भूगोल का इतिहास

भूगोल का इतिहाइस भूगोल नामक ज्ञान की शाखा में समय के साथ आये बदलावों का लेखा जोखा है। समय के सापेक्ष जो बदलाव भूगोल की विषय वस्तु, इसकी अध्ययन विधियों और इसकी विचारधारात्मक प्रकृति में हुए हैं उनका अध्ययन भूगोल का इतिहास करता है।
भूगोल प्राचीन काल से उपयोगी विषय रहा है और आज भी यह अत्यन्त उपयोगी है। भारत, चीन और प्राचीन यूनानी-रोमन सभ्यताओं ने प्राचीन काल से ही दूसरी जगहों के वर्णन और अध्ययन में रूचि ली। मध्य युग में अरबों और ईरानी लोगों ने यात्रा विवरणों और वर्णनों से इसे समृद्ध किया। आधुनिक युग के प्रारंभ के साथ ही भौगोलिक खोजों का युग आया जिसमें पृथ्वी के ज्ञात भागों और उनके निवासियों के विषय में ज्ञान में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। भूगोल की विचारधारा या चिंतन में भी समय के साथ बदलाव हुए जिनका अध्ययन भूगोल के इतिहास में किया जाता है। उन्नीसवीं सदी में पर्यावरणीय निश्चयवाद, संभववाद और प्रदेशवाद से होते हुए बीसवीं सदी में मात्रात्मक क्रांति और व्यावहारिक भूगोल से होते हुए वर्तमान समय में भूगोल की चिंतनधारा आलोचनात्मक भूगोल तक पहुँच चुकी है।
भूगोल शब्द संस्कृत के भू और गोल शब्दों से मिल कर बना है जिसका अर्थ है गोलाकार पृथ्वी। प्राचीन समय में जब भूकेंद्रित ब्रह्माण्ड geocentric universe की संकल्पना प्रचलित थी तब पृथ्वी और आकाश को दो गोलों के रूप में कल्पित किया गया था भूगोल और खगोल। खगोल जो आकाश का प्रतिनिधित्व करता था, बड़ा गोला था और इसके केन्द्र में पृथ्वी रुपी छोटा गोला भूगोल अवस्थित माना गया। इन दोनों के वर्णनों और प्रेक्षणों के लिये संबंधित विषय बाद में भूगोल और खगोलशास्त्र थे।
भूगोल के लिये अंग्रेजी शब्द ज्याग्रफी यूनानी भाषा के γεωγραφία – geographia से बना है जो स्वयं geo पृथ्वी और graphia से मिलकर बना है। इस शब्द geographia का सर्वप्रथम प्रयोग इरैटोस्थनीज 276–194 ई॰ पू॰ ने किया था।

1.1. प्राचीन युग में भूगोल भारतीय योगदान
भारतीय योगदान भूगोल को सृष्टि तथा मानव की उत्पत्ति संबद्ध मानते हुए शुरू होता है। वैदिक काल में भूगोल से संबंधित वर्णन वैदिक रचनाओं में प्राप्त होते हैं। ब्रह्मांड, पृथ्वी, वायु, जल, अग्नि, अकाश, सूर्य, नक्षत्र तथा राशियों का विवरण वेदों, पुराणों और अन्य ग्रंथों में दिया ही गया है किंतु इतस्तत: उन ग्रंथों में सांस्कृतिक तथा मानव भूगोल की छाया भी मिलती है। भारत में अन्य शास्त्रों के साथ साथ ज्योतिष, ज्यामिति तथा खगोल का भी विकास हुआ था जिनकी झलक प्राचीन खंडहरों या अवशेष ग्रंथों में मिलती है। महाकाव्य काल में सामरिक, सांस्कृतिक भूगोल के विकास के संकेत मिलते हैं। भू का अर्थ पृथ्वी है

1.2. प्राचीन युग में भूगोल यूनानी योगदान
यूनान के दार्शनिकों ने भूगोल के सिद्धांतों की चर्चा की थी। लगभग 900 ईसा पूर्व होमर ने बतलाया था कि पृथ्वी चौड़े थाल के समान और ऑसनस नदी से घिरी हुई है। होमर ने अपनी पुस्तक इलियड में चारों दिशाओं से बहने वाली पवने बोरस, ह्यूरस इत्यादि का वर्णन किया है। मिलेट्स के थेल्स ने सर्वप्रथम बतलाया कि पृथ्वी मण्डलाकार है। पाइथैगोरियन संप्रदाय के दार्शनिकों ने मण्डलाकार पृथ्वी के सिद्धांत को मान लिया था क्योंकि मण्डलाकार पृथ्वी ही मनुष्य के समुचित वासस्थान के योग है। पारमेनाइड्स 450 ईसा पूर्व ने पृथ्वी के जलवायु कटिबंधों की ओर संकेत किया था और यह भी बतलाया था कि उष्णकटिबंध गरमी के कारण तथा शीत कटिबंध शीत के कारण वासस्थान के योग्य नहीं है, किंतु दो माध्यमिक समशीतोष्ण कटिबंध आवास योग्य हैं।
एच॰ एफ॰ टॉजर ने हिकैटियस 500 ईसा पूर्व को भूगोल का पिता माना था जिसने स्थल भाग को सागरों से घिरा हुआ माना तथा दो महादेशों का ज्ञान दिया।
अरस्तु Aristotle 384-322 ईसा पूर्व वैज्ञानिक भूगोल का जन्मदाता था। उसके अनुसार मण्डलाकार पृथ्वी के तीन प्रमाण थे -
क पदार्थो का उभय केंद्र की ओर गिरना, ख ग्रहण में मण्डल ही चंद्रमा पर गोलाकार छाया प्रतिबिंबित कर सकता है तथा ग उत्तर से दक्षिण चलने पर क्षितिज का स्थानांतरण और नयी नयी नक्षत्र राशियों का उदय होना। अरस्तु ने ही पहले पहल समशीतोष्ण कटिबंध की सीमा क्रांतिमंडल से घ्रुव वृत्त तक निश्चित की थी।
इरैटोस्थनीज 250 ईसा पूर्व ने भूगोल ज्योग्राफिया शब्द का पहले-पहल उपयोग किया था तथा ग्लोब का मापन किया था। यह सत्य है कि अरस्तू को डेल्टा निर्माण, तट अपक्षरण तथा पौधों और जानवरों का प्राकृतिक वातावरण पर निर्भरता का ज्ञान था। इन्होंने अक्षांश और ऋतु के साथ जलवायु के अंतर के सिद्धांत तथा समुद्और नदियों में जल प्रवाह की धारणा का भी संकेत किया था। इनका यह भी विमर्श था कि जनजाति के लक्षण में अंतर जलवायु में विभिन्नता के कारण है और राजनीतिक समुदाय रचना स्थान विशेष के भौतिक प्रभावों के कारण होती है।

1.3. प्राचीन युग में भूगोल रोमन योगदान
रोमन भूगोलवेत्ताओं का भी प्रारंभिक ज्ञान देने में हाथ रहा है। स्ट्राबो 50 ईसा पूर्व - 14 ई॰ ने भूमध्य सागर के निकटस्थ परिभ्रमण के अधापर भूगोल की रचना की। पोंपोनियस मेला 40 ई॰ ने बतलाया कि दक्षिणी समशीतोष्ण कटिबंध में अवासीय स्थान है जिसे इन्होंने एंटीकथोंस Antichthones विशेषण दिया। 150 ई॰ में क्लाउडियस टालेमी ने ग्रीस की भौगोलिक धारणाओं के आधापर अपनी रचना की। टालेमी ने पाश्चात्य जगत में पहली बार ग्रहण की भविष्यवाणी करने की योग्यता अर्जित की। टालेमी पृथ्वी केंद्रित ब्रह्माण्ड की संकल्पना को मानता था और उसने ग्रहों की वक्री गति की व्यख्या एक अधिकेंद्रिय गति द्वारा की जो बाद में बाइबिल में भी स्वीकृत हुआ। अरब भूगोल तथा आधुनिक समय में इस विज्ञान का प्रारंभ क्लाउडियस की विचारधारा पर ही निर्धारित है। टालेमी ने किसी स्थान के अक्षांश और देशांतर का निर्णय किया तथा स्थल या समुद्र की दूरी में सुधार किया तथा इसकी स्थिति अटलांटिक महासागर से पृथक निर्णीत की।
फोनेशियंस 1000 ईसा पूर्व को, जिन्हें "आदिकाल के पादचारी" कहते हैं, स्थान तथा उपज की प्रादेशिक विभिन्नताओं का ज्ञान था। होमर के ओडेसी 800 ईसा पूर्व से यह विदित है कि प्राचीन संसार में सुदूर स्थानों में कहीं आबादी अधिक और कहीं कम क्यों थी।

2. मध्यकालीन युग में भूगोल
ईसाई जगत् में भौगोलिक धारणाएँ जाग्रतावस्था में नहीं थीं किंतु मुस्लिम जगत् में ये जाग्रतावस्था में थीं। भौगोलिक विचारों का अरब के लोगो ने यूरोपवासियों से अधिक विस्तार किया। नवीं से चौदहवीं शताब्दी तक पूर्वी संसार में व्यापारियों और पर्यटकों ने अनेक देशों का सविस्तार वर्णन किया। टालेमी 815 ई॰ के भूगोल की अरब के लोगों को जानकारी थी। अरबी ज्योतिषशास्त्रीयों ने मेसोपोटामिया के मैदान के एक अंश के बीच की दूरी मापी और उसके आधापर पृथ्वी के विस्तार का निर्णय किया। आबू जफ़र मुहम्मद बिन मूशा ने टालेमी के आदर्श पर भौगोलिक ग्रंथ लिखा जिसका अब कोई चिन्ह नहीं मिलता। गणित एवं ज्योतिष में प्रवीण अरब विद्वानों ने मक्का की स्थिति के अनुसार शुद्ध अक्षांशो का निर्णय किया।

3. आधुनिक भूगोल
पंद्रहवीं शताब्दी के अंत तथा सोलहवीं शती के प्रारंभ में मैगेलैन तथा ड्रेक ने अटलांटिक तथा प्रशांत महासागरों के स्थलों का पता लगाया तथा संसार का परिभ्रमण किया। स्पेन, पुर्तगाल, हॉलैंड के खोजी यात्रियों explorers ने संसार के नए स्थलों को खोजा। नवीन संसार की सीमा निश्चित की गई। 16वीं और 17वीं शताब्दियों में विस्तार, स्थिति, पर्वतो तथा नदी प्रणालियों के ज्ञान की सूची बढ़ती गई जिनका श्रृंखलाबद्ध रूप मानचित्रकारों ने दिया। इस क्षेत्र में मर्केटर का नाम विशेष उल्लेखनीय है। मर्केटर प्रक्षेप तथा अन्य प्रक्षेपों के विकास के साथ भूगोल, नौवाहन और मानचित्र विज्ञान में अभूतपूर्व सुधार हुआ
बर्नार्ड वारेन या वेरेनियस ने 1630 ई॰ में ऐम्सटरडैम में ज्योग्रफिया जेनरलिस Geographia Generalis ग्रंथ लिखा 28 वर्ष की अवस्था में इस जर्मन डाक्टर लेखक की मृत्यु सन् 1650 में हुई। इस ग्रंथ में संसार के मनुष्यों के श्रृखंलाबद्ध दिगंतर का सर्वप्रथम विश्लेषण किया गया।
18वीं शताब्दी में भूगोल के सिद्धांतों का विकास हुआ। इस शताब्दी के भूगोलवेत्ताओं में इमानुएल कांट की धारणा सराहनीय है। कांट ने भूगोल के पाँच खंड किए:
2 नैतिक भूगोल -- मानवजाति के आवासीय क्षेत्पर निर्धारित रीति रिवाज तथा लक्षण का वर्णन;
4 वाणिज्य भूगोल Mercantile Geography-- देश के बचे हुए उपज के व्यापार का भूगोल; तथा
1 गणितीय भूगोल - सौर परिवार में पृथ्वी की स्थिति तथा इसका रूप, अकार, गति का वर्णन;
3 राजनीतिक भूगोल -- संगठित शासनानुसार विभाजन;
5 धार्मिक भूगोल Theological Geography धर्मो के वितरण का भूगोल।
कांट के अनुसार भौतिक भूगोल के दो खंड हैं-
ख विशिष्ट मानवजाति, जंतु, वनस्पति तथा खनिज।
क सामान्य पृथ्वी, जलवायु और स्थल,
उन्नीसवीं शताब्दी भूगोल का अभ्युदय काल है तो बीसवीं विस्तार एवं विशिष्टता का। अलेक्जैंडर फॉन हंबोल्ट 1769-1856 तथा कार्ल रिटर 1779-1859 प्रकृति और मनुष्य की एकता को समझाने में संलग्न थे। यह दोनों का उभयक्षेत्र था। एक ओर हंबोल्ट की खोज स्थलक्षेत्र तथा संकलन में भौतिक भूगोल की ओर केंद्रित थी तो दूसरी ओर रिटर मानव भूगोल के क्षेत्र में शिष्टता रखते थे। दोनो भूगोलज्ञों ने आधुनिक भूगोल का वैज्ञानिक तथा दार्शनिक आधारों पर विकास किया। दोनों की खोज पर्यटन अनुभव पर आधारित थी। दोनों विशिष्ट एवं प्रभावशाली लेखक थें किंतु दोनों में विषयांतर होने के कारण ध्येय और शैली विभिन्न थी। हंबोल्ट ने 1793 ई में कॉसमॉस Cosmos और रिटर ने अर्डकुंडेErdkunde ग्रंथों की रचना की। अर्डकुंडे 21 भागों में था। वातावरण के सिद्धांत की उत्पत्ति पृथ्वी के अद्वितीय तथ्य मानव आवास की पहेली सुलझाने में हुई है। मनुष्य वातावरण का दास है या वातावरण मनुष्य को मॉन्टेसकीऊ 1748 तथा हरडर 1784-1791 का संकल्पवादी सिद्धांत, सर चार्ल्स लाइल 1830-32 का विकासवाद विचार, चार्ल्स डारविन का ओरिजन ऑव स्पीशीज Origin of Species, 1859 के सारतत्व हांबोल्ट की रचना में निहित है। मनुष्य के सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक जीवन में प्राकृतिक वातावरण की प्रधानता है किंतु किसी भी लेखक ने विश्वास नहीं किया कि प्रकृति के अधिनायकत्व में मनुष्य सर्वोपरि रहा।
रेटजेल 1844-1904 की रचना मानव भूगोल Anthropogeographe अपने क्षेत्र में असाधारण है। उनकी शिष्या कुमारी सेंपुल 1863-1932 की रचनाओं जैसे "भौगोलिक वातावरण के प्रभाव" "अमरीकी इतिहास तथा उसकी भौगोलिक स्थिति" तथा "भूमध्यसागरीय प्रदेश का भूगोल" से ऐतिहासिक तथा खौगोलिक तथ्यों का पूर्ण ज्ञान होता है। एल्सवर्थ हंटिंगटन 1876-1947 के "भूगोल का सिद्धांत एवं दर्शन", "पीपुल्स ऑव एशिया", "प्रिन्सिपुल ऑव ह्यूमैन ज्यॉग्रफी", "मेन्सप्रिंग्स ऑव सिविलाइजेशन" में मिलते हैं।
विडाल डी ला ब्लाश 1845-1918 तथा जीन ब्रून्ज 1869-1930 ने मानव भूगोल की रचना की। भूगोल की विभिन्न शाखाओं के अध्ययन में आज सैकड़ों भूगोलवेत्ता संसार के विभिन्न भागों में लगे हुए हैं।

4. समकालीन भूगोल
1950-60 में भूगोल में एक नई घटना का अभ्युदय हुआ जिसे भूगोल में मात्रात्मक क्रांति का नाम दिया गया। इस दौरान प्रत्यक्षवाद के दर्शन पर आधारित भूगोल के वैज्ञानिक रूप की स्थापना हुई। बी॰ जे॰ एल॰ बेरी, रिचार्ड जे॰ चोर्ले, पीटर हैगेट आदि का योगदान प्रमुख है भूगोल में तंत्र विश्लेषण और मॉडल की अवधारणा का सूत्रपात हुआ।

5. भूगोल से सम्बन्धित घटनाओं का कालक्रम
1830 -- लंदन में रॉयल जिओग्राफिकल सोसायटी की स्थापना
1909 -- पिअरी Peary उत्तरी ध्रुव पहुँचा।
1957-1958 -- अन्तरराष्ट्रीय भूगोल वर्ष
150 -- टॉलेमी ने अपना भूगोल प्रकाशित किया जिसमें संसार का मानचित्र एवं उस पर स्थानों के नाम उनके निर्देशाकों coordinate के साथ दिगए थे।
1410 -- टोलेमी की भूगोल की पुस्तक का यूरोप में अनुवाद प्रकाशित हुआ
20 ई -- स्ट्रैबो Strabo ने १७ भागों वाला भूगोल Geography प्रकाशित किया
1855 -- मौरी Maury ने समुद्र का भौतिक भूगोल प्रकाशित किया
1913 -- ग्रीनविच को 0° देशान्तर स्वीकार किया गया।
1761 -- जॉन हैरिसन ने क्रोनोमीटर शुद्धतापूर्वक समुद्र में देशान्तर बताने में सफल
1874 -- जर्मनी में भूगोल का पहला विभाग Department खुला
77 -- पिन्नी Pliny the Elder ने भूगोल का विश्वकोश लिखा
1912 -- वेगनर ने कॉन्टिनेन्ट ड्रिफ्ट का सिद्धान्त प्रस्तुत किया।
2300 ईसा पूर्व -- मेसापोटामिया के लगश में पत्थर पर पहला नगर-मानचित्र निर्मित
1714 -- ब्रितानी सरकार ने समुद्र में देशान्तर का सही निर्धारण करने की विधि बताने वाले को 20.000 पाउण्ड का पुरस्कार देने की घोषणा की।
1850 -- मानचित्रण के लिए फ्रांस में कैमरे का प्रथम प्रयोग
1888 -- नेशनल जिओग्राफिक सोसायटी की स्थापना
1492 -- कोलम्बस वेस्ट इंडीज पहुँचा
1500 -- काब्रल Cabral ने ब्राजील की खोज की।
240 ईसा पूर्व -- इरैटोस्थेनीज Eratosthenes ने पृथ्वी की परिधि की गणना की।
1569 -- मर्केटर Mercator ने अपना मानचित्र रचा।
1154 -- इद्रीसी Edrisi द्वारा विश्व भूगोल पर पुस्तक प्रकशित
1519 -- मैगलन Magellan पृथ्वी की परिक्रमा करने निकला
1845 -- वॉन हम्बोल्ट von Humboldt ने अपना कॉस्मोस Kosmos का पहला भाग प्रकाशित किया।
1911 -- अमुण्डसेन Amundsen दक्षिणी ध्रुव पहुँचा।
271 -- चीन में चुम्बकीय दिक्सूचक magnetic compass प्रयुक्त हुई
1768-1779 -- जेम्स कुक ने धरती के साहसिक अन्वेषण किया
450 ईसा पूर्व -- हेरेडोटस ने ज्ञात संसार का का मानचित्र बनाया
1895 -- विश्व का प्रथम टाइम्स एटलस ऑफ द वर्ड प्रकाशित

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भूगोल का अर्थ बताइए.

हाड़ौती का भूगोल एवं इतिहास Hindi Water Portal. रानीगंज रानीगंज को पश्चिम बंगाल का कोयला की राजधानी कही जाती है।रानीगंज का भूगोल कहीं इतिहास ना बन जाए, जिस प्रकार वेध एवं अवैध तरीका से इस अंचल में कोयला निकाली जा रही है, वह दिन दूर नहीं जब यह रानीगंज सिर्फ इतिहास में. भूगोल शिक्षण के उद्देश्य. भूगोल का इतिहास – सिविल सेवाओं की परीक्षा तैयारी. इतिहास वह शब्द है जो भी चुका मतलब फास्ट जा चुका उसे क्या कहते हैं जो कर रहे हैं कुछ खा और पढ़ें. Likes 3 Dislikes views 77. WhatsApp icon. fb icon. अपने सवाल पूछें और एक्स्पर्ट्स के जवाब सुने. qIcon ask. ऐसे और सवाल. भारत में भूगोल का विकास. डाउनलोड यूपीएससी, आईएएस मुख्य परीक्षा. अंग्रेजी. हिन्दी. भौतिकी. रसायन विज्ञान. अर्थशास्त्र. वाणिज्य. गणित. जीवविज्ञान. इतिहास. भूगोल. कम्प्यूटर विज्ञान. 11. पे लेवल 8. ₹ 47600 – 151 100. अधिकतम आयु सीमाः. 40 वर्ष 30.09.2018 को. योग्यताएँ: पद क्रमांक 01 से 10 तक के लिए अनिवार्य.

भूगोल किसे कहते हैं परिभाषा.

भौगोलिक विचारधारा एक नज़र में Geography and You. भूगोल का इतिहाइस भूगोल नामक ज्ञान की शाखा में समय के साथ आये बदलावों का लेखा जोखा है। समय के सापेक्ष जो बदलाव भूगोल की विषय वस्तु, इसकी अध्ययन विधियों और इसकी विचारधारात्मक प्रकृति में हुए हैं उनका अध्ययन भूगोल का इतिहास करता है। भूगोल प्राचीन काल से उपयोगी विषय रहा है और आज भी यह अत्यन्त उपयोगी है।. भूगोल के पिता. पत्रकारिता का इतिहास भूगोल पढ़ें या नहीं, पर इसका. भूगोल और इतिहास के गलत उत्तर भी सही बताएअंग्रेजी के सवाल नंबर 19 में खाली स्थान भरने के लिए कहा गया है। बोर्ड ने इसका सही उत्तर though बताया है। जबकि अंग्रेजी भूगोल और इतिहास के गलत उत्तर भी सही बताए News News,इंदौर न्यूज़.

Gc Asind HTE.

भूगोल का अर्थ. भूगोल Geography शब्द का नाम एवं उसकी प्राथमिक स्तर पर व्याख्या करने का श्रेय यूनान वासियों को है। आरंभ मेँ भूगोल विषय के अंतर्गत पृथ्वी के धरातल, स्थानोँ एवं क्षेत्रों की स्थिति तथा प्रधान भौतिक एवं सांस्कृतिक सामान्य अध्ययन: भारतीय इतिहास अभ्यास श्रृंखला 5. पाकिस्‍तानी कर रहे दुआ, इमरान खान जैसा इतिहास. भूगोल का इतिहाइस भूगोल नामक ज्ञान की शाखा में समय के साथ आये बदलावों का लेखा जोखा है। समय के सापेक्ष जो बदलाव भूगोल की विषय वस्तु, इसकी अध्ययन विधियों और इसकी विचारधारात्मक प्रकृति में हुए हैं उनका अध्ययन भूगोल का.

अनटाइटल्ड.

आपकी बाइक हो कार अब वाहन के संबंध में जानकारी लेने के लिए पुलिस को कोई खास मशक्कत नहीं करनी नहीं पड़ेगी। गाड़ी के नंबर प्लेट पर टार्च जलाते ही पुलिस को गाड़ी का इतिहास ​भूगोल सब पता चल जाएगा। सभांगीय परिवहन विभाग की ओर से. इतिहास भूगोल का प्रधानमंत्री मोदी का विलक्षण. विभाग की स्थापना 2013 में हुई। विभाग मेें हिंदी भाषा के माध्यम से भूगोल विषय का पठन पाठन कार्य किया जा रहा है। विभाग के पाठ्यक्रमों में समकालीन विषय वस्तु के अतिरिक्त भारतीय ज्ञान परम्परा को शामिल किया है। पृथ्वी के ऊपरी स्वरूप एवं. Hindi story Itihas ka Bhoogol इतिहास का भूगोल प्रतिलिपि. स्टेट डेस्क: प्रारंभिक शिक्षक नियोजन की शुरू होने वाली प्रक्रिया में मिडिल स्कूलों में सामाजिक विज्ञान के शिक्षक वही बन पायेंगे, जिन्होंने स्नातक स्तर पर इतिहास और भूगोल में से किसी एक विषय की पढ़ाई की होगी. शिक्षा. गाड़ी पर टार्च जलाते ही पुलिस जान जाएगी इतिहास. अंत से शुरू करने का मामूली विचार जैसे इतिहास के अध्यापन में पैदा हुआ, वैसे ही भूगोल का अध्यापन भी स्कूल के कमरे से, अपने गांव से शुरू करने का मामूली विचार पैदा हुआ। मैंने ये प्रयोग जर्मनी में देखे थे और सामान्य ढंग से भूगोल के अध्यापन.

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भूगोल और इतिहास में शादी की भूगोल है वह हमारी जरूरत थी है इसके ऊपर एवं हैं उसके बारे में ह और पढ़ें. Likes Dislikes views 3. WhatsApp icon. fb icon. user img follow फॉलो. Sachin. 0:29. Play. भूगोल की और इतिहास में क्या फर्क है? भूगोल का अर्थ है. इतिहास व भूगोल पढ़ने वाले ही बनेंगे सोशल साइंस के. संसाधन भूगोल. संसाधन भूगोल. 73% Off. 11626. views. View Snapshot i. Selling Price ₹148.50. ₹165.00. MRP ₹550.00. You will save ₹401.50 after 73% Discount संसाधन भूगोल by एम एस सिसोदिया. Free Snapshot. संसाधन भूगोल विश्व इतिहास 18 वी 19 वी सदी. ₹300.00 ₹81.00. गोल हुआ भूगोल Eklavya. ओराडीया विश्वविद्यालय 18 क्षेत्रों में डॉक्टरेट स्तर पर अकादमिक अध्ययन जारी रखने का अवसर प्रदान करता है, अर्थात्: दर्शनशास्त्र, धर्मशास्त्र, भूगोल, इतिहास, समाजशास्त्र, चिकित्सा, फार्मेसी, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, व्यवसाय प्रशासन,.

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भूगोल की और इतिहास में क्या फर्क है? Bhugol Vokal.

भूगोल. ऊपरी हिमालय में निहित उत्तरकाशी हिमपात रहित घाटियों और बाहरी पहाड़ियों से लेकर हिमपात और हिमनदों के साथ ऊंचे चोटियों तक भौगोलिक वातावरण में भिन्न है। यहाँ चोटी और घाटियों श्रृंखला में है। प्रत्येक चोटी से प्रतीत होता है. Download संसाधन भूगोल by एम एस सिसोदिया Kopykitab. अमरीका ने ईरान के साथ अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौता जबसे तोड़ा है, तबसे ईरान ये कहता रहा है कि वो अमरीका के साथ अब किसी समझौते के लिए बात नहीं करेगा. इसके बाद बीते अप्रैल से अमरीका ने शिंकजा कसते हुए ईरान के तेल निर्यात पर. Page 1 1.1 सम्प्रत्यय स्थापन शिक्षा केवल उपलब्ध. इतिहास और भूगोल. मध्‍य प्रदेश 30, 8.000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल के साथ दूसरा सबसे बड़ा भारतीय राज्‍य है। भौगोलिक दृष्टि से यह देश में एक केन्‍द्रीय स्‍थान रखता है। सम्राट अशोक ने सबसे पहले उज्‍जैन पर शासन किया। मध्‍य भारत का काफी बड़ा हिस्‍सा. जाति व्यवस्था का इतिहास भूगोल – सामाजिक न्याय. भूगोल विषय की बढ़िया जानकारी किसी के लिए भी करियर की अपार संभावनाएं खोल सकती है. ऐसे में जानें कि आप कैसे अपने भूगोल को अच्छा कर सकते हैं.

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जलवायु. जींद जिले की जलवायु गर्मियों में गर्म और सर्दियों में सर्द होती है। वर्ष को चार सत्रों में विभाजित किया जा सकता है, नवंबर से मार्च तक ठंड का मौसम उसके बाद गर्म मौसम जो दक्षिण पश्चिम मानसून की शुरुआत तक रहता है। मानसून या. यूनिवर्सिटी का खेल, इतिहास को कर दिया भूगोल. ऐतिहासिक, भौगोलिक ज्ञान के सच हमारे प्रधानमंत्री जी के मुखारविंद से आए दिन निकलते रहे हैं आनेवाली पीढ़ियां देश के इसी तरह के इतिहास, भूगोल के ज्ञान को अर्जित करेंगी! राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त. ताजा प्रकरण मध्य प्रदेश. इतिहास जिला सरगुजा, छत्तीसगढ़ शासन भारत Surguja. पत्रकारिता का अर्थशास्‍त्र समझें आप पत्रकारिता का इतिहास अथवा भूगोल पढ़ें अथवा नहीं, इससे मतलब नहीं है। मैं चाहता हूं कि आप सबसे पहले पत्रकारिता का अर्थशास्‍त्र जरूर पढ़ लें कि आखिर आप कैसे एक प्रतिष्ठित संस्‍थान में. इतिहास और भूगोल विषय की मंजूरी अमर उजाला. इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, वाणिज्य और कंप्यूटर आवेदन 2018 का अंतिम अनुबंध पीजीटी चेकलिस्ट.

जम्मू कश्मीर में इतिहास बना, भूगोल बदला, विशेष.

हाड़ौती का भूगोल एवं इतिहास Geography and history of Hadoti. Submitted by Hindi on Tue, 10 31 2017. Author. अनुकृति उज्जैनियाँ. Source. इतिहास एवं भारतीय संस्कृति विभाग, समाज विज्ञान संकाय, वनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान 304022, शोध ​प्रबन्ध 2015. बदलेगा हाईस्कूल का इतिहास भूगोल! Inext Live. भौतिक भूगोल में पृथ्वी के भौतिक पर्यावरण के अन्तर्गत सभी प्रघटनाओं के आपसी संबंधों और स्थानिक एवं कालिक डाॅ हुसैन की पुस्तकों विशेषतः भौगोलिक चिन्तन का इतिहास मानव भूगोल कृषि भूगोल भारत का भूगोल एंव विश्व भूगोल को व्यापक. भूगोल उत्तरकाशी India Uttarkashi. एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा संभल में दो केंद्रों पर हुई। पंजीकृत एक सौ चौरासी में से एक सौ अठहत्तर परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। छह परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे,जिन्होंने भूगोल और इतिहास की परीक्षा छोड़ी।.

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भूगोल. जनपद नैनीताल उत्तराखंड राज्य के कुमायूं मण्डल में स्थित है। इसके उत्तर में अल्मोड़ा जिला और दक्षिण में ऊधम सिंह नगर जिला हैं। चंपावत जिले पूर्व की सीमा में है और पौड़ी गढवाल का जिला पश्चिम में है। यह लगभग 80º14′ और 78º80′ पूर्वी. रानीगंज का भूगोल कहीं इतिहास ना बन जाए पर्यावरण. डाउनलोड यूपीएससी, आईएएस मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम पेपर II: सामान्य अध्ययन I: भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल और समाज हिंदी में Download UPSC IAS, Civil Services Mains Exam Syllabus in Hindi Paper II General Studies I. भूगोल IIT Mandi. इतिहास, भूगोल एवं समाजशास्त्र. Lucknow Samachar: इतिहास के लिए भूगोल Navbharat Times. अध्ययन, भूगोल, इतिहास, नागरिक. राजसमन्द. शास्त्र. एस.एन. कॉलेज ऑफ एज्यूकेशन, 100 सहशिक्षा संस्कृत, हिन्दी, अंग्रेजी, सामाजिक. बडागांव रोड़, मनिया, धौलपुर. अध्ययन, इतिहास, भूगोल. अर्थशास्त्र, गृह विज्ञान. 4 जगदीश महाविद्यालय. प्राचीन भारत का ऐतिहासिक भूगोल E Pustakalaya. क्र.स. विषय, स्वीकृत वर्गों की संख्या. 1. अनि. हिन्दी अथवा अनि. अंगे्रजी, 02. 2. अनि. पर्यावरण अध्ययन, 02. 3. समाजशास्त्र, 01. 4. हिन्दी साहित्य, 01. 5. भूगोल, 01. 6. राजनीति विज्ञान, 01. 7. अर्थशास्त्र, 01. 8. इतिहास, 01. 9. अंग्रेजी साहित्य, 01.

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जब ऐसे विस्फोट हुये हैं और पृथ्वी के धरातल में हलचल हुई है, तब मानव जाति का इतिहास करवट बदलता रहा है। जब तक प्राकृतिक प्रकोपों से लोग बचते रहते हैं, तब तक लौकिक बुद्धि स्वार्थ, अहंकार, तृष्णा, वासना की वृद्धि होती रहती है पर जब प्रकृति के. इतिहास जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश सरकार India. पीरियड्स विश्व का प्रथम क्रमबद्ध वर्णन है और इसी लिए हिकेटियस को भूगोल का पिता Father of Geography भी कहा जाता है। उसके अनुसार समस्त इतिहास का भौगोलिक दृष्टि से अध्ययन किया जाना चाहिए और समस्त भूगोल को इतिहास की तरह. भूगोल: अर्थ और परिभाषाएं Geography: Meaning and. जियोग्राफी लैटिन शब्द geo graphie से मिलकर बना है जिसमे geo का अर्थ पृथ्वी तथा Graphie का अर्थ वर्णन या व्याख्या करना है भूगोल को एक अलग अध्ययन शास्त्र के रूप मे यूनानी वैज्ञानिक इरेटोस्थेनीज ने स्थापित किया। इरेटोस्थेनीज. उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग परिणाम. रायपुर, निप्र। कक्षा 11वीं 12वीं के बच्चों को एनसीईआरटी की किताबों के अलावा इतिहास और भूगोल में छत्तीसगढ़ी इतिहास, आंदोलन और भौगोलिक स्थितियों को पढ़ाने के लिए अलग से किताब तैयार की जाएगी। स्कूल शिक्षा सचिव ने साफ. भूगोल का इतिहास. पूर्वी उत्तर प्रदेश का सुप्रसिद्ध एवं औद्योगिक दृष्टि से समुन्नत जनपद मऊ का इतिहास काफी पुराना है। रामायण एवं महाभारत कालीन सांस्कृतिक एवं पुरातत्विक अवशेष इस भू भाग में यत्र तत्र मिलते हैं। यद्यपि इस दिशा में वैज्ञानिक ढंग से शोध एवं.

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जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो गया है. प्रेसिडेंशियल ऑर्डर के तहत अनुच्छेद 370 में उन विशेष प्रावधानों को रद्द कर दिया गया, जिसकी वजह से जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ था. हालांकि अनुच्छेद 370​. भूगोल के इतिहास के बारे में बताएं? Bhugol Ke Vokal. इतिहास और भूगोल दोनों ही विषय बचपन से ही हमें हमारे गले की फांस की तरह लगते हैं. लेकिन आज यंन्गिस्थान की इस पोस्ट में मैं आपको समझाने जा रहा हूँ, इतिहास और भूगोल के उस रिलेशन के बारेमें जिसने चंगेजखान जैसा विश्व. 10वीं 12वीं के लिए इतिहास और भूगोल की Naidunia. इतिहास History, भूगोल Geography ईबुक डाउनलोड करें. ऑनलाइन पढ़ें. पर खोजें बाद में पढ़ने के लिए लोगिन करें ईपुस्तकालय एंड्राइड एप डाउनलोड करें Ebook Source पुस्तक का स्त्रोत. यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटी है या फिर आपको. भूगोल जिला जींद, हरियाणा सरकार India. आवश्यक सूचना. 02 Nov, 2019 एथिक्स वीडियो बैच नया बैच 25 नवंबर से शुरू 02 Nov, 2019 एथिक्स लाइव बैच नया बैच 15 नवंबर से शुरू 29 Jan, 2020 सामान्य अध्ययन प्रारम्भिक एवं मुख्य परीक्षा का नया बैच 24 मार्च, से शुरू 14 Jan, 2020.