• सत्य के प्रयोग

    सत्य के प्रयोग, महात्मा गांधी की आत्मकथा saty ka pryog है। यह आत्मकथा उन्होने गुजराती भाषा में लिखी थी। हर 27 नवम्बर को सत्य का प्रयोग के आधारित प्रतियोगिता ...

  • विंग्स ऑफ़ फ़ायर: एन ऑटोबायोग्राफी

    विंग्स ऑफ फायर: एन आटोबायोग्राफी ऑफ एपीजे अब्दुल कलाम, भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की आत्मकथा है। इसके सह-लेखक अरुण तिवारी हैं। इसमें अब्दुल क...

  • बाबरनामा

    बाबरनामा या तुज़्क-ए-बाबरी मुग़ल साम्राज्य के पहले सम्राट बाबर की आत्मलिखित जीवनी है। यह उन्होंने अपनी मातृभाषा चग़ताई तुर्की में लिखी थी। इसमें उन्होंने अपन...

  • एक कहानी यह भी

    एक कहानी यह भी पुस्तक में लेखिका मन्नू भंडारी ने अपने लेखकीय जीवन की कहानी उतार दी है। यह उनकी आत्मकथा तो नहीं है, लेकिन इसमें उनके भावात्मक और सांसारिक जीवन...

  • आत्मकथा

    साहित्य में आत्मकथा किसी लेखक द्वारा अपने ही जीवन का वर्णन करने वाली कथा को कहते हैं। यह संस्मरण से मिलती-जुलती लेकिन भिन्न है। जहाँ संस्मरण में लेखक अपने आस...

आत्मकथाएँ

आत्मकथा

साहित्य में आत्मकथा किसी लेखक द्वारा अपने ही जीवन का वर्णन करने वाली कथा को कहते हैं। यह संस्मरण से मिलती-जुलती लेकिन भिन्न है। जहाँ संस्मरण में लेखक अपने आस...

एक कहानी यह भी

एक कहानी यह भी पुस्तक में लेखिका मन्नू भंडारी ने अपने लेखकीय जीवन की कहानी उतार दी है। यह उनकी आत्मकथा तो नहीं है, लेकिन इसमें उनके भावात्मक और सांसारिक जीवन...

नीड़ का निर्माण फिर

नीड़ का निर्माण फिर हरिवंश राय बच्चन की एक प्रसिद्ध कृति है।ये पद्यखंड श्री हरिवंश राय ‘बच्चन’ के सतरंगिनी नामक काव्य से है | यह उनकी आत्मकथा का दूसरा भाग है...

बाबरनामा

बाबरनामा या तुज़्क-ए-बाबरी मुग़ल साम्राज्य के पहले सम्राट बाबर की आत्मलिखित जीवनी है। यह उन्होंने अपनी मातृभाषा चग़ताई तुर्की में लिखी थी। इसमें उन्होंने अपन...

विंग्स ऑफ़ फ़ायर: एन ऑटोबायोग्राफी

विंग्स ऑफ फायर: एन आटोबायोग्राफी ऑफ एपीजे अब्दुल कलाम, भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की आत्मकथा है। इसके सह-लेखक अरुण तिवारी हैं। इसमें अब्दुल क...

वेटिंग फ़ॉर अ वीज़ा

वेटिंग फॉर अ वीजा नामक भीमराव आम्बेडकर ने अंग्रेजी में अपनी आत्मकथा लिखी थी। इसकी पृष्ठ संख्या 20 एवं लेखन का सन 1935-36 हैं। वेटिंग फॉर अ वीजा के संपादक प्र...

सत्य के प्रयोग

सत्य के प्रयोग, महात्मा गांधी की आत्मकथा saty ka pryog है। यह आत्मकथा उन्होने गुजराती भाषा में लिखी थी। हर 27 नवम्बर को सत्य का प्रयोग के आधारित प्रतियोगिता ...