भूगोल की रूपरेखा

ज्ञान के फलक का तात्पर्य एक ऐसे त्रिविमीय विन्यास है जिसे पूर्णरूपेण समझने के लिए हमें तीन दृष्टि बिन्दुओं से निरीक्षण करना चाहिए। इनमें से किसी भी एक बिन्दु वाला निरीक्षण एक पक्षीय ही होगा और वह संपूर्ण को प्रदर्शित नहीं करेगा। एक बिन्दु से हम सदृश वस्तुओं के संबंध देखते हैं। दूसरे से काल के संदर्भ में उसके विकास का और तीसरे से क्षेत्रीय संदर्भ में उनके क्रम और वर्गीकरण का निरीक्षण करते हैं। इस प्रकार प्रथम वर्ग के अंतर्गत वर्गीकृत विज्ञान, द्वितीय वर्ग में ऐतिहासिक विज्ञान, और तृतीय वर्ग में क्षेत्रीय या स्थान-संबंधी विज्ञान आते हैं।
वर्गीकृत विज्ञान पदार्थो या तत्वों की व्याख्या करते हैं अतः इन्हें पदार्थ विज्ञान material sciences भी कहा जाता है। ऐतिहासिक विज्ञान काल time के संदर्भ में तत्वों या घटनाओं के विकासक्रम का अध्ययन करते हैं। क्षेत्रीय विज्ञान तत्वों या घटनाओं का विश्लेषण स्थान या क्षेत्र के संदर्भ में करते हैं। पदार्थ विज्ञानों के अध्ययन का केन्द्र बिन्दु ‘क्यों ’, ‘क्या’ और ‘कैसे’ है। ऐतिहासिक विज्ञानों का केन्द्र बिन्दु ‘कब’ है तथा क्षेत्रीय विज्ञानों का केन्द्र बिन्दु ‘कहां ’ है।
स्थानिक विज्ञानों Spatial sciences को दो प्रधान वर्गों में विभक्त किया जाता है-
2 भूगोल Geography जिसमें पृथ्वी के तल पर तथ्यों तथा घटनाओं के वितरण का अध्ययन से है। इस प्रकार हम पाते हैं कि भूगोल एक भूविस्तारीय विज्ञान Chorological science है जो ‘कहां ’ की खोज पृथ्वी के तल पर करता है। पृथ्वी के तल का अभिप्राय केवल पृथ्वी की ऊपरी सतह से ही नहीं है बल्कि इसके अंतर्गत भूतल से संलग्न उस स्थल, जल तथा वायुमण्डल को भी समाहित किया जाता है जहां तक किसी माध्यम से मनुष्य की पहुंच है। इस प्रकार भूतल के अंतर्गत तीन प्रकार के क्षेत्र सम्मिलित है -
1 खगोल या अंतरिक्ष विज्ञान Astronomy जिसके अंतर्गत आकाशीय पिण्डों का अध्ययन किया जाता है,
2 भूतल के ऊपर स्थित निचला वायुमण्डल, और
1 पृथ्वी की ऊपरी सतह तथा उसके नीचे की पतली भूपर्पटी Easths crust,
3 पृथ्वी पर स्थित जलीय भाग। इन तीनों क्षेत्रों को क्रमशः स्थल मंडल Lithosphere, वायुमण्डल Atmosphere और जल मंडल Hydrosphere के नाम से जाना जाता है।

1. भूगोल की प्रकृति
यह लगभग सर्वमान्य है कि भूगोल एक विज्ञान है जिसका संबंध प्राकृतिक विज्ञानों और समाजिक विज्ञानों दोनों से हैं।
1 भूगोल भूतल का अध्ययन है: भूगोल ज्ञान की एक विशिष्ट विधा है जो पृथ्वी के तल की विशेषताओं का वैज्ञानिक विश्लेषण करता है। स्थान या क्षेत्र place or space भूगोल की आत्मा है जिसके संदर्भ में ही कोई भौगोलिक अध्ययन किया जाता है। भूतल या पृथ्वी के तल के वैज्ञानिक अध्ययन पर भूगोल का एकाधिकार है।
4 भूगोल एक अनुप्रयुक्त विज्ञान applied science है: भूगोल के अन्तर्गत किसी देश, प्रदेश क्षेत्र के प्राकृतिक, आर्थिक तथा मानवीय संसाधनों का सर्वेक्षण, पर्यवेक्षण तथा मूल्यांकन किया जाता है। किसी प्रदेश की भूमि के क्षेत्रफल, कृषि योग्य भूमि, भूगर्भिक जल, मिट्टी, जलवायु, जलशक्ति, खनिज भंडार, वन संपदा, पशु सम्पदा, औद्योगिक उत्पादन, कृषि उत्पादन, व्यापार, यातायात, जनसंख्या आदि संसाधनों का सर्वेक्षण और मूल्यांकन भूगोल में किया जाता है। इस प्रकार संसाधनों से सम्पन्न तथा विपन्न क्षेत्रों का पता लगाया जाता है। इसी प्रकार विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों तथा नगरीय केन्द्रों की सामाजिक-आर्थिक समस्याओ का भी पता लगाया जाता है और विद्यमान संसाधन, तकनीक, आवश्यकता आदि को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएं बनायी जाती हैं। इस प्रकार प्रादेशिक नियोजन में भूगोलवेत्ता महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है। वर्तमान समय में भूगोलवेत्ता सैद्धान्तिक पक्षों की अपेक्षा ज्वलंत समस्याओं के निराकरण हेतु व्यावहारिक पक्षों पर अधिक ध्यान देता है। इस प्रकार भूगोल की उपयोगिता एक अनुप्रयुक्त या व्यावहारिक भूगोल के रूप में बढ़ रही है और भूगोल की मुख्य विषय-वस्तु व्यावहारिक समस्याओं के आकलन, समाकलन integration और निराकरण solution से संबन्धित हो गयी है।
3 भूगोल एक अंतर्विषयी interdisciplinary विज्ञान है: भौगोलिक अध्ययन में क्रमबद्ध विधि और प्रादेशिक विधि अपनायी जाती है जबकि दोनों विधियों एक-दूसरे से सन्नहित हैं। स्थानिक वितरण का विश्लेषण करते हुए भूगोल अनेक प्राकृतिक और सामाजिक विज्ञानों से सहायता प्राप्त करना है और अन्य विज्ञान भी क्षेत्र संबंधी आवश्यक सामग्री तथा संकल्पनाओं को भूगोल से प्राप्त करते हैं। इस प्रकार भूगोल विभिन्न्न विज्ञानों को परस्पर सम्बद्ध करने में एक संयोजक का कार्य करता है।
2 भूगोल अंतर्सम्बन्धों का अध्ययन है: भूगोल संपूर्ण पृथ्वी तल या उसके विभिन्न भागों में विद्यमान विभिन्न प्राकृतिक तथा मानवीय तत्वों के मध्य पाये जाने पारस्परिक संबंधों की व्याख्या करता है। आधुनिक भूगोल केवल भूविस्तारीय विज्ञान ही नहीं बल्कि अंतर्संबंधों का विज्ञाबन गया है। संसार के सभी भौगोलिक तत्व चाहे वे भौतिक हों या मानवीय, जड़ हों या चेतन एक-दूसरे से किसी न किसी रूप में संबंधित हैं और एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। मनुष्य प्राकृतिक और सांस्कृतिक दोनों प्रकार के पर्यावरणीय तत्वों से घनिष्ट रूप से संबंधित होता हैं। मनुष्य एक प्रमुख भौगोलिक कारक है जो पर्यावरणीय तत्वों से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता किन्तु वह अपने कौशल और विवेक से अपनी आवश्यकता एवं अभिरूचि के अनुसार उनमें परिवर्तन भी करता है जिससे सांस्कृतिक भूदृश्य Cultural Landscape का निर्माण होता है। इस प्रकार मनुष्य और प्रकृति की पारस्परिक अंतर्क्रिया के परिणामस्वरूप नये-नये सांस्कृतिक तत्व उत्पन्न होते हैं जिनकी व्याख्या करना भूगोल का परम उद्देश्य है।

2.1. भूगोल की शाखाएँ भौतिक भूगोल
भौतिक भूगोल, भूगोल की एक प्रमुख शाखा है जिसमें पृथ्वी के भौतिक तथ्यों का भौगोलिक अध्ययन किया जाता है। भौतिक भूगोल में स्थलमंडल Lithosphere, वायुमण्डल Atmosphere और जलमंडल Hydrosphere के भौतिक तथ्यों का अध्ययन सम्मिलित होता है-
1 भूआकृति विज्ञान Gemophology: यह भौतिक भूगोल की एक प्रमुख शाखा है जिसमें स्थलमंडल के भौतिक तत्वों का अध्ययन किया जाता है। इसके अन्तर्गत भूआकृतियों स्थल रूपो की उत्पत्ति एवं विकास का विश्लेषण किया जाता है।
2 जलवायु विज्ञान Climatology: इसके अन्तर्गत जलवायविक तत्वों, उनकी उत्पत्ति एवं संघटन तथा प्राकृतिक पर्यावरण पर उनके प्रभावों और उससे सम्बन्धों का अध्ययन सम्मिलित होता है। इसकी दो उपशाखाएं हैं-
क भौतिक जलवायु विज्ञान Physical Climatology जिसमें मौसम और जलवायु के तथ्वों तथा प्रक्रमों से सम्बन्धित अध्ययन किया जाता है, और
ख प्रादेशिक जलवायु विज्ञान Regional Climatology के अन्तर्गत विश्व के विशिष्ट प्रदेशों की जलवायु का अध्ययन सम्मिलित होता है।
4 चिकित्सा भूगोल Medical Geography: इसमें मानवीय बीमारियों, रोगों, दुर्भिक्ष आदि के स्थानिक वितरण का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। इसमें मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले पर्यावरणीय कारकों का अध्ययन भी सम्मिलित होता है। यह पर्यावरण भूगोल के अधिक समीप है जिसके कारण कुछ लोग इसे पर्यावरण भूगोल की ही एक शाखा मानते हैं।
3 मृदा भूगोल Pedogeography Or Soil Geography: भौतिक भूगोल की इस शाखा में मिट्टी के स्थानिक वितरण तथा उसके लक्षण, उपयोग आदि का अध्ययन किया जाता है।

2.2. भूगोल की शाखाएँ मानव भूगोल
मानव भूगोल में मनुष्य तथा उसके पर्यावरण के मध्य पारस्परिक सम्बन्धों तथा उससे उतपन्न भूदृश्यों एवं तथ्यों का अध्ययन किया जाता है। इसके अन्तर्गत समस्त मानवीय क्रियाओं एवं गुणों का भौगोलिक अध्ययन सम्मिलित होता है। मानव भूगोल की शाखाओं में आर्थिक भूगोल, जनसंख्या भूगोल, अधिवास भूगोल, राजनीतिक भूगाल, सामाजिक भूगोल, सांस्कृतिक भूगोल, ऐतिहासिक भूगोल आदि प्रमुख हैं-
5 सामाजिक भूगोल Social geography: इसके अन्तर्गत सामाजिक वर्गों, सामाजिक प्रक्रियाओं अंतःक्रिया, सामाजिक विशेषताओं, सामाजिक संगठनों, सामाजिक समस्याओं आदि का भौगोलिक अध्ययन सम्मिलित होता है।
2 जनसंख्या भूगोल Population geography: इसमें जनसंख्या के वितरण, घनत्व, संघटन, जनसंख्या स्थानांतरण प्रवास, जनसंख्या वृद्धि, जनसंख्या-संसाधन सम्बन्ध, जनसंख्या समस्या आदि का अध्ययन सम्मिलित होता है।
6 सांस्कृतिक भूगोल Cultural geography: सांस्कृतिक भूगोल मानव भूगोल की एक शाखा है जो सांस्कृतिक तथ्यों के अध्ययन से सम्बन्धित है किन्तु कभी-कभी इसे मानव भूगोल का समानार्थी भी माना जाता है विशेष रूप से जब मानवीय के स्थान पर सांस्कृतिक शब्दाबली का प्रयोग किया जाता है। इसमें मानव विकास से सम्बन्धित सांस्कृतिक प्रक्रियाओं के भौगोलिक विश्लेषण पर विशेष बल दिया जाता है।
3 अधिवास भूगोल Settlement geography: अधिवास भूगोल की दो उप-शाखाएं हैं - ग्रामीण भूगोल और नगरीय भूगोल। ग्रामीण भूगाल या ग्रमीण अधिवास भूगोल में ग्रामीण अधिवासों ग्रामों का और नगरीय भूगोल में नगरीय अधिवासों नगरों का भौगोलिक अध्ययन किया जाता है।
4 राजनीतिक भूगोल Political geography: राजनीतिक भूगोल में रानीतिक रूप से संगठित क्षेत्रों राष्ट्र् देशों की सीमा, विस्तार, उनके विभिन्न घटकों, उप-विभागों, शासित भू-भागों, संसाधनों तथा आंतरिक एवं बाह्य राजनीतिक सम्बन्धों आदि का अध्ययन सम्मिलित होता है।
1 आर्थिक भूगोल Economic Geography: आर्थिक भूगोल के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार की आर्थिक क्रियाओं के वितरण प्रतिरूपों तथा उन कारकों और प्रक्रमों का अध्ययन किया जाता है जो भूतल पर इन प्रतिरूपों के क्षेत्रीय विभेदशीलता Areal differentiation को प्रभावित करते हैं। आर्थिक भूगोल में मृदा, जल, जैव तत्व, खनिज, ऊर्जा आदि प्राकृतिक संसाधनों, आखेट, मत्स्याखेट, पशुपालन, वनोद्योग, कृषि, निर्माण उद्योग, परिवहन, संचार, व्यापार एवं वाणिज्य आदि आर्थिक क्रियाओं तथा अन्य आर्थिक पक्षों एवं संगठनों के अध्ययन को सम्मिलित किया जाता है।
7 ऐतिहासिक भूगोल Historical geography: विश्व में घटित होने वाली सभी घटनाएं कहीं न कहीं पृथ्वी के तल से संबंधित होती हैं और प्रत्येक तत्व चाहे वह प्राकृतिक भौतिक हो या मानवीय, उसकी स्थिति भी धरातल पर ही पायी जाती है।
ध्यातव्य है कि भूतल के अध्ययन पर भूगोल का एकाधिकार है क्योंकि भूतल पर तत्वों के वितरण का विश्लेषण केवल भूगोल ही करता है। इस प्रकार भूगोल का संबंध सभी विज्ञानों से है चाहे वह शुद्ध प्राकृतिक विज्ञान हो अथवा मानवीय या सामाजिक विज्ञान।

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Page 1 4 FM इकाई 4: पाठ्यचर्यां की रूपरेखाः.

प्रस्तुत पर्यावरणीय भूगोल Environmental Geography Including Practical पुस्तक विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के बी. ए​. ऑनर्स भूगोल सेमेस्टर VI Core 13 के नवीन पाठ्यक्रमानुसार तैयार की गई है। पर्यावरणीय भूगोल की रूपरेखा से सम्बन्धित. साइंस कालेज दुर्ग में भूगोल विभाग में रिमोट. कक्षा Class ग्यारहवीं 11th. विषय Subject भूगोल Geography. किताब का नाम Book Name भूगोल मे प्रयोगात्मक कार्य Bhugol Main Prayogatmak Karya. विषय सूचि. अध्याय 1. मानचित्र का परिचय. अध्याय 2. मानचित्र मापनी. अध्याय 3. अक्षांश, देशांतर और समय​. अनटाइटल्ड Shodhganga. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 सुझाती है कि बच्चों के स्कूली जीवन को बाहर के जीवन से. जोड़ा जाना चाहिए। यह सिद्धांत किताबी ज्ञान की उस विरासत के विपरीत है जिसके प्रभाववश हमारी. व्यवस्था आज तक स्कूल और घर के बीच अंतराल बनाये. भूगोल UPBTVP. पाठ्यक्रम समीक्षा – वर्ष 2008 09. भूगोल प्रबोध भूगोल. ​प्रबोध एन्ड कम्पनी प्रा.लि. रायपुर. मानव जीवन से घनिष्ट रूप से जुडे भूगोल विषय का ज्ञान का दायरा काफी. विस्तृत है। विद्यार्थियों का इस विषय के सैद्धान्तिक, व्यावहारिक तकनीकी पक्ष का. 9788185891699 प्रयोगात्मक भूगोल की रूपरेखा. बच्चों को शिक्षा प्रक्रिया के केन्द्र में रखकर, एनसीएफ ​राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा, 2005 ने इस प्रवृत्ति को वैधता प्रदान की है ज्ञान के एक क्षेत्र के रूप में भूगोल प्राकृतिक विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, दोनों के आधापर विकसित हुआ है।. अनटाइटल्ड uprtou. Photo Gallery: साइंस कालेज दुर्ग में भूगोल विभाग में रिमोट सेसिंग के अनुप्रयोग पर आमंत्रित व्याख्यान रिमोट सेसिंग में रोजगार की अपार संभावनाएं जाहिद अली संजय दास ने व्याख्यान के मुख्य विषय की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। डाॅ. संजय दास ने.

भर्ती जिला मुंगेर, बिहार सरकार भारत Munger.

द अंकारा. प्रश्न 29 भूगोल की रूपरेखा नामक ग्रंथ किसने लिखा था? अ स्ट्रेबो ब टाॅलेमी स इस्नहाकल द अलमसूदी. प्रश्न 30 निम्न मे से किस जलवायु प्रदेश मे वनस्पतियो के नाम पर केवल काई या फँफूदी पाई जाती है? अ भूमध्यसागरीय. भूगोल 316 पाठ्यक्रम: राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी. भारत के भूगोल के कारण ग्वालियर शहर बारिश की छाया क्षेत्र में पड़ता है। नतीजतन, यहाँ प्रति वर्ष केवल 700 मिमी औसत वर्षा होती है,जो राज्य के अन्य शहरो के औसत का लगभग आधा है। यहाँ मानसून जून के मध्य से शुरू होता है और आमतौपर सितंबर के मध्य.

भोगोलिकी जिला भिण्ड, मध्य प्रदेश शासन भारत.

सामाजिक विज्ञान समाज के विविध सरोकारों को अपने अंदर समेटता है और इसमें इतिहास, भूगोल. राजनीति शास्त्र यह सुनिश्चित. माध्यमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ​एक रूपरेखा करने के लिए कि पाठ्यचर्या संबंधी संस्तुतियों को. अनटाइटल्ड उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग. कृपया, जानकारी के लिए नीचे दिगए लिंक का पालन करें: अंग्रेजी मीडियम. पुस्तक 1. Module 1: The Study of Geography as a Discipline. Lesson 1. Nature of Geography as a discipline 647 KB PDF File Opens in a new window. Module 2: Changing Face of the Earth. Lesson 2. Earths interior and its.

जल संसाधन भूगोल JAL SANSADHAN Rawat Books.

The book प्रयोगात्मक भूगोल की रूपरेखा is written by पी. दयाल. This book was published in the year 2006. The ISBN number 8185891699 ​9788185891699 is assigned to the Paperback version of this title. This book has total of pp. 200 Pages. The publisher of this title is Rajesh Publications. राज्य की रूपरेखा PAG. तिवारी वर्ष 2007 में पीजी भूगोल विभाग में योगदान दिए। इन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं। इसमें मुख्य रूप से झारखंड का भूगोल, झारखंड की रूपरेखा, झारखंड का भौगोलिक स्वरूप, कंप्रिहेंसन भूगोल और जनसंख्या भूगोल समेत अन्य.

भूगोल Board of Secondary Education.

भूगोल. प्रश्न पत्र की रूपरेखा. प्रश्नों की कुल संख्या. निर्धारित अंक. 5x5 25. 3x6 18. प्रश्न का प्रकार. विस्तृत प्रश्नोत्तर. लघु प्रश्नोत्तर. अतिलघु प्रश्नोत्तर. मानचित्र. OTBA. 1x7 7. 1 1. 5 10. 10. कुल अंक 70. कठिनाई स्तर. अनुमानित कठिनाई स्तर. उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास बोर्ड की रूपरेखा. महाविद्यालय की रूपरेखा. मापदंडानुसार विभाग 190 16. भूगोल विभाग. 7. इलेक्ट्रानिक्स विभाग 194 17. मनोविज्ञान विभाग. 8. कम्प्यूटर साइंस विभाग 198 18. रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन विभाग विजय कुमार चौधरी विभागाध्यक्ष, भूगोल विभाग. सदस्य. Teaching of social science prelims ePathshala. भूगोल GEOGRAPHY. प्रश्न पत्र I Papers ट्रिवार्था द्वारा प्रस्तावित जलवायु वर्गीकरण के आधार एवं रूपरेखा का. समालोचनात्मक a प्रदेशों और प्रादेशिक भूगोल के अध्ययन हेतु क्षेत्रीय विभेदन ने सैद्धांतिक प्रामाणिकता. उपलब्ध की है।. मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न Main Answer Writing Practice. National Portal of India is a Mission Mode Project under the National E ​Governance Plan, designed and developed by National Informatics Centre NIC,​.

भूगोल और जलवायु जिला मऊ, उत्तर प्रदेश सरकार India.

सामाजिक भूगोल और क्षेत्रीय विकास में पीएचडी at Charles University Faculty of Science.सारी जानकारी प्राप्त करे जीआईएस। वह विभिन्न स्थानिक स्तरों पर क्षेत्रीय विकास पर वैज्ञानिक अनुसंधान की रूपरेखा तैयार करने में सक्षम है। वह नीति ​निर्माण. भूगोल की रूपरेखा. ज्ञान के फलक का तात्पर्य एक ऐसे. UPSC Igzam Ki Taiyari Ke Liye Kinheen Do Bhugol Tatha Arthashastra Kitaben Ke Lekhak Ke Naam Batayen? UPSC इग्ज़ाम की तैयारी के लिए किन्हीं दो भूगोल तथा अर्थशास्त्र किताबें के लेखक के नाम बताएं? 4 Answers, Listen to Expert Answers on Vokal Indias Largest Question. महाराजा सूरजमल बृज यूनिवर्सिटी, भरतपुर Maharaja. उन्होंने कहा, बजट नये और आत्मविश्वासी भारत की रूपरेखा देता है, यह आने वाले वर्षों में देश को स्वस्थ एवं समृद्ध बनाएगा. उधर, विपक्षी पार्टियों ने बजट की आलोचना की है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आम बजट को खोखला. बात से बात चले BBC. विज्ञप्ति 24 46. विज्ञापन संख्या 46 के अन्तर्गत विज्ञापित असिस्टेन्ट प्रोफेसर भूगोल विषय के दिनांक. 28 अक्टूबर, 2016 Interview Schedules बटन पर क्लिक कर साक्षात्कार की रूपरेखा प्राप्त की जा सकती है। साक्षात्कार पत्र डाउनलोड.

अनटाइटल्ड Kopykitab.

GEOGRAPHY UGC NTA NET JRF PREVIOUS PAPERS IN HINDIयूजीसी नेट ​जेआरएफ परीक्षा‚ दिसम्बर 2004 भूगोल व्याख्या सहित द्वितीय भूगोल की रूपरेखा 18. उत्तर c −भौतिक भूगोल एवं मानव भूगोल के बीच भौगोलिक द्वैत को द्वैतवाद कहते हैं। 20. आधार क्या है भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण. इकाई 1 भौतिक भूगोल की प्रकृति तथा विषय वस्तु, भौतिक भूगोल का अन्य भूविज्ञानों से अर्तंसबंध । पृथ्वी की आयु, भूवैज्ञानिक समय मापनी। पृथ्वी की उत्पत्ति संबंधी मुख्य सिद्धातं निहारिका, ज्वारीय. गृहाणु, नवतारा नोवा तथा ऑटोश्मिड. पर्यावरणीय भूगोल Environmental Geography Sahitya. आने वाले समय में ऐसा हुआ तो वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश के कौने​ कौने से भूगोल वैज्ञानिक तैयार होंगे। सिक्योरिटी एवं ऑटोमोटिव के चार क्षेत्रों में राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा अर्हता रूपरेखा परियोजना शुरू की गई है ताकि वे. केन्द्र य वद्यालय संगठन Kendriya Vidyalaya No.1. यह आलेख भूगोल के बारे में है कि What is Geography स्थानिक विशेषताओं और भूगोल के विभाजन और भौतिक भूगोल के महत्व के रूपरेखा है। भूगोल UPSC.

जियोग्राफी.

हिमाचल प्रदेश की भूगोल. दक्षिण पूर्व पर उत्तरांचल, पश्चिम में पंजाब, पूर्व में चीन, दक्षिण पश्चिम में हरियाणा, और हिमाचल प्रदेश के उत्तर पर जम्मू और कश्मीर। यह अक्षांश 30 ° 22​40 उत्तर से 33 ° 1240 उत्तर और लंबे समय तक 75 ° 45 55 पूर्व से 79 ° 04 20. Odisha team will learn tiger conservation tricks from Tiger Reserve. एनसीईआरटी कक्षा 11 भूगोल भाग 1 अध्याय 7: भूमि के प्रारूप और उनके विकास Landforms and their Evolution यूट्यूब व्याख्यान हैंडआउट. आरेटे तीक्ष्ण कटक ज़िग ज़ैग रूपरेखा के साथ तेज शिखा दांतेदार चोटी देखी. हिमनदी घाटी यू आकार की घाटी. Page 1 महाराणा प्रताप प.र्जी, कालेज, जंगल धूड़. राजभवन सभागार में भूगोल एवं गणित विभाग के नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों की एक. कार्यशाला आयोजित हुई आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यक्रमों की रूपरेखा निर्धारित करने में भूगोल शिक्षकों के ज्ञानानुभवों. का भी इस्तेमाल.

भूगोल की रूपरेखा, प्रकृति और शाखाएं GS Junction.

भूगोल. होम भूगोल. मथुरा, या जैसा कि यह मथुरा की अधिक सही ढंग से लिखा गया है, आगरा डिवीजन का उत्तर पश्चिमी जिला है, और 27 डिग्री 14 और 27 डिग्री 58 उत्तर अक्षांश और 77 डिग्री 17 ​और 78 डिग्री 12 पूर्व के समानांतरों के बीच स्थित है देशांतर।. World Geography Quiz 05 SAMANYA GYAN. ALS संस्थान में भूगोल विषय का अध्यापन भारत भर में अपनी शिक्षण पद्धति की श्रेष्ठता के लिए जाना जाता है। पाठ्यक्रम को इस प्रकार डिजाइन किया गया है जिससे त्वरित सीखने में वृद्धि हो तथा छात्र न केवल भूगोल में विशेषज्ञता प्राप्त कर सके बल्कि स्वयं के संबंध में भी विशेषज्ञ हो पाठ्यक्रम रूपरेखा. UPSC इग्ज़ाम की तैयारी के लिए किन्हीं दो भूगोल. क्रमांक. अनिवार्य विषय. वैकल्पिक विषय. 1. पर्यावरण अध्ययन. समाज शास्त्र. 2. हिन्दी भाषा. राजनीति विज्ञान. 3. अंग्रेज़ी भाषा. भूगोल आयकर. वित्तीय प्रबंध. 2. अंग्रेज़ी भाषा. अप्रत्यक्ष कर. वित्तीय बाज़ारों की रूपरेखा. 3. प्रबंध लेखांकन. 4. Course Offered Govt College Armarikala. टीम में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉर्टी के डीआईजी निशांत वर्मा और एडीजी भी 24 सितंबर को पीलीभीत टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर उड़ीसा से आई टीम को पीटीआर की भूगोल और रूपरेखा समझाई जाएगी और इस के बाद माला रेंज में टीम को भ्रमण. भूगोल विभाग ने की रिमोट सेंसिग व जीआइएस तकनीक. भूगोल विभिन्न क्षेत्रों के भूदृश्य का अध्ययन करते हुए उन कारणों की खोज करता है, जो. भूदृश्यों में अन्तर को अन्तर का प्रभाव पड़ता है। इस तरह भूगोल एक विषय के रूप में मानव जनसंख्या और संसाधनों के अध्ययन की रूपरेखा प्रस्तुत अध्ययन विषय.

सामाजिक भूगोल और क्षेत्रीय विकास में पीएचडी PhD.

जल संसाधन भूगोल JAL SANSADHAN BHOOGOL – Water Resource Geography – Hindi जल फसल सहसम्बन्ध, जल प्रदूषण, नदी जल के राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विवादों तथा अंतर्बेसिन जल स्थानांतरण की नवीन रूपरेखा पर प्रकाश डालकर पुस्तक को न केवल स्नातक एवं. Buy पर्यावरणीय भूगोल Environmental Geography. जिले की रूपरेखा ग्वालियर के उत्तर – पूर्व में 26 ° 3450 ​अक्षांश और 78 ° 4805 रेखांश पर अवस्थित भिंड मध्य प्रदेश का सबसे भूगोल सम्पूर्ण जिला चंबल घाटी में अवस्थित है l यह गंगा घाटी के दक्षिण – पश्चिमी भाग का निर्माण करता है l पहाड़िया.

UPSC, IAS Exam Pattern & Syllabus: सिविल सेवा परीक्षा.

क्रमांक. अनिवार्य विषय. वैकल्पिक विषय. 1. पर्यावरण अध्ययन. समाज शास्त्र. 2. हिन्दी भाषा. राजनीति विज्ञान. 3. अंग्रेज़ी भाषा. भूगोल आयकर. वित्तीय प्रबंध. 2. अंग्रेज़ी भाषा. अप्रत्यक्ष कर. वित्तीय बाज़ारों की रूपरेखा. 3. प्रबंध लेखांकन. 4. Следующая Войти Настройки Конфиденциальность. Hindi GK Questions and Answers on the basic terminology of. उत्तर की रूपरेखा. प्रभावी भूमिका में मात्रात्मक क्रांति को स्पष्ट करें। तार्किक एवं संतुलित विषय वस्तु में प्रश्नगत कथन को स्पष्ट करते हुए भूगोल में मात्रात्मक क्रांति के उद्देश्यों की की चर्चा करें। प्रश्नानुसार संक्षिप्त एवं. Convert JPG to PDF online. इसके साथ ही लनामिविवि का भूगोल विभाग सूबे में आइआइआरएस आउटरीच डिस्टेंस लर्निंग की सुविधा देने वाला पहला विभाग बन चुका है। 26 अप्रैल तक चलने वाला कार्यक्रम भूस्खलन व भूकंप के क्षेत्रीकरण, मापन एवं भविष्य रूपरेखा पर.

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से सम्बोधित करते हुए जनसंख्या के अध्ययन करने के लिए भूगोल की एक स्वतंत्र शाखा. के रूप में भूगोवेत्ताओं का आह्वान किया था। उन्होंने इसके साथ ही जनसंख्या भूगोल. की रूपरेखा भी प्रस्तुत की थी। अतः यह कहना अनुचित नहीं होगा कि ट्रिवार्था. विश्व भूगोल की रुपरेखा Vishav Bhugol E Pustakalaya. जिला परिषद् उच्च माध्यमिक शिक्षक नियोजन 2019 हेतु औपबंधिक मेघा सूची विषय भूगोल, 21 11 2019, 07 12 2019, देखें 364 KB. जिला परिषद् उच्च माध्यमिक शिक्षक नियोजन 2019 हेतु औपबंधिक मेघा सूची विषय हिन्दी. जिला परिषद् उच्च माध्यमिक शिक्षक.