इंदिरा एकादशी

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियाँ होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है।

1. कथा
धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवान! आश्विन कृष्ण एकादशी का क्या नाम है? इसकी विधि तथा फल क्या है? सो कृपा करके कहिए। भगवान श्रीकृष्ण कहने लगे कि इस एकादशी का नाम इंदिरा एकादशी है। यह एकादशी पापों को नष्ट करने वाली तथा पितरों को अ‍धोगति से मुक्ति देने वाली होती है। हे राजन! ध्यानपूर्वक इसकी कथा सुनो। इसके सुनने मात्र से ही वायपेय यज्ञ का फल मिलता है।
प्राचीनकाल में सतयुग के समय में महिष्मति नाम की एक नगरी में इंद्रसेन नाम का एक प्रतापी राजा धर्मपूर्वक अपनी प्रजा का पालन करते हुए शासन करता था। वह राजा पुत्र, पौत्और धन आदि से संपन्न और विष्णु का परम भक्त था। एक दिन जब राजा सुखपूर्वक अपनी सभा में बैठा था तो आकाश मार्ग से महर्षि नारद उतरकर उसकी सभा में आए। राजा उन्हें देखते ही हाथ जोड़कर खड़ा हो गया और विधिपूर्वक आसन व अर्घ्य दिया।
सुख से बैठकर मुनि ने राजा से पूछा कि हे राजन! आपके सातों अंग कुशलपूर्वक तो हैं? तुम्हारी बुद्धि धर्म में और तुम्हारा मन विष्णु भक्ति में तो रहता है? देवर्षि नारद की ऐसी बातें सुनकर राजा ने कहा- हे महर्षि! आपकी कृपा से मेरे राज्य में सब कुशल है तथा मेरे यहाँ यज्ञ कर्मादि सुकृत हो रहे हैं। आप कृपा करके अपने आगमन का कारण कहिए। तब ऋषि कहने लगे कि हे राजन! आप आश्चर्य देने वाले मेरे वचनों को सुनो।
मैं एक समय ब्रह्मलोक से यमलोक को गया, वहाँ श्रद्धापूर्वक यमराज से पूजित होकर मैंने धर्मशील और सत्यवान धर्मराज की प्रशंसा की। उसी यमराज की सभा में महान ज्ञानी और धर्मात्मा तुम्हारे पिता को एकादशी का व्रत भंग होने के कारण देखा। उन्होंने संदेशा दिया सो मैं तुम्हें कहता हूँ। उन्होंने कहा कि पूर्व जन्म में ‍कोई विघ्न हो जाने के कारण मैं यमराज के निकट रह रहा हूँ, सो हे पुत्र यदि तुम आश्विन कृष्णा इंदिरा एकादशी का व्रत मेरे निमित्त करो तो मुझे स्वर्ग की प्राप्ति हो सकती है।
इतना सुनकर राजा कहने लगा कि हे महर्षि आप इस व्रत की विधि मुझसे कहिए। नारदजी कहने लगे- आश्विन माह की कृष्ण पक्ष की दशमी के दिन प्रात:काल श्रद्धापूर्वक स्नानादि से निवृत्त होकर पुन: दोपहर को नदी आदि में जाकर स्नान करें। फिर श्रद्धापूर्व पितरों का श्राद्ध करें और एक बार भोजन करें। प्रात:काल होने पर एकादशी के दिन दातून आदि करके स्नान करें, फिर व्रत के नियमों को भक्तिपूर्वक ग्रहण करता हुआ प्रतिज्ञा करें कि ‘मैं आज संपूर्ण भोगों को त्याग कर निराहार एकादशी का व्रत करूँगा।
हे अच्युत! हे पुंडरीकाक्ष! मैं आपकी शरण हूँ, आप मेरी रक्षा कीजिए, इस प्रकार नियमपूर्वक शालिग्राम की मूर्ति के आगे विधिपूर्वक श्राद्ध करके योग्य ब्राह्मणों को फलाहार का भोजन कराएँ और दक्षिणा दें। पितरों के श्राद्ध से जो बच जाए उसको सूँघकर गौ को दें तथा ध़ूप, दीप, गंध, ‍पुष्प, नैवेद्य आदि सब सामग्री से ऋषिकेश भगवान का पूजन करें।
रात में भगवान के निकट जागरण करें। इसके पश्चात द्वादशी के दिन प्रात:काल होने पर भगवान का पूजन करके ब्राह्मणों को भोजन कराएँ। भाई-बंधुओं, स्त्री और पुत्र सहित आप भी मौन होकर भोजन करें। नारदजी कहने लगे कि हे राजन! इस विधि से यदि तुम आलस्य रहित होकर इस एकादशी का व्रत करोगे तो तुम्हारे पिता अवश्य ही स्वर्गलोक को जाएँगे। इतना कहकर नारदजी अंतर्ध्यान हो गए।
नारदजी के कथनानुसार राजा द्वारा अपने बाँधवों तथा दासों सहित व्रत करने से आकाश से पुष्पवर्षा हुई और उस राजा का पिता गरुड़ पर चढ़कर विष्णुलोक को गया। राजा इंद्रसेन भी एकादशी के व्रत के प्रभाव से निष्कंटक राज्य करके अंत में अपने पुत्र को सिंहासन पर बैठाकर स्वर्गलोक को गया। हे युधिष्ठिर! यह इंदिरा एकादशी के व्रत का माहात्म्य मैंने तुमसे कहा।

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ISKCON Jaipur आज इंदिरा एकादशी का व्रत है। Facebook.

Ekadashi पितरों और मनुष्यों के मोक्ष की एकादशी इंदिरा एकादशी है, इसका व्रत सभी मनुष्यों को करना चाहिए। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। इंदिरा एकादशी इस वर्ष 25 सितंबर दिन बुधवार को पड़ रही. Indira Ekadashi Katha: इंदिरा एकादशी आज Bansal News. इंदिरा एकादशी आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है, इस दिन पितरों को श्राद्ध भी अर्पण किया जाता है। मान्यता है की इस दिन एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के पितरों को मुक्ति मिल जाती है। सभी एकादशियाँ व्यक्ति को जगत के. इस दिन करेंगे इंदिरा एकादशी व्रत तो पितरों का. अश्विन मास के कृष्ण पक्ष को पड़ने वाली एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है. हिंदू धर्म में इंदिरा एकादशी के व्रत का खास महत्व बताया गया है. माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है, साथ ही Следующая Войти Настройки Конфиденциальность Условия. इंदिरा एकादशी के 30 बेस्ट फ़ोटो और वीडियो. एकादशी तिथि का हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के लिए खास महत्व है। प्रत्येक चंद्र मास में दो एकादशियां आती है। इस तरह साल भर में 24 एकादशियां आती है मलमास या कहें अधिक मास की भी दो एकादशियों को मिलाकर इनकी संख्या 26 हो जाती है।.

क्या है इंदिरा एकादशी? पाप का नाश और पितरों की.

पितरों और मनुष्यों के मोक्ष की एकादशी इंदिरा एकादशी है, इसका व्रत सभी मनुष्यों को करना चाहिए। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। इंदिरा एकादशी इस वर्ष 25 सितंबर दिन बुधवार को पड़ रही है। इस व्रत को करने से. पितृ पक्ष में जरूर करें इंदिरा एकादशी का व्रत. पितरों को उद्धार के लिहाज से अश्विन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को बेहद खास माना जाता है. इसे इंदिरा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. हर साल ये एकादशी पितृ पक्ष के दौरान पड़ती है. इस बार ये 5 अक्टूबर को है. देखें. आज है इंदिरा एकादशी, जाने शुभ समय और पूजन विधि. आज बुधवार 25 सितंबर को इंदिरा एकादशी मनाई जाएगी इस एकादशी में अधिकतर लोग उपवास रखते हैं वैसे तो यह एकादशी माह में दो बार पड़ती है शुक्ल एकादशी और कृष्ण एकादशी इन एकादशी में भगवान विष्णु या उनके अवतारों की पूजा होती है. पितरों के मोक्ष के लिए है इंदिरा एकादशी भोपाल. इंदिरा एकादशी 25 सितंबर यानी कि आज है। पितृ पक्ष में आने वाली इस एकादशी का खास महत्व माना गया है। इस दिन व्रत रखने से पितरों को मोक्ष मिल जाता है साथ ही व्रत रखने वाले जातक का जीवन भी सुख से भर जाता है। कहा जाता है कि अगर.

25 09 2019 का पंचांग एवं राशिफल इंदिरा एकादशी व्रत.

आश्विन मास के श्राद्ध पक्ष में आने वाली एकादशी इंदिरा एकादशी के नाम से जनमानस में प्रसिद्ध है। इस दिन व्रत करने से पितृ दोष दूर होता है तथा पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। इतना ही नहीं यह एकादशी पितरों को स्वर्ग लोक दिलाने में भी सहायक. व्रत इंदिरा एकादशी व्रत से पितरों को Bhaskar. आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है इंदिरा एकादशी उपवास का विशेष महत्व है इससे पापों का नाश तो होता ही है, साथ ही पूर्वजों को भी मुक्ति मिलती है इससे मन और शरीर दोनों ही संतुलित रहते हैं इस समय एकादशी के.

इंदिरा एकादशी.

श्राद्ध में पड़ने वाली इंदिरा एकादशी का बहुत अधिक महत्व है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा।. इंदिरा एकादशी 2019 पूजा विधि, महत्व दिल से देशी. इंदिरा एकादशी 2019 की पूजा विधि, महत्व, शुभ मुहूर्त, आरती और कथा Indira Ekadashi Puja Vidhi, Mahatva Shubh Muhurat, Aarti and Story in Hindi. इंदिरा एकादशी हिंदुओं के शुभ उपवासों में से एक है, जो अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन आता हैं. जम के करो खरीददारी आज है इंदिरा एकादशी और 7 को. Indira Ekadashi 2019 इंदिरा एकादशी 2019 में 25 सिंतबर 2019 को है, इंदिरा एकादशी का शुभ मुहूर्त, इंदिरा एकादशी का महत्व, इंदिरा एकादशी व्रत विधि और इंदिरा एकादशी की व्रत कथा को पढ़ने सुनने से भगवान. इंदिरा एकादशी indira Ekadshi व्रत करने से पितरो को. आश्विन महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। श्राद्धपक्ष में पड़ने के कारण इस एकादशी का पद्म पुराण में काफी महत्व बताया गया है। इस साल इंदिरा एकादशी 25 सितंबर दिन बुधवार को है। शास्त्रों में.

इंदिरा एकादशी कब, महत्व, व्रत विधि और हरिभूमि.

लेकिन किसी कारणवश किसी ने अब तक श्राद्ध के नियमों का पालन नहीं किया है तो उसके लिए आश्विन माह में कृष्ण पक्ष एकादशी है इस दिन व्रत कर नियम का पालन करें ते पितरों को मुक्ति मिलती है। इसे इंदिरा एकादशी कहते हैं। Published by. पितरों को स्वर्ग लोक देने वाली इंदिरा एकादशी 25. इन्हीं खास एकादशियों में से एक है इंदिरा एकादशी। इंदिरा एकादशी चूंकि पितृपक्ष में आती है, इसलिए भी इसका महत्व बढ़ जाता है। इस एकादशी के बारे में कहा जाता है कि इसे करने से व्रती को तो मोक्ष की प्राप्ति होती ही है, जिसके निमित्त किया. इंदिरा एकादशी कथा: इंदिरा एकादशी व्रत में सुनें. New Delhi: हिन्दू शास्त्रों में एकादशी की तिथि को सबसे अच्छी तिथि मानी जाती है क्योंकि इस तिथि का सीधा संबंध भगवान विष्णु से होता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा करने पर पुण्य मिलता है। साल में कुल 24 एकादशी होती है। शास्त्रों.

इंदिरा एकादशी:जानिए कैसे मिलती है इस व्रत से.

Indira ekadashi 2019 date significance importance lord vishnu rat vidhi in hindi 3781167 अश्विन मास की कृष्णपक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है​. Indira Ekadashi Vrat Katha In Hindi इंदिरा एकादशी व्रत: इस. पितृपक्ष के दिनों में पड़ने वाली एकादशी को इंदिरा एकादशी या श्राद्ध पक्ष एकादशी कहते हैं। पितृपक्ष में पड़ने के कारण इस एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है।.

पितरों के मोक्ष का रास्ता खोलती है इंदिरा एकादशी.

इंदिरा एकादशी व्रत कथा पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार प्राचीनकाल में सतयुग के समय में महिष्मति नाम की एक नगरी में इंद्रसेन नाम का एक प्रतापी राजा धर्मपूर्वक अपनी प्रजा का पालन करते हुए शासन करता था। वह राजा पुत्र, पौत्और धन आदि से. इंदिरा एकादशी कथा महत्व एवम पूजा विधि Deepawali. इस गजब संयोग से लें व्रत का लाभ आज यानी 25 सितम्बर को इंदिरा एकादशी है। आश्विन महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। श्राद्धपक्ष में पड़ने के कारण इस एकादशी का महत्व बहुत.

इंदिरा एकादशी व्रत कथा JYOTI PRAKASH RAI द्वारा.

जयपुर आज इंदिरा एकादशी पर मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है साथ ही शुक्रवार देवी लक्ष्मी का दिन है। इस शुभ योग को खरीदारी के लिए भी अच्छा माना जा रहा है। वहीं 7 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्ध योग है दोनों की मुहूर्त बहुत ही शुभ है।. शुभ मंगल सावधान: बेहद खास है इंदिरा एकादशी Know. आज इंदिरा एकादशी का व्रत है। व्रत की महिमा इस प्रकार है. युधिष्ठिर ने पूछा हे मधुसूदन! कृपा करके मुझे यह बताइये कि आश्विन के कृष्णपक्ष में कौन सी एकादशी होती है? भगवान श्रीकृष्ण बोले राजन्! आश्विन. इंदिरा एकादशी का महत्व, Indira Ekadashi Memory Museum. इंदिरा एकादशी व्रत 25 सितंबर दिन बुधवार को है. इस दिन व्रत करने से व्यक्ति जन्म मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है, साथ ही इस व्रत का पुण्य पितरों को देने से उनको बैकुण्ठ की प्राप्ति होती है. Indira Ekadashi 2019: आज है इंदिरा एकादशी Hindustan. आश्विन कृष्ण एकादशी का नाम इंदिरा एकादशी है। यह एकादशी पापों को नष्ट करने वाली तथा पितरों को अ‍धोगति से मुक्ति देने वाली होती है। इंदिरा एकादशी व्रत कथा Watch Youtube Vrat Kath Video Indira Ekadashi Vrat Katha Hindi Main.

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इंदिरा एकादशी व्रत कथा । indira ekadashi vrat katha in hindi हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार 24 एकादशियों में से एक एकादशी है इंदिरा एकादशी। कई बार किसी वर्ष में अधिक मास होने के कारण 26 एकादशियां भी होती हैं, लेकिन इंदिरा. इंदिरा एकादशी से मिलता है पितरों को Namaste. देखें साल 2019 में पड़ने वाली सभी एकादशी, उपवास के दिन, व्रत तिथियां, मुहूर्त और पूजा हिंदू धर्म में एकादशी या ग्यारस एक महत्वपूर्ण तिथि है और एकादशी व्रत बहुत महत्त्वपूर्ण होता है। 25 सितंबर, 2019, बुधवार, इंदिरा एकादशी​. 20.

Indira Ekadashi Today: इंदिरा एकादशी आज, पाप का नाश और.

Worship News in Hindi: इंदिरा एकादशी व्रत: इस दिन व्रत करने से पितरों को मिलता है मोक्ष और जातक के पितृदोष होते हैं दूर, जानें महत्व. इंदिरा एकादशी 2019 व्रत तिथि व पूजा Astroyogi. आश्विन मास में एकादशी उपवास का विशेष महत्व है. इससे मन और शरीर दोनों ही संतुलित रहते हैं. इस समय एकादशी के उपवास से गंभीर रोगों से रक्षा होती है. पाप नाश और पितरों की शांति के लिए आश्विन मास की इंदिरा एकादशी का विशेष महत्व.

एकादशी 2019 एकादशी व्रत तिथि 2019 Ekadashi 2019.

आश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी इंदिरा एकादशी कहलाती है. इस दिन शालिग्राम की पूजा कर व्रत करने का विधान है. इंदिरा एकादशी 2019 व्रत पूजा विधि मुहूर्त एंड. इंदिरा एकादशी पितृ पक्ष में पड़ती है इसलिए इसका महत्‍व भी बढ़ जाता है। इस दिन शालिग्राम की पूजा कर व्रत रखने का विधान है। मान्‍यता है कि अगर सच्‍चे मन और श्रद्धा भाव से इस एकादशी का व्रत किया जाए तो पितरों को मोक्ष मिल जाता है। कहते हैं कि.

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Indira Ekadashi 2019: पितरों और मनुष्यों के मोक्ष की एकादशी इंदिरा एकादशी है, इसका व्रत सभी मनुष्यों को करना चाहिए। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। आज दिन बुधवार को इंदिरा एकादशी है। इस व्रत. आज इंदिरा एकादशी व्रत में सुनें यह कथा, जन्म मरण. इंदिरा एकादशी व्रत तथा श्राद्ध से करें पापों को नष्ट. आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी व्रत तथा श्राद्ध किया जाता है। इस एकादशी के व्रत को करने से अनेकों पापों को नष्ट करने में समर्थ माना जाता हैं। माना. इंदिरा एकादशी 2019 कथा एंड इट्स इम्पोर्टेंस. Share this: इंदिरा एकादशी Indira Ekadashi आज 25 सितंबर को इंदिरा एकादशी Indira Ekadashi मनाई जा रही है. आश्विन मास के पितृ पक्ष में पड़ने वाली यह एकादशी धार्मिक द्रष्टि से काफी महत्वपूर्ण है. इंदिरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु के ही.