ऐतिहासिक भूगोल

ऐतिहासिक भूगोल किसी स्थान अथवा क्षेत्र की भूतकालीन भौगोलिक दशाओं का या फिर समय के साथ वहाँ के बदलते भूगोल का अध्ययन है। यह अपने अध्ययन क्षेत्र के सभी मानवीय और भौतिक पहलुओं का अध्ययन किसी पिछली काल-अवाधि के सन्दर्भ में करता है या फिर समय के साथ उस क्षेत्र के भौगोलिक दशाओं में परिवर्तन का अध्ययन करता है। बहुत सारे भूगोलवेत्ता किसी स्थान का इस सन्दर्भ में अध्ययन करते हैं कि कैसे वहाँ के लोगों ने अपने पर्यावरण के साथ अंतर्क्रियायें कीं और किस प्रकार इन क्रियाओं के परिणामस्वरूप उस स्थान के भूदृश्यों का उद्भव और विकास हुआ।
आज के परिप्रेक्ष्य में भूगोल की इस शाखा का जो रूप दिखाई पड़ता है उसका सर्वप्रथम प्रतिनिधित्व करने वाली रचनाओं में हेरोडोटस के उन वर्णनों को माना जा सकता है जिनमें उन्होंने नील नदी के डेल्टाई क्षेत्रों के विकास का वर्णन किया है, हालाँकि तब ऐतिहासिक भूगोल जैसी कोई शब्दावली नहीं बनी थी।
आधुनिक रूप में इसका विकास जर्मनी में फिलिप क्लूवर के साथ शुरू माना जाता है जिन्होंने जर्मनी का ऐतिहासिक भूगोल लिखकर इस शाखा का प्रतिपादक बनने का श्रेय हासिल किया।
१९७५ में जर्नल ऑफ हिस्टोरिकल ज्याग्रफी के पहले अंक के साथ ही इसके विषय क्षेत्और अध्ययनकर्ताओं के समूह जो एक व्यापक विस्तार मिला। अमेरिका में इस शाखा को सबसे अधिक बल कार्ल सॉअर के सांस्कृतिक भूगोल के अध्ययन से मिला जिसके द्वारा उन्होंने सांस्कृतिक भूदृश्यों के ऐतिहासिक विकास के अध्ययन को प्रेरित किया। हालाँकि अब वर्तमान समय में इसमें कई अन्य थीम शामिल हो चुकी हैं जिनमें पर्यावरण का ऐतिहासिक अध्ययन और पर्यावरणीय ज्ञान के ऐतिहासिक अध्ययन को भी शामिल किया जाता है। अब ऐतिहासिक भूगोल रुपी भूगोल की यह शाखा इतिहास, पर्यावरणीय इतिहास और ऐतिहासिक पारिस्थितिकी इत्यादि शाखाओं से काफ़ी करीब मानी जा सकती है।

1. इतिहास
प्राचीन यूनानी भूगोलवेत्ताओं के लेखन में भी ऐसे तत्व मिलते हैं जो भूगोल की आज की इस शाखा के समान हैं। उदाहरण के लिये प्रसिद्ध यूनानी विद्वान हेरोडोटस द्वारा नील नदी के डेल्टा के ऐतिहासिक विकास की व्याख्या करना। बुटलिन ने अपनी पुस्तक में ऐतिहासिक भूगोल के इतिहास को तीन बड़े खण्डों में बाँटा है - १७०० से १९२० ई॰ तक, १९२० से १९५० तक आधुनिक ऐतिहासिक भूगोल की शुरूआत और १९५० के बाद का काल बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में ऐतिहासिक भूगोल।
१९३२ में ब्रिटिश हिस्टोरिकल सोसायटी और ब्रिटिश ज्योग्राफिकल सोसायटी की संयुक्त बैठक में पहली बार इस प्रश्न पर विचार शुरू हुआ कि आखिरकार ऐतिहासिक भूगोल क्या है। ई डब्ल्यू गिल्बर्ट ने मत प्रकट किया कि ".इसका ऐतिहासिक भूगोल का असली प्रकार्य बीते समय के प्रादेशिक भूगोल की पुनर्रचना करना है", और साथ ही तत्कालीन प्रचलित चार अन्य मतों का खंडन किया कि यह राजनीतिक सीमान्तों के परिवर्तन का अध्ययन नहीं है; भौगोलिक खोजों का अध्ययन नहीं है; न ही यह भौगोलिक विचारों और विधियों के इतिहास का अध्ययन है; और न ही यह भौगोलिक पर्यावरण के इतिहास पर पड़े प्रभावों का अध्ययन है।
इसके बाद ब्रिटेन में ही एच॰ सी॰ डार्बी के नेतृत्व में इस विधा का विकास हुआ जब उन्होंने १९५० से १९७० के बीच अपनी सात खण्डों की कृति रिकंस्ट्रक्शन ऑफ़ ह्यूमन ज्याग्रफी ऑफ़ मेडिवल इंग्लैण्ड मध्यकालीन इंग्लैण्ड के मानव भूगोल की पुनर्रचना प्रकाशित की।

1.1. इतिहास समकालीन धाराएँ
यूके में ऐतिहासिक भूगोल के अंतर्गत हुए हालिया शोध कार्यों का जायजा लेकर एक अध्ययन में इसकी कुछ प्रमुख धाराएँ चिह्नित की गयी हैं जो निम्नवत हैं:
ऐतिहासिक जीआइएस: ने एक नयी विधा के रूप में स्थान बनाया है और इसके अध्ययन ने ऐतिहासिक भूगोल के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किये हैं। ऐतिहासिक जीआइएस भौगोलिक सूचना प्रणाली जी॰आइ॰एस॰ की एक नयी शाखा के रूप में तेज़ी से उभरा है।
भूगोल और दर्शन: के क्षेत्र में ऐतिहासिक भूगोलवेत्ताओं की रूचि गैर-निरूपणात्मक सिद्धांत में रही है जिसका प्रयोग उन्होंने भूदृश्यों और आवास क्षेत्रों के ऊपर दार्शनिक दृष्टि से लेखन करने में किया है।
भूगोल की मूलभूत संकल्पनाएँ: उदाहरण के लिये स्थान, क्षेत्र, भूदृश्य इत्यादि ऐतिहासिक भूगोलवेत्ताओं के अध्ययन के विषय के रूप में अन्य विषय के शोधार्थियों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।
नक़्शे: अभी भी काफ़ी ऐतिहासिक भूगोलवेत्ता नक्शों के इतिहास और नक्शों के अध्ययन द्वारा इतिहास के अध्ययन को अपना प्रमुख विषय बनाये हुए हैं।
अन्य क्षेत्र: जो ऐतिहासिक भूगोलवेत्ताओं द्वारा अध्ययन के विषय के रूप में प्रस्तुत किये गये हैं उनमें भूगोलवेत्ताओं के जीवनीपरक अध्ययन से लेकर कला के विकास का भूगोल तक और जैवभूगोल के ऐतिहासिक अध्ययन तक कई पहलू शामिल किये जा सकते हैं।
भूगोल, विज्ञान और तकनीक: के ऐतिहासिक भूगोल के अंतर्गत अध्ययन ने वैज्ञानिक विकास के भौगोलिक प्रतिरूपों के अध्ययन को बढ़ावा दिया है।
वैश्विक ऐतिहासिक भूगोल: जो १९९० के बाद हुए विश्वव्यापी वैश्वीकरण की घटना का अध्ययन करता है।
पर्यावरण के ऐतिहासिक भूगोल: के अंतर्गत अध्ययनों ने पर्यावरणीय परिवर्तनों के भौगोलिक प्रतिरूपों और उनमें समय के सापेक्ष बदलाव के अध्ययन द्वारा न सिर्फ़ नए आँकड़े प्रस्तुत किये हैं बल्कि नयी सोच और समझ विकसित करने में मदद की है।
भूगोल और साम्राज्य: की धारा के अंतर्गत साम्राज्य और साम्राज्यवाद के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक पहलुओं के अध्ययन हेतु ऐतिहासिक भूगोलवेत्ताओं ने नए अनुसंधान मॉडल विकसित किये हैं।

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विश्व का आर्थिक भूगोल pdf.

SM 1 Hindi: पाठ 1 इतिहास लेखन की प्रवृत्तियों और. ऐतिहासिक भूगोल किसी स्थान अथवा क्षेत्र की भूतकालीन भौगोलिक दशाओं का या फिर समय के साथ वहाँ के बदलते भूगोल का. वाणिज्य भूगोल. आधुनिक भूगोल के संस्थापक हम्बोल्ड्ट और रिट्टर. विशेष रूप से, पुस्तक के इस चतुर्थ संस्करण में मानव भूगोल को एक व्यापक रूप में प्रस्तुत करते हुए इसके सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, राजनीतिक, क्षेत्रीय, सामाजिक, नगरीय तथा आर्थिक पहलुओं पर चर्चा की गई है। साथ ही, विश्व के सभी देशों की 2010 तथा. भौगोलिक चिंतन का इतिहास pdf. ऐतिहासिक जिला जींद, हरियाणा सरकार India. भूगोल. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की उत्तराखण्ड राज्य के अंतर्गत, हरिद्वार जिले में, हिमालय की तलहटी में स्थित जिसमें अनेक ऐतिहासिक भवन, आधुनिक शैक्षिक विभाग, बारह छात्रावास, मैसें, चिकित्सालय, विद्यालय, बैंक, सामुदायिक.

Father of geography in hindi.

ऐतिहासिक स्थल जिला सीतापुर. उत्तर प्रदेश सरकार. सरगुजा जिला में आपका स्वागत है ऐतिहासिक पृष्ठभूमि स्थान सरगुजा जिला भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तरी भाग में स्थित है। उत्तर प्रदेश ऐतिहासिक पृष्ठभूमि इतिहास प्राकृतिक भूगोल,क्षेत्र की औसत ऊंचाई 600 मीटर से और अधिक होता है।. आधुनिक भूगोल के जनक. Rajat Sharma Blog: How Modi rewrote the history and geography of. ब्रह्माण्ड अनेकानेक रहस्यों से भरा है, जिनका अध्ययन भूगोल रूपी विज्ञान में किया जाता. है। पृथ्वी मानव इसके फलस्वरूप भूगोल में भौतिक भूगोल एवं मानव भूगोल दो प्रमुख शाखाएँ तथा. कालान्तर में ऐतिहासिक भूगोल Historical Geography. 11. धारा 370 ख़त्म, मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसले ने. जैव भूगोल Bio – Geography Book For B.A. Semester III of Vinoba Bhave University, Hazaribagh & Sido Kanu Murmu University, Dumka and Semester VI of Kolhan University, Chaibasa भागोलिक क्षेत्रों में प्रजातियों के वितरण के पैटर्न को आमतौपर ऐतिहासिक कारकों के संयोजन के.

कुँवर नारायण ऐतिहासिक फासले कविता.

Korba News in Hindi: श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय के तत्वाधान में 17 दिसंबर को भूगोल विभाग की 45 छात्राओं ने एक दिवसीय शकुन्तला जायसवाल एवं प्रशांत सिंह के मार्गदर्शन में भूगोल विभाग के छात्राओं ने कोरबा जिले में स्थित ऐतिहासिक. गोल हुआ भूगोल Eklavya. भूगोल एवं भूगोल की शाखाएं Branches of Geography भूगोल एक ऐसा विषय है जिसके अंतर्गत पृथ्वी के तल, पृथ्वी की आर्थिक भूगोल जनसंख्या भूगोल अधिवास भूगोल ऐतिहासिक भूगोल राजनीतिक भूगोल सामाजिक भूगोल सांस्कृतिक भूगोल. ऐतिहासिक भूगोल परिभाषा हिन्दी Glosbe. प्राचीन ऐतिहासिक भूगोल में रत्नाकर शब्द का प्रयोग हिंद महासागर के लिए हुआ है. क्योंकि इसे रत्नों की खान माना जाता था. In ancient historical geography,. Korba: Students Took Educational Visit Of Capital Of Kalchuri Kings. पर प्रकाश डालता है तथा एक विषय के रूप में भूगोल की प्रकृति का वर्णन करता है। दूसरे. शब्दों में भूगोल विस्तृत पैमाने पर सभी भौतिक व मानवीय तथ्यों की अन्तक्रियाओं ऐतिहासिक भूगोल भौगोलिक परिघटनाओं का स्थानिक व कालिक अध्ययन.

भूगोल एवं भूगोल की शाखाएं Branches of SMEDUCATION.

प्राचीन भारत का ऐतिहासिक भूगोल Historical Geography Of Ancient India के बारे में अधिक जानकारी इस पुस्तक का नाम प्राचीन भारत का ऐतिहासिक भूगोल है इस पुस्तक के लेखक हैं Bimal Charan Laha Bimal Charan Laha की अन्य पुस्तकें पढने के लिए क्लिक करें. अनटाइटल्ड Kopykitab. जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल के दौरान सात दशक पहले हुई एक ऐतिहासिक गड़बड़ी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके गृह मंत्री अमित शाह के राजनीतिक Rajat Sharma Blog: कैसे मोदी ने जम्मू कश्मीर के इतिहास और भूगोल को फिर से लिखा.

अनटाइटल्ड Devi Ahilya Vishwavidyalaya.

यूनानी साम्राज्य के पतन के पश्चात रोमन साम्राज्य का उदय हुआ। रोमन भूगोलवेत्ताओं ने मुख्य रूप से ऐतिहासिक भूगोल ​Historical Geography एवं प्रादेशिक भूगोल Regional Geography के विकाश में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यूनानी. भूगोल में पीएचडी, बेलफास्ट, ग्रेट ब्रिटन यूके 2020. मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में अनुच्छेद 370 को खत्म कर जम्मू कश्मीर के इतिहास को भूगोल में तब्दील कर दिया है इस फैसले के बाद पूरे देश में जहाँ जश्न का माहौल है वही कई राजनैतिक पार्टियों ने सरकार के निर्णय का समर्थन किया है. Buy जैव भूगोल Bio Geography For B.A. Semester. चीन का सामान्य इतिहास, जिसमें चीन के साम्राज्य का भौगोलिक, ऐतिहासिक, कालानुक्रमिक, राजनीतिक और भौतिक विवरण, चीनी तातार, कोरिया और तिबत का विवरण है डू हाल्ड, पी. लंदन: एस. ब्रिटिश उपनिवेशों का एक ऐतिहासिक भूगोल लुकास, सी.पी. अनटाइटल्ड Shodhganga. हवाई जहाज से सात घंटे भी नहीं लगते। पुराने ज़मानों में बरसों लगते थे उसी दूरी को तय करने में। दूरियों का भूगोल नहीं उनका समय बदलता है। कितना ऐतिहासिक लगता है आज तुमसे उस दिन मिलना। कुंवर नारायण की ये कविता कविता कोश से साभार ली गई है. ऐतिहासिक भूगोल का विषय क्षेत्र E Pustakalaya. देखिए, इन लोगों द्वारा योगदान दिए जाने से पूर्व तक, भूगोल का कई अन्य सम्बंद्ध विषयों के एक भाग के रूप में अध्ययन आधुनिक भूगोल के महत्व को मान्यता दी थी तथा भौतिक और ऐतिहासिक भूगोल की धारणा को भी प्रतिपादित किया था।. PDF में Syllabus डाउनलोड करने के लिए यहां Dhyeya IAS. मानव भूगोल. भौतिक भूगोल की उपशाखाएँ Branches Physical Geography. 1. भूगणितीय भूगोल इसमें पृथ्वी के स्वरूप, पृथ्वी ऐतिहासिक भूगोल प्राचीन देशों का भूगोल, उनकी अर्थव्यवस्था परिवर्तन, उन देशों के विकास अथवा उजड़ने की अवस्था,.

बदल गया जम्मू कश्मीर का इतिहास और भूगोल AajTak.

Meaning of ऐतिहासिक भूगोल in Hindi meaning of ऐतिहासिक भूगोल ऐतिहासिक भूगोल ka Hindi Matlab शब्दकोश अंग्रेजी ​हिंदी हिंदी अंग्रेजी मुहावरे अन्य शब्दकोश सुझाव. Shabdkosh English Hindi Dictionary ऐतिहासिक भूगोल. अंग्रेजी मे अर्थ. Page 1 भूगोल Geography कक्षा – 11 माध्यमिक शिक्षा. व्याख्या: ब्रिटिश भूगोलवेत्ता मेंकिंडर के अनुसार – ​भूगोल में हम जो कुछ वर्तमान में अध्ययन करते हैं वह समय के अनुसार या काल के प्रवाह में ऐतिहासिक भूगोल का भाग बन जाता है । और ऐतिहासिक भूगोल के पिता हेरोडोटस को माना. ऑनलाइन संसाधन Indian Council of World Affairs Government. उत्तर प्रादेशिक उपागम पर आधारित प्रोदेशिक भूगोल की निम्न शाखाएँ हैं: क प्रादेशिक क्षेत्रीय अध्ययन. ख प्रादेशिक नियोजन. ग प्रादेशिक विकास. घ प्रादेशिक विवेचना विश्लेषण. प्रश्न.14 भूगोल किस प्रकार ऐतिहासिक घटनाओं को प्रभावित. Kunwar Narayan Poetry On Life Imagine ऐतिहासिक फ़ासले. ऐतिहासिक भूगोल में मानव अधिवासों का अध्ययन इसलिये प्रमुख माना जाता. है क्योंकि अधिवास किसी भी देश, काल या पारिस्थैतिकी, जनसंख्या, उसके आजीविका साधनों. अवस्थापनाओं, संस्कृति और स्थापत्य कला का प्रतिमूर्त रूप होता है। वास्तव.

भूगोल पुराना हरियाणा Haryana.

भूगोल. Geography of tourism पर्यअन. भूगोल. IV Optional Geograyphy of Madhya Pradesh. anyone. मध्यप्रदेश का भूगोल. Advance Cartography उन्नत. मानचित्रकला. Practical इकाई 1 सूदूर संवेदन तकनीकी का ऐतिहासिक विकास, भूगोल में सुदूर संवेदन की. उपयोगिता, विद्युत. ऐतिहासिक भूगोल GS Junction DailyHunt Lite. जिला सीतापुर में कई ऐतिहासिक स्थानों कस्बों में से कुछ हैं: – मछरेहटा – अकबारी ने इस जगह को 400 वर्ष से अधिक पुराना कहा गया है। यह महेन्दर नाथ का ध्यान स्थान था, इसलिए यह नाम। एक पुरानी Inn, इमामबारा और कई मंदिरों और मस्जिद हैं, इन्हें. इतिहास भूगोल का प्रधानमंत्री मोदी का विलक्षण. मास्को से बाइजिंग तक पहुँचने में। अब केवल सात दिन लगते हैं उसी फासले को तय करने में हवाई जहाज से सात घंटे भी नहीं लगते। पुराने जमानों में बरसों लगते थे उसी दूरी को तय करने में। दूरियों का भूगोल नहीं उनका समय बदलता है। कितना ऐतिहासिक. प्राचीन भारत का ऐतिहासिक भूगोल E Pustakalaya. इस शोध पत्र में खजुराहो नगर उद्भव और विकास की अवधारणा का ऐतिहासिक अध्ययन कर रहे हैं। इस अंचल प्रागैतिहासिक कालीइन आदिम नगरों की सभ्यता धीरे धीरे ऐतिहासिक काल में प्रवेश​. करती है एल., विन्ध्य क्षेत्र का ऐतिहासिक भूगोल, पृ. 49. प्रो​.

ऐतिहासिक पोखरे का भी बदलेगा भूगोल.

प्रिंस ने ऐतिहासिक भूगोल के प्रगति की समीक्षा की भूमिका में दर्शाया है कि ऐतिहासिक भूगोल शीर्षक के अन्तर्गत 26496: के कालातीत होने के पश्चात् भी प्राचीन भारत के किसी प्रमुख नगर एवं जनपद का ऐतिहासिक भूगोल किसी प्रामाणिक. भूगोल में द्वैतवाद प्रश्न SAMANYA GYAN. मूल्य Rs. 0 पृष्ठ 667 साइज 21.93 MB लेखक रचियता बिमल चरण लाहा Bimal Charan Laha प्राचीन भारत का ऐतिहासिक भूगोल पुस्तक पीडीऍफ़ डाउनलोड करें, ऑनलाइन पढ़ें, Reviews पढ़ें Prachin Bharat ka Etihasik Bhugol Free PDF Download, Read Online, Review.

प्राचीन देश और उनके हिंदी नाम Oxford हिंदी.

ऐतिहासिक भूगोल Историческая география. Hindi Corpus Search Enter the word or phrase: Align to searched. में भारत के ऐतिहासिक भूगोल के अध्ययन से आशय अतीतकालीन भौगोलिक तथ्यों का वैज्ञानिक. ढंग से तार्किक विवेचन कर भूगोल का पुनर्निर्माण करना है । प्राचीन भारतीय ग्रन्थ भौगोलिक सामग्री से परिपूर्ण है । वस्तुतः भौगोलिक. अन्वेषण के अभाव. मानव भूगोल MANAV BHOOGOL – Human Rawat Books. About Book प्रस्तुत पुस्तक प्राचीन ऐतिहासिक भूगोल के विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डालती है। प्रमुख साहित्यिक, अभिलेखीय एवं विदेशी स्रोतों पर आधारित ऐतिहासिक भौगोलिक सामग्री के अन्तर्गत नदियों, पर्वतों, वनों, झीलो, जनपदों, नगरों आदि.

कश्मीर के भूगोल पर तो कब्ज़ा किया जा सकता है, पर.

विद्यार्थियों ने जाना श्रीराम सेतु का इतिहास भूगोल. Publish Date: Fri, 22 प्रदर्शित करते हैं। पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने रामेश्वरम का भौगोलिक भ्रमण कर वहां की ऐतिहासिक धरोहरों, भूगोल व समुद्री दशाओं का अध्ययन किया।. Inside Geography: रोमन भूगोलवेत्ताओं का योगदान. दोनों के ख़िलाफ़ होता आ रहा है. The post कश्मीर के भूगोल पर तो कब्ज़ा किया जा सकता है, पर कश्मीरियत का क्या होगा? appeared first on The Wire Hindi. कश्मीरियत एक लंबी ऐतिहासिक प्रक्रिया में बनी है. किसी भी समाज में रहने वाले. शैक्षणिक विशेषज्ञताएं Welcome to Jawaharlal Nehru. ऐतिहासिक लेखन में क्रमिक परिवत्र्तन अंशत: इतिहास के अतीत के संबंध् में साम्राज्यवादी विचारों के विरु वे हमें भारत के संविधनिक और प्रशासनिक इतिहास के पुननिर्माण में मदद करते हैं और साथ ही प्राचीन भारत ऐतिहासिक, भूगोल और धर्मिक​.

ऐतिहासिक स्थल समस्तीपुर India Samastipur.

प्राचीन भारत का ऐतिहासिक भूगोल बिमल चरण लाहा द्वारा हिन्दी पीडीएफ़ पुस्तक Historical Geography Of Ancient India by Bimal Charan Pustak Ka Naam Name of Book चीन भारत का ऐतिहासिक भूगोल Historical Geography Of Ancient India Hindi Book in PDF Pustak Ke Lekhak. Page 1 खजुराहो नगर उद्भव और विकास की अवधारणा का. हजारों साल पुरानी इस धरती का इतिहास और भूगोल समय के साथ ​साथ बदलता रहा है। पृथ्वी पर मानव सभ्यता का आरम्भ पिछले एक लेख में हमने आपको भारत के कुछ शहरों के ऐतिहासिक नामों से परिचित कराया था। अब बारी है कुछ प्राचीन देशों के.

Dictionary भारतवाणी Part 21.

ऐतिहासिक भूगोल पर दिया। केंद्र के. परामर्शदाता प्रो. केडी त्रिपाठी ने. बताया कि गोपी राधा के अलावा ये. केंद्र हरिश्चंद्र बालिका इंटर कालेज. व प्रभुनारायण इंटर कालेज रामनगर. में स्थापित किया गया है। यहां काशी. की मठ परंपरा. इतिहास जिला सरगुजा, छत्तीसगढ़ शासन भारत Surguja. क्लस्टर में 1650 के बाद से विज्ञान, नस्ल और धर्म के संबंधों पर विशेषज्ञता है वैज्ञानिक ज्ञान की ऐतिहासिक भूगोल साम्राज्य की आयु में वनस्पति उद्यान की संस्कृतियां डार्विनवाद का स्वागत मानव संस्कृतियों के बारे में बहस में जलवायु.