• सुकरात

    सुकरात मौलिक शिक्षा और आचार द्वारा उदाहरण देना ही पसंद था। साधारण शिक्षा तथा मानव सदाचापर वह जोर देता था और उन्हीं की तरह पुरानी रूढ़ियों पर प्रहार करता था। ...

  • विश्लेषी दर्शन

    पाश्चात्य दर्शन के सन्दर्भ में, विश्लेषी दर्शन, दर्शन की उस नवीन शैली को कहते हैं जो २०वीं शताब्दी के आरम्भ में प्रबल हुई। इसके कई अर्थ हो सकते हैं जिनमें से...

  • प्लेटो

    प्लेटो, या अफ़्लातून, यूनान का प्रसिद्ध दार्शनिक था। वह सुकरात का शिष्य तथा अरस्तू का गुरू था। इन तीन दार्शनिकों की त्रयी ने ही पश्चिमी संस्कृति का दार्शनिक ...

  • पाइथागोरस

    【 अनिक 】सामोस के पाईथोगोरस," या साधारण रूप से Ὁ Πυθαγόρας ; उनका जन्म 580 और 572 ई॰पू॰ के बीच हुआ और मृत्यु 500 और 490 ई॰पू॰ के बीच हुई), या फ़ीसाग़ोरस, एक...

  • परमनिरपेक्ष

    पाश्चात्य दर्शन में सर्वस्वतंत्र, सर्वस्वाधीन, सर्वोपरि, तथ्यात्मक, स्वयंभू, आत्मनिर्भर, आत्मपूर्ण और वैयक्तिक विचार एवं खोज पर न निर्भर एकमात्र परमनिरपेक्ष ...

  • एंपेडोक्लीज़

    एंपेडोक्लीज़ का सोचना था कि विश्व में सब कुछ छः तत्वों से बना है। इन में से चार है निष्क्रिय ः पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि। यह चारों तत्व हमेशा से हैं और हमेशा त...

  • इब्न सीना

    अबू अली सीना फारस के विद्वान, दार्शनिक एवं चिकित्सक थे। उन्होने विविध विषयों पर लगभग ४५० पुस्तकें लिखी जिसमें से २४० अब भी प्राप्य हैं। इसमें से १५ पुस्तकें ...

पाश्चात्य दर्शन

इब्न सीना

अबू अली सीना फारस के विद्वान, दार्शनिक एवं चिकित्सक थे। उन्होने विविध विषयों पर लगभग ४५० पुस्तकें लिखी जिसमें से २४० अब भी प्राप्य हैं। इसमें से १५ पुस्तकें ...

इश्वरवादी अस्तित्ववाद

सोरेन किर्केगार्द, गैब्रियल मार्शल आदि द्वारा प्रवर्तित अस्तित्ववाद की इश्वरवादी धारा के केन्द्र में ईश्वर है। इनके अनुसार संसार में निरर्थक जीवन को सार्थक व...

ईश्वरवादी अस्तित्ववाद

सोरेन किर्केगार्द, गैब्रियल मार्शल आदि द्वारा प्रवर्तित अस्तित्ववाद की ईश्वरवादी धारा के केन्द्र में ईश्वर है। इनके अनुसार संसार में निरर्थक जीवन को सार्थक व...

एंपेडोक्लीज़

एंपेडोक्लीज़ का सोचना था कि विश्व में सब कुछ छः तत्वों से बना है। इन में से चार है निष्क्रिय ः पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि। यह चारों तत्व हमेशा से हैं और हमेशा त...

परमनिरपेक्ष

पाश्चात्य दर्शन में सर्वस्वतंत्र, सर्वस्वाधीन, सर्वोपरि, तथ्यात्मक, स्वयंभू, आत्मनिर्भर, आत्मपूर्ण और वैयक्तिक विचार एवं खोज पर न निर्भर एकमात्र परमनिरपेक्ष ...

पाइथागोरस

【 अनिक 】सामोस के पाईथोगोरस," या साधारण रूप से Ὁ Πυθαγόρας ; उनका जन्म 580 और 572 ई॰पू॰ के बीच हुआ और मृत्यु 500 और 490 ई॰पू॰ के बीच हुई), या फ़ीसाग़ोरस, एक...

प्लेटो

प्लेटो, या अफ़्लातून, यूनान का प्रसिद्ध दार्शनिक था। वह सुकरात का शिष्य तथा अरस्तू का गुरू था। इन तीन दार्शनिकों की त्रयी ने ही पश्चिमी संस्कृति का दार्शनिक ...

विश्लेषी दर्शन

पाश्चात्य दर्शन के सन्दर्भ में, विश्लेषी दर्शन, दर्शन की उस नवीन शैली को कहते हैं जो २०वीं शताब्दी के आरम्भ में प्रबल हुई। इसके कई अर्थ हो सकते हैं जिनमें से...

सुकरात

सुकरात मौलिक शिक्षा और आचार द्वारा उदाहरण देना ही पसंद था। साधारण शिक्षा तथा मानव सदाचापर वह जोर देता था और उन्हीं की तरह पुरानी रूढ़ियों पर प्रहार करता था। ...