परमा एकादशी

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियाँ होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। अधिक मास या मल मास को जोड़कर वर्ष में 26 एकादशी होती है। अधिक मास में दो एकादशी होती है जो परमा और पद्मिनी के नाम से जानी जाती है। परमा एकादशी का जो महात्मय है आइये पहले हम उसे देखते हैं। अधिक मास में कृष्ण पक्ष में जो एकादशी आती है वह हरिवल्लभा अथवा परमा एकदशी के नाम से जानी जाती है ऐसा श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा है। भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को इस व्रत की कथा व विधि भी बताई थी।

1. कथा
काम्पिल्य नगरी में सुमेधा नामक एक ब्राह्मण अपनी पत्नी के साथ निवास करता था। ब्रह्मण धर्मात्मा था और उसकी पत्नी पतिव्रता। यह परिवार स्वयं भूखा रह जाता परंतु अतिथियों की सेवा हृदय से करता। धनाभाव के कारण एक दिन ब्रह्मण ने ब्रह्मणी से कहा कि धनोपार्जन के लिए मुझे परदेश जाना चाहिए क्योंकि अर्थाभाव में परिवार चलाना अति कठिन है।
ब्रह्मण की पत्नी ने कहा कि मनुष्य जो कुछ पाता है वह अपने भाग्य से पाता है। हमें पूर्व जन्म के फल के कारण यह ग़रीबी मिली है अत: यहीं रहकर कर्म कीजिए जो प्रभु की इच्छा होगी वही होगा। ब्रह्मण को पत्नी की बात ठीक लगी और वह परदेश नहीं गया। एक दिन संयोग से कौण्डिल्य ऋषि उधर से गुजर रहे थे तो उस ब्रह्मण के घर पधारे। ऋषि को देखकर ब्राह्मण और ब्राह्मणी अति प्रसन्न हुए। उन्होंने ऋषिवर की खूब आवभगत की।
ऋषि उनकी सेवा भावना को देखकर काफी खुश हुए और ब्राह्मण एवं ब्राह्मणी द्वारा यह पूछे जाने पर की उनकी गरीबी और दीनता कैसे दूर हो सकती है, उन्होंने कहा मल मास में जो शुक्ल पक्ष की एकादशी होती है वह परमा एकादशी के नाम से जानी जाती है, इस एकादशी का व्रत आप दोनों रखें। ऋषि ने कहा यह एकादशी धन वैभव देती है तथा पाप का नाश कर उत्तम गति भी प्रदान करने वाली है। किसी समय में धनाधिपति कुबेर ने इस व्रत का पालन किया था जिससे प्रसन्न होकर भगवान शंकर ने उन्हें धनाध्यक्ष का पद प्रदान किया।
समय आने पर सुमेधा नामक उस ब्राह्मण ने विधि पूर्वक इस एकादशी का व्रत रखा जिससे उनकी गरीबी का अंत हुआ और पृथ्वी पर काफी समय तक सुख भोगकर वे पति पत्नी श्री विष्णु के उत्तम लोक को प्रस्थान कर गये।

2. व्रत की विघि
इस एकादशी व्रत की विधि बड़ी ही कठिन है। इस व्रत में पांच दिनों तक निराहार रहने का व्रत लिया जाता है। व्रती को एकादशी के दिन स्नान करके भगवान विष्णु के समक्ष बैठकर हाथ में जल एवं फूल लेकर संकल्प करना चाहिए। इसके पश्चात भगवान की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद पांच दिनों तक श्री हरि में मन लगाकर व्रत का पालन करना चाहिए। पांचवें दिन ब्रह्मण को भोजन करवाकर दान दक्षिणा सहित विदा करने के पश्चात व्रती को स्वयं भोजन करना चाहिए।

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Parama Ekadashi 2019 परमा एकादशी व्रत कथा पूजन विधि.

वाराणसी. परमा एकादशी अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है जिसे पुरुषोत्तम एकादशी भी कहते हैं । साल में कुल 24 एकादशियां आती हैं। मलमास में इनकी संख्या 24 से बढ़कर 26 हो जाती है। इस बार परमा एकादशी मंगलवार 10 जून को पड़. Article परमा एकादशी Radha Kripa. अधिकमास माह में पद्मिनी कमला एवं परमा एकादशी आती है। पद्मिनी एकादशी का व्रत सभी तरह की मनोकामनाओं को पूर्ण करता है, साथ ही यह पुत्र, कीर्ति और मोक्ष देने वाला है। परमा एकादशी धन वैभव देती है तथा पापों का नाश कर उत्तम गति भी प्रदान. आश्चर्यजनक हैं एकादशी और प्रदोष, चमत्कार जानेंगे. Padmini Ekadashi 2018: पढ़ें, कमला एकादशी की पौराणिक व्रत कथा, सभी मनोकामनाएं होंगी पूर्ण जो पद्मिनी एकादशी शुक्ल पक्ष और परमा एकादशी कृष्ण पक्ष के नाम से जानी जाती हैं. पद्मिनी एकादशी का व्रत मनुष्‍यों के लिए दुर्लभ है. पुरुषोत्तम परमा एकादशी विधी एवं व्रत कथा. परमा एकादशी व्रत मुहूर्त एकादशी तिथि आरम्भ: रात्रि 9 जून 2018. एकादशी तिथि समाप्त: रात्रि 10 जून 2018. पारण समय: प्रातः से 11 जून 2018. परमा एकादशी व्रत का महत्व अधिक मास में कृष्ण पक्ष में जो एकादशी आती है उसे परमा. ये 26 उपवास कर लिए तो समझो जिंदगी का हर संकट खत्म. हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियाँ होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। अधिक मास या मल मास को जोड़कर वर्ष में 26 एकादशी होती है। अधिक मास में दो एकादशी होती है.

10 जून परमा एकादशी को सुबह उठकर सबसे पहले तुलसी के.

Rama Ekadashi 2019, Katha in HIndi, aarti, Significance, Vrat Vidhi, Muhurt, 24 October: 24 अक्टूबर यानी आज रमा एकादशी है। इस एकादशी ​Ekadashi को भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। परमा कृष्णपक्ष में होती, जन मंगल करनी शुक्ल. देव उठनी एकादशी 2019 Naidunia. कृष्णपक्ष की एकादशी अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी कहते है ।. स्वर्ग प्राप्ति वाला परमा एकादशी व्रत Parama. भगवान विष्‍णु इस दिन व्रत और दान को उत्तम बताया गया है। परमा एकादशी के बारे में एक कहानी प्रचलित है। सुमेधा नामक एक.

ज्येष्ठ अधिमास: कमला एकादशी आज, प्रसन्न Hindustan.

हे जनार्दन । आप अधिक लौंद मल पुरुषोत्तम मास के कृष्णपक्ष की एकादशी का नाम तथा उसके व्रत की विधि बतलाइये । इसमें किस​. परमा एकादशी अधिक लौंद मास महात्मय की दुर्लभ कथा. उक्त सभी तिथियों का अलग महत्व है लेकिन हम बताना चाहते हैं एकादशी और प्रदोष तिथि को किए वाले जाने व्रत का महत्व… माघ में जया एवं विजया, फाल्गुन में आमलकी एवं पापमोचिनी, अधिकमास तीन वर्ष में एक बार में पद्मिनी एवं परमा एकादशी।. जिंदगी न मिलेगी दोबारा: की सखियों संग web morcha. पुरूषोत्तम मास एकादशी के अवसर पर जिंदगी न मिलेगी दोबारा संस्था ने सुहागिनों को सुहाग चिन्ह देकर सम्मान किया। अधिकमास में 2 एकादशियां होती हैं, जो पद्मिनी एकादशी ​शुक्ल पक्ष और परमा एकादशी कृष्ण पक्ष के नाम से जानी. Tag: परमा एकादशी कब है Upchar Nuskhe. इस बार परमा एकादशी मंगलवार 12 सितंबर को पड़ रही है। इस दिन व्रत और दान को उत्तम बताया गया है। परमा एकादशी के बारे में एक कहानी प्रचलित है। सुमेधा नामक एक ब्राह्मण गरीबी में दिन गुजार रहे थे। एक दिन ब्राह्मण के घर कौण्डिल्य ऋषि.

तीन साल बाद यह एकादशी, जानें महत्व Navbharat Times.

परमा कृष्णपक्ष में होती, जन मंगल करनी। शुक्ल मास में होय पद्मिनी दुख दारिद्र हरनी॥ ॥ ॐ जय एकादशी ॥ जो कोई आरती एकादशी की, भक्ति सहित गावै। जन गुरदिता स्वर्ग का वासा, निश्चय वह पावै॥ ॥ ॐ जय एकादशी ॥ Disclaimer: इस लेख में दी गई. परमा एकादशी व्रत से हो जाएंगे सारे पाप नष्ट्र. अधिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी के नाम से जाना जाता हैं। वैसे तो हर वर्ष 24 एकादशियां होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है, तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। अधिकमास में 2 एकादशियां होती हैं, जो पद्मिनी एकादशी.

12 अगस्त 1947 को जब कश्मीर की राजनीति में नया.

रविवार यानि की 10 जून को अधिकमास की परमा एकादशी तिथि हैं, कहा जाता हैं कि अधिकमास में पड़ने वाली एकादशी को कुछ विशेष पूजा पाठ या उपाय किए जाए तो व्यक्ति के जीवन में हमेशा शुभ ही शुभ होते रहती हैं । अगर रविवार परमा एकादशी. धनवान बनने की चाह हैं तो रविवार 10 जून, परमा एकादशी. निर्जला एकादशी, 15.योगिनी एकादशी, 16. शयन एकादशी 17. कामिका एकादशी, 18. पवित्रा एकादशी, 19. अन्नदा एकादशी, 20. पार्श्व एकादशी, 21. इंदिरा एकादशी, 22.पाशांकुश एकादशी, 23. रमा एकादशी, 24. उत्थान एकादशी, 25. पद्मिनी एकादशी, 26. परमा एकादशी. Padmini Ekadashi Vrat पद्मिनी एकादशी Divine Strings. परमा एकादशी Parama Ekadashi.

संतान प्राप्ति और संतान सुख के लिए करें पुत्रदा.

पुरुषोत्तम मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी कमला, परमा एवं हरिवल्लभा एकादशी के नाम से प्रसिद्ध है। इस बार यह व्रत 10 जून को है। इस दिन भक्तिपूर्वक सच्चे भाव से व्रत करने वालों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और प्रभु की अपार कृपा जहां. परमा एकादशी फेस्टिवल इनफार्मेशन Dates of 2020 Hindu. पुरुषोत्तम मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी या हरिवल्लभ एकादशी के नाम से भी जानते हैं। इस दिन नरोत्तम भगवान विष्णु की पूजा से दुर्लभ सिद्धियों की प्राप्ति होती जाती है। जिस प्रकार संसार में चार पैर वालों में गौ. पुरुषोत्तमी परमा एकादशी व्रत कथा वेबदुनिया. अधिक मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी का नाम परमा एकादशी या पदमा एकादशी है. परमा एकादशी की कथा. काम्पिल्य नगर में. परमा एकादशी व्रत: इस विधि से पाएं दुर्लभ. श्री भगवान बोले हे राजन् अधिक मास में कृष्ण पक्ष में जो एकादशी आती है वह परमा, पुरुषोत्तमी या कमला एकादशी कहलाती​. पुरुषोत्तम मास आज से, रुके मांगलिक कार्य. 10 जून को परमा एकादशी पड़ रही हैं पुरुषोत्तम मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी या हरिवल्लभ एकादशी भी कहते हैं। परमा एकादशी के दिन यदि भगवान् विष्णु के संग तुलसी माता की भी पूजा की जाए तो साक्षात उस घर में माँ.

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परमा एकादशी व्रत का महत्व और कथा। parma ekadashi vrat ka mahatva aur katha। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक वर्ष में 24 एकादशियां आती हैं। लेकिन जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या 24 से बढ़कर 26 हो जाती है। अधिक मास में दो. पद्मिनी & परमा एकादशी 2019 व्रत कथा Shri Mathura Ji. अधिकमास में कृष्ण पक्ष में जो एकादशी आती है वह परमा, पुरुषोत्तमी या कमला एकादशी कहलाती है। वैसे तो प्रत्येक वर्ष 24. परमा एकादशी Owl. जया एकादशी व्रत. माघ शुक्ल पक्ष. 23. विजय एकादशी व्रत कथा. फाल्गुन कृष्ण पक्ष. 24. आमल की एकादशी व्रत कथा. फाल्गुन शुक्ल पक्ष. 25. पुरुषोत्तमी परमा एकादशी या कमला व्रत कथा. पुरुषोत्तम कृष्ण पक्ष. 26. कामदा एकादशी व्रत. पुरुषोत्तम शुक्ल पक्ष. जानिए साल 2020 में पड़ने वाली एकादशी Boldsky Hindi. परमा एकादशी पुण्य फल देने वाली होती है, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार परमा एकादशी के दिन भगवान कुबरे ने व्रत किया था और उनके व्रत से प्रसन्न होकर भगवान शंकर ने उन्हें धनाध्यक्ष बनाया।.

परमा एकादशी 2018 – जानिए परम एकादशी व्रत की पूजा.

श्री परमा एकादशी Parama Ekadashi लोंध मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है इसे पुरुषोत्तम मास की एकादशी Purushottam Maas Ekadashi भी कहते है जिस प्रकार संसार में दो पैरों वालों में ब्राह्मण, चार पैरों वालों में गौ माता तथा देवताओं में इन्द्र. एकादशी माहात्म्य अधिक मास कृष्णा परमा एकादशी. पद्मिनी एकादशी शुक्लपक्ष में तथा परमा एकादशी कृष्णपक्ष में आती हैं। जानते हैं अत्यंत पुण्य पद्मिनी एकादशी अधिक मास या पुरुषोत्तम मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहते हैं। इसे कमला एकादशी भी कहा जाता. कृष्णपक्ष की एकादशी TransLiteral Foundation. इसलिए इस एकादशी का विशेष महत्व है। पद्मपुराण में भगवान श्रीकृष्ण ने बताया है कि इस एकादशी से हजारों गाय दान करने का पुण्य प्राप्त होता है और आर्थिक कष्ट दूर होता। आइए देखें इस पुराण में परमा एकादशी के बारे में और क्या कहा.

परमा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं। एकादशी.

10 जून रविवार, परमा एकादशी उपवास। 11 जून सोमवार, सूर्योदय के बाद 7:04 से पहले पारण। परमा एकादशी की महिमा। भगवान श्रीकृष्ण जी ने युधिष्ठिर से कहा काम्पिल्य न. परमा एकादशी: यह व्रत दिलाएगा अपार धन सम्पदा!. एकादशी 2018 12 01 18 शुक्रवार,षट्तिला एकादशी 28 01 18,रविवार जया एकादशी 11 02 18 २विवार,विजया एकादशी 26 02 18 सोमवार,​अपरा एकादशी 25 05 18 शुक्रवार,कमला एकादशी 10 06 18 रविवार,​परमा एकादशी 23 06 18 शनिवार,निर्जला एकादशी 09 07 18 सोमवार​. Parma ekadashi vrat katha परमा एकादशी के दिन Amar Ujala. Dev Uthani Ekadashi 2019: प्रत्येक मास में दो एकादशी तिथि आती है और इनको अलग नामों से जाना जाता है. Dev Uthani Ekadashi 2019: हर मास की एकादशी का है अलग महत्व, जानिए इसके प्रकार. Publish Date: अधिक मास पुरुषोत्तम पद्मिनी परमा. Jeevan Maantra जीवन मंत्र. परमा एकादशी: रविवार के साथ एकादशी का संयोग, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि. रविवार को पड़ने के कारण इस एकादशी का महत्व और अधिक बढ़ गया है। पुरुषोत्तम मास में की जाने वाली इस एकादशी के प्रभाव से व्यक्ति समस्त पापकर्मों के.

परमा एकादशी Jyotish Vidhiya Astrology.

पुरुषोत्तम मास जेष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कमला एकादशी, परमा एकादशी और हरिवल्लभा एकादशी के नाम से भी जानते हैं। इस साल इस एकादशी का व्रत 10 जून रविवार को है। माना जाता है कि इस एकादशी का भक्तिपूर्वक व्रत करने. भविष्य दर्शन Bhavishy Darshan. शुक्ल. 20. षटतिला एकादशी. माघ. कृष्ण. 21. जया एकादशी. माघ. शुक्ल. 22. विजया एकादशी. फाल्गुन. कृष्ण. 23. आमलकी एकादशी. फाल्गुन. शुक्ल. 24. पापमोचिनी एकादशी. चैत्र. कृष्ण. 25. पद्‍मिनी एकादशी. पुरुषोत्तम. शुक्ल. 26. परमा एकादशी. पुरुषोत्तम. कृष्ण.

एकादशी की संपूर्ण जानकारी:डा. विनय बजरंगी, कर्मा.

पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी और श्रावण की एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यानि इन दोनों ऊँ जय एकादशी॥ परमा कृष्णपक्ष में होती, जन मंगल करनी। शुक्ल मास में होय पद्मिनी दुख दारिद्र हरनी॥ ।।ऊँ जय एकादशी॥ जो कोई आरती. एकादशी व्रत कथा क्या है? in hindi GyanApp. अधिक मास या मल मास को जोड़कर वर्ष में 26 एकादशी होती है। अधिक मास में दो एकादशी होती है जो परमा और पद्मिनी के नाम से जानी जाती है। परमा एकादशी का जो महात्मय है आइये पहले हम उसे देखते हैं।अधिक मास में कृष्ण पक्ष में जो एकादशी आती है वह. पद्मिनी एकादशी का महत्व – JAN JOSH NEWS. परमा एकादशी – परम एकादशी जिसे पुरुषोत्तम एकादशी भी कहते हैं अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है​। आइये जानते हैं परमा एकादशी की व्रत कथा, पूजा विधि व महत्व के बारे में।. Blogs 26 एकादशी और 26 फायदे, व्रत करेंगे तो जीवनभर. Tag: परमा एकादशी कब है. 10 June Parma Ekadashi परमा एकादशी व्रत पूजा विधि शुभ मुहूर्त UPCHAR June 9, 2018. Parama Ekadashi Vrat 2018 अधिकमास परमा एकादशी व्रत पूजा शुभ मुहूर्त – 10 June Parma Ekadashi – अधिक मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को परमा. Padmini Ekadashi 2018: पढ़ें, कमला एकादशी की. आइये जानते है की अधिक मास की कृष्ण पक्ष को आने वाली परमा एकादशी व्रत का महत्व, कथा और विधि क्या है यह एकादशी व्रत सबसे ज्यादा कठिन व्रत बताया गया है.

परमा एकादशी व्रत 2018 में परमा Apna Bana Ke.

भगवान कृष्ण बोले हे धर्म पुत्र! अधिक लौंद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का नाम परमा है। उन महात्म्य की कथा ऐसे है कम्पिल्य नगर में सुमेधा नामक एक ब्राह्मण रहता था। उसकी स्त्री का नाम पवित्रा था, वह पतिव्रता था, अतिथि सत्कार भी करती थी।. परमा पर ग्वाल नृत्य की प्रस्तुति देकर किया पूजन. परमा एकादशी व्रत 2018 में परमा एकादशी कब है? 10 जून, 2018 ​रविवार परमा एकादशी व्रत 2018 अधिक मास या पुरुषोत्तम मास. तीन साल बाद यह एकादशी, जानें महत्व और पूजा विधि. वाराणसी. परमा एकादशी अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है जिसे पुरुषोत्तम एकादशी भी कहते हैं । साल में कुल 24 एकादशियां आती हैं। मलमास में इनकी संख्या 24 से बढ़कर 26 हो जाती है। इस बार परमा एकादशी मंगलवार. Parma Ekadashi Vrat Katha In Hindi परमा एकादशी व्रत कथा. 10 जून को परमा एकादशी है, अधिक मास या पुरुषोत्तम मास में पड़ने के कारण इस एकादशी का काफी धार्मिक महत्व है। इस दिन भक्तिपूर्वक सच्चे भाव से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस एकादशी का सभी एकादशियों से खास महत्व है.