धर्मप्रचार (ईसाई)

बाइबिल में लिखा है कि ईसा ने अपने स्वर्गारोहण के पूर्व अपने शिष्यों को आदेश दिया था कि वे संसाभर में उनके धर्म का प्रचार करें। अत: प्रारंभ से ही धर्मप्रचार ईसाई धर्म की एक प्रधान विशेषता रही है।

1. ईसाई धर्म का प्रसार
येरुसलेम में ईसाई धर्म का जन्म हुआ थ। वहाँ से वह उत्तर की ओर अंतिओक तक फैल गया। अंतिओक तथा बाद में रोम के केंद्र से रोमन साम्राज्य तथा समस्त यूरोप में ईसाई धर्म के प्रसार हो गया।
येरुसलेम से ईसाई धर्म प्रथम शताब्दी ई. में ही पूर्व की ओर फारस और संभवत: भारत तक फैल गया। दक्षिण भारत के ईसाई मानते हैं कि संत तोमस केरल आए थे। चौथी शताब्दी ई. में एथियोपिया ईसाई बन गया। नेस्तोरियन ईसाइयों ने अरब, फारस, मध्य एशिया, भारत तथा चीन में अपने मत का प्रचार किया थ किंतु इसलाम के प्रसार से उन देशों में ईसाई धर्म नाम मात्र बच गया है।
पश्चिम के चर्च की ओर से 13वीं शतब्दी तक यूरोप के बाहर धर्म फैलाने का कोई प्रयास नहीं हुआ। फ्रांसिस्की तथा दोमिनिकी धर्मसंधियों द्वारा निकट पूर्व तथा चीन में धर्मप्रचार का कार्य प्रारंभ हुआ किंतु उनको स्थायी सफलता नहीं मिल सकी।

1.1. ईसाई धर्म का प्रसार अन्वेषणों का युग
पुर्तगाल और स्पेन ने 15वीं शताब्दी में अफ्रीका, अमरीका तथा एशिय में व्यापारकेंद्र तथ उपनिवेश स्थापित करना प्रारंभ किया। ये तीनों देश काथलिक थे; उनका संरक्षण पाकर धर्मप्रचार का कार्य 15वीं तथा 17वीं शताब्दी में सफलतापूर्वक बढ़ने लगा। पुर्तगाल ने पहले अफ्रीका के पश्चिमी तथा पूर्वी तटवर्ती प्रदेशों में व्यापारकेंद्र स्थापित किए और इस प्रकार इसलाम का प्रसार रोक दिया। 16वीं शताब्दी के अंत में पुर्तगाल भारत के तटवर्ती प्रदेशों में उपनिवेश बसाने लगा, बाद में उसने मसालोंवाले पूर्वी द्वीपसमूह को भी अपने अधिकार में कर लिया। उन सभी क्षेत्रों में शीघ्र ही ईसाई धर्मप्रचार का कार्य प्रारंभ हुआ। भारत में विशेष रूप में गोआ के आसपास और बाद में संत फ्रांसिस ज़ेवियर के नेतृत्व में दक्षिण के पूर्वी तटवर्ती प्रांतों में काथलिक धर्म का प्रचार हुआ; आज भी वहाँ रोमन काथलिक काफी संख्या में विद्यमान हैं। संत फ्रांसिस जेवियर ने सन् 1549 ई. में जापान में मिशन का कार्य प्रारंभ किया, वहाँ पर्याप्त सफलता भी मिली थीं किंतु शीघ्र ही ईसाइयों पर अत्याचार होने लगा और सन् 1635 ई. तक बाहर के ईसाइयों से कोई भी संपर्क नहीं रहा। सन् 1581 ई. में जेसुइट धर्मसंधियों ने सम्राट की अनुमति से चीन में ईसाई धर्म का प्रचार आरंभ कर दिया। वहाँ भी बाद में ईसाइयों को अत्याचार सहना पड़ा, किंतु आज भी चीनी ईसाइयों की संख्या नगण्य नहीं है।
मध्य तथा दक्षिण अमरीका में धर्मप्रचार का कार्य सर्वाधिक सफल रहा। पुर्तगाल ने सन् 1500 ई. में ब्राजील पर अधिकाकर लिया; शीघ्र ही वहाँ उसका एक अत्यंत विस्तृत उपनिवेश स्थापित किया गया जिसमें विशेष रूप से जेसुइटों ने धर्मप्रचार का कार्य संभाल लिया। आजकल उस देश के 93 प्रतिशत निवासी काथलिक हैं। 16वीं शताब्दी के मध्य तथा दक्षिण अमरीका के शेष देशों में और सुदूर पूर्व के फिलिपाइन द्वीपसमूह में स्पेन के साम्राज्य की स्थापना हुई और साथ साथ उन सब देशों में सरकार के संरक्षण में धर्मप्रचार कार्य भी प्रारंभ हुआ। आज तक वे देश प्रधानतया रोमन काथिलक ही हैं। सन् 1960 में फिलीपाइन द्वीपसमूह के 80 प्रतिशत निवासी रोमन काथलिक थे।
पुर्तगाल और स्पेन के संरक्षण में जो धर्मप्रचार हुआ था, उसकी सफलता तो असंदिग्ध थी किंतु रोम के धर्माधिकारी नहीं चाहते थे कि धर्मप्रचार उन राज्यों का ही उत्तरदायित्व समझा जाए, इसलिए सन् 1622 में रोम में प्रोयागांद फिदे नामक एक केंद्रीय संस्था की स्थापना हुई जिसका उद्देश्य था धर्मप्रचार का कार्य करना राजनीतिक संरक्षण के बंधनों से मुक्त करना तथा मिशन क्षेत्रों के ईसाई संप्रदाय को स्वावलंबी बनाना। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सन् 1627 ई. में स्वदेशी पुरोहितों की शिक्षा दीक्षा के लिए रोम में एक कालेज की स्थापना हुई थी, जहाँ आज भी विश्व भर के विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। सन् 1658 में पेरिस में विदेशी मिशनों की सोसायटी स्थापित हुई जिसके मिशनरी किसी देश की ओर से नहीं बल्कि रोम की प्रोपागांद फिदे द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में धर्मप्रचार करने जाते हैं। आजकल रोमन काथलिक चर्च के समस्त मिश्नरी उसी प्रोपागांदा फिदे के निर्देशन में काम करते हैं।

1.2. ईसाई धर्म का प्रसार पश्चिम के आधिपत्य का युग
पुर्तगाल और स्पेन के अतिरिक्त यूरोप के अन्य देश इंग्लैंड, फ्रांस, हालैंड, डेनमार्क, स्वीडन आदि भी उपनिवेश स्थापित करने लगे थे जिससे 18वीं तथा 19वीं शताब्दी में समस्त संसार में पाश्चात्य देशों का आधिपत्य स्वीकार किय गया था। हालैंड और इग्लैंड ने एशिया के बहुत से पुर्तगाली उपनिवेश अपने अधिकार में कर लिए जिससे रोमन काथलिक मिशनों के कार्य में बाधा पड़ गई। इसके अतिरिक्त स्पेन और पुर्तगाल के शासक धर्मप्रचार के प्रति उदासीबन गए और फ्रांस की क्रांति तथा नैपोलियन के युद्धों ने यूरोप में अशांति फैल दी; इन सब कारणों से 18वीं शताब्दी तथ 19वीं शताब्दी का प्रारंभ रोमन काथलिक मिशनों का अवनतिकाल कहा जा सकता है।
दूसरी ओर 18वीं शतब्दी में प्रोटेस्टैंट मिशनों का कार्य दुनिया भर में शुरु हुआ। ऐंग्लिकन संप्रदाय का ध्यान पहले उत्तर अमरीका तक सीमित था किंतु उस शताब्दी में वह अपना धर्मप्रचार का कार्य फैलाने लगा। उसकी तीन मिशनरी संस्थाएँ विश्वविख्यात हैं- सोसाइटी फॉर प्रोमोटिंग क्रिश्चियन नालेज सन् 1698 ई. में स्थापित, सोसाइटी फार दि गास्पेल सन् 1701 ई. और चर्च मिशनरी सोसाइटी 1799 ई.। लूथरन डेनमार्क की ओर से भारत में प्रथम प्रोटेस्टैंट मिशन की स्थापना सन् 1705 ई. में हुई थी। 18वीं शताब्दी तथा 19वीं शताब्दी पूर्वार्ध में सभी प्रोटेस्टैंट संप्रदाय तथा देश धर्मप्रचार के कार्य में सहयोग देने लगे। बैपटिस्ट मिशन की ओर से विलियम केरी सन् 1793 में भारत पहुँचकर शीघ्र ही हिंदी बाइबिल की तैयारी में लग गए। विश्वविख्यात ब्रिटिश ऐंड फारेन बाइबिल सोसायटी की स्थापना सन् 1804 ई. में हुई थी। सन् 1807 ई. में मेरिसन के नेतृत्व में चीन में प्रोटेस्टैंट मिशन का कार्य प्रारंभ हुआ।
19वीं शताब्दी में रोमन काथलिक मिशनों का भी अपूर्व विकास हुआ। पुरुषों तथा स्त्रियों के बहुत से नए धर्मसंघों की स्थापना हुई जिनके सदस्य हजारों की संख्या में मिशन क्षेत्रों में काम करने गए। इस प्रकार 19वीं शताब्दी के अंत तक काथलिक, ऐंग्लिकन तथा प्रोटेस्टैंट धर्मप्रचारक दुनिया के प्राय: सब गैर ईसाई देशों में मिशन की विभिन्न संस्थाओं में काम करते थे।

1.3. ईसाई धर्म का प्रसार 20वीं शताब्दी
विश्व इतिहास की दृष्टि से पाश्चात्य उपनिवेशों की समाप्ति 20वीं शताब्दी की सबसे बड़ी विशेषता है। इससे ईसाई मिशनों के कार्य में कोई विशेष बाधा उपस्थित नहीं हुई क्योंकि मिशनों के इतिहास की दृष्टि से देशी ईसाई संप्रदायों की उत्तरोत्तर बढ़ती हुई स्वावलंबिता इस शताब्दी की विशेषता है। इसके प्रथम दशकों में मिशन क्षेत्रों के ईसाई संप्रदायों को इस प्रकार स्वावलंबी बनाने का प्रयत्न किया जाने लगा कि बाहर से न पुरोहित और न रुपए की जरूरत पड़े। सर्वत्र स्वदेशी पुरोहितों की संख्या बढ़ने लगी। भारत में सन् 1912 में प्रथम ऐंग्लिकन भारतीय बिशप वी. ज़ेद आतारिया की नियुक्ति हुई और सन् 1923 ई. से लेकर केरल के बाहर भी भारतीय रोमन काथलिक बिशपों की नियुक्ति होने लगी। सन् 1926 ई. में प्रथम छह चीनी रोमन काथलिक बिशपों का अभिषेक हुआ। इस प्रकार एशिया और अफ्रीका के प्राय: सभी मिशन क्षेत्रों में ईसाई संप्रदाय स्वावलंबिता की दिशा में बहुत आगे बढ़ने लगे और आजकल नए स्वाधीन राष्ट्रों में अधिकांश अथवा बहुत से पुरोहित और बिशप स्वदेशी ही हैं। सन् 1921 ई. में विभिन्न प्रोटेस्टैंट मिशनों में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय मिशनरी समिति इंटरनेशनल मिशनरी कौंसिल की स्थापना हुई जिसका मुख्य कार्यालय लंदन में है।
द्वितीय महायुद्ध के बाद नास्तिक साम्यवाद के प्रचार से चीन, उत्तर कोरिया तथा उत्तर वियतनाम के ईसाई संप्रदायों को उत्पीड़न सहना पड़ा और बाहर के ईसाई भाइयों के साथ उनके संबंध पर सरकार की ओर से प्रतिबंध लगा दिया गया।
धर्मप्रचार के लिये ईसाई लोग शिक्षाप्रचार, रोगियों की चिकित्सा, मातृ जाति के उन्नयन, सामाजिक सुधार तथा स्वेदशी भाषाओं के अध्ययन भी करते हैं।

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धर्मप्रचार ईसाई: भारत में धर्म परिवर्तन, धर्म परिवर्तन के बारे में

धर्म परिवर्तन के लिए प्रलोभन देने के आरोप में 16.

ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन के आरोपों और ईसाईओं की तेज़ी से बढ़ती आबादी पर चिंता के बीच ईसाई पादरियों और इसी तरह 4 जुलाई को महाराजगंज में जितेंद्र साहनी नाम के एक पादरी के परिवार वालों पर धर्म प्रचार के कारण हमला किया गया. Blogs ￰ईसाई धर्म का इतिहास ओर महत्व Lookchup. गुरुग्राम दोहरे हत्याकांड की प्रारंभिक जाँच पड़ताल से लग रहा है कि जिस न्यायाधीश के बंदूकधारी ने उनके सात साल के बेटे और पत्नी पर गोली चलाई है, वह ईसाई धर्म प्रचार के कट्टर विचारों से प्रभावित था। आरोपी कॉन्स्टेबल महिपाल. धर्म प्रचार के लिए ईसाई मिशनरियों Navbharat Times. आजकल और बातों की तरह धर्म परिवर्तन ने भी एक व्‍यापार का रूप ले लिया है। मुझे ईसाई धर्म प्रचार कों की एक रिपोर्ट पढ़ी हुई याद है, जिसमें बताया गया था कि प्रत्‍येक व्‍यक्ति का धर्म बदलने में कितना खर्च हुआ, और फिर अगली फसल के लिए बजट पेश किया. कोडरमा ईसाई धर्म प्रचार के बहाने लोगों को गुमराह. कहा जा रहा है ये लोग ईसाई धर्म प्रचार सामग्री लेकर शहर की झुग्गियों व गरीब तबके के लोगों के बीच पहुंचे। इन्होंने उन्हें प्रलोभन दिया कि ईसाई धर्म परिवर्तन करने से जहां उनकी शादी होगी वहीं पैसे भी मिलेंगे। इसी दौरान हिंदू सभा.

झारखंड धर्मान्तरित आदिवासियों का आरक्षण खत्म.

ईसाई धर्म प्रचार Isai dharm prachar meaning in English इंग्लिश मे मीनिंग is EVANGELIZATION ईसाई धर्म प्रचार ka matlab english me EVANGELIZATION hai. Get meaning and translation of Isai dharm prachar in English language with grammar, synonyms and antonyms. Know the answer of. ईसाई धर्म प्रचापर हुआ विवाद, जबरन धर्म हरियाणा. ईसाई मिशनरियों का भारत में आगमन न समान. भोप में ईसाइयों के अभ्युदय के आद धर्म प्रचार के लिम ईसाई मतावलकियों. ने भारत की भूमि पर पैर रखा । ईसा के प्रधान शिध्यों ने दो बिभिन्न स्मार. स्थापित किए, पावती काल में बे ही सभार ईसाई.

अनटाइटल्ड Shodhganga.

कहीं इसका सिर्फ यही एक कारण तो नहीं कि ईसाई धर्मांतरण की फसल लिए आज इन लोगों को पंजाब की जमीइन लोगों को परन्तु यह याद रखने योग्य बात है कि भारत में जहाँ जहाँ ईसाई धर्म प्रचार सफल हुआ है, वहाँ वहाँ पृथकतावादी आंदोलन. जानिए ईसाई मिशनरियो का हिन्दू नरसंहार एवं धर्म. धर्म प्रचार की धोखाधड़ी धर्म परिवर्तन को लेकर संसद में उठे आगरा के मुद्दे पर कुछ मूल सवाल खड़े होते हैं, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नागरिकों को है, जबकि इस प्रावधान में प्रत्येक व्यक्ति को यानी ईसाई मिशनरियों को भी. मोहनदास करमचंद गांधी मेरे सपनों का भारत. Japan में भी इन्होंने ईसाई धर्म प्रचार किया। रत्नस्वामी ने ​इंडिया फाम द डॉन में लिखा है कि वास्कोडिगामा का. मार्ग प्रदर्शक गुजराती था। पहली सदी में व्यापरी इटली केवल १६ सप्ताहों में. पहुँच जाते थे। किन्तु वास्कोडिगामा को लिस्बन से. अनटाइटल्ड. हालांकि उन्हें यहां ईसाई धर्म प्रचार के लिए भेजा गया था. लेकिन यहां आने पर उन्हें भारतीय भाषाओं विशेषकर हिंदी ने ऐसा मोहित किया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन हिंदी की सेवा में खपा दिया. बेल्जियम में एक सितंबर 1909 को पैदा.

ईसाई मत Archives Aryamantavya.

वहीं अब आदिवासी से धर्म परिवर्तन कर ईसाई बने लोगों को झारखंड में सरकारी नौकरी में आरक्षण समाप्त करने को लेकर भी ठोस कदम उठाने जा रही है. दूसरी भाजपा सरकार को धर्म प्रचार में बाधक मानने लगे, क्योंकि अब धर्मान्तरण कराना आसान नहीं रहा. Dictionary भारतवाणी Part 43026. शिकायत मिलने के बाद पुलिस दल बल के। साथ पहुंची और मौके से करीब 2 दर्जन लोगों को गिरफ्ताकर जेल भेज दिया गया । मकान से बड़ी मात्रा में ईसाई धर्म प्रचार संबंधित किताबे और सामग्रियां मिली है । पुलिस ने मकान को शील कर लिया.

Evangelization Meaning in Hindi, Definition of Evangelization in.

ईसाई धर्म के अनुयायियों के अनुसार यीशु मसीह परमपिता परमेश्वर के पुत्और परमेश्वर के तृतीय सदस्य माने जाते हैं ​ईसा के जीवन और उनके द्वारा दिये गए यह भी पढ़ें ईसाई धर्म: ईसाई धर्म की बुनियादी मान्यताएं. यीशु का धर्म प्रचार. ईसाई Meaning in Hindi ईसाई का हिंदी में मतलब Isai. Pronunciation of ईसाई धर्म प्रचार ईसाई धर्म प्रचार play. Meaning of ईसाई धर्म प्रचार in English. Noun. EVANGELIZATION. आज का मुहूर्त. muhurat. शुभ समय में शुरु किया गया कार्य अवश्य ही निर्विघ्न रूप से संपन्न होता है। लेकिन दिन का कुछ समय शुभ कार्यों के. ईसाई धर्मप्रचार गर्दै हिड्ने ४ जना Rabi Lamichhane. ईसाई धर्मप्रचार गर्दै हिड्ने ४ पक्राउ. सरिता चलाउने, सल्यान । सल्यानईसाई धर्मप्रचार गर्दै हिड्ने ४ जना पक्राउ परेका छन ।. A young man spreading Christianity ईसाई धर्म का प्रचार. इस पुस्तक में उन्होंने उन तथ्यों का भी वर्णन किया है जिन पर उन्होंने चिंतन मनन किया था जब वे भारत में ईसाई धर्म प्रचाकर रहे थे जैसे कि: किस प्रकार हम ईसा मसीह के अनुयायी मसीह के सुसमाचार की मौलिक बातों को बता सकते है, और ये.

अंडमान में आदिवासियों ने जिस ईसाई लल्लन टॉप.

Hindi Dictionary: ईसाई का मतलब: क्रिस्तान, ईसा के चलाये धर्म को मानने वाला Meaning in Hindi, related words, sentence usage. ईसाई धर्म प्रचार उच्चारण: isai dharm prachar गुप्त ईसाई उच्चारण: gupt isai यहूदी ईसाई धर्म उच्चारण: yahudi isai dharm ईसाई धर्म संबंधी. ईसाई धर्म प्रचार Meaning in English TheWise. लाइनपार क्षेत्र में हिन्दू संगठन ने ईसाई धर्म प्रचार करते एक युवक को दबोच लिया। उसके दो साथी भागने में कामयाब हो गये। पकड़ा गया युवक हिन्दू बताया गया है। उसके पास से ईसाई मिशनरी की कई पुस्तकें बरामद हुई है। लोगों ने उसे पुलिस. धर्मान्तरण के छल 2 ⋆ Making India. इस युवक से प्राथमिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये सभी एक मिशन के तहत धर्म प्रचार के लिए निकले हैं। ईसाई समाज के लाेगाें का आराेप है कि इन्हाेंने किसी भी स्थानीय चर्च या ईसाई समाज के सगंठन से संपर्क नहीं किया आैर यह सीधे लाेगाें​. Christian Service University College, Kumasi, घाना Master. अंडमान में आदिवासियों ने जिस ईसाई धर्म प्रचारक को मारा, उसकी आखिरी चिट्ठी से भावुक मत होइए. वो इस द्वीप पर रहने वाली एक खास जनजाति को ईसाई बनाने की तमन्ना लिए यहां पहुंचा था. मगर धर्म प्रचार की सनक में वो नहीं लौटा.

ईसाई धर्म में परिवर्तन करना in English.

उन्होंने भारत में ईसाई मिशनरियों के प्रयास का उद्देश्य हिन्दुत्व को जड़मूल से उखाड़कर उसके स्थान पर एक दूसरा मत ईसाई मिशनरियों के भारत में प्रवेश और अँग्रेजी शिक्षा के नाम पर धर्म प्रचाऔर धर्मांतरण के प्रावधानों को. भारतीय दलित ईसाइयों द्वारा पोप बेनडिक्ट सोहलवें. अंग्रेज काल में धर्म प्रचार भारत में जब अंग्रेजों का शासन प्रारंभ हुआ तब ईसाई धर्म का व्यापक प्रचार प्रसार हुआ। अंग्रेजों के काल में दक्षिण भारत के अलावा पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर में ईसाई धर्म के लाखों प्रचारकों ने इस. ईसाई धर्म का प्रचाकर रहे मिशनरियों को Alive News. यहूदी, ईसाई और मुसलमान संस्कार वशात् मानते चले आए हैं, जैसा कि उनकी पुस्तकों से प्रकट है। कुर्बानी का श्रीमान् आनन्द किशोर जी की यह बहुत बड़ी विशेषता है कि वह दिन रात धर्म प्रचार व साहित्य के लिये सोचते रहते हैं। मैंने उस. Kaithal News: ईसाई धर्म प्रचापर हुआ विवाद,जबरन धर्म. Evangelization Meaning in Hindi: Find the definition of Evangelization in Hindi. OneIndia Hindi Dictionary offers the meaning of Evangelization in hindi with pronunciation, synonyms, antonyms, adjective and more related words in Hindi.

प्रभु ईसामसीह और धर्मप्रचार mediatoday.

जैसा कि आप जानते है कि भारत में ईसाइयों की स्थिति को लेकर लगातार चर्चा का दौर जारी है। इस चर्चा के दो बिन्दु मुख्य है। प्रथम धर्मांतरित ईसाइयों की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति और दूसरा चर्च के कार्य धर्मप्रचापर उठते स्वाल. ईसाई धर्मप्रचार गर्दै हिड्ने ४ पक्राउ Bishnu Bikram. ईसाई धर्मप्रचार गर्दै हिड्ने ४ जना पक्राउ.​com ndp 52888. nepa. ईसाई धर्मप्रचार गर्दै हिड्ने ४. 1813 ई के चार्टर एक्ट के बारे. भारत में पादरियों का धर्म प्रचार हिन्दू धर्म को मिटाने का एक खुला षडयंत्र है जो कि एक लम्बे अरसे से चला आ रहा है, अब उपेक्षावश और भी तीव्र तथा प्रबल हो गया है। ईसाई पादरियों के इस धर्म प्रचार का क्या उद्देश्य है? यह समय पर किए उनके कथनों,. एसडीएम ने जब्त की ईसाई धर्म की प्रचार सामग्री. दक्षिणी भारत में ईसाई मिशनरियां बहुत पहले से धर्म प्रचार में लगी हुई थीं, लेकिन 18वीं 19वीं सदी की ईसाई मिशनरियों से वे इस अर्थ में भिन्न थीं कि उन्हें राजनीतिक सत्ता का समर्थन नहीं मिल सका। 1793 ई के चार्टर राज पत्र एक्ट अधिनियम​ के.

Press Information Bureau Hindi Features.

में हिन्दी भाषा के प्रचाऔर गद्य शैली के प्रसार में ईसाई मिशनरी लेसकों का ईसाई धर्म प्रचारकों ने बाइबिल के अनुवाद उपस्थित करके हिन्दी भाषा के प्रचार में. विशेष म्प मे प्रभाव. वस्तुत: भारतीय अपद और पद दति पिर ईसाई धर्म प्रचार का कुत. ईसाई धर्म प्रचार केन्द्पर हिंयुवा बलिया LIVE. गपचुप तरीके. में घर में ईसाई धर्म के मताबिक. समयमा तयान । धर्म प्रचार के लिए बांटी ईसाई धर्म से संबंधित पुस्तक। वाले विदेशी क्षेत्र के अन्य गाया में भी. जाले । वहां भी धर्म का प्रसार. प्रचाकर लोगों को धर्म पनिंबन के. लिए बरगलाया जा रहा है।. इसाई धर्म: यीशु मसीह कौन थे परमेश्‍वर या आम इंसान. उन्होंने ब्रिटेन और अमरीका में जाकर भारत में धर्म प्रचार में लगे ईसाई मिशनरियों की कार्य प्रणाली की तीखी निन्दा की और इसके लिए वहां के अनेक लोगों के विरोध को झेला, किन्तु उनके मन में ईसाइयों या ईसा मसीह के प्रति कभी विद्वेश या घृणा.

ईसाई धर्म कैसे फैला भारत में? Webduniya Hindi Dailyhunt.

वीएचपी के घर वापसी कार्यक्रम पर विवाद के बीच ईसाई संस्थाओं ने अहमदाबाद के कुछ इलाकों में धर्म प्रचार के साहित्य का किया वितरण. भारत के प्रसंग में यीशु मसीह के आदर्शों को. ईसाई धर्म: Christianity ईसाई christian church. धर्म: religion law धर्म संबंधी ईसाई धर्म प्रचार ईसाई धर्म प्रचारक ईसाई धर्मअ करना in English? ईसाई धर्म में परिवर्तन करना English meaning, translation, pronunciation, synonyms and example sentences are provided by. Foreign Missionaries Caught By Saharanpur SSP News Hindi. २ धार्मिक एवं सामाजिक कुरुतियों का विरोध ईसाई धर्म प्रचारकों ने सती प्रथा, कन्या वद्य, अस्पृश्यता, बहुपत्नी प्रथा, धर्म के प्रति घृणा की भावना का प्रसार किया, ताकि पाश्चात्य प्रभाव में वृद्धि हो सके एवं ईसाई धर्म प्रचार हो सके।.

Article उड़ता नही बंटता पंजाब भी देखो The Arya Samaj.

Kaithal News: कैथल,ईसाई धर्म के प्रचार करने वाले लोगों को लेकर में जोरदार हंगामा की स्थिति बन गई। जो कई घंटों तक चला। कैथल में स्थित एक वाटिका में पिछले कई दिनों से ईसाई मिशनरी का कार्यक्रम चला हुआ था, जिसकी सूचना. समाज एवं धर्म सुधार आंदोलन Society and Religion Reform. बैरिया बलिया । स्थानीय कस्बे में विशाल मेगामार्ट के बगल में यादव कटरा में चल रहे इसाई धर्म प्रचार प्रार्थना व कथित धर्म परिवर्तन कराने वाली जगह पर रविवार को हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने घेराव कर दिया. वहां जबरजस्त. सुषमा जी, आपने देश को ईसाई मिशनरीज़ का अड्डा बना. ईसाई धर्म प्रचार Meaning in English: ईसाई धर्म प्रचार के अंग्रेजी में मुख्य मतलब Evangelization हैं।. अंडमान के सेंटिनल द्वीप में ईसाई धर्म का प्रचार. हलिया। ईसाई धर्म के प्रचार के आरोप की जांच करने मंगलवार को एसडीएम लालगंज व सीओ थाना क्षेत्र के मंझिगवां पहुंचे। वहां उन्होंने विश्व हिंदू परिषद ने शिकायत की थी कि इस गांव में धर्म प्रचार का काम किया जा रहा है। इस पर एसडीएम.

धार्मिक अंधविश्वास धर्म प्रचार के साइड इफैक्ट्स.

ईसाई धर्म प्रचापर हुआ विवाद, जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप, ग्रामीणों ने की शिकायत हनुमानगढ़ न्यूज,हनुमानगढ़ समाचार. केरल में ईसाई धर्म केरल की ईसाई परंपराओं का एक. Dumka Alive News शिकारीपाड़ा दुमका, झारखंड के आदिवासी बहुल गांव फूलपहाड़ी में गुरुवार की देर शाम ईसाई धर्म का प्रचार करने पहुंचे 25 मिशनरियों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि ये लोग धर्म प्रचार के. Gair Dalit Hindi Edition eBook: Limbale kumar Sharan:. 2014 से पहले कांग्रेस की सरकार के दौर में ज्यादातर विदेशी ईसाई मिशनरीज़ बाकायदा यह लिखकर आया करते थे कि वो भारत में धर्म प्रचार के लिए जा रहे हैं। लेकिन अब उनकी कई एजेंसियों की मान्यता रद्द की जा चुकी है। ऐसे में उनके वीज़ा. क्या भारत में चलेगा ईसाई कानून? गुरुग्राम. भारतीय समाज व्यवस्था पर इस्लाम और ईसाई धर्म द्वारा प्रचण्ड आक्रमण हुए। इन धर्मों के प्रचार प्रसार को तत्कालीन आदि शंकराचार्य के जन्म के समय हिन्दू धर्म में हुए परिवर्तन ईसाई धर्म प्रचार का नतीजा था। शंकराचार्य के समीपवर्ती राज्य के. PDF फाइल. पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि गुरूवार की रात शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के मलूटी पंचायत अंतर्गत फूलपहाड़ी गांव में करीब 25 की तादाद में ईसाई धर्म प्रचारक धर्म प्रचाऔर धर्मांतरण कराने की नीयत से पहुंचे थे। गांव पहुंचने के.