गंगा दशहरा

गंगा दशहरा हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। ज्येष्ठ शुक्ला दशमी को दशहरा कहते हैं। इसमें स्नान, दान, रूपात्मक व्रत होता है। स्कन्दपुराण में लिखा हुआ है कि, ज्येष्ठ शुक्ला दशमी संवत्सरमुखी मानी गई है इसमें स्नान और दान तो विशेष करके करें। किसी भी नदी पर जाकर अर्घ्य एवं तिलोदक अवश्य करें।
ऐसा करने वाला महापातकों के बराबर के दस पापों से छूट जाता है।

1. अच्छे योग
यदि ज्येष्ठ शुक्ला दशमी के दिन मंगलवार रहता हो व हस्त नक्षत्र युता तिथि हो यह सब पापों के हरने वाली होती है। वराह पुराण में लिखा हुआ है कि, ज्येष्ठ शुक्ला दशमी बुधवारी में हस्त नक्षत्र में श्रेष्ठ नदी स्वर्ग से अवतीर्ण हुई थी वह दस पापों को नष्ट करती है। इस कारण उस तिथि को दशहरा कहते हैं। ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, बुधवार, हस्त नक्षत्र, गर, आनंद, व्यतिपात, कन्या का चंद्र, वृषभ के सूर्य इन दस योगों में मनुष्य स्नान करके सब पापों से छूट जाता है।

2. महिमा
भविष्य पुराण में लिखा हुआ है कि, जो मनुष्य इस दशहरा के दिन गंगा के पानी में खड़ा होकर दस बार इस स्तोत्र को पढ़ता है चाहे वो दरिद्र हो, चाहे असमर्थ हो वह भी प्रयत्नपूर्वक गंगा की पूजा कर उस फल को पाता है। यह दशहरा के दिन स्नान करने की विधि पूरी हुई। स्कंद पुराण का कहा हुआ दशहरा नाम का गंगा स्तोत्और उसके पढ़ने की विधि - सब अवयवों से सुंदर तीन नेत्रों वाली चतुर्भुजी जिसके कि, चारों भुज, रत्नकुंभ, श्वेतकमल, वरद और अभय से सुशोभित हैं, सफेद वस्त्र पहने हुई है।
मुक्ता मणियों से विभूषित है, सौम्य है, अयुत चंद्रमाओं की प्रभा के सम सुख वाली है जिस पर चामर डुलाए जा रहे हैं, वाल श्वेत छत्र से भलीभाँति शोभित है, अच्छी तरह प्रसन्न है, वर के देने वाली है, निरंतर करुणार्द्रचित्त है, भूपृष्ठ को अमृत से प्लावित कर रही है, दिव्य गंध लगाए हुए है, त्रिलोकी से पूजित है, सब देवों से अधिष्ठित है, दिव्य रत्नों से विभूषित है, दिव्य ही माल्य और अनुलेपन है, ऐसी गंगा के पानी में ध्यान करके भक्तिपूर्व मंत्र से अर्चना करें। ॐ नमो भगवति हिलि हिलि मिलि मिलि गंगे माँ पावय पावय स्वाहा यह गंगाजी का मंत्र है।
इसका अर्थ है कि, हे भगवति गंगे! मुझे बार-बार मिल, पवित्र कर, पवित्र कर, इससे गंगाजी के लिए पंचोपचाऔर पुष्पांजलि समर्पण करें। इस प्रकार गंगा का ध्यान और पूजन करके गंगा के पानी में खड़े होकर ॐ अद्य इत्यादि से संकल्प करें कि, ऐसे-ऐसे समय ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा से लेकर दशमी तक रोज-रोज एक बढ़ाते हुए सब पापों को नष्ट करने के लिए गंगा स्तोत्र का जप करूँगा। पीछे स्तोत्र पढ़ना चाहिए। ईश्वर बोले कि, आनंदरूपिणी आनंद के देने वाली गंगा के लिए बारंबार नमस्कार है।
विष्णुरूपिणी के लिए और तुझ ब्रह्म मूर्ति के लिए बारंबार नमस्कार है।। 1।। तुझ रुद्ररूपिणी के लिए और शांकरी के लिए बारंबार नमस्कार है, भेषज मूर्ति सब देव स्वरूपिणी तेरे लिए नमस्कार है।। 2।।
सब व्याधियों की सब श्रेष्ठ वैद्या तेरे लिए नमस्कार, स्थावर जंगमों के विषयों को हरण करने वाली आपको नमस्कार।। 3।।
संसाररूपी विष के नाश करने वाली एवं संतप्तों को जिलाने वाली तुझ गंगा के लिए नमस्कार ; तीनों तापों को मिटाने वाली प्राणेशी तुझ गंगा को नमस्कार।। 4।। मूर्ति तुझ गंगा के लिए नमस्कार, सबकी संशुद्धि करने वाली पापों को बैरी के समान नष्ट करने वाली तुझ.।। 5।। भुक्ति, मुक्ति, भद्र, भोग और उपभोगों को देने वाली भोगवती तुझ गंगा को।। 6।। तुझ मंदाकिनी के लिए देवे वाली के लिए बारंबार नमस्कार, तीनों लोकों की भूषण स्वरूपा तेरे लिए एवं तीन पंथों से जाने वाली के लिए बार-बार नमस्कार।

3. अंतर
कोई इस श्लोक में त्रिपथायै इसके स्थान में जगद्धात्रैय ऐसा पाठ करते हैं। इसका अर्थ होता है कि, जगत् की धात्री के लिए नमस्कार।। 7।। तीन शुक्ल संस्थावाली को और क्षमावती को बारंबार नमस्कार तीन अग्नि की संस्थावाली तेजोवती के लिए नमस्कार है, लिंग धारणी नंदा के लिए नमस्कार तथा अमृत की धारारूपी आत्मा वाली के लिए नमस्कार कोई नारायण्यै नमोनम: नारायणी के लिए नमस्कार है ऐसा पाठ करते हैं।। 8।। संसार में आप मुख्य हैं आपके लिए ‍नमस्कार, रेवती रूप आपके लिए नमस्कार, तुझ बृहती के लिए नमस्कार एवं तुझ लोकधात्री के लिए नम: है।। 9।।
संसार की मित्ररूपा तेरे लिए नमस्कार, तुझ नंदिनी के‍ लिए नमस्कार, पृथ्वी शिवामृता और सुवृषा के लिए नमस्कार।। 10।। पर और अपर शतों से आढया तुझ तारा को बार-बार नमस्कार है। फंदों के जालों को काटने वाली अभित्रा तुझको नमस्कार है।। 11।। शान्ता, वरिष्ठा और वरदा जो आप हैं आपके लिए नमस्कार, उत्रा, सुखजग्धी और संजीवनी आपके लिए नमस्कार।। 12।। ब्रहिष्ठा, ब्रह्मदा और दुरितों को जानने वाली तुझको बार-बार नमस्कार।। 13।। सब आपत्तियों को नाश करने वाली तुझ मंगला को नमस्कार।। 14।। सबकी आर्तिको हरने वाली तुझ नारायणी देवी के लिए नमस्कार है। सबसे निर्लेप रहने वाली दुर्गों को मिटाने वाली तुझ दक्षा के लिए नमस्कार है।। 15।। पर और अपर से भी जो पर है उस निर्वाण के लिए देने वाली गंगा के लिए प्रणाम है। हे गंगे! आप मेरे अगाडी हों आप ही मेरे पीछे हों।। 16।।
मेरे अगल-बगल हे गंगे! तू ही रह हे गंगे! मेरी तेरे में ही स्थिति हो। हे गंगे! तू आदि मध्य और अंत सब में है। सर्वगत है तू ही आनंददायिनी है।। 17।। तू ही मूल प्रकृति है, तू ही पर पुरुष है, हे गंगे! तू परमात्मा शिवरूप है, हे शिवे! तेरे लिए नमस्कार है।। 18।। जो कोई इस स्तोत्र को श्रद्धा के साथ पढ़ता या सुनता है वो वाणी शरीऔर चित्त से होने वाले पापों से दस तरह से मुक्त होता है।। 19।। रोगी, रोग से विपत्ति वाला विपत्तियों से, बंधन से और डर से डरा हुआ पुरुष छूट जाता है।। 20।। सब कामों को पाता है मरकर ब्रह्म में लय होता है। वो स्वर्ग में दिव्य विमान में बैठकर जाता है।। 21।।
जो इस स्तोत्र को लिखकर घर में रख छोड़ता है उसके घर में अग्नि और चोर से भय नहीं होता एवं पापी ही वहाँ सताते हैं।। 22।। ज्येष्ठ शुक्ला हस्तसहित बुधवारी दशमी तीनों तरह के पापों को हरती है।। 23।। उस दशमी के दिन जो कोई गंगाजल में खड़ा होकर इस स्तोत्र को दस बार पढ़ता है जो दरिद्र हो या असमर्थ हो।। 24।। वो गंगाजी को प्रयत्नपूर्वक पूजता है तो उसे भी वही फल मिल जाता है जो कि पहले विधान से फल कहा है।। 25।। जैसी गौरी है वैसी ही गंगाजी है इस कारण गौरी के पूजन में जो विधि कही है वही विधि गंगा के पूजन में भी होती है।। 26।। जैसे शिव वैसे ही विष्णु और शिव में तथा श्री और गौरी में तथा गंगा और गौरी में जो भेद बताता है वो निरा मूर्ख है।। 28।। वो रौरवादिक घोर नरकों में पड़ता है। अदत्त का उपादान, अविधान की हिंसा।। 29।। दूसरे की स्त्री के साथ रमण, ये तीन कायिक शारीरिक पाप। पारुष्य, अनृत और चारों ओर की पिशुनता।। 30।। असंबद्ध प्रलाप ये चार तरह की वाणी। पाप; दूसरे के धन की चाह, मन से किसी का बुरा चीतना।। 31।।
मिथ्‍या का अभिनिवेश ये तीन तरह का मन का पाप, इन दसों तरह के पापों को हे गंगे आप दूकर दें। 32।। ये दस पापों को हरती है, इस कारण इसे दशहरा भी कहते हैं, कोटि जन्म के होने वाले इन दस तरह के पापों से।। 33।। छूट जाता है इसमें संदेह नहीं है। हे गदाधर! यह सत्य है, सत्य है, इसमें संशय नहीं है! यदि इस मंत्र से गंगा का पूजन करा दिया तो तीनों के दस, तीस और सौ पितरों को संसार से उबारती है।। 34।। कि, भगवती नारायणी दस पापों को हरने वाली शिवा गंगा विष्णु मुख्या पापनाशिनी रेवती भागीरथी के लिए नमस्कार है। ज्येष्ठमास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, बुधवार हस्त नक्षत्र गर, आनंद व्यतिपात, कन्या के चंद्र, वृष के रवि इन दशों के योग में जो मनुष्य गंगा स्नान करता है वो सब पापों से छूट जाता है।। 35।।
मैं उस गंगादेवी को प्रणाम करता हूँ जो सफेद मगर पर बैठी हुई श्वेतवर्ण की है तीनों नेत्रों वाली है, अपनी सुंदर चारों भुजाओं में कलश, खिला कमल, अभय और अभीष्ट लिए हुए हैं जो ब्रह्मा, विष्णु शिवरूप है चांदसमेद अग्र भाग से जुष्ट सफेद दुकूल पहने हुई जाह्नवी माता को मैं नमस्कार करता हूँ।। 36।। जो सबसे पहले तो ब्रह्माजी के कमण्डल में विराजती थी पीछे भगवान के चरणों का धोवन बनकर शिवजी की जटाओं में रह जटाओं का भूषण बनी पीछे जन्हु महर्षि की कन्या बनी, यही पापों को नष्ट करने वाली भगवती भागीरथी दिखती है।। 38।।

कोल्लूर, उडुपी

रंग पहले रंग भी कहा जाता है, जो नाम था कोला ऋषि पर रखा गया था. यह कर्नाटक राज्य का एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है. यहाँ दुर्गा के Mocambo के रूप में समर्पित करने के लिए श्री Mookambika रंग मंदिर स्थित है, जो मूस वध किया था । मंदिर में Mookambika देवी panchaloha प्रतिमा की स्थापना आदि शंकराचार्य करी थी. Untermaiser की मूर्ति की स्थापना भी आदि शंकराचार्य करी थी.

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गंगा दशहरा कब मनाया जाता है.

सतना 05 मध्य प्रदेश डिस्ट्रिक्ट न्यूज़ पोर्टल. गंगा दशहरा उत्सव, उनकी सामजिक, आर्थिक महत्ता को रेखांकित करता है। इस उत्सव के द्वारा सामान्य जन, जल और उसके जीवन से सम्बन्ध का उत्सव मानते हैं। भारतीय जीवन और संस्कृति में नदियों का विशेष महत्व है। भारत में गंगा, गोदावरी,. गंगा दशहरा 2020. गंगा दशहरा Hindi Water Portal India Water Portal. Ganga Dussehra 2019 पृथ्वी पर मां गंगा के अवतरण दिवस अर्थात गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करने से दस तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। गंगा स्नान एवं डुबकी लगाने का मंत्र जानने के लिए पढ़ें लेख Read latest hindi news ताजा हिन्दी.

गंगा दशहरा महात्म्य.

गंगा दशहरा पर लोगों ने लगायी आस्था की डुबकी. ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी को संवत्सर का मुख कहा गया है, इसलिए इस दिन दान पुण्य और स्नान का अत्याधिक महत्व है। पुराणों के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी, बुधवार के दिन, हस्त नक्षत्र में गंगा स्वर्ग से धरती पर आई थी। इस पवित्र नदी में.

हैप्पी गंगा दशहरा.

Ganga Dussehra 2019: आज है गंगा दशहरा Oneindia Hindi. Продолжительность: 42:41. गंगा दशहरा छत्तीसगढ़. क्यों मनाया जाता है गंगा दशहरा? Speaking Tree. गंगा तव दर्शनात मुक्ति: अर्थात गंगा का दर्शन मात्र ही मोक्षदायक है। गंगा कलियुग का प्रधान तीर्थ है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य वृष और चंद्रमा कन्या.

गंगा दशहरा 2019 Navbharat Times.

आज गंगा दशहरा है। मान्यताओं के अनुसार आज गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुईं थीं। आज के दिन अनेक श्रद्धालुओं की आस्था उन्हें गंगा तक ले जाती हैं। वो गंगा स्नान. आज गंगा दशहरा है। मान्यताओं के अनुसार आज Green. Ganga Dussehra 2019 ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को हस्त नक्षत्र में स्वर्ग से गंगा का धरती पर आगमन हुआ था। इस वर्ष गंगा दशहरा 12 जून दिन बुधवार को है।. गंगा दशहरा 2019: गंगा में स्नान करते समय करें इस. Ganga Dassehra 2019: गंगा दशहरा क्यों मनाया जाता है और कैसे करें पूजा अर्चना, जानें इसका महत्व. गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान का विशेष महत्व है। इस वजह से पूरे देश में इस दिन गंगा नदी के आसपास काफी भीड़ हो जाती है।. गंगा दशहरा: जानिये महत्त्व, कथा, पूजा विधि Religion. सिवनीमालवा सरस्वती नदी का जल 3 दिनों में, यमुना नदी का जल 7 दिनों में, गंगा नदी का जल स्नान मात्र से पवित्र करता है, परंतु मां नर्मदा के जल के दर्शन मात्र से ही जीव पवित्र हो जाता है। यह बात ग्राम हरपालपुर में चल रही नर्मद पुराण में कथा के. Ganga Dussehra 2019: इसलिए मनाया जाता है गंगा दशहरा. नई दिल्‍ली, टीम डिजिटल। मां गंगा की गोद में जाकर पवित्र नदी में डुबकी लगाने से सभी पाप धुल जाते हैं और मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है, ऐसी मान्यता है। वैसे तो गंगा स्नान का अपना अलग ही महत्व है लेकिन इस दिन स्नान करने से.

Gayatri Jayanti Ganga Dussehra Special Documentary.

दशहरा हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुपर विजय प्राप्त किया था। इसे असत्य पर. गंगा दशहरा जानिए क्‍या है इसका महत्‍व Navodaya Times. February 5, 2020. मंगलवार का दिन कई राशियों के लिए लेकर आया है मंगल February 4, 2020. आपके हाथ की यह रेखाएं बदल देंगी आपकी किस्मत, मिलेगा पत्नी February 3, 2020. ये लड़कियां होती हैं माँ गंगा की तरह पवित्र, कभी भूल February 3, 2020. LATEST ARTICLES. गंगा दशहरा आज, हर गंगे के स्वर के साथ गूंजा बनारस. इस वर्ष गंगा दशहरा 12 जून दिन बुधवार को है आइए जानते है इसके महत्‍व के बारे में। ganga dussehra also known as gnagagangavarara jeth ka dussehra is failing on 12th june. know imortnace about ganga dussehra. गंगा दशहरा: ऐसे सजाएं मां गंगा की भोग पकवानगली. नई दिल्ली: Ganga Dussehra 2019: आज 12 जून को देश में गंगा दशहरा का पवित्र पर्व मनाया जा रहा है. मान्यताओं के अनुसार, आज ही के दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था. इस दिन गंगा में किगए स्नान का काफी महत्व बताया जाता है. आज के.

Ganga Dussehra 2019: गंगा दशहरा का महत्व Jagran Josh.

Jabalpur News in Hindi: गंगा दशहरा 2019: इस मंत्र का करें जाप, मिल जाएगी हर पाप से मुक्ति. Ganga Dussehra 2019 – गंगा दशहरा, इस दिन गंगा स्नान से. तीर्थ पुरोहितों के अनुसार 75 साल बाद ऐसा हो रहा है जब गंगा दशहरा के दिन एक नहीं पूरे 10 योग बन रहे हैं. उत्तराखंड News in देश भर से हिंदू श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाने के लिए हरिद्वाऔर ऋषिकेश पहुंच रहे हैं. पुलिस के अनुसार.

Meerut News: गंगा दशहरा श्रद्धा की डुबकी के साथ.

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गंगा दशहरा का त्योहार आज पूरे देश में मनाया जा रहा है। ये एक ऐसा त्योहार है जिस दिन गंगा नदी में स्नान करने का महत्व विशेष रूप से काफी बढ़ जाता है। देश भर में लोग गंगा और दूसरी पवित्र नदियों में जाकर स्नान करते हैं और पापों को. Khabar aapki, Nazar Aapki: JanMan tv. गंगा दशहरा का पर्व ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि को मनाया जाता है. गंगा दशहरा 2019 Patrika. श्रष्टी के निर्माता ब्रह्मा जी के कमंडल से राजा भागीरथ द्वारा देवी गंगा को धरती पर अवतार दिवस को गंगा दशहरा के नाम से जाना जाता है। Next Ganga Dussehra festival schedule on 1 June 2020. गुर्जर गैंग और पुलिस के बीच मुठभेड़, इनामी बदमाश. बक्सर: पुराणों के अनुसार गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है. इस दिन स्वर्ग से गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था, इसलिए यह महापुण्यकारी पर्व माना जाता है. गंगा दशहरा के दिन सभी गंगा मंदिरों में भगवान शिव का अभिषेक किया.

Ganga Dussehra 2019 जानें गंगा में अमर उजाला.

Univarta: पटना 12 जून वार्ता गंगा दशहरा के अवसर पर बिहार में हजारों श्रद्धालुओं ने आज गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगायी तथा मंदिरों में पूजा अर्चना की।. समाचार: Ganga Dussehra Today गंगा दशहरा आज HS News. Meerut News: जेठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है।वैदिक ज्योतिष की मानें तो जब सूर्य वृक्ष और चंद्रमा कन्या राशि के हस्त नक्षत्र मैं थे ।तब गंगा जी का हिमालय से निर्गमन हुआ था। मानता है क. Ganga Dussehra 2019: गंगा दशहरा आज, इस मौके पर 10. क्या है गंगा दशहरा पर्व क्या है गंगा नदी का इतिहास, महत्त्व अन्य नाम Ganga River Mahatv, Name and Ganga Dussehra Parv history in hindi. गंगा नदी को देश की सबसे पवित्र नदी में गिना जाता है. कहते है इसमें नहाने से मानव जाति के सारे पाप धुल.

गंगा दशहरा पर श्रद्धालुओं ने ली आस्‍था की डुबकी.

उज्जैन। उज्जैन का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर इनामी बदमाश, 19 से अधिक अपराधों में लिप्त रौनक गुर्जर और उसकी गैंग के साथ शनिवार सुबह उज्जैन पुलिस की जमकर मुठभेड़ हुई। दोनों के बीच मुठभेड़ करीब 3 घंटे तक चली। दोनों के बीच करीब 37 बार. गंगा दशहरा दैनिक भास्कर. इस वर्ष गंगा दशहरा 12 जून दिन बुधवार को है। हिंदू धर्म में गंगा दशहरा को एक पर्व की तरह मनाया जाता है। गंगा दशहरा का दिन बहुत विशेष होता है इसलिए इस दिन स्नान करने का भी बहुत अधिक महत्व है।. गंगा दशहरा: 75 साल बाद शुभ महोत्सव पर बन रहा Aaj Tak. नई दिल्ली. आज गंगा दशहरा यानि गंगा दशमी है. इस दिन का हिंदुओं में बड़ा महत्व है. ये दिन 10 प्रकार के पापों का नाश करता है. हिंदु धर्म में गंगा दशहरा का काफी महत्व है. कहा जाता है कि गंगा दशहरा पर आस्था की डुबकी लगाने से मां. गंगा दशहरा पर हरिद्वार ऋषिकेश में गंगा स्नान को. गंगा पूजन का पावन दिन है गंगा दशहरा। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन ही भगीरथ गंगा को धरती पर लाए थे। इसी दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था, जिसे गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है।.

गंगा दशहरा Ganga Dussehra Dates Bh.

Опубликовано: 12 июн. 2019 г. Ganga Dassehra 2019: गंगा दशहरा क्यों मनाया जाता है. Ganga Dussehra 2019 साल 2019 में गंगा दशहरा का पर्व 12 जून 2019 ​Ganga Dussehra 12 June 2019 यानी बुधवार के दिन मनाया जाएगा। ज्येष्ठ मास की दशमी तिथि Jyesth Sukla Paksha Dashami Tithi के दिन. Ganga Dussehra 2019: जानें गंगा दशहरा का Hindustan. Ganga Dussehra 2019: हर साल ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की दशमी को गंगा दशहरा मनाया जाता है। इस साल गंगा दशहरा 12 जून, बुधवार को मनाया जा रहा है। जानें महत्व और व्रथ कथा के बार में।.

गंगा दशहरा पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगायी गंगा.

गंगा दशहरा देवी गंगा को समर्पित एक पर्व है जिसे ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है, गंगा दशहरा गंगा दशहरा के दिन किसी भी नदी में स्नान करके दान और तर्पण करने से मनुष्य जाने अनजाने में किगए कम से कम दस. Ganga dussehra 2019 know the significance pooja method subh. जब माँ गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था तब ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि थी। तभी से इस तिथि को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है।.