• सन्त एकनाथ

    एकनाथ प्रसिद्ध मराठी सन्त जिनका जन्म पैठण में संत भानुदास के कुल में हुआ था। इन्होंने संत ज्ञानेश्वर द्वारा प्रवृत्त साहित्यिक तथा धार्मिक कार्य का सब प्रकार...

  • वेदान्त देशिक

    वेदान्त देशिक वैष्णव गुरू, कवि, भक्त, दार्शनिक एवं आचार्य थे। उनकी पादुका सहस्रम नामक रचना चित्रकाव्य की अनुपम् भेंट है। इनका दूसरा नाम वेंकटनाथ था। तेरहवीं ...

  • पुंडलिक

    पुंडलिक या पुंडरीक हिंदू भगवान विट्ठल के उपाख्यानों में एक केंद्रीय पात्र है। विट्ठल वैष्णव देवता है जिन्हे आमतौपर विष्णु और कृष्ण का रूप माना जाता है। पुंडल...

  • नारायण गुरु

    नारायण गुरु भारत के महान संत एवं समाजसुधारक थे। कन्याकुमारी जिले में मारुतवन पहाड़ों की एक गुफा में उन्होंने तपस्या की थी। गौतम बुद्ध को गया में पीपल के पेड़...

  • नामदेव

    नामदेव भारत के प्रसिद्ध संत थे। इनके समय में नाथ और महानुभाव पंथों का महाराष्ट्र में प्रचार था। नामदेव का जन्म सन १२७० शके ११९२ में महाराष्ट्र के सतारा जिले ...

  • ज्ञानेश्वर

    संत ज्ञानेश्वर महाराष्ट्र तेरहवीं सदी के एक महान सन्त थे| इन्होंने ज्ञानेश्वरी की रचना की। संत ज्ञानेश्वर की गणना भारत के महान संतों एवं मराठी कवियों में होत...

  • गाडगे बाबा

    महान समाज सुधारक संत गाडगे बाबा का जन्म दिवस बीसवीं सदी के समाज-सुधार आन्दोलन में जिन महापुरूषों का योगदान रहा है, उन्हीं में से एक महत्वपूर्ण नाम बाबा गाडगे...

सन्त

बालकोवा भावे

बालकोवा भावे एक गांधीवादी सन्त थे। वे विनोबा भावे के छोटे भाई थे। उनका वास्ताविक नाम बालकृष्ण भावे था। बालकोवा भावे ने भारत में प्राकृतिक चिकित्सा के प्रचार-प्रसार के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन लगा दिया। वे अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद के संस्थापक अध्यक्ष थे।

गंभीरनाथ

गंभीरनाथ, नाथ पंथ के एक प्रख्यात योगी थे जिनका जन्म कश्मीर के एक धनी परिवार में हुआ था। किंतु युवावस्था में ही उन्हें वैराग्य उत्पन्न हुआ और उन्होंने गोरखपुर...

गाडगे बाबा

महान समाज सुधारक संत गाडगे बाबा का जन्म दिवस बीसवीं सदी के समाज-सुधार आन्दोलन में जिन महापुरूषों का योगदान रहा है, उन्हीं में से एक महत्वपूर्ण नाम बाबा गाडगे...

चोखामेला

चोखामेला महाराष्ट्र के एक नामी संत थे। संत चोखामेला ने कई अभंग लिखे हैं, जिसके कारण उन्हें भारत का पहला दलित-कवि कहा गया है। सामाजिक-परिवर्तन के आन्दोलन में ...

ज्ञानेश्वर

संत ज्ञानेश्वर महाराष्ट्र तेरहवीं सदी के एक महान सन्त थे| इन्होंने ज्ञानेश्वरी की रचना की। संत ज्ञानेश्वर की गणना भारत के महान संतों एवं मराठी कवियों में होत...

नामदेव

नामदेव भारत के प्रसिद्ध संत थे। इनके समय में नाथ और महानुभाव पंथों का महाराष्ट्र में प्रचार था। नामदेव का जन्म सन १२७० शके ११९२ में महाराष्ट्र के सतारा जिले ...

नारायण गुरु

नारायण गुरु भारत के महान संत एवं समाजसुधारक थे। कन्याकुमारी जिले में मारुतवन पहाड़ों की एक गुफा में उन्होंने तपस्या की थी। गौतम बुद्ध को गया में पीपल के पेड़...

पुंडलिक

पुंडलिक या पुंडरीक हिंदू भगवान विट्ठल के उपाख्यानों में एक केंद्रीय पात्र है। विट्ठल वैष्णव देवता है जिन्हे आमतौपर विष्णु और कृष्ण का रूप माना जाता है। पुंडल...

लिखमीदास

सन्त लिखमीदास, राजस्थान के प्रसिद्ध सन्त थे। माली समाज में उनकी बड़ी प्रतिष्ठा है। वे विवाहित थे तथा उनके दो पुत्और एक पुत्री थी। वे नागौर के निवासी थे। उनके...

वेदान्त देशिक

वेदान्त देशिक वैष्णव गुरू, कवि, भक्त, दार्शनिक एवं आचार्य थे। उनकी पादुका सहस्रम नामक रचना चित्रकाव्य की अनुपम् भेंट है। इनका दूसरा नाम वेंकटनाथ था। तेरहवीं ...

सन्त एकनाथ

एकनाथ प्रसिद्ध मराठी सन्त जिनका जन्म पैठण में संत भानुदास के कुल में हुआ था। इन्होंने संत ज्ञानेश्वर द्वारा प्रवृत्त साहित्यिक तथा धार्मिक कार्य का सब प्रकार...

सन्त कंवर राम

संत कंवर रामजी का जन्म 13 अप्रैल सन् 1885 ईस्वी को बैसाखी के दिन सिंध प्रांत में सक्खर जिले के मीरपुर माथेलो तहसील के जरवार ग्राम में हुआ था। उनके पिता ताराच...

स्वामी रामसुखदास

स्वामी राम सुखदास भारतवर्ष के अत्यन्त उच्च कोटि के विरले वीतरागी संन्यासी थे। वे गीताप्रेस के तीन कर्णाधारों में से एक थे। अन्य दो हैं- श्री जयदयाल गोयन्दका ...