• कालडी

    कालडि केरल के एर्नाकुलम जिले में पेरियार नदी के पूर्व में स्थित एक गाँव है। इसी गाँव में आदि शंकराचार्य का जन्म हुआ था इसलिये यह एक प्रसिद्ध तीर्थ भी है।

  • कार्तिकेय (मोहन्याल)

    कार्तिकेय उत्तराखण्ड राज्य के रुद्रप्रयाग जिला में स्थापित केदारनाथ का बढा बेटा के रूप में माने जानेवाले युद्द्का राजा देवता हें। अधर्मी तारकासुर राक्षेस को ...

  • कामाख्या

    कामाख्या, देवी या शक्ति के प्रधान नामों में से एक नाम है। यह तांत्रिक देवी हैं और काली तथा त्रिपुर सुन्दरी के साथ इनका निकट समबन्ध है। इनकी कथा का उल्लेख काल...

  • कामधेनु

    कामधेनु हिन्दू धर्म में एक देवी है जिनका स्वरूप गाय का है। इन्हें सुरभि भी कहते हैं। कामधेनु जिसके पास होती हैं वह जो कुछ कामना करता है उसे वह मिल जाता है। ।...

  • कापालिक

    कापालिएक तांत्रिक शैव सम्प्रदाय था जो अपुराणीय था। इन्होने भैरव तंत्र तथा कौल तंत्र की रचना की। कापालिक संप्रदाय पाशुपत या शैव संप्रदाय का वह अंग है जिसमें व...

  • कात्यायिनी

    कात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं। कात्यायनी अमरकोष में पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी,...

  • कश्यप

    कश्यप ऋषि प्राचीन वैदिक ॠषियों में प्रमुख ॠषि हैं जिनका उल्लेख एक बार ॠग्वेद में हुआ है। अन्य संहिताओं में भी यह नाम बहुप्रयुक्त है। इन्हें सर्वदा धार्मिक एं...

  • कलियुग

    कलियुग पारम्परिक भारत का चौथा युग है। आर्यभट के अनुसार महाभारत युद्ध ३१३७ ईपू में हुआ। कलियुग का आरम्भ कृष्ण के इस युद्ध के ३५ वर्ष पश्चात निधन पर हुआ। Encyc...

  • कनफटा

    कनफटा गोरख संप्रदाय के योगियों का एक वर्ग है। दीक्षा के समय कान छिदवाकर उसमें मुद्रा या कुंडल धारण करने के कारण इन्हें कनफटा कहते हैं। मुद्रा अथवा कुंडल को द...

  • कठ्ठा

    कठ्ठा वैदिक काल की हिन्दू लम्बाई मापन की इकाई है। यह ना कि लम्बाई, वरन क्षेत्रफल की इकाई है। यह भारत के साथ साथ नेपाल में भी प्रयुक्त होती है। एक योजन बराबर ...

  • ओम पर्वत

    ओम पर्वत, 6191 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय पर्वत श्रृंखला के पहाड़ों में से एक है। यह पर्वत नाबीडागं से देखा जा सकता है। नाबीडांग से कुट्टी गांव होते हुए आप लिटि...

  • ऐतरेय ब्राह्मण

    ऐतरेय ब्राह्मण ऋग्वेद की एक शाखा है जिसका केवल "ब्राह्मण" ही उपलब्ध है, संहिता नहीं। ऐतरेय ब्राह्मण ऋग्वेदीय ब्राह्मणों में अपनी महत्ता के कारण प्रथम स्थान र...

  • ऋषि

    ऋषि भारतीय परंपरा में श्रुति ग्रंथों को दर्शन करने वाले जनों को कहा जाता है। वे व्यक्ति विशिष्ट जिन्होंने अपनी विलक्षण एकाग्रता के बल पर गहन ध्यान में विलक्ष...

  • ऋत

    ऋत वैदिक धर्म में सही सनातन प्राकृतिक व्यवस्था और संतुलन के सिद्धांत को कहते हैं, यानि वह तत्व जो पूरे संसाऔर ब्रह्माण्ड को धार्मिक स्थिति में रखे या लाए। वै...

  • इन्द्र

    इन्द्र हिन्दू धर्म में सभी देवताओं व स्वर्ग के राजा का सबसे उच्च पद है जिसकी एक अलग ही चुनाव-पद्धति थी। इस चुनाव पद्धति के विषय में स्पष्ट वर्णन उपलब्ध नहीं ...

  • इण्डोनेशिया में हिन्दू धर्म

    सन २०१० के आँकड़ों के अनुसार इन्दोनेशिया में कुल जनसंख्या के १.७ प्रतिशत लोग हिन्दू हैं। इण्डोनेशिया में ६ आधिकारिक धर्म हैं जिनमें हिन्दू धर्म भी सम्मिलित ह...

  • आश्रम

    प्राचीन काल में व्यक्तिगत व्यवस्था के दो स्तंभ थे - पुरुषार्थ और आश्रम। सामाजिक प्रकृति-गुण, कर्म और स्वभाव-के आधापर वर्गीकरण चार वर्णो में हुआ था। व्यक्तिगत...

  • आर्योद्देश्यरत्नमाला

    इस पुस्तक में क्रमवार १०० शब्दों की परिभाषा दी गई है। ईश्वर, धर्म, अधर्म से प्रारंभ कर के उपवेद, वेदांग, उपांग आदि की परिभाषा यहाँ उपलब्ध है। अधिकतर परिभाषाए...

  • आरती

    अधिक विकल्पों के लिए यहां जाएं - आरती आरती हिन्दू उपासना की एक विधि है। इसमें जलती हुई लौ या इसके समान कुछ खास वस्तुओं से आराध्य के सामाने एक विशेष विधि से घ...

  • आप (जल)

    आप वैदिक संस्कृत में जल के लिए शब्द है। प्राचीन वैदिक संस्कृत जब शास्त्रीय संस्कृत में परिवर्तित हो गई तो यह शब्द केवल बहुवचन रूप में देखा जाने लगा, जो आपस ह...

  • आदिशक्ति

    आदिशक्ति को पुराणों मे देवी के रूप मे विद्यमान किया गया है । उन्हे ही आदिपराशक्ति की उपमा भी दी गयी है । उनसे ही अस्तित्व है और उन्ही से विनाश । जब कुछ नहीं ...

  • आदित्य

    ये कश्यप ऋषि पत्नी अदिति से उत्पन्न हुऐ थे और इनकी गणना बारह आदित्यों में की जाती है इसको भगवन सूर्य के नाम से भी जाना जाता है 33 कोटि प्रकार देवी देवताओं मे...

  • अवतार

    अवतार का अर्थ अवतरित होना या उतरना है। हिंदू मान्यता के अनुसार जब-जब दुष्टों का भार पृथ्वी पर बढ़ता है और धर्म की हानि होती है तब-तब पापियों का संहार करने तथ...

  • अलकापुरी

    अलकापुरी, जिसे कभी अल्कापुरी भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म के अनुसार एक पौराणीक नगर है यह यक्षों के स्वामी, धन के देवता कुबेर की नगरी है. महाभारत में इस नगरी क...

  • अरुण

    अरुण प्रजापति कश्यप और विनता के पुत्र हैं। इनके ज्येष्ठ भ्राता गरुड़ हैं, जो कि पक्षियों के राजा हैं। अरुण को भगवान सूर्य देव का सारथी माना जाता है। रामायण म...

  • अनसूया

    अनसूया प्रजापति कर्दम और देवहूति की 9 कन्याओं में से एक तथा अत्रि मुनि की पत्नी थीं। उनकी पति-भक्ति अर्थात सतीत्व का तेज इतना अधिक था के उसके कारण आकाशमार्ग ...

  • अट्ठारह व्यवहारपद

    मनुस्मृति, याज्ञवल्क्य स्मृति तथा नारद स्मृतियों में अपराध तथा दण्डव्यवस्था का विस्तृत वर्णन किया गया है। स्मृतियाँ उन विषयों को, जिनके अन्तर्गत विवाद उत्पन्...

  • अग्नि देव

    अग्नि हिन्दू धर्म में आग के देवता हैं। वो सभी देवताओं के लिये यज्ञ-वस्तु भरण करने का माध्यम माने जाते हैं -- इसलिये उनकी उपाधि भारत है। वैदिक काल से अग्नि सब...

  • अंगुल

    अंगुल वैदिक काल की हिन्दू लम्बाई मापन की इकाई है। एक अंगुल की लम्बाई एक मानव हस्त की अंगुली की मोटाई के बराबर होती है। वायु ने मनु के अधिकार के अन्तर्गत उपर्...

हिन्दू धर्म

अष्टकपाल

आठ मिट्टी के TCLs बलि आग में अनाज खाना पकाने के बाद कार्ड कहा जाता पो है कि पो से हवन किया जाता है, इस हवन के द्वारा वास्तु दोष को हटाने का मुख्य उद्देश्य है.

अष्टश्रवा

Brahms एक उपनाम है, इसका मतलब है, आठ कान वाला. चार एमेच्योर, जो अपनी बड़ाई के दो दो कान में हर घर से होने पर आठ साल की कुल के कान करने के लिए जाना जाता है. हर समय आठ दिशाओं का बोध होता है वे रहते थे, लेकिन "नेटवर्क में" शास्त्रों के अनुसार सरस्वती का साथ हो पर दो दिशाओं के प्रति उनकी चेतना और बढ़ जाता है आसमान से खड़ी ऊपर और नीचे के अध: पतन के नाम करने के लिए दो दिशाओं सहित दस दिशाओं का अहसास है.

कृष्णजन्मभूमि

Krishanthi, उत्तर प्रदेश, मथुरा में स्थित है, स्थल के बारे में जो हिंदुओं का मानना है कि भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था । इस स्थान पर एक भव्य मंदिर था जिसे करने के लिए मुस्लिम काल में तोड़कर मस्जिद बना दिया गया. आरएसएस और अन्य हिन्दू संगठन यह मुफ्त की कोशिश कर रहे हैं.

गाव्यूति

10 परमाणु= 1 प्रक्रिया.
10 याद आती है= 1 में बाल के सामने बार.
की तरह 10= 1 ल्यूक.
10= 1 जौ का दाना औसत आकार.
10 बार= 1 की तरह.
10 प्रक्रिया= 1 तिराना.
10 मार्क= 1 पर जौ बीज.
10 जौ अनाज= 1 अंगुल या इंच.
10 तिराना= 1 धूल के कण या याद आती है.
2000 धनुष= एक जीयूआई.
2 परीक्षण= 1 सबसे अच्छा.
2 धनुष / दण्ड= एक कर रहे हैं.
2 पोस्ट= 1 सबसे अच्छा.
4 हस्त= एक धनुष या दण्ड.
4 जीयूआई= एक को मापने.
6 अंगुल= एक पोस्ट.
ब्रह्माण्ड का परिमाण
यह अधिक नहीं है का वर्णन किया ।

परसूक्ष्म

की तरह 10= 1 ल्यूक.
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10 बार= 1 की तरह.
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10= 1 जौ का दाना औसत आकार.
10 परमाणु= 1 प्रक्रिया.
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ब्रह्माण्ड का परिमाण
यह अधिक नहीं है का वर्णन किया ।

महायोजन

10 बार= 1 की तरह.
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10 परमाणु= 1 प्रक्रिया.
10 याद आती है= 1 में बाल के सामने बार.
10 तिराना= 1 धूल के कण या याद आती है.
10 जौ अनाज= 1 अंगुल या इंच.
10= 1 जौ का दाना औसत आकार.
10 मार्क= 1 पर जौ बीज.
की तरह 10= 1 ल्यूक.
2000 धनुष= एक जीयूआई.
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2 पोस्ट= 1 सबसे अच्छा.
4 जीयूआई= एक को मापने.
2 परीक्षण= 1 सबसे अच्छा.
2 धनुष / दण्ड= एक कर रहे हैं.
ब्रह्माण्ड का परिमाण
यह अधिक नहीं है का वर्णन किया ।

अंगुल

अंगुल वैदिक काल की हिन्दू लम्बाई मापन की इकाई है। एक अंगुल की लम्बाई एक मानव हस्त की अंगुली की मोटाई के बराबर होती है। वायु ने मनु के अधिकार के अन्तर्गत उपर्...

अकृतक त्रैलोक्य

हिन्दू धर्म में विष्णु पुराण के अनुसार जन, तप और सत्य लोक – तीनों अकृतक लोक कहलाते हैं। तपलोक से बारह करोड़ योजन ऊपर सत्यलोक है। जन, तप और सत्य लोक – तीनों अ...

अग्नि देव

अग्नि हिन्दू धर्म में आग के देवता हैं। वो सभी देवताओं के लिये यज्ञ-वस्तु भरण करने का माध्यम माने जाते हैं -- इसलिये उनकी उपाधि भारत है। वैदिक काल से अग्नि सब...

अच्युत

अच्युत के दूसरे अर्थ हेतु अच्युत् देखें। विभिण्डुकियों द्वारा परिचालित सत्र मे इन्होने प्रतिहर्ता का काम किया था, जिसका वर्णन जैमनीय ब्राह्मण में मिलता है, प...

अच्युत कृष्णानन्द तीर्थ

अप्प्यय दीक्षित के ज्योतिष ग्रन्थ "सिद्धान्तलेश" के टीकाकार थे। इन्होने छायाबल निवासी स्वयंप्रकाशानन्द सरस्वती से शिक्षा प्राप्त की थी, यह काबेरी नदी के तीरव...

अट्ठारह व्यवहारपद

मनुस्मृति, याज्ञवल्क्य स्मृति तथा नारद स्मृतियों में अपराध तथा दण्डव्यवस्था का विस्तृत वर्णन किया गया है। स्मृतियाँ उन विषयों को, जिनके अन्तर्गत विवाद उत्पन्...

अनसूया

अनसूया प्रजापति कर्दम और देवहूति की 9 कन्याओं में से एक तथा अत्रि मुनि की पत्नी थीं। उनकी पति-भक्ति अर्थात सतीत्व का तेज इतना अधिक था के उसके कारण आकाशमार्ग ...

अनुलोम विवाह

अनुलोम विवाह के अर्थ में अनुलोम एवं प्रतिलोम शब्दों का व्यवहार वैदिक साहित्य में नहीं पाया जाता। पाणिनि ने इन शब्दों से व्युत्पन्न शब्द अष्टाध्यायी में गिनाए...

अन्त्येष्टि क्रिया

अंतिम संस्कार या अन्त्येष्टि क्रिया हिन्दुओं के प्रमुख संस्कारों में से एक है। संस्कार का तात्पर्य हिन्दुओं द्वारा जीवन के विभिन्न चरणों में किये जानेवाले धा...

अरुण

अरुण प्रजापति कश्यप और विनता के पुत्र हैं। इनके ज्येष्ठ भ्राता गरुड़ हैं, जो कि पक्षियों के राजा हैं। अरुण को भगवान सूर्य देव का सारथी माना जाता है। रामायण म...

अरुन्धती

अरुन्धती कर्दम ऋषि और देवहूति की नौ कन्याओं में से आठवीं कन्या थी। अरुन्धति का विवाह महर्षि वशिष्ठ के साथ हुआ। महर्षि वशिष्ठ और अरुन्धती से चित्रकेतु, सुरोचि...

अलकापुरी

अलकापुरी, जिसे कभी अल्कापुरी भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म के अनुसार एक पौराणीक नगर है यह यक्षों के स्वामी, धन के देवता कुबेर की नगरी है. महाभारत में इस नगरी क...

अलख

अलख का अर्थ है, जो दिखाई न पड़े, अदृश्य, अप्रत्यक्ष। उदाहरण- अलख न लखिया जाई । अगोचर, इंद्रियातीत, परमात्मा का एक विशेषण। अलख अरूप अवरन सो करता - जायसी। २ ना...

अवतार

अवतार का अर्थ अवतरित होना या उतरना है। हिंदू मान्यता के अनुसार जब-जब दुष्टों का भार पृथ्वी पर बढ़ता है और धर्म की हानि होती है तब-तब पापियों का संहार करने तथ...

अशोक सुंदरी

अशोक सुंदरी यह एक हिन्दू देवकन्या हैं, जिनका वर्णन भगवान शिव और पार्वती की बेटी के रूप में किया गया है। वह आम तौपर मुख्य शास्त्रों में शिव के पुत्री के रूप म...

अश्वमेध यज्ञ

अश्वमेध भारतवर्ष के एक प्रख्यात प्राचीनकालीन यज्ञ का नाम है । सार्वभौम राजा अर्थात् एक चक्रवर्ती नरेश ही अश्वमेध यज्ञ करने का अधिकारी माना जाता था, परंतु ऐतर...

अष्टक

आठ का समूह ही अष्टक कहलाता है, जैसे गंगाष्टक जिसमें गंगा की स्तुति आठ श्लोकों में की गई है।- यथा गंगाष्टकं पठति य: प्रयत: प्रभाते, वाल्मीकिना विरचतिं सुखदं म...

अष्टगन्ध

गंधाष्टक या अष्टगंध आठ गंधद्रव्यों के मिलाने से बना हुआ एक संयुक्त गंध है जो पूजा में चढ़ाने और यंत्रादि लिखने के काम में आता है। तंत्र के अनुसार भिन्न-भिन्न...

अष्टलक्ष्मी

अष्टलक्ष्मी का अर्थ है, लक्ष्मी के आठ विशेष रूप। लक्ष्मी के आठ रूप ये हैं- आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, सन्तानलक्ष्मी, वीरलक्ष्मी, विजयलक्...

अस्तेय

अस्तेय का शाब्दिक अर्थ है - चोरी न करना। हिन्दू धर्म तथा जैन धर्म में यह एक गुण माना जाता है। योग के सन्दर्भ में अस्तेय, पाँच यमों में से एक है। अस्तेय का व्...

आकूति

आकूति स्वयंभुव मनु और शतरूपा की तीन कन्याओं में से प्रथम कन्या थी। आकूति का विवाह रुचि प्रजापति के साथ हुआ। आकूति के गर्भ से एक पुत्र तथा एक कन्या का जन्म हु...

आदित्य

ये कश्यप ऋषि पत्नी अदिति से उत्पन्न हुऐ थे और इनकी गणना बारह आदित्यों में की जाती है इसको भगवन सूर्य के नाम से भी जाना जाता है 33 कोटि प्रकार देवी देवताओं मे...

आदिशक्ति

आदिशक्ति को पुराणों मे देवी के रूप मे विद्यमान किया गया है । उन्हे ही आदिपराशक्ति की उपमा भी दी गयी है । उनसे ही अस्तित्व है और उन्ही से विनाश । जब कुछ नहीं ...

आप (जल)

आप वैदिक संस्कृत में जल के लिए शब्द है। प्राचीन वैदिक संस्कृत जब शास्त्रीय संस्कृत में परिवर्तित हो गई तो यह शब्द केवल बहुवचन रूप में देखा जाने लगा, जो आपस ह...

आपद्धर्म

आपद्धर्म का अर्थ है संकट काल में अपनाया जाने वाला धर्म, विशेष परिस्थितियों में अपनाया जाने वाला धर्म। महाभारत के शान्ति पर्व इसी नाम से एक उपपर्व है। आपद्धर्...

आरती

अधिक विकल्पों के लिए यहां जाएं - आरती आरती हिन्दू उपासना की एक विधि है। इसमें जलती हुई लौ या इसके समान कुछ खास वस्तुओं से आराध्य के सामाने एक विशेष विधि से घ...

आर्योद्देश्यरत्नमाला

इस पुस्तक में क्रमवार १०० शब्दों की परिभाषा दी गई है। ईश्वर, धर्म, अधर्म से प्रारंभ कर के उपवेद, वेदांग, उपांग आदि की परिभाषा यहाँ उपलब्ध है। अधिकतर परिभाषाए...

आश्रम

प्राचीन काल में व्यक्तिगत व्यवस्था के दो स्तंभ थे - पुरुषार्थ और आश्रम। सामाजिक प्रकृति-गुण, कर्म और स्वभाव-के आधापर वर्गीकरण चार वर्णो में हुआ था। व्यक्तिगत...

इक्षुरस का सागर

विष्णु पुराण के अनुसार यह पृथ्वी सात द्वीपों में बंटी हुई है। ये सातों द्वीप चारों ओर से सात समुद्रों से घिरे हैं। ये सभी द्वीप एक के बाद एक दूसरे को घेरे हु...

इज़राइल में हिंदू धर्म

भट्ठी-हरीश में भक्तों का एक समूरह रहा है। इज़राइल में एक और वैष्णव समुदाय एरियल में है। इसका नेतृत्व जगदीश और उनकी पत्नी जुगाला-प्रीति द्वारा किया जाता है, औ...

इण्डोनेशिया में हिन्दू धर्म

सन २०१० के आँकड़ों के अनुसार इन्दोनेशिया में कुल जनसंख्या के १.७ प्रतिशत लोग हिन्दू हैं। इण्डोनेशिया में ६ आधिकारिक धर्म हैं जिनमें हिन्दू धर्म भी सम्मिलित ह...

इन्द्र

इन्द्र हिन्दू धर्म में सभी देवताओं व स्वर्ग के राजा का सबसे उच्च पद है जिसकी एक अलग ही चुनाव-पद्धति थी। इस चुनाव पद्धति के विषय में स्पष्ट वर्णन उपलब्ध नहीं ...

उच्चाटन

उच्चाटन एक प्रकार का मंत्रप्रयोग है जो प्रेत, पिशाच, डाकिनी आदि के निवारण या नियंत्रण हेतु किया जाता है। आदिम विश्वास है कि प्रेत या डाकिनी के उत्पात या कुदृ...

ऋग्वेद संहिता

ऋग्‍वेद-संहिता ऋग्वैदिक वाङ्मय का मन्त्र-भाग है। इसमें 1017 सूक्‍त हैं। इसे विश्‍व का प्राचीनतम ग्रंथ माना जाता है। विद्वानों के अनुसार ऋग्‍वेद 3500 वर्षों स...

ऋत

ऋत वैदिक धर्म में सही सनातन प्राकृतिक व्यवस्था और संतुलन के सिद्धांत को कहते हैं, यानि वह तत्व जो पूरे संसाऔर ब्रह्माण्ड को धार्मिक स्थिति में रखे या लाए। वै...

ऋत्विज्

यज्ञयाग में यजमान को श्रौतकर्म करानेवाला व्यक्तिविशेष ऋत्विज् कहलाता है। ऋत्विजों की संख्या में कर्मो के अनुसार पर्याप्त भिन्नता है। अग्निहोत्री के घर पर प्र...

ऋषि

ऋषि भारतीय परंपरा में श्रुति ग्रंथों को दर्शन करने वाले जनों को कहा जाता है। वे व्यक्ति विशिष्ट जिन्होंने अपनी विलक्षण एकाग्रता के बल पर गहन ध्यान में विलक्ष...

एक शरण धर्म

एक शरण धर्म शंकरदेव के वैष्णव संप्रदाय का एक पन्थ है। इस धर्म में मूर्तिपूजा की प्रधानता नहीं है। धार्मिक उत्सवों के समय केवल एक पवित्र ग्रंथ चौकी पर रख दिया...

एरावती/शोभावति

नागमाता कद्रि का पुत्र एरावत नागवन्श का महाप्रतापी राजा हुआ, उसकी पत्नी का नाम शोभा था, दोनो भगवान शन्कर के परम भक्त थे, लेकिन दोनों की एक भी सन्तान नही थी, ...

ऐतरेय ब्राह्मण

ऐतरेय ब्राह्मण ऋग्वेद की एक शाखा है जिसका केवल "ब्राह्मण" ही उपलब्ध है, संहिता नहीं। ऐतरेय ब्राह्मण ऋग्वेदीय ब्राह्मणों में अपनी महत्ता के कारण प्रथम स्थान र...

ओम जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे, इस आरती का प्रकाशन गीताप्रेस से हुआ। इसके रचनाकार भक्त स्वामी शिवानन्द सरस्वती हैं। वे इसे अपने प्रवचन के बाद गाते थे। आरती- आरती| श्री विष्ण...

ओम पर्वत

ओम पर्वत, 6191 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय पर्वत श्रृंखला के पहाड़ों में से एक है। यह पर्वत नाबीडागं से देखा जा सकता है। नाबीडांग से कुट्टी गांव होते हुए आप लिटि...

कठ्ठा

कठ्ठा वैदिक काल की हिन्दू लम्बाई मापन की इकाई है। यह ना कि लम्बाई, वरन क्षेत्रफल की इकाई है। यह भारत के साथ साथ नेपाल में भी प्रयुक्त होती है। एक योजन बराबर ...

कनफटा

कनफटा गोरख संप्रदाय के योगियों का एक वर्ग है। दीक्षा के समय कान छिदवाकर उसमें मुद्रा या कुंडल धारण करने के कारण इन्हें कनफटा कहते हैं। मुद्रा अथवा कुंडल को द...

कर्मकाण्ड

विभिन्न अवसरों पर की जाने वाली पारम्परिक पूजा-ऋचा का क्रियात्मक रूप कर्मकाण्ड कहलाता है। पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने एक पुस्तक में जहाँ कर्मकाण्डों का महत्...

कलियुग

कलियुग पारम्परिक भारत का चौथा युग है। आर्यभट के अनुसार महाभारत युद्ध ३१३७ ईपू में हुआ। कलियुग का आरम्भ कृष्ण के इस युद्ध के ३५ वर्ष पश्चात निधन पर हुआ। Encyc...

कल्प (वेदांग)

कल्प वेद के छह अंगों में एक है जो कर्मकाण्डों का विवरण देता है। अन्य वेदांग हैं- शिक्षा, व्याकरण, निरुक्त, छंदशास्त्और ज्योतिष। अनेक वैदिक ऐतिहासिकों के मत स...

कश्यप

कश्यप ऋषि प्राचीन वैदिक ॠषियों में प्रमुख ॠषि हैं जिनका उल्लेख एक बार ॠग्वेद में हुआ है। अन्य संहिताओं में भी यह नाम बहुप्रयुक्त है। इन्हें सर्वदा धार्मिक एं...

कात्यायिनी

कात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं। कात्यायनी अमरकोष में पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी,...

कापालिक

कापालिएक तांत्रिक शैव सम्प्रदाय था जो अपुराणीय था। इन्होने भैरव तंत्र तथा कौल तंत्र की रचना की। कापालिक संप्रदाय पाशुपत या शैव संप्रदाय का वह अंग है जिसमें व...

कामधेनु

कामधेनु हिन्दू धर्म में एक देवी है जिनका स्वरूप गाय का है। इन्हें सुरभि भी कहते हैं। कामधेनु जिसके पास होती हैं वह जो कुछ कामना करता है उसे वह मिल जाता है। ।...

कामाख्या

कामाख्या, देवी या शक्ति के प्रधान नामों में से एक नाम है। यह तांत्रिक देवी हैं और काली तथा त्रिपुर सुन्दरी के साथ इनका निकट समबन्ध है। इनकी कथा का उल्लेख काल...

कार्तिकेय (मोहन्याल)

कार्तिकेय उत्तराखण्ड राज्य के रुद्रप्रयाग जिला में स्थापित केदारनाथ का बढा बेटा के रूप में माने जानेवाले युद्द्का राजा देवता हें। अधर्मी तारकासुर राक्षेस को ...

कालडी

कालडि केरल के एर्नाकुलम जिले में पेरियार नदी के पूर्व में स्थित एक गाँव है। इसी गाँव में आदि शंकराचार्य का जन्म हुआ था इसलिये यह एक प्रसिद्ध तीर्थ भी है।

कालपुरुष

कालपुरुष की परिकल्पना भारतीय ज्योतिष में मिलती है जिसमें समस्त राशिचक्र को मनुष्य के शरीर के समतुल्य वर्णित किया जाता है। सारावली ग्रंथ में कहा गया है कि: शी...