अताउल्लाह मेंगल

सरदार अताउल्लाह खान मेंगल, जो कि आमतौपर अताउल्लाह मेनगल के नाम से प्रसिद्ध हैं, बलूचिस्तान के क्षेत्र वढ्ढ से संबंधित एक प्रमुख राजनीतिज्ञ और आदिवासी नेता हैं वह बलूचिस्तान के प्रथम मुख्यमंत्री थे और वे इस पद पर 1 मई 1972 से 12 मई 1973 तक थे। वह मेनगल जनजाति के प्रमुख थे, और करीब चार दशकों तक बलोचिस्तान में, राष्ट्रवादी और अलगाववादी आंदोलन का नेतृत्व किया था, तथा, वे बलोचिस्तान में चल रहे राष्ट्रवाद व स्वतंत्रता की आंदोलन के महत्वपूर्णन सूत्रधार रहें हैं।। वह मुशर्रफ दौर में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार भी थे।

म ख यम त र क न य त रण म ह त ह बल च स त न क प रथम म ख यम त र अत उल ल ह म गल थ ज न ह न 1 मई 1972 स 13 फरवर 1973 तक यह पद स भ ल उनक स ब ध

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बलोचिस्तान एक और विभाजन 2 - लघुकथा.

भुट्टो की अहमन्यता ने उसे अताउल्लाह खान मेंगल और खान अब्दुल वाली खान जैसे सुलझे हुए नेताओं की बात मानने नहीं दी. बलोचिस्तान का यह चौथा विद्रोह खासा गंभीर रहा. भुट्टो ने छः महीने के अंतराल में बलोचिस्तान की दो सरकारों. वो PM जिसे फांसी देने के बाद नंगा करके तस्वीर ली. सरदार अताउल्लाह खान मेंगल, जो कि आमतौपर अताउल्लाह मेनगल के नाम से प्रसिद्ध हैं, बलूचिस्तान के क्षेत्र वढ्ढ से संबंधित एक प्रमुख राजनीतिज्ञ और आदिवासी नेता हैं वह बलूचिस्तान के प्रथम मुख्यमंत्री थे और वे इस पद पर 1 मई 1972.

हिंदुस्तान, पाकिस्तान और बलूचिस्तान चौथी दुनिया.

इसके मुखिया थे सरदार अताउल्लाह खान मेंगल. उनकी सरकार को बर्खास्त कर दिया गया. इसी गठबंधन की सरकार नॉर्थ वेस्ट फ्रंटियर प्रॉविन्स जिसको अब खैबर पख्तूनख्वा कहते हैं में थी. अगले दिन उसने भी इस्तीफा दे दिया. अक्टूबर 1973 में. अताउल्लाह मेंगल Daily1000knowledge. सरदार अताउल्लाह खान मेंगल, जो कि आमतौपर अताउल्लाह मेनगल के नाम से प्रसिद्ध हैं, बलूचिस्तान के क्षेत्र वढ्ढ से संबंधित एक प्रमुख राजनीतिज्ञ और आदिवासी नेता हैं वह बलूचिस्तान के प्रथम मुख्यमंत्री थे और वे इस पद पर 1 मई 1972 से 12 मई 1973 तक थे।. विवादित शख्सियत को शरण के सवाल ORF. पाकिस्तान के पंजाब में अधिकारियों की मदद से हिंदू मंदिरों को तोड़ा गया. इस दौरान भी बलूचिस्तान शांत रहा. बलूचिस्तान में एक भी मंदिपर हमले नहीं हुआ और न ही किसी हिंदू को क्षति पहुंची. ख़ैरबख्श मारी, अताउल्लाह ख़ान मेंगल, अकबर ख़ान.

बलूचिस्तान का इतिहास दमन और संघर्ष की कहानी है.

सरदार अताउल्लाह खान मेंगल, जो कि आमतौपर अताउल्लाह मेनगल के नाम से प्रसिद्ध हैं, बलूचिस्तान के क्षेत्र वढ्ढ से संबंधित एक प्रमुख राजनीतिज्ञ और आदिवासी नेता हैं वह बलूचिस्तान के प्रथम मुख्यमंत्री थे और वे इस पद पर 1 मई 1972 से​. अताउल्लाह मेंगल Атулла Мангаль.