Golendra Patel

गोलेंद्र पटेल की कविताएं

Golendra Patel

गोलेंद्र पटेल की कविताएं 1. "जोंक" रोपनी जब करते हैं कर्षित किसान ; तब रक्त चूसते हैं जोंक! चूहे फसल नहीं चरते फसल चरते हैं साँड और नीलगाय..... चूहे तो बस सं...