गणेश स्तुति

गणेश अथर्वशीर्ष

{{स्रोतहीति अथर्वशीर्ष में रचित एक लघु उपनिषद है। इस उपनिषद में गणेश को परम ब्रह्म बताया गया है। यह अथर्ववेद का भाग है।अथर्वशीर्ष में दस ऋचाएं हैं।

गणेश-द्वादशनाम

विघ्नविनाशक-गणेश-द्वादशनामस्तोत्रम् सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः। लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो विनायकः।। धूम्रकेतुर्गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजाननः। द्वादशैता...