जया एकादशी

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियाँ होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। जया एकादशी के विषय में जो कथा प्रचलित है उसके अनुसार धर्मराज युधिष्ठिर भगवान श्री कृष्ण से निवेदन करते हैं कि माघ शुक्ल एकादशी को किनकी पूजा करनी चाहिए, तथा इस एकादशी का क्या महात्मय है। श्री कृष्ण कहते हैं माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी को "जया एकादशी" कहते हैं। यह एकादशी बहुत ही पुण्यदायी है, इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति नीच योनि जैसे भूत, प्रेत, पिशाच की योनि से मुक्त हो जाता है। श्री कृष्ण ने इस संदर्भ में एक कथा भी युधिष्ठिर को सुनाई।

1. जया एकादशी की कथा
नंदन वन में उत्सव चल रहा था। इस उत्सव में सभी देवता, सिद्ध संत और दिव्य पुरूष वर्तमान थे। उस समय गंधर्व गायन कर रहे थे और गंधर्व कन्याएं नृत्य प्रस्तुत कर रही थीं। सभा में माल्यवान नामक एक गंधर्व और पुष्पवती नामक गंधर्व कन्या का नृत्य चल रहा था। इसी बीच पुष्यवती की नज़र जैसे ही माल्यवान पर पड़ी वह उस पर मोहित हो गयी। पुष्यवती सभा की मर्यादा को भूलकर ऐसा नृत्य करने लगी कि माल्यवान उसकी ओर आकर्षित हो। माल्यवान गंधर्व कन्या की भंगिमा को देखकर सुध बुध खो बैठा और गायन की मर्यादा से भटक गया जिससे सुर ताल उसका साथ छोड़ गये।
इन्द्र को पुष्पवती और माल्यवान के अमर्यादित कृत्य पर क्रोध हो आया और उन्होंने दोनों को श्राप दे दिया कि आप स्वर्ग से वंचित हो जाएं और पृथ्वी पर निवास करें। मृत्यु लोक में अति नीच पिशाच योनि आप दोनों को प्राप्त हों। इस श्राप से तत्काल दोनों पिशाच बन गये और हिमालय पर्वत पर एक वृक्ष पर दोनों का निवास बन गया। यहां पिशाच योनि में इन्हें अत्यंत कष्ट भोगना पड़ रहा था। एक बार माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन दोनो अत्यंत दु:खी थे उस दिन वे केवल फलाहार रहे। रात्रि के समय दोनों को बहुत ठंढ़ लग रही थी अत: दोनों रात भर साथ बैठ कर जागते रहे। ठंढ़ के कारण दोनों की मृत्यु हो गयी और अनजाने में जया एकादशी का व्रत हो जाने से दोनों को पिशाच योनि से मुक्ति भी मिल गयी। अब माल्यवान और पुष्पवती पहले से भी सुन्दर हो गयी और स्वर्ग लो में उन्हें स्थान मिल गया।
देवराज ने जब दोनों को देखा तो चकित रह गये और पिशाच योनि से मुक्ति कैसी मिली यह पूछा। माल्यवान के कहा यह भगवान विष्णु की जया एकादशी का प्रभाव है। हम इस एकादशी के प्रभाव से पिशाच योनि से मुक्त हुए हैं। इन्द्र इससे अति प्रसन्न हुए और कहा कि आप जगदीश्वर के भक्त हैं इसलिए आप अब से मेरे लिए आदरणीय है आप स्वर्ग में आनन्द पूर्वक विहार करें।
कथा सुनकार श्री कृष्ण ने यह बताया कि जया एकादशी के दिन जगपति जगदीश्वर भगवान विष्णु ही सर्वथा पूजनीय हैं। जो श्रद्धालु भक्त इस एकादशी का व्रत रखते हैं उन्हें दशमी तिथि से को एक समय आहार करना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि आहार सात्विक हो। एकादशी के दिन श्री विष्णु का ध्यान करके संकल्प करें और फिर धूप, दीप, चंदन, फल, तिल, एवं पंचामृत से विष्णु की पूजा करे।

2. विधि
पूरे दिन व्रत रखें संभव हो तो रात्रि में भी व्रत रखकर जागरण करें। अगर रात्रि में व्रत संभव न हो तो फलाहाकर सकते हैं। द्वादशी के दिन ब्राह्मणों को भोजन करवाकर उन्हें जनेऊ सुपारी देकर विदा करें फिर भोजन करें। इस प्रकार नीयम निष्ठा से व्रत रखने से व्यक्ति पिशाच योनि से मुक्त हो जाता है।

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5 फ़रवरी Jaya Ekadashi 2020: भूलकर भी जया एकादशी पर न.

हिंदू पंचाग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी के नाम से जाना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है. Jaya Ekadashi 2020: जानिए जया एकादशी का Oneindia Hindi. सोशल: इस साल के व्रतों का सर्वश्रेष्ठ व्रत जया एकादशी कोई आम व्रत नहीं है. इस व्रत की बहुत सी महत्वता है. इस व्रत को स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने ने व्रतों में सर्वश्रेष्ठ कहा है. यह व्रत किसी न किसी श्रेष्ठ उद्देश्य के लिए बनाया गया.

जानें कब है जया एकादशी व्रत और क्या Surya Samachar.

पौराणिक मान्यताआें के अनुसार एक बार धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्री कृष्ण से पूछा कि माघ शुक्ल एकादशी को किसकी पूजा करनी चाहिए, तथा इस एकादशी का क्या महात्मय है। इस भगवान ने उत्तर दिया कि इस एकादशी को जया एकादशी कहते हैं। यह एकादशी. जया एकादशी के साथ बन रहा है शुभ योग Hindi News. हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत को बहुत ही पुण्य माना जाता है, क्योंकि इसके प्रभाव से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। पद्म पुराण के अनुसार माघ माह की शुक्ल एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु का पूजन करने का विधान है।. जया एकादशी व्रत कथा Samacharjagat DailyHunt. आज मृगशीर्ष नक्षत्र, वैधृति योग राज योग जया एकादशी व्रत के दिन कुछ विशेष उपाय करने से विभिन्न राशि वालों को अलग फलों की प्राप्ति होगी। जानें आचार्य इंदु प्रकाश से राशिनुसार कौन से उपाय करना होगा शुभ।.

जानिये कब है जया एकादशी व्रत, पूजा और कथा के नियम.

जया एकादशी – 5 फरवरी 2020. दिन बुधवार. एकादशी तिथि का प्रारम्भ – 4 फरवरी रात्री 9 बज के 49 मिनट से. एकादशी तिथि का समापन – 5 फरवरी रात्री 9 बज के 30 मिनट पर. हिन्दू धर्म मे एकादशी व्रत का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष भर. Jaya Ekadashi 2020: इस मंत्र का जाप करने से हर काम में. जया एकादशी का व्रत 5 फरवरी के दिन आ रहा है. इस एकादशी के दिन भगान विष्णु की पूजा की जाती है. इस व्रत को रखने से नीच योनि से मुक्ति मिल जाती है. Today, Jaya Ekadashi fast will be special due to the effect of Raja. इस वर्ष जया एकादशी व्रत 05 फरवरी को है। पंचांग के अनुसार, माघ महीने के एकादशी को जया एकादशी कहते हैं. वहीं एकादशी को अजा एकादशी भी कहा जाता हैं। इस एकादशी को काफी पुण्यदायी मानी जाती हैं. इस दिन दानपुण को काफी फलदाई माना. जया एकादशी देता है सभी कष्टो से मुक्ति – Etoinews. नई दिल्ली। Panchang 5 February 2020: भारतीय हिंदू धर्म के दैनिक पंचांग के अनुसार 5 February 2020 यानि आज का दिन बहुत शुभ है। आज जया एकादशी है, इस दिन व्रत रखने और जया एकादशी की कथा सुनने से मोक्ष की प्राप्ती होती है। इस दिन व्रत के.

जया एकादशी: आज इन राशियों की सभी कामनाएं होंगी.

जया एकादशी Jaya ekadashi 2020 व्रत का सीधा प्रभाव मन और शरीर दोनों पर पड़ता है, लेकिन एकादशी का लाभ तभी हो सकता है जब इसके नियमों का पालन किया जाए. जया एकादशी 2020 डेट शुभ मुहूर्त पूजा HerZindagi. Jaya Ekadashi 2020: अनजाने में जया एकादशी का व्रत करने से गंधर्व माल्यवान और पुष्पवती को पिशाच योनी से मुक्ति मिली थी. जया एकादशी से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इस बार 5 फरवरी के दिन जया एकादशी है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि जया एकादशी के दिन कैसे व्रत रखा जाता है, इस व्रत का क्या महत्व है और इस दिन क्या क्या नहीं करना चाहिए.

जाने कब है जया एकादशी, क्या है इसका महत्व https.

जया एकादशी व्रत कैसे रखें और क्या है इसकी कहानी? Jaya Ekadashi Vrat Vidhi Katha In Hindi – यह व्रत माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी को किया जाता है। यह एकादशी बहुत ही पुण्य देने वाली मानी गई है। जो व्यक्ति जया एकादशी का व्रत रखता है उसे भूत,. Jaya Ekadashi 2020: 5 फरवरी को है जया एकादशी Hindustan. जया एकादशी को हिन्‍दू धर्म में अत्‍यंत पुण्‍यदायी और कल्‍याणकारी माना जाता है. जया एकादशी व्रत से प्रसन्न होते हैं भगवान विष्णु. In 2019 Jaya ekadashi will be observed on 16th Feb माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया, अजा तथा भीष्म एकादशी भी कहते हैं। जया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है। जया एकादशी के विषय में जो कथा प्रचलित है उसके अनुसार धर्मराज.

जया एकादशी 5 फरवरी को, इससे जुड़ी प्रामाणिक व्रत.

जया एकादशी व्रत कैसे रखें और क्या है इसकी कहानी? Jaya Ekadashi Vrat Vidhi Katha In Hindi – यह व्रत माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी को किया जाता है। यह एकादशी बहुत ही पुण्य देने वाली मानी गई है। जो व्यक्ति जया एकादशी का व्रत रखता है उसे भूत, Следующая Войти Настройки Конфиденциальность Условия. जया एकादशी व्रत विधि पूजा डेट एंड टाइम इम्पोर्टेंस. जया एकादशी 28 जनवरी रविवार को मनाये माघ शुक्ल एकादशी व्रत​. सनातन धर्म में मनुष्य को चार पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्राप्त करने के लिए भिन्न भिन्न देवी देवताओं के व्रत​… Read More Jindal Ad. पुण्यदायी पापनाशिनी. 5 फरवरी को जया एकादशी है। इस दिन पूजा और व्रत करने का शुभ मुहूर्त पंडित दयानंद शास्त्री से जानें।. जया एकादशी व्रत, भूत पिशाच योनि से मुक्ति Patrika. माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। जया एकादशी को अजा एकादशी भी कहा जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस एकादशी व्रत को करने से व्यक्ति को समस्त पापों से मुक्ति तो मिलती.

Jaya Ekadashi 2020: आज है जया एकादशी Navbharat Times.

जया एकादशी व्रत कैसे रखें और क्या है इसकी कहानी? Jaya Ekadashi Vrat Vidhi Katha In Hindi – यह व्रत माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी को किया जाता है। यह एकादशी बहुत ही पुण्य देने वाली मानी गई है। जो व्यक्ति जया एकादशी का व्रत रखता है उसे भूत, Следующая Войти Настройки. जया एकादशी 2020 इस दिन भूलकर भी न करें ये काम. Jaya Ekadashi Importance जया एकादशी का महत्व Divine Strings माघ शुक्ल एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है इस दिन भगवान विष्णु के लिए व्रत किया जाता है. जया एकादशी के व्रत से मिलती है पापों Dainik Bhaskar. जया एकादशी को हिंदू धर्म में अत्‍यंत पुण्‍यदायी और कल्‍याणकारी माना गया है। इस व्रत के प्रताप से व्‍यक्ति के सभी पापों का नाश होता है। पौराणिक मान्‍यता के अनुसार दुख, दरिद्रता और कष्‍टों को दूर करने के लिए जया एकादशी का व्रत.

जया एकादशी पर कैसे करे भगवान विष्णु की आराधना.

जया एकादशी 2020 – माघ मास की शुक्ल एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। आइये जानें जया एकादशी 2020 की व्रतकथा व पूजा विधि।. Jaya Ekadashi, 5 February 2020: आज है जया एकादशी Jansatta. Jaya Ekadashi 2020 माघ मास के शुक्लपक्ष की एकादशी का नाम जया एकादशी है. जया एकादशी सभी पापों को हरने वाली और उत्तम कही गई है. पवित्र होने के कारण यह एकादशी व्यक्ति के सभी पापों का नाश करती है. इसका प्रत्येक वर्ष व्रत करने से.

आज है जया एकादशी, क्या करें कि मिले Jyotish and.

Tuesday, 07 Feb, 10.36 am समाचार जगत. A A. धर्म जया एकादशी व्रत कथा. ताजा खबर. सिर्फ नाम के लिए टेस्ट क्रिकेट में बदलाव खतरनाक होगा 19 min ago देश. महिला हिंसा: 728 वन स्टाप सेंटर बनने थे, काम कर रहे महज 38 min ago. होम. विपक्ष पर हमला बोलते हुए. शनिवाऔर जया एकादशी का शुभ योग, करें ये उपाय, चमक. Jaya Ekadashi 2020: हिन्‍दू धर्म में जया एकादशी व्रत अत्‍यंत कल्‍याणकारी माना जाता है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को ब्रह्म हत्या जैसे महापाप से भी मुक्ति मिल जाती है। इस साल जया एकादशी व्रत 05 फरवरी, बुधवार को.

जया एकादशी 2020 Naidunia.

हिंदू धर्म में हिंदू पंचाग के मुताबिक एकादशी का अपना एक अलग महत्व होता है। इस माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी के नाम से जाना जाता है। जया एकादशी के नाम के साथ ​साथ इसे अजा एकादशी के नाम से भी जानते है। PAGE 2. जया एकादशी व्रत कथा और महत्व, जानिए आज के दिन. Jaya Ekadashi Vrat Katha In Hindi, Vrat Vidhi, Pujan Vidhi माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहते हैं। इस एकादशी के उपवास से मनुष्य भूत, प्रेत, पिशाच आदि की योनि से छूट जाता है​, अतः इस एकादशी के उपवास को विधि अनुसार करना चाहिए. जया एकादशी व्रत कैसे रखें और क्या है इसकी कहानी. जया एकादशी Jaya Ekadashi 2020 हिन्‍दू पांचांग में आज 05 फरवरी, बुधवार को जया एकादशी Jaya Ekadashi 2020 है. इस व्रत का काफी धार्मिक महत्व है. इस व्रत को मंगलकारी फल देने वाला माना जाता है. यह भी मान्यता है कि इस व्रत को करने वाले.

जया एकादशी व्रत कथा एवं व्रत विधि Jaya Ekadashi Vrat.

हिन्दु धर्म में एकादशी व्रत को बहुत ही पुण्य व्रत माना गया है, क्योंकि इसके प्रभाव से मनुष्य के सभी बुरे काम समाप्त हो जाते हैं. पद्ध पुराण के मुताविक माघ माह की शुक्ल एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु के उपेंद्र रूप. Jaya Ekadashi 2020: जया एकादशी आज, जानें News18 Hindi. मेष चू,चे,चो, ला,ली,लू,ले,लो,अ सितारा दोपहर तक कारोबारी कामों में लाभ देने तथा बेहतरी के हालात बनाने वाला,. जया एकादशी का महत्व और रखने की विधि जानें – Shree. ज्योतिष. जया एकादशी व्रत कथा: इन्द्र ने दिया था श्राप, व्रत के प्रभाव ने दिलाई मुक्ति. हिंदू पंचांग के अनुसार कुछ स्थानों पर इस बार जया एकादशी का व्रत 15 फरवरी और अन्य गणनाओं के मुताबिक किसी किसी स्थान पर इसे 16 फरवरी को मनाया जाएगा. जया एकादशी व्रत कथा Jaya Ekadashi Vrat Bh. Jaya Ekadashi 2020: स्नान दान और पुण्य प्रभाव के माह माघ मास की शुक्लपक्ष एकादशी को जया एकादशी कहा गया है। इसी दिन भक्त पुण्डरीक का उत्सव पंढरपुर महाराष्ट्र में मनाया जाता है। जया एकादशी के पुण्य के कारण मनुष्य सभी पापों से. कल है जया एकादशी, जानिए व्रत का महत्‍व, Astrologer Dr. कल शनिवार है और साथ ही बन रहा है जया एकादशी का शुभ योग । एकादशी के दिन व्रत पूजन करना बहुत ही लाभदायक माना जाता है । जानें इस दिन का क्‍या महत्‍व है ।.

2018 Ekadashi Vrat Dates and Fast Rules: जया एकादशी 2018.

हिंदू कैलेंडर के अनुसार माघ मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को जया एकादशी व्रत किया जाता है। साल में अाने वाली 24 एकादशियों में ये भी महत्वपूर्ण व्रत है। इस व्रत को करने से पिछले कार्मिक दोषों से मुक्ति मिल सकती है और मृत्यु. जया एकादशी – Live Dharm Rashi. श्रीकृष्ण कहने लगे कि हे राजन्! माघ शुक्ल एकादशी के दिन आने वाली एकादशी को जया एकादशी के नाम से जाना जाता है। जया एकादशी व्रत कथा Jaya Ekadashi Vrat Katha Hindi Main. जया एकादशी व्रत कथा: इन्द्र ने दिया था श्राप, व्रत. डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हिन्दू पंचांग में एकादशी का काफी महत्व समझा गया है। वहीं माघ मास के शुक्लपक्ष के एकादशी को जया एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह एकादशी सभी पापों को हरने वाली और उत्तम कही गई है। इस बार यह तिथि 5. जया एकादशी 2020 – क्या है माघ शुक्ल astroYogi. कल है जया एकादशी, जानिए व्रत का महत्‍व, शुभ मुहूर्त और एकादशी के दिन क्या विशेष करें JAYA EKADASHI 2019 शनिवार, 16 फरवरी को माघ मास के शुक्ल पक्ष की.