आर्यिका

ज त ह म न शब द क प रय ग प र ष स न य स य क ल ए क य ज त ह और आर य क शब द क प रय ग स त र स न य स य क ल ए क य ज त ह श रमण शब द क प रय ग
गण न आर य क श र व द य श र म त ज 5 आर य क श र व ध श र म त ज 6 आर य क श र ग र न दन म त ज 7 आर य क श र ब रह मन दन म त ज 8 आर य क श र
ह इसम म न अपन ह थ स स र ओर द ड क ब ल क ख न च कर अलग कर द त ह य क र य ज न स ध ओ क स थ स थ आर य क क ष ल लक ओर एलक भ करत ह
अर थ त चत र व ध स घ इसम म न आर य क श र वक और श र व क आत ह आच र य ग र द व क स घ म स त द ग बर म न र ज, छत त स आर य क म त ज स ठ ब रम हच र व द
ओज ह र और म नस ह र भगवत स त र, ग थ म म न क अध कतम आह र और आर य क स ध व क कवल क र बत य ह एक कवल क उत क ष ट प रम ण च वल
उनक श ष य ह ए प र श वन थ न चत र व ध स घ क स थ पन क ज सम म न आर य क श र वक, श र व क ह त ह और आज भ ज न सम ज इस स वर प म ह प रत य क
व रत म स एक ह अन य ह सत य, अह स अस त य, अपर ग रह ज न म न और अर य क ओ द क ष ल न क ल ए मन, वचन और क य म ब रह मचर य अन व र य ह ज न श र वक
प रवर तक द व र बत य गय ज न ह त र थ कर कह ज त ह ज न धर म म म न आर य क श र वक एव श र व क क च र स तर य क रम ह त ह इस क रम क स घ क र प
गई वह पर आच र य श र वर धम नस गर ज मह र ज सस घ व र जम न थ वह पर आर य क श र वर ध त मत म त ज क प र रण स 10 फ रवर क 3 वर ष क ब रह मचर य
इसम म न आर य क श र वक श र व क आत ह आच र य त रण स व म न ज न धर म क व तर ग परम पर म श र स घ चल य ज सम स त म न छत त स आर य क 60 ब रम हच र

मल लप प थ ज ब द म म न मल ल स गर बन उनक म त श र म त थ ज ब द म आर य क समयमत बन व द य स गर ज क म अजम र म वर ष क आय म आच र य
म न अवध ज ञ न स श र त क वल ऋद ध ध र म न आर य क म त ज श र वक व द क दर शन म भ ऋषभद व क व ष ण क 24 अवत र
व द य स गर क सह यत क उन ह न अक सर स गर म मह ल श रम क अध यक ष आर य क व श द धमत क स च लन ह त सल ह द वह द र ण ग र और बड मलह र म ज न
स त र य स स ब ध नह रखत व म क ष म र ग क ओर बढ त ह ज न म न आर य क इन ह प र ण र प स प लन करत ह इसल ए उनक मह व रत ह त ह और श र वक
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत

म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत

  • ज त ह म न शब द क प रय ग प र ष स न य स य क ल ए क य ज त ह और आर य क शब द क प रय ग स त र स न य स य क ल ए क य ज त ह श रमण शब द क प रय ग
  • गण न आर य क श र व द य श र म त ज 5 आर य क श र व ध श र म त ज 6 आर य क श र ग र न दन म त ज 7 आर य क श र ब रह मन दन म त ज 8 आर य क श र
  • ह इसम म न अपन ह थ स स र ओर द ड क ब ल क ख न च कर अलग कर द त ह य क र य ज न स ध ओ क स थ स थ आर य क क ष ल लक ओर एलक भ करत ह
  • अर थ त चत र व ध स घ इसम म न आर य क श र वक और श र व क आत ह आच र य ग र द व क स घ म स त द ग बर म न र ज, छत त स आर य क म त ज स ठ ब रम हच र व द
  • ओज ह र और म नस ह र भगवत स त र, ग थ म म न क अध कतम आह र और आर य क स ध व क कवल क र बत य ह एक कवल क उत क ष ट प रम ण च वल
  • उनक श ष य ह ए प र श वन थ न चत र व ध स घ क स थ पन क ज सम म न आर य क श र वक, श र व क ह त ह और आज भ ज न सम ज इस स वर प म ह प रत य क
  • व रत म स एक ह अन य ह सत य, अह स अस त य, अपर ग रह ज न म न और अर य क ओ द क ष ल न क ल ए मन, वचन और क य म ब रह मचर य अन व र य ह ज न श र वक
  • प रवर तक द व र बत य गय ज न ह त र थ कर कह ज त ह ज न धर म म म न आर य क श र वक एव श र व क क च र स तर य क रम ह त ह इस क रम क स घ क र प
  • गई वह पर आच र य श र वर धम नस गर ज मह र ज सस घ व र जम न थ वह पर आर य क श र वर ध त मत म त ज क प र रण स 10 फ रवर क 3 वर ष क ब रह मचर य
  • इसम म न आर य क श र वक श र व क आत ह आच र य त रण स व म न ज न धर म क व तर ग परम पर म श र स घ चल य ज सम स त म न छत त स आर य क 60 ब रम हच र
  • मल लप प थ ज ब द म म न मल ल स गर बन उनक म त श र म त थ ज ब द म आर य क समयमत बन व द य स गर ज क म अजम र म वर ष क आय म आच र य
  • म न अवध ज ञ न स श र त क वल ऋद ध ध र म न आर य क म त ज श र वक व द क दर शन म भ ऋषभद व क व ष ण क 24 अवत र
  • व द य स गर क सह यत क उन ह न अक सर स गर म मह ल श रम क अध यक ष आर य क व श द धमत क स च लन ह त सल ह द वह द र ण ग र और बड मलह र म ज न
  • स त र य स स ब ध नह रखत व म क ष म र ग क ओर बढ त ह ज न म न आर य क इन ह प र ण र प स प लन करत ह इसल ए उनक मह व रत ह त ह और श र वक
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत
  • म न आस त क य स गर एव प रण त स गर म न स म य स गर प रम णस गर प रण मस गर स ध स गर क षम स गर क ष ल लक गण शप रस द वर ण ज न न द र वर ण आर य क ज ञ नमत

बागपत, बुधवार, १५ जनवरी, पंचतत्व में विलिन हुई.

आर्यिका बृषभमति की डोल यात्रा में उमड़े हजारों श्रद्धालु​, मंगलगिरी में दी गई अंतिम विदाईआर्यिका विज्ञानमति माता की प्रथम शिष्या आर्यिका बृषभमति मंगलवार को तड़के 4.21 बजे ब्रम्ह मुहूर्त में ब्रम्हलीन हो आर्यिका. तिलक नगर में आर्यिका श्रीअंतरमति माताजी का. 258 Pages Size 5.5 MB मुफ्त डाउनलोड करें आर्यिका रत्नमती पी​.डी.ऍफ़ प्रारूप में Free Download Aaryika Ratn Mati in PDF Format. जैन आर्यिका गंगापुर सिटी GGC. यदि आर्यिका माता जी हैं तो वंदामि माता जी, यदि ऐलक ​क्षुल्लक जी हैं तो इच्छामि महाराज जी, क्षुल्लिका माता को भी इच्छामि माताजी, ऐसा कहना चाहिए। ब्रह्मचारी ​ब्रह्मचारिणी को वंदना भैया जी दीदी जी, ऐसा कहना चाहिए। 6 मन शुद्धि.

गर्भ में ही शिशु हो संस्कारित – आर्यिका.

22 अप्रेल को कोटा में होगा ऐतिहासिक प्रवेश न्यूजवेव@ कोटा परम पूज्य आचार्यश्री निर्मल सागरजी महाराज गिरनार गौरव की परम शिष्या 108 गणिनी आर्यिका विशुद्धमती माताजी अपने संघ के साथ पावन शैक्षणिक नगरी कोटा की ओर बढ़ रही. आर्यिका रत्न तपोमति माताजी ससंघ का City Live. वात्सल्य वारिधि आचार्य 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज की आज्ञानुवर्ती शिष्या, मुनि दयासागर जी महाराज से दीक्षित एवं विदुषी आर्यिका विशुद्धमति माताजी से शिक्षित आगम रक्षिका विदुषी आर्यिका प्रशांतमति माताजी का. आर्यिका वर्धस्वनंदनी माताजी का Shri Vani News. Опубликовано: 15 июн. 2018 г. घड़ी Aryika Gyanmati माता जी मांगी Tungi जी नासिक 08 02. Опубликовано: 20 июн. 2018 г.

आर्यिका पद पर सुशोभित हुईं बाल ब्रह्मचारिणी.

आगम उपासीका विदुषी गणिनी आर्यिका रत्न श्री सुभूषण मति माताजी द्वारा जैन धर्म प्रवचन श्रृंखला. लाखना में हुआ आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ससंघ. सम्मेलन को आचार्य ज्ञान सागर महाराज व स्वस्तिधाम की प्रणेता आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ने संबोधित किया। आचार्य ज्ञान सागर महाराज ने कहा कि वर्तमान परिवेश में पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव नई पीढ़ी का भारतीय. आर्यिका रत्नमती Aaryika Ratn Mati OurHindi. आर्यिका शब्द का प्रयोग जैन धर्म में साध्वियों के लिए किया जाता है।. जयपुर: आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने किया. यही बात भगवान महावीर स्वामी ने कही है और इसी बात को आचार्य विद्यासागर महाराज की शिष्या आर्यिका दृढ़मति माताजी ने महावीर जयंती के अवसर पर दिगम्बर जैन मंदिर प्रांगण में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। सुबह छह बजे ध्वजारोहण का. आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी भक्त YepDesk. जयपुर। कीर्ति नगर दिगम्बर जैन मंदिर में विराजमान गणिनी आर्यिका गौरवमति माताजी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि आज प्राणी खुशियां पाने के लिए इधर उधर भटक रहा है, जबकि स्वयं के पास उन खुशियों को ढूंढ नही रहा। खुशियां पाना.

आर्यिका प्रशांतमती माताजी को श्रद्धांजलि.

प्रमोद सोनी उदयपुर. आर्यिका सुप्रकाशमति ससंघ के सान्निध्य में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव में सोमवार को गर्भ कल्याणक उत्तराद्र्ध का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में आचार्य अनुभवसागर ससंघ, मुनि पूज्य सागर, आर्यिका प्रज्ञामति ससंघ,. मानव हृदय में अङ्क्षहसा सबसे बड़ा धर्म है: आर्यिका. मानव हृदय में अङ्क्षहसा सबसे बड़ा धर्म है: आर्यिका दृढ़मति माता. 18 April 2019 Seoninews. सिवनी. नगर में बुधवार को जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मकल्याणक महोत्सव को जैन समुदाय ने हर्षोल्लास से मनाया। जिसमें सुबह​. आर्यिका: Latest आर्यिका News in Hindi Naidunia. भारतीय संस्कृति विश्व कि सभी संस्क्रतिरयों में सर्वश्रेष्ठ व एक ऊर्जावान संस्कृति है। इस भारतीय वसुन्धरा ने विश्व का मार्गदर्शन करने वाले गुरूओं को जन्म दिया है। उक्त विचार आर्यिका विदूषी श्री माताजी ने राजकीय कनोई.

आर्यिका विशुद्धमति का ससंघ मंगल प्रवेश आज Patrika.

भीण्डर नगर में संचालित तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मतिसागर उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रार्थना सभा के दौरान विदुषी आर्यिका प्रशांतमति माताजी को स्टाफ एवं विद्यार्थियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्था प्रधान अनिलस्वर्णकार ने 31. आर्यिका बृषभमति की डोल यात्रा में उमड़े हजारों. इंदौर।वर्षायोग स्वयं में परिवर्तन लाने एवं आत्म निरीक्षण करने के साथ साथ धर्म की साधना हेतु स्थापित किया जाता है जिसमें मूल भावना सूक्ष्मजीवों तक करुणा एवं अहिंसा के भाव निहित होते हैं,यह धन की नहीं अपितु धर्म एवं उत्तम संस्कारों​. घड़ी Aryika Gyanmati माता जी मांगी Tungi जी नासिक 25 03. बड़ौत बागपत । आर्यिका प्रत्यक्षमति माता की अंतिम यात्रा में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। अंतिम यात्रा अतिथि भवन से चलकर बैंडबाजों के साथ विभिन्न मार्गों से होती हुई दिगंबर जैन इंटर कॉलेज पांडुकशिला मैैदान पहुंची, जहां. आर्यिका चर्या, ENCYCLOPEDIA. Продолжительность: 30:03.

आर्यिका चन्दनामती माता Hindustan.

Продолжительность: 31:03. स्वस्तिधाम मे हुआ किसान सम्मेलन संतो ने बताया. सागर। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्‌यिका पूर्णमति माताजी का बिहार झांसी से सागर की ओर चल रहा है। उनके 15 फरवरी को सागर में प्रवेश की उम्मीद है​। मुनि सेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ढाना ने बताया क madhya. आर्यिका चर्या ENCYCLOPEDIA. बालाघाट. आज बालाघाट की पावन भूमि धन्य हो जायेगी, जब परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महा मुनिराज की परम शिष्या आर्यिका रत्न तपोमती माताजी ससंघ के साथ बालाघाट नगर मंे प्रवेश करेंगी. गौरतलब हो कि तपोमती माताजी ससंघ. मानव हृदय में अङ्क्षहसा सबसे बड़ा धर्म है. मधुबन गिरिडीह भगवान पा‌र्श्वनाथ की तपस्थली सम्मेद शिखरजी की पावन धरा पर भव्य जैनेश्वरी दीक्षा का दृश्य बहुत ही दर्शनीय व वंदनीय था। बुधवार को दीक्षा मंच पर दिगम्बराचार्य मुनि व आर्यिका संघ विराजमान थे, जिनकी संख्या 125.

गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री सुभूषण मति माताजी.

शाहपुर के गांव उमरपुर निवासी कारोबारी के परिवार में जन्मीं ब्रह्मचारिणी शिवानी जैन आगामी तीन मार्च को राजस्थान के बांसवाड़ा में आर्यिका की दीक्षा लेंगी। ब्रह्मचारिणी की दीक्षा लेने के करीब दस साल बाद शिवानी जैन​. आर्यिका 105 विदक्षाश्री माताजी की चातुर्मास. अशोकनगर अतिशय क्षेत्र थूबोनजी कमेटी के तत्वावधान में भगवान आदि नाथ स्वामी का महामस्तिकभिषेक के साथ शांतिधारा का आयोजन होगा कमेटी के प्रचार मत्री विजय धुर्रा ने वताया कि संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्या सागर जी.

मन की कीमत:आर्यिका श्री 105 स्वस्ति भूषण माताजी.

गणिनी प्रमुख ज्ञान मती माता जी की प्रमुख शिष्या आर्यिका चन्दनामती माता जी ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि भारत ही ऐसा देश है जिसे गणतंत्र का दर्जा प्राप्त है। यही अपना ऐसा देश है जहां सभी धर्म जाति के लोग मिलजुलकर रहते है।. आर्यिका सुभूषणमती की ताज़ा ख़बर, आर्यिका. Find upcoming events conducted by ।।।आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी भक्त परिवार।।।. Navadha Bakhti. आर्यिका संघ का झोटवाड़ा में भव्य मंगल प्रवेश, नृत्यगीत और जयकारों से गूंजा शहर. जयपुर 30 दिसम्बर 2018 । NIKsocial रविवार को शहर की सड़कों पर एक बार फिर श्रद्धा और भक्ति का अनूठा सैलाब देखने को मिला अवसर था गणिनी आर्यिका.

Jinaagam Saar जिनागम सार आर्यिका १०५ श्री व.

जयपुर चौमूंका बाग दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार सुबह 7:30 बजे आर्यिका विशुद्धमति माताजी का 12 पिच्छियों के संघ सहित भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इससे पूर्व माताजी ने सुबह 6 बजे अपनी सभी 12 साध्वियों के साथ प्रताप नगर सेक्टर 10. विदुषी आर्यिका रत्न प्रशांतमति भीण्डर ब्लॉग. आर्यिका संघ विराजमान एवं विहार अपडेट दिनाँक ०३ दिसंबर २०१९, गुरुवार परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य भगनव श्री १०८ विद्यासागर जी महाराज की परम. ब्रह्मचारिणी शिवानी लेंगी आर्यिका Amar Ujala. बिना प्रदर्शन के दान धर्म की सार्थकता है – जैन आर्यिका. सवाई माधोपुर 21 अगस्त। दिगम्बर जनै अतिशय क्षेत्र चमत्कारजी​, अहिंसा सर्किल, आलनपुर मे ं ससघ्ं ा वर्षायोग कर रही आचार्य निर्मल. सागरजी की शिष्या गणिनी आर्यिका. Kalraj Mishra said Basic Principle of Ahimsa Jain Community m. Know about आर्यिका सुभूषणमती in Hindi, आर्यिका सुभूषणमती के बारे में जाने, Explore आर्यिका सुभूषणमती with Articles, आर्यिका​ सुभूषणमती Photos, आर्यिका सुभूषणमती Video, आर्यिका ​सुभूषणमती न्यूज़, आर्यिका सुभूषणमती ताज़ा ख़बर in Hindi, जानें.

आर्यिका विद्यासागर जी महाराज.

जयपुर। जनकपुरी ज्योति नगर स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने प्रातः 4.30 बजे से केशों का लोचन किया, इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे और भक्ति भाव पूर्वक णमोकार महामंत्और भजनों का. का गणिनी आर्यिका माता ने ससंघ किया अवलोकन. मेरठ न्यूज़: नप्र, हस्तिनापुर मेरठ श्री दिगंबर जैन तीर्थ जम्बूद्वीप में गणिनी आर्यिका ज्ञापमती माता जी ने एक विशाल धर्मसभा में चार आर्यिका माताओं को दीक्षाएं.

आर्यिका गौरवमति माताजी पिंकसिटी न्यूज़.

जय जिनेन्द्र. प. पू. अभिक्षण ज्ञानोपयोगी आचार्य श्री वसुनन्दी जी मुनिराज संसंघ की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका श्री वर्धसवनंदनी माताजी संसंघ सेक्टर 16 जैन मन्दिर फरीदाबाद में विराजमान है. कल 3 जून प्रातःकाल 4.45. धर्म विहीन व्यक्ति पशु के समान होता है: आर्यिका. आर्यिका चर्या. मूलगुण मुनियों के प्रधान आचरण को मूलगुण कहते हैं। मूल शब्ध के अनेक अर्थ होते हैं फिर भी यहाँ मूल का प्रधान या मुख्य ऐसा अर्थ लेना चाहिये। गुण शब्द से भी यहाँ पर आचरण विशेष अर्थ लेना है। ये मूलगुण इस लोक और. आर्यिका संघ विराजमान एवं विहार Punyodaya. विदिशा खुरई से शोभित जैन की रिपोर्ट. इस युग के महान संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के दर्शन करने आर्यिका शिरोमणिगणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी अपने संघ सहित कल 29 दिसम्बर को मध्याह्न 2 बजे जाऐंगी।. Banswara News: आर्यिका सुभूषणमती माताजी का. मन की कीमत:आर्यिका श्री 105 स्वस्ति भूषण माताजी. चंडीगढ़​: षटखंडागम ग्रंथ की सातवीं किताब में संज्ञी जीव अंतरकाल बताया है। अर्थात जीव यदि एक बार मन सहित जनम लेने के बाद यदि दुर्गति हुई तो, वह दोबारा उस मन को अनंत काल के बाद प्राप्त. Ashoknagar News: आर्यिका संघ का हुआ थूबोनजी में. आर्यिका जिनमती माताजी Aaryika Jinmati Mataji की पुस्तकें ऑनलाइन पढ़ें व डाउनलोड करें, रेटिंग व रिव्यू पढ़ें आर्यिका जिनमती माताजी Aaryika Jinmati Mataji Hindi Books Read Online Download PDF for free Review and Ratings of आर्यिका जिनमती माताजी Aaryika.

आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के दर्शन करने.

आर्यिका मां स्वस्ति भूषण माताजी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस महोत्सव में पाषाण की प्रतिमा बनेगी। जो सदियों तक जन का कल्याण करेगी। उन्होंने भूगर्भ से निकाली मुनिसुव्रतनाथ प्रभु की प्रतिमा के अतिश्यों से. गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी का मंगल. आधुनिक परिवेश में चाहे श्रावक हो या मुनि, श्राविका हो या आर्यिका, स्पष्ट रूप में उनकी चर्या का ज्ञान होना आवश्यक है​। आचार्यश्री यतिवृषभ स्वामी ने कहा है. पंचमकाल के अंत तक मुनि आर्यिका, श्रावक श्राविका का चतुर्विध संघ. सनावद: प.पू.राष्ट्रगौरव आचार्यरत्न 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज सहित 16 त्यागियों की जन्म नगरी सनावद में परम पूज्य राष्ट्रसंत गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज की सुशिष्या श्रमणी आर्यिका श्री 105 विदक्षाश्री. आर्यिका. Add comments. 3.971 views. आर्यिका. Posted by admin at 4:38 pm. 2 Responses to आर्यिका. Comments 2. Anil Jain says: April 2, 2013 at 4:26 pm. good knowledge and lot of articles. Reply. Ashish Jain says: April 30, 2013 at 5:18 pm. Jai Jiendera. I wanna detail of Darrmati mataji sangh detail. जयपुर दिशा सन्देश न्यूज़ गणाचार्य विराग सागर महाराज की शिष्या गणिनी आर्यिका रत्न विज्ञाश्री माताजी ससंघ का सोमवार को प्रातः 8.30 बजे जयपुर के मालपुरा रोड़ स्थित लाखना ग्राम में मंगल प्रवेश सम्पन्न हुआ। इससे पूर्व.