नर्क चतुर्दशी

यह त्यौहार नरक चौदस या नर्क चतुर्दशी या नर्का पूजा के नाम से भी प्रसिद्ध है। मान्यता है कि कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के दिन प्रातःकाल तेल लगाकर अपामार्ग की पत्तियाँ जल में डालकर स्नान करने से नरक से मुक्ति मिलती है। विधि-विधान से पूजा करने वाले व्यक्ति सभी पापों से मुक्त हो स्वर्ग को प्राप्त करते हैं।
शाम को दीपदान की प्रथा है जिसे यमराज के लिए किया जाता है। दीपावली को एक दिन का पर्व कहना न्योचित नहीं होगा। इस पर्व का जो महत्व और महात्मय है उस दृष्टि से भी यह काफी महत्वपूर्ण पर्व हिन्दुओं का त्यौहार है। यह पांच पर्वों की श्रृंखला के मध्य में रहने वाला त्यौहार है जैसे मंत्री समुदाय के बीच राजा। दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस फिर नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली फिर दीपावली और गोधन पूजा, भाईदूज।

1. परिदृश्य
नरक चतुर्दशी को छोटी दीपावली भी कहते हैं। इसे छोटी दीपावली इसलिए कहा जाता है क्योंकि दीपावली से एक दिन पहले, रात के वक्त उसी प्रकार दीए की रोशनी से रात के तिमिर को प्रकाश पुंज से दूर भगा दिया जाता है जैसे दीपावली की रात को। इस रात दीए जलाने की प्रथा के संदर्भ में कई पौराणिक कथाएं और लोकमान्यताएं हैं। एक कथा के अनुसार आज के दिन ही भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी और दुराचारी नरकासुर का वध किया था और सोलह हजार एक सौ कन्याओं को नरकासुर के बंदी गृह से मुक्त कर उन्हें सम्मान प्रदान किया था। इस उपलक्ष में दीयों की बारत सजायी जाती है।
इस दिन के व्रत और पूजा के संदर्भ में एक अन्य कथा यह है कि रन्ति देव नामक एक पुण्यात्मा और धर्मात्मा राजा थे। उन्होंने अनजाने में भी कोई पाप नहीं किया था लेकिन जब मृत्यु का समय आया तो उनके सामने यमदूत आ खड़े हुए। यमदूत को सामने देख राजा अचंभित हुए और बोले मैंने तो कभी कोई पाप कर्म नहीं किया फिर आप लोग मुझे लेने क्यों आए हो क्योंकि आपके यहां आने का मतलब है कि मुझे नर्क जाना होगा। आप मुझ पर कृपा करें और बताएं कि मेरे किस अपराध के कारण मुझे नरक जाना पड़ रहा है। पुण्यात्मा राजा की अनुनय भरी वाणी सुनकर यमदूत ने कहा हे राजन् एक बार आपके द्वार से एक भूखा ब्राह्मण लौट गया यह उसी पापकर्म का फल है।
दूतों की इस प्रकार कहने पर राजा ने यमदूतों से कहा कि मैं आपसे विनती करता हूं कि मुझे वर्ष का और समय दे दे। यमदूतों ने राजा को एक वर्ष की मोहलत दे दी। राजा अपनी परेशानी लेकर ऋषियों के पास पहुंचा और उन्हें सब वृतान्त कहकर उनसे पूछा कि कृपया इस पाप से मुक्ति का क्या उपाय है। ऋषि बोले हे राजन् आप कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का व्रत करें और ब्रह्मणों को भोजन करवा कर उनसे अनके प्रति हुए अपने अपराधों के लिए क्षमा याचना करें।
राजा ने वैसा ही किया जैसा ऋषियों ने उन्हें बताया। इस प्रकार राजा पाप मुक्त हुए और उन्हें विष्णु लोक में स्थान प्राप्त हुआ। उस दिन से पाप और नर्क से मुक्ति हेतु भूलोक में कार्तिक चतुर्दशी के दिन का व्रत प्रचलित है। इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर तेल लगाकर और पानी में चिरचिरी के पत्ते डालकर उससे स्नान करने का बड़ा महात्मय है। स्नान के पश्चात विष्णु मंदिऔर कृष्ण मंदिर में भगवान का दर्शन करना अत्यंत पुण्यदायक कहा गया है। इससे पाप कटता है और रूप सौन्दर्य की प्राप्ति होती है।
कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को उपरोक्त कारणों से नरक चतुर्दशी, रूप चतुर्दशी और छोटी दीपावली के नाम से जाना जाता है। और इसके बाद क्रमशः दीपावली, गोधन पूजा और भाई दूज मनायी जाती है।

2. कथा
पौराणिक कथा है कि इसी दिन कृष्ण ने एक दैत्य नरकासुर का संहार किया था। सूर्योदय से पूर्व उठकर, स्नानादि से निपट कर यमराज का तर्पण करके तीन अंजलि जल अर्पित करने का विधान है। संध्या के समय दीपक जलाए जाते हैं।

3. उद्देश्य
इस त्योहार को मनाने का मुख्य उद्देश्य घर में उजाला और घर के हर कोने को प्रकाशित करना है। कहा जाता है कि दीपावली के दिन भगवान श्री राम चन्द्र जी चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या आये थे तब अयोध्या वासी ने अपनी खुशी दिए जलाकर और उत्सव मनाया व भगवान श्री राम चन्द्र माता जानकी व लक्छ्मण का स्वागत किया।

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नरक चतुर्दशी क्यों मनाई जाती है.

यमराज से रहना चाहते है दूर तो नरक चतुर्दशी पर भूलकर. Narak Chaturdashi 2019 नरक चतुर्दशी इस साल 2019 में 26 अक्टूबर 2019 के दिन मनाई जाएगी, नरक चतुर्दशी के दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने से सौंदर्य की प्राप्ति होती है,क्योंकि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था, आइए. नरक चतुर्दशी के उपाय. नरक चतुर्दशी 2019 की ताज़ा ख़बर Hindi News. 26 अक्टूबर यानी आज नरक चतुर्दशी है। इसे छोटी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि आज के दिन दान करने से आपके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।. नरक चतुर्दशी क्यों मनाते हैं. नरक चतुर्दशी स्टोरी इन हिंदी, क्यों Speaking Tree. Показаны результаты по запросу. नरक चतुर्दशी २०१८. छोटी दिवाली को क्यों कहा जाता है नरक चतुर्दशी. कृष्ण ने नरकासुर नाम के अत्यंत क्रूर राजा को दिवाली से पहले आने वाली चतुर्दशी के दिन मारा था। यह नरकासुर की ही इच्छा थी की यह चतुर्दशी का उत्सव मनाया जाए।.

नरक चतुर्दशी चे महत्व.

नरक चतुर्दशी छोटी दीपावली की कथा व पूजा विधि. नरक चतुर्दशी हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है. इसे छोटी दिवाली, नरक चौदस, रूप चतुर्दशी, यम चौदस भी कहा जाता है. इस साल नरक चौदस 26 अक्टूबर को मनाई जाएगी. आइए जानते हैं क्यों मनाई जाती है नरक. नरक चतुर्दशी मनजे काय. नरक चतुर्दशी की ताज़ा ख़बर, नरक चतुर्दशी ब्रेकिंग. हिन्दू धर्म में नरक चतुर्दशी का खास महत्व है और इसे मुक्ति देने वाला पर्व माना जाता है। इसी दिन श्रीकृष्ण ने नरकासुर नाम के राक्षस का वध किया था इसलिए इस चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन सूर्योदय से पहले.

नरक चतुर्दशी 2019.

आज है छोटी दीवाली यानी नरक चतुर्दशी DD News. नई दिल्ली। नरक चतुर्दशी पर दीपदान का बड़ा महत्व होता है। दीपदान से न केवल यम का भय दूर होता है, बल्कि समस्त ग्रहों की पीड़ा भी शांत होती है। इस बार नरक चतुर्दशी 26 और 27 अक्टूबर 2019 दोनों ही दिन रहेगी। नरक चतुर्दशी पर सुबह के समय.

नरक चतुर्दशी आज, जानिए पूजा विधि, व्रत कथा Namaste.

नर्क चतुर्दशी Нарака Чатурдаши. Narak Chaturdashi 2019 Choti Diwali: नरक चतुर्दशी मनाने के. नरक चतुर्दशी 2019 दिवाली से एक पहले आती है छोटी दिवाली इस दिन को नरक चतुदर्शी, यम चतुर्दशी और रूप चतुर्दशी भी कहा जाता है। व्रतकथा और पूजा विधि के लिये पढ़ें यह लेख।. आज है नरक चतुर्दशी, अच्छे स्वास्थ्य और News State. नरक चतुर्दशी के दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का अंत किया था इसलिए इस दिन को नरक चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है.

Narak chaturdashi 2019: पाप और नरक से मुक्ति Hindustan.

हिंदू पंचांग के अनुसार दिवाली का त्योहार इस साल 27 अक्टूबर दिन रविवार को पड़ रहा है। लेकिन उससे एक दिन पहले छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाता है। बता दें कि इस दिन को नरक चतुर्दशी, रूप चतुर्दशी और काली चौदस के नाम से जाना जाता. भाजपा की कमल दिवाली के जवाब में कांग्रेस. धनतेरस के दूसरे दिन नरक चतुर्दशी मनाया जाता है, इसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है। इस दिन भगवान कृष्‍ण, यमराज और बजरंगबली की पूजा करने का विधान है।.

NarakChaturdashi2019: दीवाली के दिन ही पड़ रही है नरक.

जागरण संवाददाता, कोटद्वार. धार्मिक मान्यता के अनुसार नरक चतुर्दशी पर सूर्योदय से पूर्व शरीर में तेल लगाकर स्नान करने के बाद यमराज को दीपदान करने से मनुष्य की अकाल मृत्यु टल जाती है। शनिवार को नरक चतुर्दशी है, जिसे छोटी. Happy Diwali SMS: आज लक्ष्मी गणेश का करें वंदन. तब से ही दिवाली से ठीएक दिन पहले नरक चतुर्दशी के रूप मनाए जाने की परंपरा चलती आ रही है. नरक चतुर्दशी पूजा का शुभ मुहूर्त पूजा से पहले स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 05.16 से 06.30 तक पूजा करने की अवधि 1 घंटा 13 मिनट नरक चतुर्दशी पूजा. नरक चतुर्दशी के पूजन का शुभ मुहूर्त और विधि Newsato. दीपावली के एक दिन पहले छोटी दीपावली को नरक चतुर्दशी का त्‍योहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान कृष्‍ण ने नरकासुर के अत्‍याचार से तीनों जगत को मुक्ति दिलाई थी। इस साल नरक चौदस 26 अक्‍टूबर को यानी आज है। इस दिन दक्षिण दिशा की ओर.

Chhoti Diwali 2019: नरक चतुर्दशी आज, जानिए Quint Hindi.

नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली भी कहा जाता है और इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और हनुमान जी की पूजा की जाती है। दिवाली से एक दिन पहले कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन को छोटी दिवाली, रूप. ऐसे करें नरक चौदस और छोटी दीपावली पर पूजा, जानें. Univarta: पटना 26 अक्टूबर वार्ता नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली भी कहा जाता है और इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और हनुमान जी की पूजा की जाती है।. Diwali 2019: नरक चतुर्दशी पर दीपदान से Oneindia Hindi. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी ​Narak Chaturdashi कहा जाता है. छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी ​Narak Chaturdashi, यम चतुर्दशी Yam Chaturdashi, रूप चतुर्दशी Roop Chatirdashi या रूप चौदस Roop Chaudas के नाम से भी जाना. Machine kharidne ka shubh muhurat. नरक चतुर्दशी 2019. यह दिवाली से एक दिन पहले और धनतेरस से एक दिन बाद मनायी जाती है। यह अश्विन माह के 14 वें दिन अक्टूबर या नवम्बर में पडती है। यह माना जाता है कि यह हमारे जीवन से आलस्य और बुराई को नष्ट करने के लिये मनाया जाता है। 2019 में नरक.

Naraka Chaturdashi 2019 Date, Puja Timings: नरक चतुर्दशी के.

हरिद्वार पंच पर्वों का त्यौहार कही जाने वाली दीपावली पर्व की शुरूआत 25 अक्टूबर धनतेरस के साथ हो जाएगी। धनतेरस से पांच दिनों तक उत्सवों की धूम रहेगी। इस बार नरक चतुर्दशी को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है। नरक चतुर्दशी और. नरक चतुर्दशी 2019: जानें इस दिन क्या करने से होगी. नई दिल्ली: आज नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली है। धनतेरस के दूसरे दिन और दीपावली के एक दिन पहले छोटी दीवाली यानी कि नरक चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है। दिवाली के एक दिन पहले आने वाले इस त्योहार के दिन दीप दान किए जाते. नरक चतुर्दशी सनातन संस्था. आप सभी को नरक चतुर्दशी की हार्दिक शुभकामनाएँ आज के दिन किया गया जप तप, ध्यान भजन अनंत गुना फल देता है ।।.

नरक चौदस के दिन काजल बनाने का क्या है पकवानगली.

यदि आप भी लंबी उम्र का वरदान पाना चाहते है तो नरक चौदस यानि छोटी दीपावली वाले दिन यह गलती करने से बचें । नरक चतुर्दशी अर्थात् छोटी दिवाली को शास्त्रों में बड़ा महत्त्वपूर्ण बताया गया है और यह दिवाली व्यक्ति के जीवन और. नरक चतुर्दशी: इन बातों का ख्याल रखते हुए करें आज. नई दिल्ली। दिवाली से एक दिन पहले कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है। आज नरक चुतर्दशी है। इसे छोटी दिवाली और रूप चतुर्दशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसे. नरक चतुर्दशी के दिन यमराज और बजरंग बली की होती है. कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी पर्व के तौपर मनाया जाता है, जिसे नरक चौदस, रूप चतुर्दशी, काल चतुर्दशी और छोटी दीपावली के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और धर्मराज चित्रगुप्त की पूजा. नरक चतुर्दशी: जानिए क्यों मनाया जाती है नरक. दीपावली पर्व के एक दिन पहले अंचल में नरक चतुर्दशी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। नरक चतुर्दशी पर्व छोटी दिवाली के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है। सुबह लोगो ने पर्व के लिए खरीददारी की और शाम को.

नरक चतुर्दशी ऐसा करने से नरक नहीं जाना पड़ेगा.

Narak Chaturdashi 2019: कल है नरक चतुर्दशी, जानिए क्या है इसकी पौराणिक कथा. Narak Chaturdashi Mythological Story in Hindi: माना जाता है कि नरक चतुर्दशी के दिन व्रत करने से भगवान श्रीकृष्ण व्यक्ति को सौंदर्य प्रदान करते हैं। By मेघना वर्मा. नरक चतुर्दशी के खास दिन पर करें ये काम, होगी धन की. Intro:Body: दीपावली से ठीएक दिन पहले मनाई जाने वाली छोटी दीपावली को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है. नरक चतुर्दशी को नरक चौद, रूप चौदस, रूप चतुर्दशी के नाम से भी जाना हैं. Conclusion:. नरक चतुर्दशी बुराइयों को मिटाने का उत्सव ड्रूपल. Know about नरक चतुर्दशी in Hindi, नरक चतुर्दशी के बारे में जाने, Explore नरक चतुर्दशी with Articles, नरक चतुर्दशी Photos, नरक ​चतुर्दशी Video, नरक चतुर्दशी न्यूज़, नरक चतुर्दशी ताज़ा ख़बर in Hindi, जानें नरक चतुर्दशी के बारे में ताज़ा ख़बरों, फोटोज़ एवं.

नरक चतुर्दशी छोटी दिवाली पर ये काम 9 करने से.

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एक ही दिन मनाए जाएंगे, नरक चतुर्दशी Sudama News.

एक अन्य मान्यता के अनुसार नरक चतुर्दशी के दिन सुबह स्नान करके यमराज की पूजा और संध्या के समय दीप दान करने से नर्क के यतनाओं और अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। इस कारण भी नरक चतु्र्दशी के दिन दीपदान और पूजा का विधान है।. नरक चतुर्दशी. नई दिल्‍ली: धनतेरस के अगले दिन और दीवाली से एक दिन पहले नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इसे यम चतुर्दशी और रूप चतुर्दशी या रूप चौदस भी कहते हैं। यह पर्व नरक चौदस और नरक पूजा के नाम से भी प्रसिद्ध है। आमतौपर लोग इस पर्व को छोटी दीवाली भी कहते हैं।. धर्मशास्त्र Paliwalwani Paliwal Samaj Newspaper. यह त्यौहार नरक चौदस या नर्क चतुर्दशी या नर्का पूजा के नाम से भी प्रसिद्ध है। मान्यता है कि कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के दिन प्रातःकाल तेल लगाकर अपामार्ग की पत्तियाँ जल में डालकर स्नान करने से नरक से मुक्ति मिलती है। विधि विधान से पूजा करने वाले. क्यों कहा जाता है छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी. आज छोटी दीवाली यानी नरक चतुर्दशी है। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी के रुप में जाना जाता है। छोटी दीवाली को कृष्ण चतुर्दशी, छोटी दिवाली के रुप में मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान.