सर सोराबजी पोचखानवाला

सर सोराबजी पोचखानवाला एक भारतीय पारसी बैंकर थे। स्वदेशी आन्दोलन से प्रभावित होकर उन्होंने 109 वर्ष पूर्व 1911 में सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इण्डिया की स्थापना की थी जो आज भारत का एक प्रमुख बैंक है।
सोराबजी पोचखानवाला को उनकी बैकिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिये ब्रिटिश राज द्वारा 1 मार्च 1935 को सर की उपाधि दी गयी थी।

1. संक्षिप्त जीवनी
सोराबजी पोचखानवाला का जन्म 9 अगस्त 1881 को ब्रिटिश भारत के बम्बई महानगर में एक पारसी परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम नासरवनजी पोचखानवाला और माँ का नाम बाई गुलबाई था। सोराबजी जब छ: वर्ष के तभी उनके पिता की मृत्यु हो गयी। सबसे बड़े भाई हीरजी भाई ने, जो चार्टर्ड बैंक ऑफ इण्डिया में एक मामूली से क्लर्क थे, सोराबजी, उनके एक छोटे भाई एदुलजी और एक बहन - तीनों की परवरिश की। 1897 में 16 वर्ष की आयु में बम्बई विश्वविद्यालय से मैट्रिक करने के बाद उन्होंने सेण्ट स्टीफन कॉलेज बम्बई से स्नातक बी॰ए॰ करना चाहा लेकिन प्रथम वर्ष की परीक्षा में असफल रहने के कारण उन्होंने अपना इरादा बदल दिया।
अपने भाई की सहायता से उन्हें 20 रुपये मासिक तनख्वाह पर चार्टर्ड बैंक में क्लर्क की नौकरी मिल गयी। नौकरी करते हुए उन्होंने बैंकिंग से सम्बन्धित विषयों की परीक्षाएँ पास करने का संकल्प किया और व्यावसायिक बैंकर के लिए सहायक परीक्षा उत्तीर्ण करने में सफलता प्राप्त की। लन्दन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकर्स का सी॰ए॰आई॰बी॰ प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले वे पहले भारतीय थे। बाद में इसी इंस्टीट्यूट को भारत में भी खोला गया जिसे इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकर्स के नाम से जाना जाता है। और इस इंस्टीट्यूट से परीक्षा पास करने पर सी॰ए॰आई॰आई॰बी॰ का प्रमाण पत्र मिलता है।
७ साल तक चार्टर्ड बैंक में सर्विस करने के बाद उन्होंने 1905 में त्याग पत्र दे दिया और भारतीय व्यापारियों द्वारा स्थापित बैंक ऑफ इण्डिया में एकाउण्टेण्ट के रूप में ज्वाइन किया। बैंक ऑफ इण्डिया में काम करते हुए उन्हें भारतीय बैंकिंग की मूलभूत समस्याओं को अध्ययन करने का पर्याप्त अवसर मिला।
1910 में उन्होंने बाई सकरबाई रतनजी से विवाह किया। सकरबाई सोराबजी दम्पति के दो बेटे व तीन बेटियाँ हुईं।

2. सेण्ट्रल बैंक की स्थापना
कल्याणजी वर्धमान जेतसी से आर्थिक सहयोग प्राप्त कर उन्होंने एक ऐसे बैंक की स्थापना करने का संकल्प किया जो पूर्णत: स्वदेशी हो और जिसे भारतीयों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर विशुद्ध रूप से भारतीयों ने ही बनाया हो। पोचखानवाला ने कुछ नामी-गिरामी हस्तियों को जुटाकर एक अच्छी बिल्डिंग का चयन किया और हिन्दू मुस्लिम व पारसी लोगों के व्यावसायी प्रतिष्ठानों से चुने हुए लोगों का एक निदेशक मण्डल बनाया। उस समय के प्रख्यात वकील फिरोजशाह मेहता को इस निदेशक मण्डल का अध्यक्ष नियुक्त किया और 21 दिसम्बर 1911 को 50 लाख रुपये की प्रारम्भिक पूँजी से सेण्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया की स्थापना कर डाली। शुरुआत में 50-50 रुपये के 40000 शेयर जारी किये गये। पहले सप्ताह में ही 70 खाते खोले गये जिनमें डेढ़ लाख रुपये जमा हुए थे।
पोचखानवाला ने सेण्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया की पूरे 9 साल तक एक प्रबन्धक के रूप में सेवा की। 1920 में वे इसके प्रबन्ध निदेशक बने।

3. सर की उपाधि के बाद का जीवन
सन 1934 में ब्रिटेन के महाराजा के जन्मदिन पर दिये जाने वाले सम्मानों की सूची में पोचखानवाला का नाम शामिल किया गया। यह सम्मान उन्हें भारत में स्वदेशी बैंकिंग व्यवस्था स्थापित करने के लिये दिया गया था। 1 मार्च 1935 को नई दिल्ली के तत्कालीन वायसराय हाउस में, जिसे आजकल राष्ट्रपति भवन के रूप में जाना जाता है, लॉर्ड विलिंग्डन द्वारा उन्हें सर की उपाधि दी गयी।
4 जुलाई 1937 को 55 वर्ष की आयु में लम्बी बीमारी के बाद उनका निधन हुआ।

4. पोचखानवाला के नाम पर बैंकर्स ट्रेनिंग कॉलेज
पोचखानवाला के नाम पर सर सोराबजी पोचखानवाला बैंकर्स ट्रेनिंग कॉलेज मुम्बई के विले पार्ले क्षेत्र में स्थापित किया गया जिसमें सेण्ट्रल बैंक और देना बैंक के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। एस॰पी॰बी॰टी॰ कॉलेज के नाम से विख्यात यह ट्रेनिंग कॉलेज पूरी तरह आवासीय है और बैकों के पुराने ट्रेनिंग कॉलेजों में से एक है।

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भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों Public Sector.

सर सोराबजी पोचखानवाला बैंकर्स प्रशिक्षण कॉलेज ऑडिटोरियम, जे. वी. पी.डी. स्कीम, विलेपार्ले पश्चिम, मुंबई. आठवीं वार्षिक आम बैठक. सर सोराबजी पोचखानवाला बैंकर्स प्रशिक्षण कॉलेज ऑडिटोरियम, जे. वी. पी.डी. स्कीम, विलेपार्ले पश्चिम. सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इण्डिया में एफ एल सी निदेशक पद. सर सोराबजी पोचखानवाला Sorabji Pochkhanawala. Matter. सर सोराबजी पोचखानावाला बैंकर प्रशिक्षण महाववद्यालय. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एवंदेना बैंक अब बैंक ऑफ बड़ौदा. Sir Sorabji Pochkhanawala Bankers Training College. Central Bank Of India & Dena Bank now Bank of Baroda. जेवी पी िी स्कीम, ववलेपाले प.

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एवंदेना बैंक Bank of Baroda.

मुखर्जी यहां दूसरे सर सोराबजी पोचखानवाला मेमोरियल लेक्च र में बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने किया था। मुखर्जी ने कहा कि वैश्कि आर्थिक संकट ने नीति निर्माताओं को आर्थिक प्रबंधन के. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया:डिपॉज़िट अकाउंट,निवेश. सर सोराबजी पोचखानवाला अंग्रेजी: Sir Sorabji Pochkhanawala, जन्म: 9 अगस्त 1881, मृत्यु: 4 जुलाई 1937 एक भारतीय पारसी बैंकर थे। स्वदेशी आन्दोलन से प्रभावित होकर उन्होंने 102 वर्ष पूर्व 1911 में सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इण्डिया की स्थापना.

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1911 – पहले स्वेदेशी बैंक सेन्ट्रल बैंक आॅफ इंडिया की स्थापना सोराबजी पोचखानवाला ने की। 1913 दुनिया की पहली क्रॉस वर्ड पहेली, इसका उद्घाटन मुंबई के तत्कालीन राज्यपाल सर जॉन कोल्विले ने किया। 1950 जेन इसेनहोवर उत्तरी अटलाटिंक. Sir Meaning in English सर का अंग्रेजी में मतलब GyanApp. सर सोराबजी पोचखानवाला सेंट्रल बँकेचे संस्थापक. विभिन्न बैंकों की सेविंग और फिक्स्ड डिपॉजिट FD. 1911 – पहले स्वेदेशी बैंक सेन्ट्रल बैंक आॅफ इंडिया की स्थापना सोराबजी पोचखानवाला ने की। 1913 दुनिया की पहली क्रॉस वर्ड 1976 सर शिवसागर रामगुलाम द्वारा मॉरिशस में मिली जुली सरकार का गठन। 1995 हरियाणा के मंडी डाबवाली.

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सेंट्रल बैंक की ओर से 106 स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान विभिन्ना कार्यक्रम आयोजित किए गए। सर्व प्रथम बैंक के संस्थापक सर सोराबजी पोचखानवाला की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। वहीं दीप प्रज्जवलित कर शाखा के स chhattisgarhThu, 22 Dec. महाहम रा यपाल ी राम नरेश यादव का सै ल बक के शता द. सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया अंग्रेजी: Central Bank of India भारत में सार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख बैंक है जिसकी स्थापना स्वदेशी आन्दोलन से प्रभावित होकर एक पारसी बैंकर सर सोराबजी पोचखानवाला द्वारा 1911 में की गयी थी। इसे पहला. वित्तीय स्थिरता, ठोस बैंकिंग व्यवस्था अहम: प्रणब. सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया भारत में सार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख बैंक है जिसकी स्थापना स्वदेशी आन्दोलन से प्रभावित होकर एक पारसी बैंकर सर सोराबजी पोचखानवाला द्वारा 1911 में की गयी थी। Dailyhunt. Disclaimer: This story is auto aggregated by a computer​. Akshardhvani सर सोराबजी पोचखानवाला सेंट्रल. े म अपनी भू मका का नवहन पूर संवेदनशीलता के साथ कया है। सै ल बक ने. हजार लाख छा को उ च श ा एवंअ य तकनीक श ा के लए श ऋण देकर उनक उ च श ा का. सपना साकार कया है। सै ल बक का अतीत भी बहुत गौरवपूण है। यह बक 1911 म सर सोराबजी पोचखानवाला वारा था पत पहला. ॐ श्रीगणेशाय नम: शुभप् पंचांग ज्ञानवर्षा. सर सोराबजी पोचखानवाला एक भारतीय पारसी बैंकर थे। स्वदेशी आन्दोलन से प्रभावित होकर उन्होंने 109 वर्ष पूर्व 1911 में सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इण्डिया की स्थापना की थी जो आज भारत का एक प्रमुख बैंक है। भंडारण pobrania अपने बैंकिंग के.

Page 583 – प्रतिदिन सामान्य ज्ञान Daily Gk News.

पटना सेंट्रलबैंक ऑफ इंडिया के संस्थापक सर सोराबजी पोचखानवाला का 134 वीं जयंती समारोह शनिवार को बैंक के अांचलिक कार्यालय में मनाई गई। कार्यक्रम में बैंक के फील्ड महाप्रबंधक आरके अरोड़ा ने पोचखानवाला के चित्र पर. न्यूज क्लिपिंग्स् गांवों के लिए काफी कुछ करना. सेंट्रल बैंक की स्थापना सर सोराबजी पोचखानवाला ने दिसंबर 1911 में की थी। देश के स्वदेशी आदोलन के समय बैंक की स्थापना की गई थी इसलिए उस समय इसका नाम स्वदेशी बैंक रखा गया था। वित्त मंत्री ने इस अवसर पर सेन्ट्रल बैंक के पूर्व अध्यक्ष एवं. अनटाइटल्ड 1 Bank of India. मुजफ्फरपुर। कार्यालय संवाददाता। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के संस्थापक सर सोराबजी पोचखानवाला ने अपने जीवन में भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के कई प्रयास किए। बैंकिंग क्षेत्र में उनकी भूमिका आज भी मिसाल है। अपनी कर्मठता के.

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इस बैंक की स्थापना 1911 में की गई थी, भारत का यह वित्तीय संगठन प्राथमिक भारतीय बैंक था जो भारतीयों द्वारा पूरी तरह से संगठित और प्रबंधित था. इस संस्थान की स्थापना सर सोराबजी पोचखानवाला द्वारा की गई थी. सर फिरोजशाह मेहता. सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया भारत में सार्वजनिक. 1911 – पहले स्वेदेशी बैंक सेन्ट्रल बैंक आॅफ इंडिया की स्थापना सोराबजी पोचखानवाला ने की। 1913 दुनिया की पहली क्रॉस वर्ड पहेली, 1976 सर शिवसागर रामगुलाम द्वारा मॉरिशस में मिली जुली सरकार का गठन। 1995 हरियाणा के मंडी डाबवाली इलाके. Hindi Dena Bank Announced Interview Schedule for Manager. सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया अंग्रेजी: Central Bank of India भारत में सार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख बैंक है जिसकी स्थापना स्वदेशी आन्दोलन से प्रभावित होकर एक पारसी बैंकर सर सोराबजी पोचखानवाला द्वारा 1911 में की गयी थी। इसे पहला भारतीय. वित्तीय स्थिरता के लिए ठोस बैंकिंग व्यवस्था की. सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया अंग्रेजी: Central Bank of India भारत में सार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख बैंक है जिसकी स्थापना स्वदेशी आन्दोलन से प्रभावित होकर एक पारसीबैंकर सर सोराबजी पोचखानवाला द्वारा 1911 में की गयी. Posted 6 months ago in Other.

सर सोराबजी पोचखानवाला एक भारतीय पारसी बैंकर थे.

० डी. वसुंधरा कृष्णमूर्ति. प्राचार्य. सर सोराबजी पोचखानवाला बैंकर प्रशिक्षण महाविद्यालय. विलेपार्ले प., मुंबई. संपूर्ण पत्रिका के लेखकों की सविस्तार उत्कृष्टता को उल्लेखित. करने हेतु शायद पंक्तियां तो क्या पृष्ठ भी कम पड़ सकते हैं।. बैंक की स्थापना दिवस पर निशुल्क दंत व स्वास्थ्य. मुखर्जी यहां दूसरे सर सोराबजी पोचखानवाला मेमोरियल लेक्च र में बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने किया था। मुखर्जी ने कहा कि वैश्कि आर्थिक संकट ने नीति निर्माताओं को आर्थिक. स्टाप: Latest स्टाप News in Hindi Naidunia. घोष का निधन। 21 दिसम्बर, पहले स्वेदेशी बैंक सेन्ट्रल बैंक आॅफ इंडिया की स्थापना सोराबजी पोचखानवाला ने की। 30 अगस्त, सर विलियम रमसे ने भविष्यवाणी की है कि 2086 तक ब्रिटेन की कोयला आपूर्ति समाप्त हो जाएगी. 31 दिसम्बर.

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के संस्थापक सर सोराबजी.

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना वर्ष 1911 में सर सोराबजी पोचखानवाला द्वारा एक पूर्ण स्वामित्व वाले भारतीय बैंक के रूप में की गई थी। इसकी पूरे देश के विभिन्न केंद्रों में 10 सैटेलाइट ऑफिस के साथ, 1 एक्सटेंशन काउंटर के साथ. साक्षात्कार का आयोजन 12 सितम्बर 2016 को पूर्वाहन 9 बजे सर सोराबजी पोचखानवाला बैंकरों का प्रशिक्षण SPBT कॉलेज, आर एन कूपर अस्पताल के पास, जेवीपीडी स्कीम, विले पार्ले ​डब्ल्यू मुंबई - 400056 में आयोजित किया जायेगा.

सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया अंग्रेजी: Central Bank of India भारत में सार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख बैंक है जिसकी स्थापना स्वदेशी आन्दोलन से प्रभावित होकर एक पारसी बैंकर सर सोराबजी पोचखानवाला द्वारा 21 दिसम्बर 1911 में की गयी थी।.

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के संस्थापक सर सोराबजी पोचखानवाला को उनकी पुण्यतिथि पर नम आंखों से याद किया गया। सोराबजी एक भारतीय पारसी बैंकर थे। स्वदेशी आन्दोलन से प्रेरित होकर उन्होंने 107 वर्ष पूर्व 21 दिसम्बर, 1911 में. मुखर्जी यहां दूसरे सर सोराबजी पोचखानवाला मेमोरियल लेक्च र में बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने किया था। मुखर्जी ने कहा कि वैश्कि आर्थिक संकट ने नीति निर्माताओं को आर्थिक प्रबंधन के.