दया प्रकाश सिन्हा

दया प्रकाश सिन्हा एक अवकाशप्राप्त आई०ए०एस० अधिकारी होने के साथ-साथ हिन्दी भाषा के प्रतिष्ठित लेखक, नाटककार, नाट्यकर्मी, निर्देशक व चर्चित इतिहासकार हैं। प्राच्य इतिहास, पुरातत्व संस्कृति में एम० ए० की डिग्री तथा लोक प्रशासन में मास्टर्स डिप्लोमा प्राप्त सिन्हा जी विभिन्न राज्यों की प्रशासनिक सेवाओं में रहे। साहित्य कला परिषद, दिल्ली प्रशासन के सचिव, भारतीय उच्चायुक्त, फिजी के प्रथम सांस्कृतिक सचिव, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी व ललित कला अकादमी के अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ के निदेशक जैसे अनेकानेक उच्च पदों पर रहने के पश्चात सन् १९९३ में भारत भवन, भोपाल के निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए। नाट्य-लेखन के साथ-साथ रंगमंच पर अभिनय एवं नाट्य-निर्देशन के क्षेत्र में लगभग ५० वर्षों तक सक्रिय रहे सिन्हा जी की नाट्य कृतियाँ निरन्तर प्रकाशित, प्रसारित व मंचित होती रही हैं। अनेक देशों में भारत के सांस्कृतिक प्रतिनिधि के रूप में भ्रमण कर चुके श्री सिन्हा को कई पुरस्कार व सम्मान भी मिल चुके हैं।

1. जीवनी
दया प्रकाश सिन्हा का जन्म ब्रिटिश भारत के तत्कालीन संयुक्त प्रान्त आगरा व अवध वर्तमान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एटा जिले के कासगंज कस्बे में २ मई १९३५ को अयोध्यानाथ सिन्हा व स्नेहलता के घर हुआ था। पिता सरकारी नौकरी में थे अत: इधर-उधर स्थानान्तरण होने के कारण बालक दया प्रकाश को घर पर रहकर ही पढ़ना पड़ा। चौथी कक्षा में मैनपुरी के एक विद्यालय में स्थायी रूप से प्रवेश मिल सका।
फैजाबाद से हाई स्कूल्, तथा इलाहाबाद से इण्टरमीडिएट व बी०एससी० करने के बाद उनका मन हिन्दी साहित्य में एम०ए० करने का था किन्तु पिता की इच्छा को देखते हुए उन्होंने स्नातकोत्तर परीक्षा के लिये प्राच्य इतिहास, पुरातत्व संस्कृति जैसा गम्भीर विषय चुना जिसमें उनकी विशेष रुचि थी। सन् १९५६ में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम०ए० करने के पश्चात दो वर्ष तक आई०ए०एस० परीक्षा की तैयारी में जुटे रहे किन्तु गम्भीर अध्ययन के बावजूद अन्तिम पर्चा देते समय उनके नाक से खून बहने लगा जिससे वे अपने प्रयास मे सफल न हो सके।
अन्तत: उन्होंने इलाहाबाद के सी०एम०पी० डिग्री कालेज में इतिहास विभाग के प्रवक्ता पद पर नियुक्ति पा ली और इलाहाबाद में रहकर अध्यापन कार्य के साथ-साथ अपने पिता की इच्छा पूर्ण करने हेतु पी०सी०एस० की तैयारी भी करते रहे। प्रथम प्रयास में ही उन्होंने उत्तर प्रदेश संघ लोक सेवा आयोग की पी०सी०एस० परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। उनकी पहली पोस्टिंग बहराइच में हुई।
सन् १९६२ में कलकत्ता की रंगमंच अभिनेत्री प्रतिभा भारतीय से उनका विवाह हुआ। इस प्रकार उन्हें रंगमंच पर अभिनय करने के लिये मनचाहा साथी मिल गया। १९६५ में पहली पुत्री प्राची पैदा हुई तो दो वर्ष बाद उसका साथ देने घर में एक और नन्हीं कली आ गयी प्रतीची; इस प्रकार सिन्हा जी का परिवार भी पूर्ण हो गया। दोनों बेटियाँ भी माता-पिता के नक्शे-कदम पर चलने लगीं और अभिनय के क्षेत्र में उनका हाथ बँटाने लगीं।
विभिन्न प्रशासनिक पदों पर रहते हुए दया प्रकाश जी ने रंगमंच से रिश्ता कायम रक्खा और एक के बाद एक सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ते चले गये। इस पर ब्रेक तब जाकर लगा जब सन् १९७८ में सोलह वर्षों तक साथ निभाकर उनकी जीवनसंगिनी उन्हें धोखा दे गयी। फीजी में मई १९७८ को उनकी कलाकार पत्नी प्रतिभा का अचानक दिल का दौरा पड़ने से देहान्त हो गया। सिन्हा अपनी दो-दो नाबालिग बेटियों को साथ लेकर भारत आ गये और नई दिल्ली में अपने छोटे भाई सीतेश आलोक के परिवार के साथ रहने लगे ताकि बच्चियों को माँ का न सही चाची का ही प्यार मिलता रहे।
सन् १९८४ में उन्हें आई०ए०एस० कैडर में पदोन्नत किया गया। यह पदोन्नति उनके पिछले कार्यानुभव को देखते हुए १९७६ से दी गयी थी। ३३ वर्षों तक विभिन्न पदों पर रहकर वे सन् १९९३ में सेवानिवृत्त हुए नोएडा के सेक्टर २६ में मकान बनाया जिसे उन्होंने नाम दिया "अयोध्या" और अपनी बड़ी बेटी प्राची व दामाद सोमेश रंजन के साथ रहने लगे। लेकिन दुर्भाग्य ने उनका यहाँ भी पीछा न छोड़ा; प्राची केवल ३२ वर्ष की अल्पायु मे एक बेटे को अपने नाना के हाथों सौंप कर परलोक सिधार गयी।
दामाद ने अपने स्वसुर दयाप्रकाश की अनुमति लेकर दूसरा विवाह कर लिया और वे अब सिन्हा जी के पुत्र-धर्म का निर्वाह करते हुए उन्हीं के साथ नोएडा में रह रहे हैं। उनका नाती अपनी मौसी अर्थात सिन्हा जी की छोटी बेटी प्रतीची के पास अमरीका में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहा है।

2. प्रशासनिक दायित्व
१९९१-१९९३ निदेशक, भारत भवन, भोपाल
१९८९-१९९१ निदेशक, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ
१९८६-१९८८ अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी, लखनऊ
१९८४-१९८६ आई०ए०एस० यू०पी० कैडर अयोध्या, वाराणसी आदि में सांस्कृतिक पुनर्जागरण
१९६८-१९७१ दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर रहे
१९७१-१९७६ साहित्य कला परिषद, नई दिल्ली के सचिव
१९६४-१९६५ नगरपालिका निगम बहराइच के प्रशासनिक प्रभारी
२००६ में भारत भवन ट्र्स्ट भोपाल के अध्यक्ष रहे
१९६५-१९६७ फूलपुर एवं इलाहाबाद में प्रशासनिक अधिकारी
१९७९-१९८४ साहित्य कला परिषद, नई दिल्ली के सचिव
१९७६-१९७९ निदेशक, भारतीय सांस्कृतिक केन्द्र फिजी
१९९७-२००३ अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ

3. नाट्यकृतियाँ
अपने जीवन-काल में सिन्हाजी ने एक दर्जन से अधिक पुस्तकें लिखीं जिनमें से अधिकांश नाटक विधा पर ही थीं। उनकी अद्यतन प्रकाशित नाट्यकृतियाँ इस प्रकार हैं:
ओह अमेरिका रचनाकाल:१९७३
इतिहास चक्र रचनाकाल:१९७२
मन के भँवर रचनाकाल:१९६०
इतिहास रचनाकाल:१९९८
सादर आपका रचनाकाल:१९७६
साँझ-सवेरा रचनाकाल:१९५८
दुश्मन रचनाकाल:१९६५
सीढ़ियाँ रचनाकाल:१९९०
कथा एक कंस की रचनाकाल:१९७४
मेरे भाई मेरे दोस्त रचनाकाल:१९७१
रक्त-अभिषेक रचनाकाल:२००५
अपने-अपने दाँव रचनाकाल:१९६३

4. अभिनेता के रूप में
सिन्हा जी ने केवल नाटक लिखे ही नहीं अपितु उन्हें मंचित भी करवाया। यही नहीं अपने कुछ नाटकों में उन्होंने प्रमुख पात्र की भूमिका भी निभायी और सशक्त अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया। अभिनेता के रूप में उनकी कुछ भूमिकायें इस प्रकार हैं:
"कथा एक कंस की" नाटक में कंस की भूमिका १९७५ रवीन्द्रालय, लखनऊ में
"साँझ-सवेरा" नाटक में निखिल की भूमिका १९५९ आइफेक्स, नई दिल्ली में

5. बतौर निर्देशक
सिन्हा जी ने नाटक लिखे, उन्हें मंचित करवाया और कुछ नाटकों में प्रमुख पात्र की भूमिका भी निभायी। इसके अतिरिक्त उन्होंने अपने लिखे हुए कुछ नाटकों का कुशल निर्देशन भी किया। बतौर निर्देशक उनकी भूमिका का विवरण इस प्रकार हैं:
"सीढ़ियाँ" १९६९ लखनऊ
"मेरे भाई मेरे दोस्त" १९८१ से १९८३ आकाशवाणी तथा दूरदर्शन से कुल आठ वार प्रसारित
"इतिहास-चक्र" १९७२ नई दिल्ली
"रक्त-अभिषेक" २१ नवम्बर २००६ श्रीराम प्रेक्षागृह नई दिल्ली
"मन के भँवर" १९६१ इलाहाबाद

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दयाप्रकाश सिन्हा ने बढ़ाया कासगंज का Hindustan.

उपन्यास, भावनाओं में छिपा भविष्य उपन्यास । सम्पर्क सूत्र कैलाश अस्पताल एवं हृदय संस्थान, एच 33, सेक्टर 27. नोएडा ​गौतमबुद्ध नगर, दूरभाष 0120 2466156. मोबाइल 9971516788. श्री दया प्रकाश सिन्हा. जन्मतिश्चि व स्थान 2 मई, 1935, कासगंज, एटा।. Uttar pradesh News In Hindi Padma Awardees 2020: uttar pradesh. आ कथा एक कंस की दया प्रकाश सिन्हा कंस स्वाती से अहिंसा के समर्थन में हिंसा का. विरोध करते हुए। अथवा. कथा एक कंस की दया प्रकाश सिन्हा स्वाति – कंस द्वारा बच्चों की हत्या का विरोध करते हुए। इ अनुपम मिश्र – पुस्तक आज भी खरे हैं. अनटाइटल्ड Vishwa Hindi Parishad. संस्कार भारती को शुभकामनाएं देने भारतीय जनता पार्टी दिल्ली अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी, पूर्व उपाध्यक्ष एवं जाने माने रंगकर्मी श्री दया प्रकाश सिन्हा, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट के डीजी अद्वैत गणनायक, प्रसिद्ध ध्रुपद गायक. मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार के लिए चयनित. 2. डॉ. योगी एरोन. 3. जय प्रकाश अग्रवाल. 4. जगदीश लाल आहूजा. 5. 104. वशिष्ठ नारायण सिंह मरणोपरांत. 105. दया प्रकाश सिन्हा.

योगी ने दी पद्म पुरस्कार के लिए चयनित विभूतियों.

साहित्य एवं पत्रकारिता के बड़े हस्ताक्षर नरेंद्र कोहली, बलदेव वंशी, कमल किशोर गोयनका, अच्युतानन्द मिश्र, राम बहादुर राय, बलदेव भाई शर्मा सहित संस्कृति एवं कला के क्षेत्र से दया प्रकाश सिन्हा व मालिनी अवस्थी मौजूद रहेंगे. पद्म पुरस्कार 7 पद्म विभूषण,16 पद्म भूषण और 118 को. इस नाटक के लेखक दया प्रकाश सिन्हा का कहना है कि कंस की भूमिका को जिस प्रकार से महेंद्र मेवाती ने जीवंत किया है, शायद यह काम उनसे बेहतर कोई और नहीं कर सकता था। कला, साहित्य और रंगमंच के प्रति बालक कंस का सम्मोहन और उसके.

13 साल बाद खिले कलाकारों के चेहरे Inext Live.

कासगंज में 2 मई वर्ष 1935 में जन्मे दया प्रकाश सिन्हा ने हिन्दुस्तान से बातचीत करते हुए बताया कि, उनका जन्म कासगंज में हुआ था। उनके पिता अयोध्यानाथ सिन्हा कासगंज में एक्साइज विभाग में कार्यरत थे। जब यहां उनका जन्म हुआ. प्रेम और आसक्तियों के बीच फंसा कंस 7 Rang. श्री एस.सी. जमीर. राजनीति. नगालैंड. 16. श्री अनिल प्रकाश जोशी. सामाजिक कार्य. उत्‍तराखंड. 17. डा. त्‍सेरिंग लेंडोल श्री दया प्रकाश सिन्‍हा. कला. उत्‍तर प्रदेश. 129. डॉ. सान्‍द्र देसा सौजा. चिकित्‍सा. महाराष्‍ट्र. 130. श्री विजयसारथी. डिटेल्स Details: Vani Prakashan. दया प्रकाश सिन्हा का जन्म ब्रिटिश भारत के तत्कालीन संयुक्त प्रांत आगरा और अवध वर्तमान दिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एटा जिले के कासगंज शहर में २ मई १९३५ को अयोध्या सिन्हा और स्नेहलता के घर गया था. पिता सरकारी नौकरी में थे.

हिंदी करंट अफेयर्स क्विज़ 27 जनवरी 2020 Fresherslive.

16, श्री अनिल प्रकाश जोशी, सामाजिक कार्य, उत्‍तराखंड. 17, डा. 128, श्री दया प्रकाश सिन्‍हा, कला, उत्‍तर प्रदेश. 129, डॉ. दया प्रकाश सिन्हा एक अवकाशप्राप्त आई०ए०एस०. संगठन के अध्यक्ष दया प्रकाश सिन्हा और महामंत्री कुमुद शर्मा ने शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि साहित्यकार केन्द्र में योग्य, कर्मठ,समर्पित और स्थायी सरकार के गठन को लेकर कृतसंकल्प हैं। लोकतंत्र में.

डूसू तथा राष्ट्रीय कला मंच द्वारा आयोजित मदारी.

दया प्रकाश सिन्हा जन्म: २ मई १९३५, कासगंज, जिला एटा, उत्तर प्रदेश एक अवकाशप्राप्त आई०ए०एस० अधिकारी होने के साथ साथ हिन्दी भाषा के प्रतिष्ठित लेखक, नाटककार, नाट्यकर्मी, निर्देशक व चर्चित इतिहासकार हैं। प्राच्य इतिहास, पुरातत्व व​. Lucknow based historian Yogesh Praveen and senior playwright. दया प्रकाश सिन्हा लिखित इस नाटक का निर्देशन अरविंद सिंह ने किया है। नाटक में दिखाया गया कि किस प्रकार एक व्यक्ति कामियाबी पाने के लिए सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़ता है। इतना ही नहीं वह कामियाबी पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को भी तैयार है।. Greater Noida News Portal, Breaking, Latest, Top. अकादमी रत्न से दिल्ली की सुलोचना बृहस्पति, सविता देवी, राजन साजन मिश्र, मुंबई के हरि प्रसाद चौरसिया, एन राजन, अनूप जलोटा, गाजियाबाद के दया प्रकाश सिन्हा, वाराणसी के छन्नू लाल मिश्र, लखनऊ के सआदत हुसैन, अनिल रस्तोगी,.

Daya prakash sinha Author Profile:Vani Prakashan.

जय प्रकाश अग्रवाल. 4. जगदीश लाल आहूजा. 5. काजी मासूम अख्तर. 6. ग्लोरिया एरीरा. 7. खान जहीरखान बख्तियारखान. 8. डॉ. दया प्रकाश सिन्हा. 106. डॉ. सैंड्रा देसा सूजा. 107. विजयसारथी श्रीभाष्यम. 108. काले शबी महबूब और शेख महबूब सुबानी. Prog schedule advert 33x37 hindi aw.cdr Davp. हिन्दी के लब्धप्रतिष्ठ नाटककार दया प्रकाश सिन्हा की रंगमंच के प्रति बहुआयामी प्रतिबद्धता है। पिछले चालीस वर्षों में अभिनेता, नाटककार, निर्देशक, नाट्य अध्येता के रूप में भारतीय रंगविधा को उन्होंने विशिष्ट योगदान दिया है। दया प्रकाश. Issue 10, June July 2019 Readwhere. इसके अलावा, डाॅ0 पद्मावती बंदोपाध्याय एवं डाॅ0 नरेन्द्र नाथ खन्ना चिकित्सा, संजीव बिखचन्दानी व्यापार व उद्योग, योगेश प्रवीण साहित्य व शिक्षा, जीतू राय खेल, मोहम्मद शरीफ सामाजिक कार्य, दया प्रकाश सिन्हा कला, हरीश. पद्मश्री सम्मान मिलने पर कंगना रनौत ने कही खास. ख़बरमें दया प्रकाश सिन्हा ने जीवन के संघर्ष से जुड़े नाटक लिखे चन्दन कुमार साभार Pioneer Hindi Vani Prakashan Vani57. Lucknow Samachar: छन्नूलाल, योगेश प्रवीन को पद्म. नाटककार एवं रंगकर्मी दया प्रकाश सिन्हा द्वारा रचित नाटक ​सम्राट अशोक पाठकों एवं दर्शकों को सम्राट अशोक के विभिन्न रूपों को दर्शाता ही नहीं चलता है, अपितु एक सम्राट के अंदर की मानवीय स्थिति की दयनीय दशा एवं दिशा को भी दिखाने में सफल​.

साहित्यकारों ने लोकसभा चुनाव में मोदी को.

नाम, क्षेत्र. पद्मावती बंदोपाध्याय, चिकित्सा. संजीव भीखचंदानी, उद्योग एवं व्यापार. डॉ. नरिंदरनाथ खन्ना, चिकित्सा. योगेश प्रवीण, साहित्य एवं शिक्षा. जीतू राय, खेल. मोहम्मद शरीफ, समाज सेवा. दया प्रकाश सिन्हा, कला. हरीश चंद्र​. 2020 के पद्म पुरस्कार विजेताओं की सूची Current Affairs. About the Author. हिन्दी के लब्धप्रतिष्ठ नाटककार दया प्रकाश सिन्हा की रंगमंच के प्रति बहुआयामी प्रतिबद्धता है। पिछले चालीस वर्षों में अभिनेता, नाटककार, निर्देशक, नाट्य ​अध्येता के रूप में भारतीय रंगविधा को उन्होंने विशिष्ट योगदान दिया.

गणतंत्र दिवस पर अवार्ड की घोषणा। – Tewar News.

अनिल प्रकाश जोशी, सामाजिक कार्य, उतराखंड. 10. सेरिंग नंडोल​, औषधि, लदाख. 11. जय प्रकाश अग्रवाल, व्यापाऔर उद्योग, दिल्ली. 4. जगदीश लाल आहूजा, सामाजिक दया प्रकाश सिन्हा, आर्ट, उत्तर प्रदेश. 106. डॉ. सैंड्रा देसा सूजा, औषधि. Sahitya akademi award ABP News ABP Live. दया प्रकाश सिन्हा के नाटकों में मूल्य सिघटन. कश्मीर सिश्वसिद्यालय श्रीनगर के स्नातकोत्तर सहन्दी. सिभाग. ​कला िंकाय की पीएच. डी उपासि हेतु. प्रस्तुत शोि प्रबंि. 2017. सनदेसशका. अनुिंसित्िु. प्रो. ज़ोहरा अफ़ज़ल. निरीन जान. अध्यक्षा. दया प्रकाश सिन्हा Owl. रात्रि 8.30 बजे. बोल. कथा एक कंस की. हरिश्चन्नर की लड़ाई. मैथैमैजिशियन एकल. ले. एवं निर्देशक आशीष चट्टोपाध्याय. ले​. दया प्रकाश सिन्हा. ले. एवं निर्देशक उर्मिल कुमार थपलियाल​. ले. गौरी रामनारायण. समूह गोबरडांगा शिल्पायन, प.

Vani Prakashan ख़बरमें दया प्रकाश सिन्हा ने जीवन.

नई दिल्ली: डूसू तथा राष्ट्रीय कला मंच द्वारा आयोजित मदारी संपन्न, वरिष्ठ नाटककार श्री दया प्रकाश सिन्हा तथा अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री सुनील आंबेकर ने विजेता टीमों को पुरस्कार वितरित किया विश्वविद्यालय. Samrat Ashok सम्राट अशोक वाणी प्रकाशन. भारत भवन में रंगकर्मी श्री दया प्रकाश सिन्हा को सम्मानित किया।. Back. Navigation. Home Profile News Blog Shivraj Singh Chouhans Views Dil se Media Gallery Contact Us Citizens Corner Connect Socially Newsletter. Newsletter. Please enter email The e mail address you entered. UGC Listed – Approved Journal – bha Volume Details. रक्त अभिषेक नाटक का मंचन 19 मई को यूनाइटेड कॉलेज में May 18, 2018 GRENONEWS TEAM GREATER NOIDA NEWS, PLAY, STAGE PLAY. ग्रेटर नॉएडा भारत नवनिर्माण ट्रस्ट के सौजन्य से देश भक्ति की अनसुनी गाथा पर आधारित, श्री दया प्रकाश सिन्हा पूर्व. सम्मान वापसी वामपंथी और कांग्रेसी लेखकों का. दुस्मन उर्फ़ सैंया मगन पहलवानी में हास्य नाटक दया प्रकाश सिन्हा. by सिन्हा,दया प्रकाश. Material type: Book Publisher: नयी.

भारत भवन में रंगकर्मी श्री दया प्रकाश सिन्हा को.

दया प्रकाश सिन्हा एक अवकाशप्राप्त आई०ए०एस० अधिकारी होने के साथ साथ हिन्दी भाषा के प्रतिष्ठित लेखक, नाटककार, नाट्यकर्मी, निर्देशक व चर्चित इतिहासकार हैं। प्राच्य इतिहास, पुरातत्व संस्कृति में एम० ए० की डिग्री तथा लोक प्रशासन में मास्टर्स डिप्लोमा. पद्म पुरस्कार 2020 घोषित PIB. जासं, मेरठ संस्कार भारती और यूनाइटेड प्रोग्रेसिव थियेटर एसोसिएशन की ओर से रविवार को चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय के सुभाष चंद बोस प्रेक्षागृह में नाटक रक्त अभिषेक का मंचन किया गया। दया प्रकाश सिन्हा द्वारा लिखित नाटक रक्त अभिषेक.

मल्टीमीडिया परियोजनाएँ IGNCA.

हिन्दी के लब्धप्रतिष्ठ नाटककार दया प्रकाश सिन्हा की रंगमंच के प्रति बहुआयामी प्रतिबद्धता है। पिछले चालीस वर्षों में अभिनेता, नाटककार, निर्देशक, नाट्य अध्येता के रूप में भारतीय रंगविधा को उन्होंने विशिष्ट योगदान दिया है. Chief Minister Yogi congratulated selected personalities for Padma. हमारे 27 जनवरी 2020 करेंट अफेयर्स क्विज़ हिंदी में आज़माएं। हम दैनिक तथ्यों और घटनाओं से हिंदी करंट अफेयर्स 27 जनवरी 2020 के लिए 15 बहुविकल्पीय प्रश्न प्रदान करते हैं, जो आपके बैंकिंग, एसएससी, पीएससी और समान प्रकृति की अन्य. दया प्रकाश सिन्हा के नाटकों का संग्रह पूर्वाभास. दया प्रकाश सिन्हा, न्यासी के द्वारा किया गया। ISBN No. 81 ​55503 09 5, DVD, 2017, Price: Rs.100 excl. वैदिक काल की कई महत्त्वपुर्ण बिन्दुओं, जो आज की सामाजिक जीवन का एक अभिन्न अंग है, पर प्रकाश डालती है। सांस्कृतिक रुप से अग्निचयन, अग्नि का.

तीन खंडों में दया प्रकाश सिन्हा के नाटकों के.

एस.,प्रतिष्ठित लेखक, नाटककार,नाट्यकर्मी, निर्देशक व चर्चित इतिहासकार श्री दया प्रकाश सिन्हा जी का सानिध्य प्राप्त होगा।साहित्य कला परिषद,दिल्ली प्रशासन के सचिव, भारतीय उच्चायुक्त,फिजी के प्रथम सांस्कृतिक सचिव,उत्तर. Buy Man Ke Bhanwar Book Online at Low Prices in India. नयी दिल्ली: 11 दिसम्बर 2019, सायं 4:00 बजे: वाणी प्रकाशन एवं संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में वरिष्ठ नाटककार दया प्रकाश सिन्हा के नाटकों का संग्रह नाट्य समग्र तीन खण्डों में का लोकार्पण आज साहित्य अकादेमी सभागार.