज़ mathura News in Hindi mathura Local News. जन्माष्टमी हमारे देश का अत्यंत लोकप्रिय पर्व है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल जन्माष्टमी कह देने मात्र से भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव का बोध हो जाता है।. Wishes शुभकामनाएं Images Videos Gifs Funny, Romantic. प्रार्थना, वेदपाठ, सन्ध्या आरती और भजन होते हैं । प्रत्येक एकादशी को सन्ध्या आरती के बाद रामनाम संकीर्तन होता है । इसके अतिरिक्त शिवरात्रि, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और श्रावण सोमवार आदि को सन्ध्या आरती के बाद संकीर्तन गाया जाता है ।.

श्री कृष्ण जन्माष्टमी Janmashtami Bh.

Miscellenous India News in Hindi: दो दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुहूर्त मथुरा में आज मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव दही हांडी रहेगी विशेष आकर्षण. कृष्ण जन्माष्टमी कब है 23 या 24 अगस्त, जानें sri. जन्माष्टमी 2019 श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी पर पंजीरी का भोग और इसका वैज्ञानिक. इंडिया इमोशंस न्यूज नई दिल्‍ली: इस साल जन्माष्टमी 23 अगस्त को मनाई जाएगी जबकिु कुछ लोग बता रहे हैं कि ये Read More. राजस्थान में श्री कृष्ण जन्माष्टमी krishan. जन्माष्टमी विशेष: वो युद्ध जिसमें कृष्ण ने ले लिया था भगवान राम का रूप, ज्ञान कोना जिन्‍ना ने 15 अगस्‍त को दी थी बधाई, फिर पाकिस्‍तान एक दिन पहले क्‍यों मनाता है स्‍वतंत्रता दिवस?, ज्ञान कोना क्या है झटका और हलाल मीट में अंतर, जिस पर. जन्माष्टमी Lokmat News Hindi. श्री कृष्ण जन्माष्टमी, पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश. यहाँ कौमी एकता का प्रतीक है जन्माष्टमी का पर्व. जन्माष्टमी FOLLOW. हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु के 8वें अवतार श्रीकृष्ण के जन्मदिवस को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी की मध्यरात्रि को ही भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का विनाश करने के.

Tanzania Church Stampede 20 killed according to Official.

तो वहीं मुंबई के इस्काँन के गिरगांव चौपाटी के राधा गोपीनाथ मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। तीन दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के लिए मंदिरों को रंग बिरंगे फूलो से सजाया गया है। गुलाब, लीली के अलावा कई. देखिए, द्वारकाधीश मंदिर में जन्माष्टमी के मौके. 16 मार्च 2020 शीतला सप्तमी, 10 अप्रैल 2020 गुडफ्राइडे, 25 मई 2020 ईद उल फितर, 1 अगस्त 2020 ईदज्जुहा, 12 अगस्त 2020 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी, 21 अगस्त 2020 हरतालिका तीज, 17 सितम्बर 2020 सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या, 14 नवंबर 2020 दीपावली,. कृष्णा जन्माष्टमी 2019 डेट डे पूजा विधि Inext Live. इस बार जन्माष्टमी 24 अगस्त को है। विष्णु जी के आठवें और आखिरी अवतार श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जन्माष्टमी के तौपर मनाया जाता है। इस खास दिन पर कृष्ण जी का अभिषेक करने समेत कुछ और विशेष चीजें करने से व्यक्ति की सारी.

डिलारी, मुरादाबाद

डिलारी में टीकाराम सैनी जी की पान की दुकान बहुत प्रसिद्ध है। यहाँ पर होली,दीपावली,जन्माष्टमी एवम् रक्षा बन्धन बड़ी मात्रा में लोग मनाते है। भारत की जनगणना अन...