अपरा एकादशी

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियाँ होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है।

1. कथा
महीध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा था। राजा का छोटा भाई वज्रध्वज बड़े भाई से द्वेष रखता था। एक दिन अवसर पाकर इसने राजा की हत्या कर दी और जंगल में एक पीपल के नीचे गाड़ दिया। अकाल मृत्यु होने के कारण राजा की आत्मा प्रेत बनकर पीपल पर रहने लगी। मार्ग से गुजरने वाले हर व्यक्ति को आत्मा परेशान करती। एक दिन एक ऋषि इस रास्ते से गुजर रहे थे। इन्होंने प्रेत को देखा और अपने तपोबल से उसके प्रेत बनने का कारण जाना।
ऋषि ने पीपल के पेड़ से राजा की प्रेतात्मा को नीचे उतारा और परलोक विद्या का उपदेश दिया। राजा को प्रेत योनी से मुक्ति दिलाने के लिए ऋषि ने स्वयं अपरा एकादशी का व्रत रखा और द्वादशी के दिन व्रत पूरा होने पर व्रत का पुण्य प्रेत को दे दिया। एकादशी व्रत का पुण्य प्राप्त करके राजा प्रेतयोनी से मुक्त हो गया और स्वर्ग चला गया।

2. उद्देश्य
श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को बताया कि अपरा एकादशी पुण्य प्रदाता और बड़े-बड़े पातकों का नाश करने वाली है। ब्रह्मा हत्या से दबा हुआ, गोत्र की हत्या करने वाला, गर्भस्थ शिशु को मारने वाला, परनिंदक, परस्त्रीगामी भी अपरा एकादशी का व्रत रखने से पापमुक्त होकर श्री विष्णु लोक में प्रतिष्ठित हो जाता है।

3. महिमा
माघ में सूर्य के मकर राशि में होने पर प्रयाग में स्नान, शिवरात्रि में काशी में रहकर व्रत, गया में पिंडदान, वृष राशि में गोदावरी में स्नान, बद्रिकाश्रम में भगवान केदार के दर्शन या सूर्यग्रहण में कुरुक्षेत्र में स्नान और दान के बराबर जो फल मिलता है, वह अपरा एकादशी के मात्र एक व्रत से मिल जाता है। अपरा एकादशी को उपवास करके भगवान वामन की पूजा से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है। इसकी कथा सुनने और पढ़ने से सहस्र गोदान का फल मिलता है। प्राचीन काल में महीध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा था। उसका छोटा भाई वज्रध्वज बड़ा ही क्रूर, अधर्मी तथा अन्यायी था। वह अपने बड़े भाई से द्वेष रखता था। उस अवसरवादी पापी ने एक दिन रात्रि में अपने बड़े भाई की हत्या करके उसकी देह को एक जंगली पीपल के नीचे गाड़ दिया। इस अकाल मृत्यु से राजा प्रेतात्मा के रूप में उसी पीपल पर रहने लगा और अनेक उत्पात करने लगा। अकस्मात एक दिन धौम्य नामक ॠषि उधर से गुजरे। उन्होंने प्रेत को देखा और तपोबल से उसके अतीत को जान लिया। अपने तपोबल से प्रेत उत्पात का कारण समझा। ॠषि ने प्रसन्न होकर उस प्रेत को पीपल के पेड़ से उतारा तथा परलोक विद्या का उपदेश दिया। दयालु ॠषि ने राजा की प्रेत योनि से मुक्ति के लिए स्वयं ही अपरा अचला एकादशी का व्रत किया और उसे अगति से छुड़ाने को उसका पुण्य प्रेत को अर्पित कर दिया। इस पुण्य के प्रभाव से राजा की प्रेत योनि से मुक्ति हो गई। वह ॠषि को धन्यवाद देता हुआ दिव्य देह धारण कर पुष्पक विमान में बैठकर स्वर्ग को चला गया।

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अपरा एकादशी 2019.

अपरा एकादशी 2019 30 मई को है अपरा एकादशी, जानें व्रत की कथा और पूजन विधि. एकादशी व्रत को करने से न सिर्फ हमें पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है, बल्कि जीवन से जुड़े तमाम प्रकार के कष्टों से छुटकारा मिलता है। ज्येष्ठ मास की. अपरा एकादशी 30 मई 2019: अचला एकादशी व्रत कथा और. अपरा एकादशी का बड़ा महात्‍म्‍य है. मान्‍यता है कि इस एकादशी के व्रत का पुण्‍य अपार होता है और व्रती के सारे पाप नष्‍ट हो जाते हैं. पद्म पुराण के अनुसार इस एकादशी का व्रत करने से मुनष्‍य भवसागर तर जाता है और उसे प्रेत योनि के कष्‍ट नहीं. अद्भुत शक्ति से भरी है अपरा एकादशी Oneindia Hindi. Mohini Ekadashi 2019 Date, Time, Vrat Katha, Vrat Vidhi, Achala Ekadashi ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी अपरा या अचला एकादशी कहलाती है। पुराणों के अनुसार ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी अपरा एकादशी है, क्योंकि यह अपार धन देने वाली है।.

हर मनोकामना को पूर्ण कर देता है अपरा एकादशी का.

अपरा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है। शास्त्रों में अपरा एकादशी व्रत को समस्त संसारिक पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है।. Apara Ekadashi अपरा एकादशी शुभकामनाएं एवं ShareChat. हिन्‍दू पंचांग आज 30 मई 2019 के अनुसार ज्येष्ठ मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी के रूप में मनाया जाता है। अपरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है।पद्म पुराण के अनुसार इस एकादशी का व्रत करने Следующая Войти Настройки. आज है अपरा एकादशी, जानें क्या है पूजा का Aaj Tak. ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है और इस एकादशी को अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है ऐसा माना जाता हैं कि इस एकादशी का व्रत करने वाले व्यक्ति के सभी. Apara Ekadashi 2019: अपरा एकादशी पर इस विधि से करें. डिजिटल डेस्क। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा या अचला एकादशी कहते हैं। इस बार ये एकादशी 30 मई गुरुवार को मनाई गई। इस एकादशी व्रत को पुण्य फल देने वाला बताया गया है। इसके प्रभाव से मनुष्य के कीर्ति, पुण्य और धन में. आज 30 मई अपरा एकादशी पर घर मे धन की बरकत के लिए करें. Apara Ekadashi अपरा एकादशी Apara Ekadashi Vrat अपरा एकादशी व्रत 18 मई सोमवार 2020 Ekadashi 2019 एकादशी 2019 Rashifal 2019 राशिफल 2019 अपरा.

साल में एक बार आती है अपरा एकादशी, ऐसे व्रत रखने से.

गुरूवार यानी आज का दिन काफी शुभ है सभी विष्णु भक्तों के लिए क्योंकि आज ही के दिबन रहा है अपरा एकादशी का संयोग। बता दें कि, अपरा एकादशी पर व्रत रखने से भगवान विष्णु की असीम कृपा बनी रहती है साथ ही उनकी अपने भक्तों पर कृपा. अपरा एकादशी व्रत कथा, विधि Apra Speaking Tree. उदयपुर. बैकुंठ बिहारी सांवरिया सेठ बन आए, ओ कृष्ण मुरारी सांवरिया सेठ बनकर आए, राधा सुनी सुनी लागे श्याम के बिना.​., श्याम अधूरो लागे राधा के बिना कृष्ण भक्ति के इन भजनों की स्वरलहरियों के बीच गुरुवार को जगदीश मंदिर में अपरा. अपरा एकादशी व्रत और पूजा विधि in hindi Dharm रफ़्तार. अपरा एकादशी का व्रत सुहागनों के लिए सौभाग्य और सुख लेकर आता है। इस बार अपरा एकादशी 30 मई, गुरुवार का दिन है।.

जाने अपरा एकादशी का महत्व, लाभ और कथा Ajeybharat.

हर साल ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी के रूप में मनाया जाता है। अपरा एकादशी के दिन जाने अनजाने में हुई गलतियों और पापों से मुक्ति की कामना से व्रत रखकर भगवान विष्णु की विशेष पूजा अर्चना की. अपरा एकादशी व्रत कथा Amar Ujala. Apara Ekadashi 2019 भगवान विष्णु Lord Vishnu की पूजा का दिन यानी अपरा एकादशी Apara Ekadashi का पर्व 2019 में 30 मई 2019 को मनाया को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी Jyestha Month Krishna Paksha Ekadashi को. PM Modi की शपथ से जुड़ा 30 मई का अपरा एकादशी iChowk. अपरा एकादशी 30 मई 2019 एकादशी तिथि आरंभ 29 मई 2019 को 15 बजकर 21 मिनिट पर एकादशी तिथि समाप्त 30 मई 2019 को 16 बजकर 38 मिनिट पर हिन्दू पंचाग के. जानिए पापों से मुक्ति दिलाने वाली अपरा एकादशी. अपरा एकादशी की व्रत कथा और इस दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? ekadashi 2019, apara ekadashi 2019, achala ekadashi 2019 date and time, vishnu puja vidhi. अपरा एकादशी व्रत विधि कथा एवं महत्व AjabGajabJankari. अपरा एकादशी 06Y ➡ 29 मई 2019 बुधवार को दोपहर से 30 मई 2019 गुरुवार को शाम तक एकादशी है । ​विशेष 30 मई 2019 गुरुवार को एकादशी का व्रत उपवास रखें । ​युधिष्ठिर ने पूछा जनार्दन! ज्येष्ठ मास के कृष्णपक्ष में.

अपरा एकादशी 2019 Dainik Hindi Mahajyoti.

अपरा एकादशी व्रत कथा, विधि Apra Ekadashi Vrat Katha & Vidhi अपरा एकादशी व्रत एक बेहद शुभ दिन का व्रत है जो की भगवान विष्णु को समर्पित है. इसे अचला एकादशी, भद्रकाली एकादशी और जलक्रीड़ा एकादशी के रूप में भी जाना जाता है. एकादशी. अपरा एकादशी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शपथ Oath Taking Ceremony ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बेहद शुभ दिन हो रही है. अपरा एकादशी का खास प्रभाव अकेले मोदी पर नहीं बल्कि सब पर हो सकता है. अपरा एकादशी के 30 बेस्ट फ़ोटो और वीडियो mymandir. Продолжительность: 0:51. अपरा एकादशी 2018 Lokmat News Hindi. अपरा एकादशी Apara Ekadashi.

Blogs Apara Ekadashi Vrat: जानिए अपरा एकादशी की तिथि.

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अपरा एकादशी Patrika.

सनातन हिन्दू धर्म में अपरा एकादशी का बड़ा महात्‍म्‍य है। मान्‍यता है कि इस एकादशी के व्रत का पुण्‍य अपार होता है और व्रती के सारे पाप नष्‍ट हो जाते हैं। एकादशी पर मूलत भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और घर के सौभाग्य, करियर,. अपरा एकादशी पारण का समय: 31 मई – सुनने मात्र से पाप. Apara Ekadashi Vrat Vidhi Katha and Importance in Hindi अपरा एकादशी व्रत विधि कथा एवं महत्व Apara Ekadashi Vrat 2018 Dates अपरा एकादशी को अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता हैं। इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु के पांचवे अवतार वामन ऋषि की पूजा की जाती है.

अपार धन दौलत की प्राप्ति कराएगा अपरा एकादशी व्रत.

ज्येष्ठ मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है। अपरा एकादशी का काफी महत्व है। अपरा या अचला एकादशी पर मूलत भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। यह ऐसी एकादशी है जिसका व्रत रखने से ऐसे पापों से मुक्ति मिल जाती​. अपरा एकादशी 2019 – INDEPENDENT NEWS. गुरुवार, 30 मई को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अपरा एकादशी का पर्व मनाया जाएगा। इस एकादशी को अपरा के साथ साथ अचला एकादशी भी कहा जाता है।. अपरा एकादशी व्रत से मिलते हैं यह बड़े लाभ, जानिये. एकादशी पर मूलत भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और घर के सौभाग्य, करियर, संतान के लिए भगवान विष्णु की अराधना की जाती है। इस साल यह एकादशी गुरूवार यानि की 30 मई को है। हिंदू धर्म में अपरा एकादशी का काफी महत्व माना जाता है।. अपरा एकादशी मिलेगी प्रेत योनि से मुक्ति इस व्रत. Share this: Panchang 2019, Ekadashi Calendar 2019: आज 30 मई गुरुवार को अचला एकादशी मनाई जा रही है. 29 मई को दोपहर में बजे से ही एकादशी तिथि लग गई थी जो आज 30 मई को शाम बजे तक रहेगी. इसलिए भक्त 30 मई को ही अपरा एकादशी व्रत रख रहे हैं.

अपरा एकादशी के दिन अपार धन दौलत के लिए Hindi News.

रतलाम। ज्येष्ठ माह के कृष्णपक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है। हिंदू पंचाग के अनुसार एक साल में कुल 24 एकादशी आती है, लेकिन जब अधिकम …. अपरा एकादशी 2019 जानें अचला एकादशी की व्रत कथा व. अपरा एकादशी की व्रत कथा और इस दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जीवन मंत्र डेस्क। गुरुवार, 30 मई को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इसे अपरा और अचला एकादशी कहा जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार जानिए इस.

Apara Ekadashi 2019 अपरा एकादशी के दिन भूलकर भी न.

Apara Ekadashi Vrat सिर्फ पापों से ही नहीं प्रेत बाधा से भी मुक्ति दिलाता है अपरा एकादशी का व्रत. 30 मई 2019. विज्ञापन. अपरा एकादशी 2019 Festivals Apara Ekadashi Vrat जानें किन पांच गलतियों के कारण नहीं मिलता अपरा एकादशी व्रत का फल. 26 मई 2019. अपार धन दौलत दिलाएगी अपरा एकादशी Times Now Hindi. Ekadashi Reminder अपरा अचला एकादशी व्रत कथा कल 30 मई को अपरा एकादशी है युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवन! ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी का क्या नाम है तथा उसका माहात्म्य क्या है सो कृपा कर कहिए? भगवान श्रीकृष्ण कहने लगे कि हे राजन! यह एकादशी. कई पापों से मुक्ति दिलाता है अपरा एकादशी का व्रत. अपरा एकादशी को अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, जो इस वर्ष 30 मई को है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है। इस दिन व्रत करने से अपार धन दौलत की प्राप्ति होती है।. सौभाग्य और अपार धन प्राप्ति के लिए करें अपरा. हमारे शास्त्रों में एकादशी के व्रत को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। कहते हैं इस दिन व्रत और पूजा करने से मनुष्य के सभी पापों का नाश हो जाता है और उसका जीवन सदैव के लिए सुखमय हो जाता है। आपको बता दें इस महीने अपरा एकादशी 11.

अपरा एकादशी भूल कर भी न करें ये 8 काम Apara Ekadashi.

Apara Ekadashi Vrat puja vidhi एकादशी व्रत करने से सिर्फ आपको पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती है। इस व्रत को करने से घर में हो रही आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और आपके घर में लक्ष्मी का वास होता है। Read latest hindi. अपरा एकादशी news in hindi, अपरा एकादशी से जुड़ी खबरें. हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियाँ होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है।. 30 मई को मनागई अपरा एकादशी, इस व्रत दैनिक भास्कर. अपरा एकादशी 2019 ज्येष्ठ माह की कृष्ण एकादशी को अपरा व अचला एकादशी कहा जाता है। आइये जानते हैं अपरा एकादशी की व्रत कथा व पूजा विधि के बारे में।.

Apara Ekadashi 2019: PM मोदी लेंगे पद की शपथ, जानें इस.

आज अपरा एकादशी है. ज्येष्ठ मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है. यह ऐसी एकादशी है, जिसका व्रत रखने से ऐसे पापों से मुक्ति मिल जाती है. अपरा एकादशी पर इस विधि से करें भगवान विष्णु की पूजा. MODI की अपरा एकादशी को शपथ, ज्योतिष की मानें तो और मजबूत होंगे PM MUNISH DEVGAN. MODI की अपरा एकादशी को शपथ, ज्योतिष की मानें तो और मजबूत होंगे PM MUNISH DEVGAN. Dilli Live. 29th May 19. भक्ति Ekadashi Reminder अपरा अचला एकादशी व्रत कथा. हिंदू धर्म में एकादशी की महिमा का अनेक पुराणों और पुस्तकों में वर्णन मिलता है। पद्मपुराण में तो सभी 24 एकादशी और दो मलमास की एकादशी का बहुत ही महात्मय बताया गया है एवं उसके विधिविधान का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे कथा.