• नवयान

    नवयान बौद्ध धर्म का एक सम्प्रदाय हैं, जो भारतीय बौद्ध नेता भीमराव आम्बेडकर द्वारा निर्मीत हैं। नवयान का अर्थ है - "नया मार्ग"। इस बौद्ध धर्म के सारे अनुयायि ...

  • धम्मपद

    धम्मपद बौद्ध साहित्य का सर्वोत्कृष्ट लोकप्रिय ग्रंथ है। इसमें बुद्ध भगवान् के नैतिक उपदेशों का संग्रह यमक, अप्पमाद, चित्त आदि 26 वग्गों में वर्गीकृत 423 पालि...

  • धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस

    धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस भारतीय बौद्धों एक प्रमुख उत्सव है। दुनिया भर से लाखों बौद्ध अनुयायि एकट्टा होकर हर साल अशोक विजयादशमी एवं १४ अक्टूबर के दिन इसे मुख्य ...

  • देवदत्त

    देवदत्त, सुपब्बुध के पुत्र था और भगवां बुद्ध के समकालीन था। वह बुद्ध से दीक्षित होकर बौद्ध संघ में शामिल हो गये था। प्रारंभ में बौद्धधरम के प्रति उसकी बड़ी आ...

  • दीक्षाभूमि

    दीक्षाभूमि भारत में बौद्ध धर्म का एक प्रमुख केंद्र है। यहां बौद्ध धर्म की पुनरूत्थान हुआ है। महाराष्ट्र राज्य की उपराजधानी नागपुर शहर में स्थित इस पवित्र स्थ...

  • थेरवाद

    थेरवाद या स्थविरवाद वर्तमान काल में बौद्ध धर्म की दो प्रमुख शाखाओं में से एक है। दूसरी शाखा का नाम महायान है। थेरवाद बौद्ध धर्म भारत से आरम्भ होकर दक्षिण और ...

  • थाईलैंड में बौद्ध धर्म

    यह लेख थाईलैंड में बौद्ध धर्म के बारे में है, बौद्ध धर्म की व्यापक परिभाषा के लिए विश्व में बौद्ध धर्म देखें। थाईलैंड में बौद्ध धर्म थेरवाद बौद्ध सम्प्रदाय ह...

  • त्रिरत्न

    बुद्ध का मतलब जागृत एवं अनंत ज्ञानी मनुष्य, जिसने खुद के प्रयासों से बुद्धत्व प्राप्त किया। ‘बुद्ध’ शाक्यमूनी तथागत गौतम बुद्ध है। बुद्ध = तार्किक ज्ञान विचा...

  • तारा (बौद्ध धर्म)

    महायान तिब्बती बौद्ध धर्म के सन्दर्भ में तारा या आर्य तारा एक स्त्री बोधिसत्व हैं। वज्रयान बौद्ध धर्म में वे स्त्री बुद्ध के रूप में हैं। वे "मुक्ति की जननी"...

  • जातक

    जातक या जातक पालि या जातक कथाएं बौद्ध ग्रंथ त्रिपिटक का सुत्तपिटक अंतर्गत खुद्दकनिकाय का १०वां भाग है। इन कथाओं में भगवान बुद्ध के पूर्व जन्मों की कथायें हैं...

  • चान

    चान, एक बौद्ध धर्म सम्प्रदाय है जो महायान सम्प्रदाय की शाखा है। इसका प्रसार चीन में ६ठी शताब्दी से आरम्भ हुआ जो तामग वंश और सांग वंश के काल में प्रमुख धर्म ब...

  • खसर्पण

    खसर्पण बोधिसत्व अवलोकितेश्वर के अनेक रूपों में से एक रूप। इनका अभिज्ञान चिह्न कमल है और तारा, सुघन कुमार, भ्रकुटी तथा हयग्रीव इनके सहचर माने गए हैं। तिब्बत क...

  • कालचक्र

    कालचक्र बौद्ध धर्म के बज्रयान सम्प्रदाय के दर्शन से सम्बन्धित एक शब्द है। कालचक्र अथवा समय का चक्र, प्रकृति से सुसंगत रहते हुए ज्योतिषशास्त्र, सूक्ष्म ऊर्जा ...

  • कपिलवस्तु

    कपिलवस्तु, शाक्य गण की राजधानी था। गौतम बुद्ध के जीवन के प्रारम्भिक काल खण्ड यहीं पर व्यथीत हुआ था। भगवान बुद्ध के जन्म इस स्थान से १० किमी पूर्व में लुंबिनी...

  • कच्चान

    कच्चान या महाकच्चान पालि भाषा के वैयाकरण तथा बुद्ध भगवान के दस शिष्यों में से एक परम ऋद्धिमान्‌ शिष्य थे, जिनकी प्रशंसा में कहा गया है: ये आयुष्मान्‌ महाकात्...

  • ओं मणिपद्मे हूं

    ॐ मणिपद्मे हुम् एक पाली मंत्र है जिसका संबंध अवलोकितेश्वर से है। यह तिब्बती बौद्ध धर्म का मूल मंत्र है। यह प्रायः पत्थरों पर लिखा जाता है या फिर कागज पर लिख ...

  • ऊष्णीष विजय ढारणी सूत्र

    ऊष्णीष विजय ढारणी सूत्र भारत के महायान सम्रदाय का सूत्र है। इसका पूरा नाम यह है - सर्वदुर्गतिपरिशोधन ऊष्णीष विजय ढारणी सूत्र ।

  • आदिबुद्ध

    आदिबुद्ध अर्थात्‌ बुद्धों में आदिम। इन्हें पंचध्यानी बुद्धों में आदिम अथवा प्रथम कहा गया है। कुछ लोगों के अनुसार प्रारंभ में रूप, वेदना, संज्ञा, संस्काऔर विज...

  • आंबेडकर जयंती

    अंबेडकर जयंती या भीम जयंती भीमराव आम्बेडकर जिन्हें डॉ॰ बाबासाहेब आंबेडकर के नाम से भी जाना जाता है, के जन्म दिन १४ अप्रैल को तौहार के रूप में भारत समेत पुरी ...

  • असित

    असिता ईसा पूर्व ६ठवीं शताब्दी के एक तपस्वी सन्त थे जिन्होंने सिद्धार्थ गौतम के जन्म पर उनके असाधारण होने की भविष्यवाणी की थी। ऐसा कहा जाता है कि असित और राजा...

  • अवुकाना बुद्ध प्रतिमा

    अवुकाना बुद्ध प्रतिमा / ˈ ə v ʊ k ɑː n ɑː p r ə t ɪ m ɑː) मध्य श्रीलंका के केकीरवा विभाग में स्थित भगवान् बुद्ध की प्रतिमा है। ये प्रतिमा ४० फीट उन्नत है। वि...

  • अवलोकितेश्वर

    अवलोकितेश्वर महायान बौद्ध धर्म सम्प्रदाय के सब से लोकप्रिय बोधिसत्वों में से एक हैं। उनमें अनंत करुणा है और धर्म-कथाओं में कहा गया है कि बिना संसार के समस्त ...

  • अनागारिक धर्मपाल

    अनागारिक धर्मपाल प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु थे। इनका जन्म श्रीलंका में 17 सितंबर 1864 को हुआ। पिता का नाम डान करोलिंस हेवावितारण तथा माता का मल्लिका था। इनका नाम ...

  • अजंता गुफाएँ

    अजंता गुफाएँ महाराष्ट्र, भारत में स्थित तकरीबन २९ चट्टानों को काटकर बना बौद्ध स्मारक गुफाएँ जो द्वितीय शताब्दी ई॰पू॰ के हैं। यहाँ बौद्ध धर्म से सम्बन्धित चित...

बौद्ध धर्म

धम्मचक्कप्पवत्तनसुत्त

Immacculate या धर्मचक्रप्रवर्तनसूत्र बौद्ध ग्रंथों में जो गौतम बुद्ध द्वारा ज्ञानप्राप्ति के बाद पहली बार किया गया उपदेश वह है.

धम्मचारी

सारांश या मूल्य का शाब्दिक अर्थ है, के धम्म का संचालन करने के लिए. सिर में समुदाय सारांश शब्द नए भक्तों के लिए किया जाता है. सारांश के सभी भक्तों को निर्धारित करने के लिए ५ अतिरिक्त कार्यों ४ अतिरिक्त वादा किया है भागों रहे हैं ।

माणिक्यल स्तूप

उन्मत्त स्तूप दूसरी शताब्दी में बनाया गया है, एक स्तूप है. यह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के उन्मत्त गांव के पास स्थित है. जातक कथाओं के अनुसार यह स्तूप उस स्थान पर बनाया गया जहां प्रिंस सत्व सात भूख शावक के लिए भोजन के लिए अपने आप को समर्पित कर दिया था. सत्व, बुद्ध एक अवतार थे.

शूरांगम् सूत्र

नारंगी सूत्र बौद्ध धर्म के महायान संप्रदाय की स्टटगार्ट है. यह चीनी बौद्ध धर्म, चैन संप्रदाय का प्रमुख ग्रंथ है । ईरान = नायकों का खेल = जाना

अंगुत्तरनिकाय

अंगुत्तरनिकाय एक महत्त्वपूर्ण बौद्ध ग्रंथ है। यह सुत्तपिटक के पाँच निकायों में से चौथा निकाय है। अंगुत्तरनिकाय में गौतम बुद्ध और उनके मुख्य शिष्यों के हजारों...

अंतर्राष्ट्रीय बुद्ध विहार

अंतर्राष्ट्रीय बुद्ध विहार उत्तर प्रदेश राज्य के आज़मगढ़ जनपद में जिला मुख्यालय से लगभग 34 किमी० की दूरी पर गोठांव नामक ग्राम/नगर में स्थित है।यह स्थान पूर्व...

अजंता गुफाएँ

अजंता गुफाएँ महाराष्ट्र, भारत में स्थित तकरीबन २९ चट्टानों को काटकर बना बौद्ध स्मारक गुफाएँ जो द्वितीय शताब्दी ई॰पू॰ के हैं। यहाँ बौद्ध धर्म से सम्बन्धित चित...

अट्टकथा

अट्ठकथा पालि ग्रंथों पर लिखे गए भाष्य हैं। मूल पाठ की व्याख्या स्पष्ट करने के लिए पहले उससे संबद्ध कथा का उल्लेख कर दिया जाता है, फिर उसके शब्दों के अर्थ बता...

अधिष्ठान

अधिष्ठान बज्रयान बौद्ध सम्प्रदाय से सम्बन्धित एक शब्द है जिसके कई अर्थ हैं। इसका मुख्य अर्थ है- आशीर्वाद का आरम्भ। मन्दिर के ऊंचे आधार को भी अधिष्ठान कहते हैं।

अनागामी

निर्वाण के पथ पर अर्हत् पद के पहले की भूमि अनागामी की होती है। जब योगी समाधि में सत्ता के अनित्य-अनात्म-दु:ख-स्वरूप का साक्षात्काकर लेता है तब उसके भवबंधन एक...

अनागारिक धर्मपाल

अनागारिक धर्मपाल प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु थे। इनका जन्म श्रीलंका में 17 सितंबर 1864 को हुआ। पिता का नाम डान करोलिंस हेवावितारण तथा माता का मल्लिका था। इनका नाम ...

अभिज्ञा

अभिज्ञा का अर्थ है - ज्ञान, सीधे ज्ञान प्राप्ति। इसका अर्थ कभी-कभी उच्च ज्ञान या अलौकिक ज्ञान भी होता है। बौद्ध धर्म में अभिज्ञा की प्राप्ति धर्म एवं ध्यान स...

अभिधम्मपिटक

अभिधम्मपिटक एक बौद्ध ग्रंथ है। यह उन तीन ग्रंथौं में से एक है जो त्रिपिटक बनाते है। इस ग्रंथ में विश्लेषणयुक्त देशना और धार्मिक व्याख्या संग्रहित है। परंपरा ...

अवदान साहित्य

बौद्धों का संस्कृत भाषा में चरितप्रधान साहित्य अवदान साहित्य कहलाता है। "अवदान" का अमरकोश के अनुसार अर्थ है - प्राचीन चरित, पुरातन वृत्त । "अवदान" से तात्पर्...

अवलोकितेश्वर

अवलोकितेश्वर महायान बौद्ध धर्म सम्प्रदाय के सब से लोकप्रिय बोधिसत्वों में से एक हैं। उनमें अनंत करुणा है और धर्म-कथाओं में कहा गया है कि बिना संसार के समस्त ...

अवुकाना बुद्ध प्रतिमा

अवुकाना बुद्ध प्रतिमा / ˈ ə v ʊ k ɑː n ɑː p r ə t ɪ m ɑː) मध्य श्रीलंका के केकीरवा विभाग में स्थित भगवान् बुद्ध की प्रतिमा है। ये प्रतिमा ४० फीट उन्नत है। वि...

असित

असिता ईसा पूर्व ६ठवीं शताब्दी के एक तपस्वी सन्त थे जिन्होंने सिद्धार्थ गौतम के जन्म पर उनके असाधारण होने की भविष्यवाणी की थी। ऐसा कहा जाता है कि असित और राजा...

आंबेडकर जयंती

अंबेडकर जयंती या भीम जयंती भीमराव आम्बेडकर जिन्हें डॉ॰ बाबासाहेब आंबेडकर के नाम से भी जाना जाता है, के जन्म दिन १४ अप्रैल को तौहार के रूप में भारत समेत पुरी ...

आदिबुद्ध

आदिबुद्ध अर्थात्‌ बुद्धों में आदिम। इन्हें पंचध्यानी बुद्धों में आदिम अथवा प्रथम कहा गया है। कुछ लोगों के अनुसार प्रारंभ में रूप, वेदना, संज्ञा, संस्काऔर विज...

आर्यसंघाट सूत्रम्

आर्यसंघाट सूत्रम् संस्कृत में लिखित महात्मा बुद्ध के राजगृह में दिये गये उपदेशों का संग्रह है। यह "धर्म पर्याय" नामक विशेष सूत्रों का संग्रह है। ऐसी मान्यता ...

आसव

आसव एक पालि शब्द हैं जो बौद्ध शास्त्र, दर्शन, और मनोविज्ञान में प्रयोग किया जाता है, जिसका अर्थ हैं "अन्तर्वाह" या "नासूर"। यह कामुक सुख, अस्तित्व के लिए तरस...

उपगुप्त

उपगुप्त एक प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु थे। इन्हें अलक्षणक बुद्ध भी कहा जाता है। उपगुप्त वाराणसी के गुप्त नामक इत्र विक्रेता के पुत्र थे। १७ वर्ष की अवस्था में संन्...

उपासक और उपासिका

बौद्ध धर्म के अनुयायिओं को उपासक और उपासिका कहते हैं। पुरूष अनुयायिओं को उपासक और महिला अनुयायिओं को उपासिका कहा जाता है। बौद्ध धर्म में उनके अनुयायिओं के दो...

उरुवेला

उरुवेला नामक स्थान का ऐतिहासिक महत्व महात्मा बुद्ध के संन्यासी जीवन से सम्बंधित है। उरुवेला नगर बौद्धकालीन मगध महाजनपद में अवस्थित था। उरुवेला को बोधगया के न...

ऊष्णीष विजय ढारणी सूत्र

ऊष्णीष विजय ढारणी सूत्र भारत के महायान सम्रदाय का सूत्र है। इसका पूरा नाम यह है - सर्वदुर्गतिपरिशोधन ऊष्णीष विजय ढारणी सूत्र ।

ओं मणिपद्मे हूं

ॐ मणिपद्मे हुम् एक पाली मंत्र है जिसका संबंध अवलोकितेश्वर से है। यह तिब्बती बौद्ध धर्म का मूल मंत्र है। यह प्रायः पत्थरों पर लिखा जाता है या फिर कागज पर लिख ...

कच्चान

कच्चान या महाकच्चान पालि भाषा के वैयाकरण तथा बुद्ध भगवान के दस शिष्यों में से एक परम ऋद्धिमान्‌ शिष्य थे, जिनकी प्रशंसा में कहा गया है: ये आयुष्मान्‌ महाकात्...

कपिलवस्तु

कपिलवस्तु, शाक्य गण की राजधानी था। गौतम बुद्ध के जीवन के प्रारम्भिक काल खण्ड यहीं पर व्यथीत हुआ था। भगवान बुद्ध के जन्म इस स्थान से १० किमी पूर्व में लुंबिनी...

कालचक्र

कालचक्र बौद्ध धर्म के बज्रयान सम्प्रदाय के दर्शन से सम्बन्धित एक शब्द है। कालचक्र अथवा समय का चक्र, प्रकृति से सुसंगत रहते हुए ज्योतिषशास्त्र, सूक्ष्म ऊर्जा ...

कौर्वकि

कहा जाता है कि रानी कौर्वकि एक मछुवारन थीं जो बाद में सम्राट अशोक की पत्नी बनीं। उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाया तथा अशोक की दूसरी पत्नी बनीं। अशोक के लघु शिला...

खदिरवनी

खदिरवनी बौद्ध देवी तारा का एक रूप हैं। इस शब्द का अर्थ होता है - खैर के वन में रहनेवाली। यह हरितवर्ण, वरद मुद्रा में तथा कमल धारण किए अंकित की जाती हैं। अशोक...

खसर्पण

खसर्पण बोधिसत्व अवलोकितेश्वर के अनेक रूपों में से एक रूप। इनका अभिज्ञान चिह्न कमल है और तारा, सुघन कुमार, भ्रकुटी तथा हयग्रीव इनके सहचर माने गए हैं। तिब्बत क...

खुद्दकनिकाय

खुद्दकनिकाय बौद्ध ग्रंथ त्रिपिटक का सुत्तपिटक का पाँचवा निकाय है। इसमें धम्मपद, उदान, इतिवुत्तक, सुत्तनिपात, थेर-थेरी गाथा, जातक आदि सोलह ग्रंथ संग्रहीत है। ...

गंडव्यूह

गंडव्यूह बौद्ध महायान संप्रदाय का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसमें बोधिसत्व का गुणगान और उनकी उपासना की चर्चा है। इस ग्रंथ के संबंध में अनुश्रुति है कि एक दिन भ...

गंधहस्ती

गंधहस्ती, बौद्ध धर्म के अंतर्गत एक बोधिसत्व हुए हैं। इनका उल्लेख निष्पन्न योग में मिलता है। उसमें इनके दो स्वरूपों का वर्णन है। किंतु इनकी प्रतिमा देखने में ...

गृधकूट

गृधकूट राजगृह की पाँच पहाड़ियों में से एक है। इसका उल्लेख पालि ग्रंथों में हुआ है। वहाँ इसे गिज्झकूट कहा गया और यह वैपुल्य के दक्षिण में स्थित बताया गया है। ...

चतुर्थ बौद्ध संगीति

चतुर्थ बौद्ध संगीति दो भिन्न बौद्ध संगीति बैठकों का नाम है। पहली श्रीलंका में प्रथम ईशा पूर्व हुई थी। चतुर्थ बौद्ध संगीति में थेरवाद त्रिपिटक को ताड़ के पतों...

चान

चान, एक बौद्ध धर्म सम्प्रदाय है जो महायान सम्प्रदाय की शाखा है। इसका प्रसार चीन में ६ठी शताब्दी से आरम्भ हुआ जो तामग वंश और सांग वंश के काल में प्रमुख धर्म ब...

चुल्लवग्ग

चुल्लवग्ग खंधक का दूसरा भाग है जबकि पहले भाग का नाम महावग्ग है। चुल्लवग्ग के बारह खंधक अर्थात् अध्याय हैं- 1 कम्म खंधक, 2 पारिवासिक, 3 समुच्चय, 4 समथ, 5 खुद्...

चूलवंश

चूलवंश, पालि भाषा में रचित श्रीलंका के राजाओं का इतिहास है। इसमें ४थी शताब्दी से लेकर १८१५ तक के काल का इतिहास है। इसकी रचना अनेकों वर्षों में अनेकों भिक्षुओ...

चेतना (बौद्ध धर्म)

बौद्ध दर्शन के सन्दर्भ में चेतना मष्तिक की वह वस्तु है जो मन को एक निश्चित दिशा या निश्चित लक्ष्य की ओर प्रेरित करती है। बौद्ध धर्म में चेतना कई रूपों में वर...

जातक

जातक या जातक पालि या जातक कथाएं बौद्ध ग्रंथ त्रिपिटक का सुत्तपिटक अंतर्गत खुद्दकनिकाय का १०वां भाग है। इन कथाओं में भगवान बुद्ध के पूर्व जन्मों की कथायें हैं...

तथागत

त्रिपटकों में तथागत शब्द का उपयोग गौतम बुद्ध ने स्वयं के लिये किया है। इस शब्द का अर्थ है- तथा+गत = वह जो, वैसा ही चला गया। ततः+स+गत ज्यादा सही होगा। Tathaga...

तारा (बौद्ध धर्म)

महायान तिब्बती बौद्ध धर्म के सन्दर्भ में तारा या आर्य तारा एक स्त्री बोधिसत्व हैं। वज्रयान बौद्ध धर्म में वे स्त्री बुद्ध के रूप में हैं। वे "मुक्ति की जननी"...

तृतीय बौद्ध संगीति

तृतीय बौद्ध संगीति का आयोजन २५० /255 ईसापूर्व पाटलिपुत्र के अशोकराम नामक स्थान पर हुई थी। सम्भवतः यह संगीति सम्राट अशोक के संरक्षण में बुलाई गयी थी किन्तु अश...

त्रिरत्न

बुद्ध का मतलब जागृत एवं अनंत ज्ञानी मनुष्य, जिसने खुद के प्रयासों से बुद्धत्व प्राप्त किया। ‘बुद्ध’ शाक्यमूनी तथागत गौतम बुद्ध है। बुद्ध = तार्किक ज्ञान विचा...

थाईलैंड में बौद्ध धर्म

यह लेख थाईलैंड में बौद्ध धर्म के बारे में है, बौद्ध धर्म की व्यापक परिभाषा के लिए विश्व में बौद्ध धर्म देखें। थाईलैंड में बौद्ध धर्म थेरवाद बौद्ध सम्प्रदाय ह...

थेरगाथा

थेरगाथा, खुद्दक निकाय का आठवाँ ग्रंथ है। इसमें 264 थेरों के उदान संगृहीत हैं। ग्रंथ 21 निपातों में है। पहले निपात में 12 वर्ग हैं, दूसरे निपात में 5 वर्ग हैं...

थेरवाद

थेरवाद या स्थविरवाद वर्तमान काल में बौद्ध धर्म की दो प्रमुख शाखाओं में से एक है। दूसरी शाखा का नाम महायान है। थेरवाद बौद्ध धर्म भारत से आरम्भ होकर दक्षिण और ...

थेरीगाथा

थेरीगाथा, खुद्दक निकाय के 15 ग्रंथों में से एक है। इसमें परमपदप्राप्त 73 विद्वान भिक्षुणियों के उदान अर्थात् उद्गार 522 गाथाओं में संगृहीत हैं। यह ग्रंथ 16 न...

दशभूमीश्वर

दशभूमीश्वर, महायान बौद्ध साहित्य का एक विशिष्ट पारिभाषिक शब्द जिसका आधार "दशभूमिक" नामक ग्रंथ है। यह महासांधिकों की लोकोत्तरवादी शाखा का ग्रंथ है जिसका सर्वप...

दीक्षाभूमि

दीक्षाभूमि भारत में बौद्ध धर्म का एक प्रमुख केंद्र है। यहां बौद्ध धर्म की पुनरूत्थान हुआ है। महाराष्ट्र राज्य की उपराजधानी नागपुर शहर में स्थित इस पवित्र स्थ...

दीघनिकाय

दीघनिकाय बौद्ध ग्रंथ त्रिपिटक के सुत्तपिटक का प्रथम निकाय है। दीघनिकाय में कुल ३४ सुत्त सूत्र है। यह लम्बे सूत्रों का संकलन है। इन सुत्रों के आकार दीर्घ हैं ...

देवदत्त

देवदत्त, सुपब्बुध के पुत्र था और भगवां बुद्ध के समकालीन था। वह बुद्ध से दीक्षित होकर बौद्ध संघ में शामिल हो गये था। प्रारंभ में बौद्धधरम के प्रति उसकी बड़ी आ...

धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस

धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस भारतीय बौद्धों एक प्रमुख उत्सव है। दुनिया भर से लाखों बौद्ध अनुयायि एकट्टा होकर हर साल अशोक विजयादशमी एवं १४ अक्टूबर के दिन इसे मुख्य ...

धम्मपद

धम्मपद बौद्ध साहित्य का सर्वोत्कृष्ट लोकप्रिय ग्रंथ है। इसमें बुद्ध भगवान् के नैतिक उपदेशों का संग्रह यमक, अप्पमाद, चित्त आदि 26 वग्गों में वर्गीकृत 423 पालि...

धर्मत्रात

सर्वास्तिवाद दर्शन के प्रवर्तक गुरुओं एवं ग्रन्थकारों को धर्मत्रात कहते हैं। धर्मत्रात का शाब्दिक अर्थ है- धर्म का रक्षक। चीनी में धर्मत्रात का लिप्यन्तरण यह...

नवबौद्ध

नवबौद्ध यह भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा भारत के धर्म परिवर्तित कर बौद्ध बने हुए लोगो के लिए इस्तेमाल किये जाने वाली एक "सरकारी संज्ञा" हैं। तथापि भारत...

नवयान

नवयान बौद्ध धर्म का एक सम्प्रदाय हैं, जो भारतीय बौद्ध नेता भीमराव आम्बेडकर द्वारा निर्मीत हैं। नवयान का अर्थ है - "नया मार्ग"। इस बौद्ध धर्म के सारे अनुयायि ...