स्वास्थ्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सन् १९४८ में स्वास्थ्य या आरोग्य की निम्नलिखित परिभाषा दी:
दैहिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना समस्या-विहीन होना
स्वास्थ्य सिर्फ बीमारियों की अनुपस्थिति का नाम नहीं है। हमें सर्वांगीण स्वास्थ्य के बारे में जानकारी होना बोहोत आवश्यक है। स्वास्थ्य का अर्थ विभिन्न लोगों के लिए अलग-अलग होता है। लेकिन अगर हम एक सार्वभौमिक दृष्टिकोण की बात करें तो अपने आपको स्वस्थ कहने का यह अर्थ होता है कि हम अपने जीवन में आनेवाली सभी सामाजिक, शारीरिक और भावनात्मक चुनौतियों का प्रबंधन करने में सफलतापूर्वक सक्षम हों। वैसे तो आज के समय मे अपने आपको स्वस्थ रखने के ढेर सारी आधुनिक तकनीक मौजूद हो चुकी हैं, लेकिन ये सारी उतनी अधिक कारगर नहीं हैं।

1. समग्र स्वास्थ्य की परिभाषा
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, स्वास्थ्य सिर्फ रोग या दुर्बलता की अनुपस्थिति ही नहीं बल्कि एक पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक खुशहाली की स्थिति है। स्वस्थ लोग रोजमर्रा की गतिविधियों से निपटने के लिए और किसी भी परिवेश के मुताबिक अपना अनुकूलन करने में सक्षम होते हैं। रोग की अनुपस्थिति एक वांछनीय स्थिति है लेकिन यह स्वास्थ्य को पूर्णतया परिभाषित नहीं करता है। यह स्वास्थ्य के लिए एक कसौटी नहीं है और इसे अकेले स्वास्थ्य निर्माण के लिए पर्याप्त भी नहीं माना जा सकता है। लेकिन स्वस्थ होने nका वास्तविक अर्थ अपने आप पर ध्यान केंद्रित करते हुए जीवन जीने के स्वस्थ तरीकों को अपनाया जाना है। Tyu यदि हम एक अभिन्न व्यक्तित्व की इच्छा रखते हैं तो हमें हर हमेशा खुश रहना चाहिए और मन में इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि स्वास्थ्य के आयाम अलग टुकड़ों की तरह है। अतः अगर हम अपने जीवन को कोई अर्थ प्रदान करना चाहते है तो हमें स्वास्थ्य के इन विभिन्न आयामों को एक साथ फिट करना पड़ेगा। वास्तव में, अच्छे स्वास्थ्य की कल्पना समग्र स्वास्थ्य का नाम है जिसमें शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, बौद्धिक स्वास्थ्य, आध्यात्मिक स्वास्थ्य और सामाजिक स्वास्थ्य भी शामिल है।

1.1. समग्र स्वास्थ्य की परिभाषा शारीरिक स्वास्थ्य
शारीरिक स्वास्थ्य शरीर की स्थिति को दर्शाता है जिसमें इसकी संरचना, विकास, कार्यप्रणाली और रखरखाव शामिल होता है। यह एक व्यक्ति का सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एक सामान्य स्थिति है। यह एक जीव के कार्यात्मक और/या चयापचय क्षमता का एक स्तर भी है। अच्छे शारीरिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के निम्नलिखित कुछ तरीके हैं-
नाड़ी स्पंदन, रक्तदाब, शरीर का भार व व्यायाम सहनशीलता आदि सब कुछ व्यक्ति के आकार, आयु व लिंग के लिए सामान्य मानकों के अनुसार होना चाहिए।
दांत साफ सुथरें हो।ghibf suyf htvtfftvtffvyjuhbubunun. Jihjkmnhjnnm kiiuh. Go hyuh
संतुलित आहार की आदतें, मीठी श्वास व गहरी नींद
शरीर के सभी अंग सामान्य आकार के हों तथा उचित रूप से कार्य कर रहे हों।
जिव्हा स्वस्थ एवं निर्मल हो
पाचन शक्ति सामान्य एवं सक्षम हो।
आंख नाक, कान, जिव्हा, आदि ज्ञानेन्द्रियाँ स्वस्थ हो।
साफ एवं कोमल स्वच्छ त्वचा हो।
बड़ी आंत की नियमित गतिविधि व संतुलित शारीरिक गतिविधियां
मल विसर्जन सम्यक् मात्रा में समय पर होता हो।
शारीरिक संगठन सुदृढ़ एवं लचीला हो।
चेहर पर कांति ओज तेज हो।
कर्मेन्द्रिय हाथ पांव आदि स्वस्थ हों।
जिसका मेरुदण्ड सीधा हो।
मुंह से दुर्गंध न आती हो।
समय पर भूख लगती हो।
शारीरिक चेष्टा सम प्रमाण में हो।
शरीर की उंचाई के हिसाब से वजन हो।

1.2. समग्र स्वास्थ्य की परिभाषा मानसिक स्वास्थ्य
मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ हमारे भावनात्मक और आध्यात्मिक लचीलेपन से है जो हमें अपने जीवन में दर्द, निराशा और उदासी की स्थितियों में जीवित रहने के लिए सक्षम बनाती है। मानसिक स्वास्थ्य हमारी भावनाओं को व्यक्त करने और जीवन की ढ़ेर सारी माँगों के प्रति अनुकूलन की क्षमता है। इसे अच्छा बनाए रखने के निम्नलिखित कुछ तरीके हैं-
मन की संतुलित अवस्था।
भीतर ही भीतर कोई भावात्मक संघर्ष न हो सदैव स्वयं से युद्धरत होने का भाव न हो।
मनसिक तनाव एवं अवसाद ना हो।
डर, क्रोध, इर्ष्या, का अभाव हो।
विकट परिस्थितियों में सांमजस्य बढाने वाला हो।
परिस्थितियों के साथ संघर्ष करने की सहनशक्ति वाला हो।
परोपकार एवं समाज सेवी की भावना वाला हो।
स्वार्थी ना हों
कुशल व्यवहारी हो।
जीव मात्र के प्रति दया की भावना वाला हो।
संतोषी जीवन की प्रवृति का वाला हो।
प्रसन्नता, शांति व व्यवहार में प्रफुल्लता
आत्म-संतुष्टि आत्म-भर्त्सना या आत्म-दया की स्थिति न हो।
वाणी में संयम और मधुरता हो।

1.3. समग्र स्वास्थ्य की परिभाषा बौद्धिक स्वास्थ्य
यह किसी के भी जीवन को बढ़ाने के लिए कौशल और ज्ञान को विकसित करने के लिए संज्ञानात्मक क्षमता है। हमारी बौद्धिक क्षमता हमारी रचनात्मकता को प्रोत्साहित और हमारे निर्णय लेने की क्षमता में सुधार करने में मदद करता है।
2 दूसरों की भावात्मक आवश्यकताओं की समझ, सभी प्रकार के व्यवहारों में शिष्ट रहना व दूसरों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखना, नए विचारों के लिए खुलापन, उच्च भावात्मक बुद्धि।
3 आत्म-संयम, भय, क्रोध, मोह, जलन, अपराधबोध या चिंता के वश में न हो। लोभ के वश में न हो तथा समस्याओं का सामना करने व उनका बौद्धिक समाधान तलाशने में निपुण हो।
1 समायोजन करने वाली बुद्धि, आलोचना को स्वीकाकर सके व आसानी से व्यथित न हो।

1.4. समग्र स्वास्थ्य की परिभाषा आध्यात्मिक स्वास्थ्य
हमारा अच्छा स्वास्थ्य आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ हुए बिना अधूरा है। जीवन के अर्थ और उद्देश्य की तलाश करना हमें आध्यात्मिक बनाता है। आध्यात्मिक स्वास्थ्य हमारे निजी मान्यताओं और मूल्यों को दर्शाता है। अच्छे आध्यात्मिक स्वास्थ्य को प्राप्त करने का कोई निर्धारित तरीका नहीं है। यह हमारे अस्तित्व की समझ के बारे में अपने अंदर गहराई से देखने का एक तरीका है।
अष्टादशेषु पुराणेषु व्यासस्य वचन द्वयं । परोपकारः पुण्याय, पापाय परपीडनम्॥
अर्थात अट्ठारह पुराणों में महर्षि व्यास ने दो बातें कहीं हैं - परोपकार से पुण्य मिलता है और दूसरों को पीड़ा देने से पाप।
प्रतिबद्वता, कर्त्तव्यपालन वाला हो।
तन, मन, एवं धन की शुद्वता वाला हो।
प्राणी मात्र के कल्याण की भावना हो।
दूसरी आत्माओं के प्रभाव में आए बिना उनसे भाईचारे का नाता रखना।
पुण्य कार्यो के द्वारा आत्मिक उत्थान वाला हो।
कथनी एवं करनी में अन्तर न हो।
अपने शरीर सहित इस भौतिक जगत की किसी भी वस्तु से मोह न रखना।
समुचित ज्ञान की प्राप्ति की सतत इच्छा
इन्द्रियों को संयम में रखने वाला हो।
सर्वे भवन्तु सुखिनः सभी सुखी हों का आचरण हो।
सकारात्मक जीवन शैली जीने वाला हो।
योग एवं प्राणायाम का अम्यासी हो।
परेपकार एवं लोकल्याण की भावना वाला हो।
परस्पर सहानुभूति वाला हो।
श्रेष्ठ चरित्रवान व्यक्तित्त्व हो।

1.5. समग्र स्वास्थ्य की परिभाषा सामाजिक स्वास्थ्य
चूँकि हम सामाजिक जीव हैं अतः संतोषजनक रिश्ते का निर्माण करना और उसे बनाए रखना हमें स्वाभाविक रूप से आता है। सामाजिक रूप से सबके द्वारा स्वीकार किया जाना हमारे भावनात्मक खुशहाली के लिए अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
भय एवं भ्रममुक्त समाज हो।
प्रदूषणमुक्त वातावरण हो।
अपनी व्यक्तिगत क्षमता के अनुसार समाज के कल्याण के लिए कार्य करना।
जंनसंख्यानुसार पर्याप्त चिकित्सालय हों।
सार्वजनिक स्थलों पर पूर्ण स्वच्छता हो।
मल-मूत्र एवं अपशिष्ट पदार्थों के निकासी की योजना हो।
उचित शिक्षा की व्यवस्था हो।
शुद्व पेयजल एवं पानी की टंकियों का प्रबंध हो।
संक्रमण-रोधी व्यवस्था हो।
मानव कल्याण के हितों का समाज वाला हो।
सुलभ शैचालय हो।
समाज अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रहमचर्य एवं अपरिग्रही स्वभाव वाला हो।
वृक्षारोपण का अधिकाधिक कार्य हो।
पोषण एवं स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले अन्य सामाजिक तत्त्व
जनंसख्या वृद्वि का समुचित नियंत्रण
अंधविश्वास एवं गलत धारणाओं से मुक्त समाज
समुदाय की चिकित्सकीय व्यवस्था
समाजिक एवं व्यक्तिगत जीवन में स्वास्थ्य सम्बन्धी जागरण की स्थिति
निम्न मृत्युदर एवं न्यून बीमारियाँ
समुदाय का आर्थिक स्तर
सामाजिक रीति रिवाज एवं परम्परागत मान्यताएँ।
खाद्य सामग्री की जनसंख्या के अनुपात में उपलब्धता
बच्चों एवं महिलाओं से संबधित विशेष स्वास्थ्य की नीतियाँ
स्थानीय दुकान एवं बाजार सम्बन्धी नीतियाँ
पेषण संबधी स्वास्थ्य-शिक्षा का प्रचार प्रसार
समुदाय हेतु परिवहन व्यवस्था
पोषण व्यवस्था एवं आहार के समुचित भंडारण की व्यवस्था
सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक एवं मनौवैज्ञानिक स्तर
खान-पान की सामाजिक पद्वतियाँ
समुदाय का शैक्षिणिक स्तर
मौसमी फल एवं सब्जियों की उपलब्धता
बच्चों के आहार से संबधी नीतियाँ
अधिकांश लोग अच्छे स्वास्थ्य के महत्त्व को नहीं समझते हैं और अगर समझते भी हैं तो वे अभी तक इसकी उपेक्षा कर रहे हैं। हम जब भी स्वास्थ्य की बात करते हैं तो हमारा ध्यान शारीरिक स्वास्थ्य तक ही सीमित रहता है। हम बाकी आयामों के बारे में नहीं सोचते हैं। अच्छे स्वास्थ्य की आवश्यकता हम सबको है। यह किसी एक विशेष धर्म, जाति, संप्रदाय या लिंग तक सीमित नहीं है। अतः हमें इस आवश्यक वस्तु के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। अधिकांश रोगों का मूल हमारे मन में होता है। एक व्यक्ति को स्वस्थ तब कहा जाता है जब उसका शरीर स्वस्थ और मन साफ और शांत हो। कुछ लोगों के पास भौतिक साधनों की कमी नहीं होती है फिर भी वे दुःखी या मनोवैज्ञानिक स्तर पर उत्तेजित हो सकते।

2. आयुर्वेद के अनुसार स्वास्थ्य की परिभाषा
आयुर्वेद में स्वस्थ व्यक्ति की परिभाषा इस प्रकार बताई है-
समदोषः समाग्निश्च समधातु मलक्रियाः। प्रसन्नात्मेन्द्रियमनाः स्वस्थः इत्यभिधीयते ॥
जिस व्यक्ति के दोष वात, कफ और पित्त समान हों, अग्नि सम हो, सात धातुयें भी सम हों, तथा मल भी सम हो, शरीर की सभी क्रियायें समान क्रिया करें, इसके अलावा मन, सभी इंद्रियाँ तथा आत्मा प्रसन्न हो, वह मनुष्य स्वस्थ कहलाता है)। यहाँ सम का अर्थ संतुलित न बहुत अधिक न बहुत कम है।
आचार्य चरक के अनुसार स्वास्थ्य की परिभाषा- सममांसप्रमाणस्तु समसंहननो नरः। दृढेन्द्रियो विकाराणां न बलेनाभिभूयते॥१८॥ क्षुत्पिपासातपसहः शीतव्यायामसंसहः। समपक्ता समजरः सममांसचयो मतः॥१९॥
अर्थात जिस व्यक्ति का मांस धातु समप्रमाण में हो, जिसका शारीरिक गठन समप्रमाण में हो, जिसकी इन्द्रियाँ थकान से रहित सुदृढ़ हों, रोगों का बल जिसको पराजित न कर सके, जिसका व्याधिक्ष समत्व बल बढ़ा हुआ हो, जिसका शरीर भूख, प्यास, धूप, शक्ति को सहन कर सके, जिसका शरीर व्यायाम को सहन कर सके, जिसकी पाचनशक्ति जठराग्नि सम़ावस्थ़ा में क़ार्य करती हो, निश्चित कालानुसार ही जिसका बुढ़ापा आये, जिसमें मांसादि की चय-उपचय क्रियाएँ सम़ान होती हों - ऐसे १० लक्षणो लक्षणों व़ाले व्यक्ति को आचार्य चरक ने स्वस्थ माना है।
काश्यपसंहिता के अनुसार आरोग्य के लक्षण- अन्नाभिलाषो भुक्तस्य परिपाकः सुखेन च । सृष्टविण्मूत्रवातत्वं शरीरस्य च लाघवम् ॥ सुप्रसन्नेन्द्रियत्वं च सुखस्वप्न प्रबोधनम् । बलवर्णायुषां लाभः सौमनस्यं समाग्निता ॥ विद्यात् आरोग्यलिंङ्गानि विपरीते विपर्ययम् । -
भोजन करने की इच्छा, अर्थात भूख समय पर लगती हो, भोजन ठीक से पचता हो, मलमूत्और वायु के निष्कासन उचित रूप से होते हों, शरीर में हलकापन एवं स्फूर्ति रहती हो, इन्द्रियाँ प्रसन्न रहतीं हों, मन की सदा प्रसन्न स्थिति हो, सुखपूर्वक रात्रि में शयन करता हो, सुखपूर्वक ब्रह्ममुहूर्त में जागता हो; बल, वर्ण एवं आयु का लाभ मिलता हो, जिसकी पाचक-अग्नि न अधिक हो न कम, उक्त लक्षण हो तो व्यक्ति निरोगी है अन्यथा रोगी है।
स्वास्थ्य की आयुर्वेद सम्मत अवधारणा बहुत व्यापक है। आयुर्वेद में स्वास्थ्य की अवस्था को प्रकृति प्रकृति अथवा मानवीय गठन में प्राकृतिक सामंजस्य और अस्वास्थ्य या रोग की अवस्था को विकृति प्राकृतिक सामंजस्य से बिगाड़ कहा जाता है। चिकित्सक का कार्य रोगात्मक चक्र में हस्तक्षेप करके प्राकृतिक सन्तुलन को कायम करना और उचित आहाऔर औषधि की सहायता से स्वास्थ्य प्रक्रिया को दुबारा शुरू करना है। औषधि का कार्य खोए हुए सन्तुलन को फिर से प्राप्त करने के लिए प्रकृति की सहायता करना है। आयुर्वेदिक मनीषियों के अनुसार उपचार स्वयं प्रकृति से प्रभावित होता है, चिकित्सक और औषधि इस प्रक्रिया में सहायता-भर करते हैं।
स्वास्थ्य के नियम आधारभूत ब्रह्मांडीय एकता पर निर्भर है। ब्रह्मांड एक सक्रिय इकाई है, जहाँ प्रत्येक वस्तु निरन्तर परिवर्तित होती रहती है; कुछ भी अकारण और अकस्मात् नहीं होता और प्रत्येक कार्य का प्रयोजन और उद्देश्य हुआ करता है। स्वास्थ्य को व्यक्ति के स्व और उसके परिवेश से तालमेल के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। विकृति या रोग होने का कारण व्यक्ति के स्व का ब्रह्मांड के नियमों से ताल-मेल न होना है।
आयुर्वेद का कर्तव्य है, देह का प्राकृतिक सन्तुलन बनाए रखना और शेष विश्व से उसका ताल-मेल बनाना। रोग की अवस्था में, इसका कर्तव्य उपतन्त्रों के विकास को रोकने के लिए शीघ्र हस्तक्षेप करना और देह के सन्तुलन को पुन: संचित करना है। प्रारम्भिक अवस्था में रोग सम्बन्धी तत्त्व अस्थायी होते हैं और साधारण अभ्यास से प्राकृतिक सन्तुलन को फिर से कायम किया जा सकता है।
यह सम्भव है कि आप स्वयं को स्वस्थ समझते हों, क्योंकि आपका शारीरिक रचनातन्त्र ठीक ढंग से कार्य करता है, फिर भी आप विकृति की अवस्था में हो सकते हैं अगर आप असन्तुष्ट हों, शीघ्र क्रोधित हो जाते हों, चिड़चिड़ापन या बेचैनी महसूस करते हों, गहरी नींद न ले पाते हों, आसानी से फारिग न हो पाते हों, उबासियाँ बहुत आती हों, या लगातार हिचकियाँ आती हो, इत्यादि।
स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में पंच महाभूत, आयु, बल एवं प्रकृति के अनुसार योग्य मात्रा में रहते हैं। इससे पाचन क्रिया ठीक प्रकार से कार्य करती है। आहार का पाचन होता है और रस, रक्त, माँस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्र इन सातों धातुओं का निर्माण ठीक प्रकार से होता है। इससे मल, मूत्और स्वेद का निर्हरण भी ठीक प्रकार से होता है।
स्वास्थ्य की रक्षा करने के उपाय बताते हुए आयुर्वेद कहता है-
त्रय उपस्तम्भा: आहार: स्वप्नो ब्रह्मचर्यमिति चरक संहिता सूत्र. 11/35
अर्थात् शरीऔर स्वास्थ्य को स्थिर, सुदृढ़ और उत्तम बनाये रखने के लिए आहार, स्वप्न निद्रा और ब्रह्मचर्य - ये तीन उपस्तम्भ हैं। ‘उप’ यानी सहायक और ‘स्तम्भ’ यानी खम्भा। इन तीनों उप स्तम्भों का यथा विधि सेवन करने से ही शरीऔर स्वास्थ्य की रक्षा होती है।
इसी के साथ शरीर को बीमार करने वाले कारणों की भी चर्चा की गई है यथा-
धी धृति स्मृति विभ्रष्ट: कर्मयत् कुरुतऽशुभम्। प्रज्ञापराधं तं विद्यातं सर्वदोष प्रकोपणम्॥ -- चरक संहिता; शरीर. 1/102
अर्थात् धी बुद्धि, धृति धारण करने की क्रिया, गुण या शक्ति/धैर्य और स्मृति स्मरण शक्ति के भ्रष्ट हो जाने पर मनुष्य जब अशुभ कर्म करता है तब सभी शारीरिक और मानसिक दोष प्रकुपित हो जाते हैं। इन अशुभ कर्मों को प्रज्ञापराध कहा जाता है। जो प्रज्ञापराध करेगा उसके शरीऔर स्वास्थ्य की हानि होगी और वह रोगग्रस्त हो ही जाएगा।

3. स्वास्थ्य का आधुनिक दृष्टिकोण
स्वास्थ्य की देखभाल का आधुनिक दृष्टिकोण आयुर्वेद के समग्र दृष्टिकोण के विपरीत है; अलग-अलग नियमों पर आधारित है और पूरी तरह से विभाजित है। इसमें मानव-शरीर की तुलना एक ऐसी मशीन के रूप में की गई है जिसके अलग-अलग भागों का विश्लेषण किया जा सकता है। रोग को शरीर रूपी मशीन के किसी पुरजे में खराबी के तौपर देखा जाता है। देह की विभिन्न प्रक्रियाओं को जैविकीय और आणविक स्तरों पर समझा जाता है और उपचार के लिए, देह और मानस को दो अलग-अलग सत्ता के रूप में देखा जाता है।

समिति रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, १८६०

समिति रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, १८६० भारत का एक अधिनियम है जो उन संस्थाओं की रजिस्ट्री करता है जो प्रायः समाज के हित के लिए कार्य करतीं हैं, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि के क्षेत्र में कार्यरत समितियाँ।

  • व भ न न स व स थ य क र यक रम और न त य आर भ क ह स व स थ य क म द द स व स थ य एव पर व र कल य ण म त र लय क अ तर गत आत ह यह म त र लय स व स थ य व भ ग
  • स व स थ य स व य ह ल थक यर क अर थ ब म र क र कथ म और उपच र करन ह स व स थ य स व च क त स दन त च क त स नर स ग और स व स थ य स सम ब ध त प श वर
  • और भ अध क द र स ह व स तव म स व स थ य क अर थ क वल र गरह त और द खरह त ज वन नह ह क वल ज व त रहन ह स व स थ य नह ह यह त प र ण श र र क, म नस क
  • मह ल ओ क स व स थ य म नव सभ यत और स व स थ य प रब धन क एक अभ न न अ ग ह क य क मह ल ए म नव सम ज क लगभग आध भ ग ह कई स व स थ य म मल म मह ल ए
  • स र वजन क स व स थ य स व ओ तक म फ त पह च प रद न करन क आर प लग त ह स व स थ य म त र लय न 1970 क दशक स भ ट न म स र वभ म क स व स थ य द खभ ल प रद न
  • अन य स व स थ य स ब ध घटन ओ स स क रमण और म त य दर क खतर ह फ र भ स व स थ य द खभ ल म क छ स ध र द ख ज सकत ह व श ष र प स म त स व स थ य क
  • स घर ष कर रह ह ज सक क रण स व स थ य प रण ल क बह त न कस न ह आ ह उस पर ण म क र प म प क स त न क व श व स व स थ य स गठन क प रदर शन क र प र ट
  • म नस क स व स थ य हम र भ वन ओ क अभ व यक त ह और म ग क व स त त श र खल क ल ए एक सफल अन क लन क प रत क ह व श व स व स थ य स गठन, म नस क स व स थ य क
  • ज र डन म एक उन नत स व स थ य द खभ ल प रण ल ह ह ल क अम म न म स व ए अत यध क क द र त ह सरक र आ कड न 2002 म क ल स व स थ य व यय क सकल घर ल
  • न व स क ल ए न य यस गत स व स थ य द खभ ल स न श च त करन क ल ए स व स थ य स व ओ क एक व य पक न टवर क स थ प त क य गय ह स व स थ य स व ध ओ क ब न य द
  • म स र म स व स थ य म स र क आब द क समग र स व स थ य क दर श त ह म स र क स व स थ य म त र लय म स र म स व स थ य क ल ए ज म म द र सरक र न क य ह
  • 2013 म एक स र वभ म क स व स थ य द खभ ल क र यक रम क अध न यमन न जनस ख य क सरक र प र य ज त च क त स द खभ ल और स व स थ य द खभ ल स व ओ तक पह च म
  • ल कत त र क सरक र क स थ, स व स थ य द खभ ल स ध र क एक श र खल अध न यम त क गई थ 2017 म स ध र त सरक र न स व स थ य व यय पर ज ड प क 5.2 खर च
  • अस पत ल और प ल क ल न क स, ग र म ण स व स थ य इक इय ग र म स व स थ य क द र सह त और प छल स स टम स स व स थ य पद क र य करन ज र रखत ह अस पत ल
  • प र प त स म ज क स व स थ य क र यकर त अ ग र ज Accredited Social Health Activist ज स स क ष प म आश भ कहत ह भ रत म स व स थ य और पर व र कल य ण
  • अस पत ल म अभ भ क र य कर रह सरक र क ष त र म स व स थ य स व म स ध र ह रह ह स व स थ य व यय म कथ त त र पर सकल घर ल उत प द ज ड प क 3
  • ज वन प रत य श और श श और ब ल म त य दर ज स प रम ख स व स थ य स क तक म स म ज क पर वर तन और स व स थ य क ष त र म स ध र क क रण लग त र स ध र ह आ ह 1960
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  • अपन स व स थ य द खभ ल प रण ल क व स त र और स ध र करन क ल ए महत वप र ण प रगत क ब वज द, स स टम ग भ र र प स अव कस त बन ह आ ह 2002 म स व स थ य द खभ ल
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  • सऊद अरब म स व स थ य क आब द क समग र स व स थ य क दर श त ह एक स र वजन क स व स थ य व भ ग क स थ पन क ब द 1925 म न व रक स व स थ य द खभ ल और पर य वरण य
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स्वास्थ्य का महत्व.

हैलो स्वास्थ्य हैल्थ टिप्स हिंदी में. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण,विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन 26 दिसंबर,2019 को नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम में भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण एफएसएसएआई की पहल ईट राइट मेले के दूसरे. स्वास्थ्य जानकारी. अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है सही समय पर. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और विश्वबैंक के तकनीकी सहयोग से नीति आयोग ने स्वस्थ राज्य प्रगतिशील भारत शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है. स्वास्थ्य शिक्षा pdf. स्वास्थ्य मिर्जापुर India Mirzapur. 1, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला अस्पताल परिसर, रजगामार रोड कोरबा, छ.ग. फ़ोन न. 07759 221044. 2, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल कोरबा, इंदिरा गाँधी जिला चिकित्सालय 100 शैया, रजगामार रोड कोरबा, छ.ग. फ़ोन न. 07759 226766.

शारीरिक स्वास्थ्य के लक्षण.

5 आसान चरणों में सबसे अच्छा स्वास्थ्य बीमा कैसे. स्वास्थ्य पर छोटा व बड़ा निबंध कक्षा 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए। Short and Long Essay on Health in Hindi Language. Health services: सबसे अच्छी स्वास्थ्य सुविधा देश के. स्वास्थ्य सभी के लिए अति आवश्यक है, अतः प्रत्येक नागरिक के लिए स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होनी चाहिए। सभी नागरिकों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की​.

व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति.

लोकसभा ने 7 अप्रैल 2017 को मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण क़ानून को सर्वसम्मति से पारित किया था. ये क़ानून 29 मई 2018 को पूरे देश में लागू हो गया था. स्वास्थ्य हिंदी शब्दमित्र. सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग। दिल्ली के एनसीटी की जबरदस्त स्वास्थ्य देखभाल जिम्मेदारियां हैं। विभाग लगातार बढ़ते महानगरों की लगभग 160 लाख आबादी की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करता है और इसे पड़ोसी राज्यों से. WHO: स्वच्छता एवं स्वास्थ्य पर दिशा निर्देश Drishti. स्वास्थ्य राशिफल 2020 से जानिनए साल में कैसा रहेगा आपका स्वास्थ्य जीवन। Read latest hindi news ताजा हिन्दी समाचार on health horoscope, health horoscope for 2020, health horoscope 2020 1 हिन्दी न्यूज़ website. Department of Health & Family Welfare, Govt. of Chhattisgarh. डायल 108 एम्बुलेंस हेतु डायल 102 एम्बुलेंस गर्भवती स्त्रियों हेतु राष्ट्रीय स्वास्थ्य हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 1800 180 1104 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 180 5145 सरकारी अस्पताल के मरीजो के लिए इंदिरा गाँधी ऑय हॉस्पिटल​. स्वास्थ्य जिला अमेठी,उत्तर प्रदेश शासन भारत. क्र०सं०, पदनाम, मोबाइल. 1, शल्य मुख्य चिकत्सा पदाधिकारी,​आरा, 9470818729. 2, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,प्राथमिक स्वास्थ केंद्र, आरा, 9470003156. 3, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,प्राथमिक स्वास्थ केंद्र,अगिआँव, 7368852324. 4, प्रभारी.

भारत में मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण क़ानून की राह.

हैलो स्वास्थ्य पर मिलेगी सबसे भरोसेमंद डाइट टिप्स, फिटनेस टिप्स, दवाई की जानकारी, बिमारी की जानकारी, प्रेगनेंसी और पेरेंटिंग टिप्स. चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग. अस्पताल पैरामीटर विवरण अस्पताल का पता जिला अस्पताल कुशीनगर इंस्टीट्यूशन हेड एसआईसी सीएमएस सीएमएस कार्यालय नंबर 05862 – 242217 निवास नंबर 05862 – 242217 विशेषज्ञ स्टाफ 22 अन्य डॉक्टर 05 कुल डॉक्टर 27 पैरमेडिकल 47 अन्य स्टाफ 54 बेड की. स्वास्थ्य आखिर सेहत है क्‍या? ड्रूपल Isha Foundation. तिरुवनन्तपुरम, एजेंसी। राज्य में तीसरे मामले की पुष्टि के बाद केरल सरकार ने कोरोना वायरस को राजकीय आपदा घोषित कर दिया है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने बताया कि मुख्यमंत्री की सलाह पर यह फैसला किया गया है।. Coronavirus Updates Corona virus declared state disaster in Kerala. आमतौपर स्वास्थ्य का मतलब समझा जाता है रोग रहित जीवन। लेकिन क्या सचमुच यही स्वास्थ्य है? तो फिर स्वस्थ रहने का मतलब क्या है? और कैसे रहें स्वस्थ्य?type thick. जिला स्वास्थ्य समिति, जमुई जमुई जिला में आपका. इस नई स्वास्थ्य प्रणाली में उनको शामिल नहीं किया जाएगा जो आयुष्मान भारत योजना के दायरे में हैं. हाल में शुरू इस योजना के दायरे में कुल आबादी का 40 प्रतिशत आता है. The post अब मध्यम वर्ग के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था बनाने की तैयारी, नीति. स्वास्थ्य जिला प्रशासन, बिहार सरकार भारत. चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग. डेटा जल्द ही उपलब्ध होगा. अस्वीकरण वेबसाइट नीतियां सहायता फ़ीडबैक हमसे संपर्क करें. Content Owned by District Administration. © जिला श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश, Developed and hosted by National Informatics Centre,.

स्वास्थ्य ज़िला रोहतास, बिहार सरकार भारत Rohtas.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि किताबें पढ़ने से स्वास्थ्य को गजब के लाभ प्राप्त होते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में​−. दिमागी कसरत. जिस तरह शरीर को मजबूत रखने के लिए कसरत की आवश्यकता होती है, ठीक उसी तरह मस्तिष्क को भी स्वस्थ और मजबूत. स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल में सूचना और संचार PMSSY. महिला स्वास्थ्य उसकी पूरी जिंदगी के दौरान यौवन से लेकर रजोनिवृत्ति तक बहुत महत्वपूर्ण है। इस पोर्टल के माध्यम से किशोर बालिका स्वास्थ्य देखभाल, सुरक्षित मातृत्व और अच्छे प्रजनन स्वास्थ्य की देखभाल आदि से संबंधित महत्वपूर्ण. स्वास्थ्य से संबंधित खबरें, स्वास्थ्य समाचार. सीएमओ कार्यालय मिर्जापुर के रामबाग में स्थित है। आप किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए वहां संपर्क कर सकते हैं। योजनाएं स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम यह जूनियर स्कूलों में वार्षिक स्वास्थ्य जांच शुरू करने का प्रस्ताव है।.

स्वास्थ्य पर निबंध – Essay on Health in Hindi.

संविदा मानदेय के आधापर विभिन्न पदों पर नियोजन. स्वास्थ्य जिला कुशीनगर, उत्तर प्रदेश सरकार India. विभागीय सर्वेक्षण 2018 के अनुसार चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना हेतु पात्रों की सूची देखने के लिए नीचे दिये गए लिंक पर क्लिक करें । डेटा जल्द ही उपलब्ध होगा.

स्वास्थ्य Welcome to Sitamarhi District India.

क्रम संख्या, स्वास्थ सेवाएं, कुल संख्या. १. सदर अस्पताल, १. २. अनुमंडल अस्पताल, २ बिक्रमगंज एवं डेहरी. ३. रेफ़रल अस्पताल, २ ​नासरीगंज एवं नौहट्टा. ४. प्राथमिक स्वास्थ केंद्र, १९. ५. अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ केंद्र, ३२. ६. सामुदायिक स्वास्थ​. राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना जिला उन्नाव. क्या आप स्वास्थ्य से संबंधित खबरें, स्वास्थ्य समाचार, हेल्थ न्यूज़ हिंदी में जानना चाहते हैं तो इस लेख में Swasthya Samachar, Health News in Hindi के बारे में बताया गया है।. मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य NARI. खराब स्‍वास्‍थ्‍य से कष्‍ट और सबसे बुनियादी प्रकार की वंचनाएं होती हैं। इतने वर्षों में लोगों की औसत आयु बढ़ाने और शिशु तथा मातृ मुत्यु के लिए ज़िम्मेदार कुछ सबसे आम बीमारियों को कम करने में उल्लेखनीय सफलताएं मिली हैं। वैश्विक प्रगति​.

स्वास्थ्य Haridwar India.

क्रम सं0 सरकारी निजी अस्पताल नर्सिंग होम पता फ़ोन नं0 सरकारी अस्पताल 1 जिला अस्पताल हरिद्वार हरिद्वार 01334 ​228083 2 जिला महिला अस्पताल हरिद्वार हरिद्वार 01334 265168 3 मेला अस्पताल हरिद्वार हरिद्वार 01334 265525 4 सिविल अस्पताल रूड़की. स्वास्थ्य जिला दक्षिण पश्चिम, दिल्ली सरकार भारत. मानसिक विकास एवं सामाजिक कल्याण में सुधार के साथ साथ संक्रमण को रोकने के लिये स्वच्छता एवं स्वास्थ्य अत्यंत आवश्यक है। सुरक्षित स्वच्छता प्रणालियों की कमी के कारण संक्रमण और बीमारियाँ होती हैं, जिसमें डायरिया, उष्णकटिबंधीय. स्वास्थ्य जिला प्रशासन कोरबा India कोरबा Korba. जिला झाँसी उ०प्र० डायल 108 को एम्बुलेंस को कहीं भी कॉल करने के लिए डायल 102 गर्भवती महिलाओं के लिए एम्बुलेंस कॉल करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर: 1800 180 1104 एनएचपी वॉयस वेब सरकारी अस्पताल के मरीजों के लिए.

सरकार की सामाजिक कल्याण और स्वास्थ्य योजनाएँ.

परिभाषा स्वस्थ या निरोग होने की अवस्था वाक्य में प्रयोग नियमित व्यायाम करने से स्वास्थ्य ठीक रहता है । समानार्थी शब्द तंदरुस्ती, सेहत, तबीयत, तबीअत लिंग पुल्लिंग संज्ञा के प्रकार भाववाचक मूल शब्द स्वास्थ प्रत्यय य गणनीयता. स्वास्थ्य BBC News हिंदी. आगरा, मानसिक स्वास्थ्य और अस्पताल संस्थान, आगरा, जिसे आगरा लुनैटिक असिलम के नाम से भी जाना जाता है, का एक प्रतिष्ठित संस्थान सितंबर 185 9 में उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा शासित था। यह 172.8 एकड़ भूमि के व्यापक और सुंदर मैदान पर फैला हुआ. पढ़ने से स्वास्थ्य को होते हैं यह गजब के लाभ, जानें. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग. विभागीय सर्वेक्षण 2018 के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना हेतु पात्रों की सूची देखने के लिए नीचे दिये गए लिंक पर क्लिक करें –. लाभार्थियों की सूची पीडीएफ 8.67 एमबी वेबसाइट नीतियां मदद. स्वास्थ्य Satyagrah सत्याग्रह. मानसिक स्‍वास्‍थ्य से तात्‍पर्य भावनात्‍मक, मानसिक तथा सामाजिक संपन्‍नता है। किसी व्‍यक्‍ति का मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य वह किस प्रकार सोचता है, महसूस करता है या व्‍यवहार करता है, को प्रभावित करता है तथा उसके जीवन के प्रत्‍येक पहलू पर प्रभाव डालता है।. जिला स्वास्थ्य कार्य योजना 2018 2019 पूर्वी. स्वास्थ्य से जुड़े सभी समाचार Latest Hindi News from India and the world भारत और दुनिया के ताज़ा हिंदी समाचार.

स्वास्थ्य राशिफल 2020 Amar Ujala.

मानसिक स्वास्थ्य पत्रिका. Menu. संपादकीय लेख समाचार ​रिपोर्ट सच्ची कहानी इधर उधर से हमारे बारे में संपर्क करें लेख मानसिक स्वास्थ्य में रूढ़िवादिता. 423 views अभिषेक तिवारी January 3, 2020 1 लेख. स्वास्थ्य दरभंगा जिले में आपका स्वागत है India. स्वच्छता और स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार करने के लिए, चार निकटवर्ती सरकारी स्कूलों में शौचालयों का निर्माण पूरा हो गया है और लगभग। 1200 छात्र छात्राओं की उपस्थिति में सुधार के अलावा लाभान्वित हुए हैं, जिससे विशेष रूप से छात्राओं. स्वास्थ्य समस्तीपुर India Samastipur. जिले में एक मेडिकल कॉलेज, 2 रेफरल अस्पताल, 13 पीएचसी, 37 अतिरिक्त पीएचसी और 261 स्वास्थ्य उप केंद्र हैं। दरभंगा मेडिकल कॉलेज, उत्तर बिहार के अभिमान अधिकार, 1 9 25 में एक मंदिर मेडिकल स्कूल के रूप में शुरू किया गया था और 1 9 46 में एक कॉलेज. स्वास्थ्य भोजपुर जिला में आपका स्वागत है India. स्वास्थ्य का अधिकार के लिए देश की जनता करे कितना और इंतज़ार. देश में शिक्षा का अधिकार कानून और सूचना का अधिकार कानून तो है लेकिन स्वास्थ्य का अधिकार कानून अभी भी क्रियान्वित नहीं हो सका है. शुभम सिंह 10 February, 2019. इबोला को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल. अच्छी नींद की आदत अच्छी सेहत बनाने और बीमारियों से दूर रहने में मदद करती है. वैसे तो हम सभी हर रोज सोते हैं लेकिन कम ही लोगों को पता होता है कि अच्छी नींद के क्या मायने होते हैं और इसका हमारे स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है.

स्वास्थ्य विकासपीडिया.

स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण लाभ के लिए आप क्या योजनाएं लागू कर सकते हैं और क्या आप इसके लिए पात्र हैं? देखिये. जिला स्वास्थ्य समिति, बांका बांका जिला में. सुरक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण और बेहतर कामकाजी परिस्थितियां कामगार की भलाई के लिए और देश के आर्थिक विकास के लिए भी आवश्यक हैं क्योंकि देश का स्वस्थ कार्यबल अधिक उत्पादक होगा और दुर्घटनाओं और अप्रत्याशित घटनाओं में. स्वास्थ्य बक्सर जिला में आपका स्वागत है India. मध्यप्रदेश कर्मचारी सेवारत सेवनिवृत्त के लिये स्वास्थ्य बीमा योजना M.P.E.H.I.S. 05 12 2019. December 05, 2019. मध्यप्रदेश कर्मचारी सेवारत सेवनिवृत्त के लिये स्वास्थ्य बीमा योजना M.P.E.H.I.S.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना District Shravasti.

जिला स्वास्थ्य समिति, बांका. शीर्षक, विवरण, Start Date, End Date, फ़ाइल. जिला स्वास्थ्य समिति, बांका. विभिन्न संविदात्मक पदों से संबंधित. 22 11 2018, 13 12 2018, देखें 1 MB वेबसाइट नीतियां मदद हमसे संपर्क करें फ़ीडबैक. जिला प्रशासन के. Medical, Health & Family Welfare Department, Government of. प्रदेश के नागरिकों के जीवन स्तर एवं स्वास्थ्य में सुधार लाने में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका है। उत्तर प्रदेश में फैला हुआ यह विभाग चिकित्सा​, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से संबंधित सेवाओं को प्रदान. के लिये स्वास्थ्य बीमा योजना MPEHIS 05 MP Health. डायल 108 एम्बुलेंस को कहीं से कॉल करने के लिए. डायल 102 गर्भवती महिलाओं के लिए एम्बुलेंस कॉल करने के लिए. राष्ट्रीय स्वास्थ्य हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर: 1800 180 1104 ​एनएचपी वॉयस वेब. सरकारी अस्पताल के मरीजों के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर.

योग चिकित्सा

भारतवर्ष की अमूल्य धरोहर है योग विद्या योग पद्दति सुदूर अतीत काल से गुरुपरंपरापूर्वक निरंतर चली आ रही है । योग विद्या वस्तुतः भारतीय ऋषि-मुनियों एवं योगियों ...

गोदार थापा

गोदार थापा क्षेत्री थापा का एक कुलघरान है। ये नेपाल, भारत तथा अन्य स्थानों मे निवास करने वाले हिन्दू हैं जो नेपालियों के थर थापा के उपसमूह है। कश्यप गोत्री ग...

नासत्य

नासत्य दो आश्विनो मे से था। वह स्वास्थ का देवता था। मानव शरीर की देवी जोती नासत्य की पत्नी थी। स्वास्थ्य लाभ का देवता सत्यवीर नासत्य का पुत्र थ‌ा। दरसा दूसरा...